Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

Arts HI ↓ 115 episódios

'Wah! Ye Diariyaan' 'वाह! ये डायरियॉं' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!

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Autor

Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'

Categoria

Arts

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Último episódio

2 de set de 2025

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Episódios

40. S04 - E10 कुछ तक़ाज़ा उम्र का था, कुछ मेरी नादानी थी😌 20.11.2022

वरना तुझसे बेख़बर होने से मुझको क्या मिला😌

39. S04 - E09 बिना सुकून के शायद, मुझे ख़्याल नहीं😊 12.11.2022

मैं ख़ुद को भूल भी जाऊं, ऐसे हाल नहीं!😃

38. S04 - E08 इतनी मुद्दत हो गयी, तुमको देखा भी नहीं😔 09.11.2022

बाद इक ज़माने के तुम आए, तो राहत मिल गयी😘

37. S04 - E07 मैं वो हूँ जो सामने हूँ, मेरे पीछे कुछ भी नहीं🌹 30.10.2022

जो कहूँ मैं वो ही सच है, उस के पीछे कुछ नहीं!✨

36. S04 - E06 तुम जिसे कहती हो माया, जानती हो तुम इसे👑 25.10.2022

देखा है कई बार तुमने, पहचानती हो तुम इसे🥰

35. S04 - E05 ग़र तस़व्वुर में तुम्हें लाऊं तो क्युं कर लाऊं मैं🌹 20.10.2022

न तुम कहीं हो पास मेरे, न मैं तुम्हारा ख़ास हुं💕

34. S04 - E04 बन्द द़रीचे पडे़ थे, खुश्क़ थी आब़-ओ-ह़वा😔 11.10.2022

आरसी में देखकर, खुद को ही, हँस पड़ता था मैं😀

33. S04 - E03 कहते हो कि नादॉं हो, समझ जाओगे एक दिन🥺 03.10.2022

लगता है मुझे छोड़ के जाओगे एक दिन✈️

32. S04 - E02 बदल कर लिब़ास उसने, सबका रखा ख़्याल💕 27.09.2022

क्या फिक्र कौन जल गया, कौन हुआ हल़ाल🔥

31. S04 - E01 जितना मस़रूफ हुं मैं⏰ 17.09.2022

उतनी फुर्स़त भी है😎

30. S03 - E10 मेरी आवारगी का वक्त बच गया🤓 05.09.2022

तू जो मुझे पहले ही मिल गया♥️

29. S03 - E09 जब से तेरे आने की ख़बर मिली है मुझको💖 27.08.2022

वो तेरी मर्ज़ी पे ठहरी!☹️

28. S03 - E08 ल़ुत्फ है गर ख़ामोशी में😊 22.08.2022

युं तो मैं बेब़ाक हुं😊

27. S03 - E07 ठंडी सड़कों पर खड़े😔 14.08.2022

ढ़ुंढ़ते हैं गर्मजोशी💔

26. S03 - E06 क्युं हर घड़ी तेरा रास्ता🌹 06.08.2022

तेरा वास्ता है हर घड़ी!🌻

25. S03 - E05 इक खलिश सी आंखों में उठती है, मिट जाती है💖 31.07.2022

न जाने तू कब आंखों में आती है😘

24. S03 - E04 ग़में द़िल्लगी का स़फर, नूरां न रहा😔 23.07.2022

मैं तेरे बिना कभी, पुरा न रहा😘

23. S03 - E03 जब से हमने छोड़ दी, तेरी तमन्ना ऐ सनम💖 17.07.2022

तब से मेरी ज़िन्दगी को मुस्कुराना आ गया😊

22. S03 - E02 कहता हुं मैं, न उतार तु, अपनी अस्मत ख़ुद-ब-ख़ुद!🔮 10.07.2022

मुझे इस अफ़साने से, उठानी पड़े शर्मिन्दगी!🥺

21. S03 - E01 ना क़सूर उस शहर का था, न ख़ता मेरे कदम की थी!🌹 03.07.2022

मेरे एक मित्र के मोहब्बत की दास्तॉं!💕

20. S02 - E10 तुम मेरी ज़िन्दगी में शऱीक हो जाओ!🙏 19.06.2022

कभी आपने किसी शय से ख़ुद से भी ज्यादा मोहब्बत की है दोस्तों?♥️

19. S02 - E09 इक दोस्त की वज़ह से, कई दोस्त मुझसे हैरां!😲 12.06.2022

वे कौन से दोस्त थे, और वो कौन सा दोस्त था!🤔

18. S02 - E08 ऐ दोस्त तुझसे बेख़बर कोई नहीं इस मुल्क में!👍 04.06.2022

हम अक्सर ऊपर देख कर बातें करतें हैं!☝️

17. S02 - E07 मेरी ज़िन्दगी आ पहुंची है अब, उस मुकाम पर!😳 28.05.2022

ये हमारे आस-पास कुछ लोग होते हैं, कि जिन्हें दुनिया की कोई भी क़ायनात खुश नहीं रख पाती!😳

16. S02 - E06 वो सफ़र न ख्या़लों में गुज़रा🧳 22.05.2022

अफ़सोस, न बातों, न अदाओं में गुज़रा 🎭

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