Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'

'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'

Arts HI ↓ 115 episódios

'Wah! Ye Diariyaan' 'वाह! ये डायरियॉं' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!

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Autor

Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'

Categoria

Arts

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Último episódio

2 de set de 2025

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Episódios

62. S07 - E02 आज फिर तेरी ज़रूरत याद आयी हमें🤗 21.05.2023

फिर दिल ने वही बात समझायी हमें🥰

61. S07 - E01 मेरी ज़ान की नहीं🤗 12.05.2023

तेरी ज़ान की फ़िकर है🤗

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 02_ALL EPISODES 30.04.2023

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 02_ALL EPISODES

60. S06 - E10 हमसे पूछते हैं वो कि उनका ज़ुर्म क्या है😳 22.04.2023

क़त्ल किया है मेरा

59. S06 - E09 हुनर मुझमें कोई ना था😢 15.04.2023

और ना कुछ ख़ास था😢

58. S06 - E08 हाशिये पर ज़िंदगी लेकर चलें हैं🥹 15.04.2023

होश में हैं, हम कोई पागल नहीं हैं😊

57. S06 - E07 कभी ज़लज़ला सी लगे😘 01.04.2023

कभी लगे तू चाँद सी😘

56. S06 - E06 लम्हा भर को ठहर गई हो😍 01.04.2023

सारी रात जैसे😍

55. S06 - E05 स्याह ज़िंदगी है😌 01.04.2023

तालीम है बिन स्याही की😌

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES : INTRO LINES 31.03.2023

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES : INTRO LINES

54. S06 - E04 सजा कर ख़्वाब आँखों में🥰 19.03.2023

ना मुझको भुला देना🥰

53. S06 - E03 जन्नत है कि हर शय😍 19.03.2023

आज बदल चुकी है😍

52. S06 - E02 ये कैसी ख़लिश है😕 19.03.2023

कि मिटती ही नहीं😕

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES 01.03.2023

'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES

51. S06 - E01 ऐ दोस्त, तुझे एक पल, नज़र में उतार के😇 20.02.2023

मैं देख लूँ एक बार फिर तूझे पुकार के😇

50. S05 - E10 वक़्त रहा, और मैं रहा, तो ये होगा एक दिन🥳 04.02.2023

हर ज़र्रा ख़ुशियों में डूबा होगा एक दिन🥳

49. S05 - E09 देना था जो सलाम, तो ऐसे दिया होता🥰 01.02.2023

देख कर चाँद को, पर्दा किया होता 🌔

48. S05 - E08 उड़ गये परखच्चे हमारे😀 25.01.2023

और हवा हो गए सनम🤣

47. S05 - E07 देखा जो नूर आपका, तो लगने लगा मुझे!❤️ 16.01.2023

ज़िंदगी में कोई तो समझने लगा मुझे!❤️

46. S05 - E06 हम तो रोते हैं, तुम्हें क्यों कर रूलायें🥲 16.01.2023

क्यों तुम्हारी जुस्तजूओं को जगायें!🥲

45. S05 - E05 है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘 16.01.2023

है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘

44. S05 - E04 कुछ इस तरह से जीते हैं ज़िंदगी यारों 💪 24.12.2022

बदनसीबी की करते हैं हर पल बंदगी यारों😀

43. S05 - E03 न इस तरह ही रहा!🥹 20.12.2022

और ना उस तरह ही रहा!🥹

42. S05 - E02 ताम़ीर है किसी से मेरा नक़्श-ए-मकॉं कब से🏡 04.12.2022

आया ही नहीं कोई पूछे जो पता हमसे❣️

41. S05 - E01 जब कभी तीम़ारदारी से मिले फ़ुरसत हमें☹️ 04.12.2022

तब कहीं जाकर जियेंगे ज़िंदगी हम शान से😀

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