Vasudha Mishra
Vasudha's Voice _VV
बहुत पढ़ती हूं,जितना समझती हूं ,बांटना चाहती हूं, हर एक से ...ताकि ला सकूं उनके चेहरे पर मुस्कान और मेरे दिल में सुकून 💕
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Autor
Vasudha Mishra
Categoria
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Último episódio
4 de mar de 2024
Onde ouvir?
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Episódios
इतना मालूम है , परवीन शाकिर 04.03.2024 5:01
भ्रम टूट गया बस इतना मालूम है ..
तीसरा युद्ध हुआ तो क्या होगा ?? “नीरज” 28.02.2024 5:49
गोपालदास “नीरज “ की एक अनुपम कृति जो उन्होंने तृतीय विश्वयुद्ध की संभावना पर लिखा था ,२०१४ में एक कार्यक्रम में उनके द्वारा पढ़ा गया गीत जो बेहद पसंद आया मुझे . प्रस्तुत है आज …🙏🙏🌷🌷
आनिस मोइन: युवा, लोकप्रिय पाक शायर 28.08.2023 4:06
खूबियां और लिखने का शऊर उम्र का मोहताज नहीं होता , छोटी ज़िंदगी जीने वाले भी बड़ा काम करके चले जाते हैं,महज 27 वर्ष की आयु इस दुनिया में बिताने वाले शायर आनिस मोइन,ताउम्र ज़िंदा होने का मुकाम हासिल करके गए ,❤️❤️
कोशिश....🩵🩵 24.06.2023 0:37
अपनी मुस्कान को अपनी कोशिश से कभी दूर नहीं होने दें... दोनों साथ मिलकर आगे मंज़िल तक ज़रूर ले जायेंगे .…❤️💙
काम वाली छुट्टियां ❤️💌💟 28.05.2023 4:33
सबके हिस्से की छुट्टी एक सी नहीं होती , सबकी आंखों की नमी एक सी नहीं होती ...
मिर्ज़ा ग़ालिब और चौदहवीं ❤️❤️ 19.01.2023 15:41
मिर्ज़ा ग़ालिब के रूमानी नक्शे पर एक नज़र
आ गए तुम !!! महाश्वेता देवी 15.01.2023 1:30
महाश्वेता देवी भारत की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका थीं। उन्होंने बांग्ला भाषा में बेहद संवेदनशील तथा वैचारिक लेखन के माध्यम से उपन्यास तथा कहानियों से साहित्य को समृद्धशाली बनाया। अपने लेखन कार्य के साथ-साथ महाश्वेता देवी ने समाज सेवा में भी सदैव सक्रियता से भाग लिया,स्त्री अधिकारों, दलितों तथा आदिवासियों के हितों के लिए उन्होंने जूझते हुए व्यवस्था से संघर्ष किया तथा इनके लिए सुविधा तथा...
फैज़ की पहली हजो,जानते हैं उसके बारे में 28.11.2022 1:48
फैज़ अहमद फैज़ ने 15 साल की उम्र में कुछ ऐसा लिखा जिसने उनके जीवन की राह बदलने में अहम भूमिका निभाई
बासी रोटियां 25.05.2022 1:23
बासी रोटियां और उनसे मिली सीख ,मां की उपस्तिथि का अहसास ,कितनी सरल बात पर गहरी सीख , उपासना झा जी की कविता , बस आवाज़ मेरी है ❤️🙏
अख़्तरी : सोज और साज़ का अफ़साना, 22.04.2022 8:46
बेगम अख़्तर की गायकी मौसीकी और जीवन को सहेजती हुई ,किताब जो लिखी है यतींद्र मिश्र जी ने ,उसी से लिया हुआ एक प्रसंग
किताबे : गुलज़ार की कलम से 📚📚 11.03.2022 3:56
किताबों से इश्क करने वाले , गुम होती किताबो के बारे में अपना मन कुछ यूं खोल देते हैं ❤️
जोश के किस्से 🌹🌹 22.02.2022 9:54
जोश के किस्से जोश की तरह ही अमर और हाजिरजवाबी और चुटकियों से भरे हुए हैं ,कुछ पेश - ए- खिदमत हैं ।
कुछ इश्क़ किया कुछ काम किया: पीयूष मिश्रा 14.02.2022 6:21
इश्क़ की बता अधूरी है गर पीयूष मिश्रा की ये नज़्म और उसमे छुपी शोखी और शरारत को हम न सुनें ,आइए लुत्फ उठाते हैं ❤️❤️
फैज़ अहमद फैज़ : एक योद्धा शायर 13.02.2022 7:16
फैज़ एक इंकलाब के, आवाम की आवाज़ के नुमाइंदे व्यक्ति थे ,वो शायर तो थे ही पर उसके साथ साथ इंसानियत के हक़ में बोलने वाले , शोषितों के साथ कंधा मिलाकर चलने वाले इंसान भी थे ,उनकी हर नज़्म ,हर ग़ज़ल एक मैसेज देती है ,आज की नस्ल को भी ,उनको आज उनके जन्मदिन पर मेरी भेंट 🌹🌹
निदा फ़ाज़ली : एक श्रद्धांजलि 🌹🌹 08.02.2022 11:30
आज निदा फ़ाज़ली की बरसी है. निदा फ़ाज़ली उर्दू-हिन्दी के मकबूल शायर हैं उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए कई खूबसूरत गीत भी लिखे हैं और गज़लें भी. कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता और होश वालों को खबर क्या का जि़क्र उनकी फिल्मी पहचान के लिए काफी हैं. निदा की पहचान अपनी बात पूरी बेबाकी से और ईमानदारी से कहने वाले शायर की थी. उनके मिज़ाज़ को उनके ही शब्दों में यूं बयां कर सकते हैं. ‘बहुत मुश्किल...
कुछ अशआर , महशर अफ़रीदी की कलम से 🖋️🖋️ 22.01.2022 4:00
फुटकर शेर ,एक कमाल के शायर महशर अफ़रीदी के लेखन से , जो उत्तराखंड के रहने वाले हैं ,युवा पीढ़ी की नब्ज़ पकड़ कर ,शायरी करते हैं ,और शायरी पढ़ने का अंदाज़ भी कमाल है इनका ,एक बार सुनिए इनके कुछ शेर ....
भले दिनों की बात है : अहमद फ़राज़ 14.01.2022 7:00
अहमद फ़राज़ साब की मशहूर ग़ज़ल जो बयान करती है प्रेम के शाश्वत स्वरूप को , जहां दो शख़्स अपने अपने विचार रखते हैं ,प्रेम के बारे में ...दो लोगो के मिलने और जुदा होने की किस्सागोई बयान करती हुई ये ग़ज़ल पेश - ए - खिदमत है ।
फैज़ अहमद फैज़ की मशहूर ग़ज़ल ' गुलों में रंग भरे...'.🌺 के पीछे की कहानी 10.01.2022 2:03
ग़ज़ल जो लगभग सभी ग़ज़ल प्रेमियों को पसंद होगी ,पर उसके पीछे की कहानी ,....किसने... .कब ...कहां और किसके लिए लिखी ? जानिए
उम्र ज्यों ज्यों बढ़ती है: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना( कविता संग्रह: खूंटी पर टंगे लोग से ) 09.01.2022 1:42
बढ़ती हुई उम्र की गरिमा और उसकी खूबसूरती को बयान करती हुई ये खूबसूरत कविता
द्रौपदी की महाभारत 04.01.2022 7:57
श्रीमती चित्रा बनर्जी दिवाकरूणी की पुस्तक से साभार ,पूरी किताब से जो जो अंश मुझे बहुत पसंद आए उनमें से कुछ यहां आप सबके लिए ।
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