Vasudha Mishra

Vasudha's Voice _VV

Arts HI ↓ 21 episodes

बहुत पढ़ती हूं,जितना समझती हूं ,बांटना चाहती हूं, हर एक से ...ताकि ला सकूं उनके चेहरे पर मुस्कान और मेरे दिल में सुकून 💕

Author

Vasudha Mishra

Category

Arts

Podcast website

podcasters.spotify.com

Latest episode

Mar 4, 2024

Where to listen?

Podcasts in the app Replaio Radio Coming soon

Podcasts are coming to the app soon. Install now and be the first to see a whole new take on podcasts

Get it on Google Play Install for free Android 5M+ downloads · 4.8 rating iOS soon

Episodes

इतना मालूम है , परवीन शाकिर 04.03.2024

भ्रम टूट गया बस इतना मालूम है ..

तीसरा युद्ध हुआ तो क्या होगा ?? “नीरज” 28.02.2024

गोपालदास “नीरज “ की एक अनुपम कृति जो उन्होंने तृतीय विश्वयुद्ध की संभावना पर लिखा था ,२०१४ में एक कार्यक्रम में उनके द्वारा पढ़ा गया गीत जो बेहद पसंद आया मुझे . प्रस्तुत है आज …🙏🙏🌷🌷

आनिस मोइन: युवा, लोकप्रिय पाक शायर 28.08.2023

खूबियां और लिखने का शऊर उम्र का मोहताज नहीं होता , छोटी ज़िंदगी जीने वाले भी बड़ा काम करके चले जाते हैं,महज 27 वर्ष की आयु इस दुनिया में बिताने वाले शायर आनिस मोइन,ताउम्र ज़िंदा होने का मुकाम हासिल करके गए ,❤️❤️

कोशिश....🩵🩵 24.06.2023

अपनी मुस्कान को अपनी कोशिश से कभी दूर नहीं होने दें... दोनों साथ मिलकर आगे मंज़िल तक ज़रूर ले जायेंगे .…❤️💙

काम वाली छुट्टियां ❤️💌💟 28.05.2023

सबके हिस्से की छुट्टी एक सी नहीं होती , सबकी आंखों की नमी एक सी नहीं होती ...

मिर्ज़ा ग़ालिब और चौदहवीं ❤️❤️ 19.01.2023

मिर्ज़ा ग़ालिब के रूमानी नक्शे पर एक नज़र

आ गए तुम !!! महाश्वेता देवी 15.01.2023

महाश्वेता देवी भारत की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका थीं। उन्होंने बांग्ला भाषा में बेहद संवेदनशील तथा वैचारिक लेखन के माध्यम से उपन्यास तथा कहानियों से साहित्य को समृद्धशाली बनाया। अपने लेखन कार्य के साथ-साथ महाश्वेता देवी ने समाज सेवा में भी सदैव सक्रियता से भाग लिया,स्त्री अधिकारों, दलितों तथा आदिवासियों के हितों के लिए उन्होंने जूझते हुए व्यवस्था से संघर्ष किया तथा इनके लिए सुविधा तथा...

फैज़ की पहली हजो,जानते हैं उसके बारे में 28.11.2022

फैज़ अहमद फैज़ ने 15 साल की उम्र में कुछ ऐसा लिखा जिसने उनके जीवन की राह बदलने में अहम भूमिका निभाई

बासी रोटियां 25.05.2022

बासी रोटियां और उनसे मिली सीख ,मां की उपस्तिथि का अहसास ,कितनी सरल बात पर गहरी सीख , उपासना झा जी की कविता , बस आवाज़ मेरी है ❤️🙏

अख़्तरी : सोज और साज़ का अफ़साना, 22.04.2022

बेगम अख़्तर की गायकी मौसीकी और जीवन को सहेजती हुई ,किताब जो लिखी है यतींद्र मिश्र जी ने ,उसी से लिया हुआ एक प्रसंग

किताबे : गुलज़ार की कलम से 📚📚 11.03.2022

किताबों से इश्क करने वाले , गुम होती किताबो के बारे में अपना मन कुछ यूं खोल देते हैं ❤️

जोश के किस्से 🌹🌹 22.02.2022

जोश के किस्से जोश की तरह ही अमर और हाजिरजवाबी और चुटकियों से भरे हुए हैं ,कुछ पेश - ए- खिदमत हैं ।

कुछ इश्क़ किया कुछ काम किया: पीयूष मिश्रा 14.02.2022

इश्क़ की बता अधूरी है गर पीयूष मिश्रा की ये नज़्म और उसमे छुपी शोखी और शरारत को हम न सुनें ,आइए लुत्फ उठाते हैं ❤️❤️

फैज़ अहमद फैज़ : एक योद्धा शायर 13.02.2022

फैज़ एक इंकलाब के, आवाम की आवाज़ के नुमाइंदे व्यक्ति थे ,वो शायर तो थे ही पर उसके साथ साथ इंसानियत के हक़ में बोलने वाले , शोषितों के साथ कंधा मिलाकर चलने वाले इंसान भी थे ,उनकी हर नज़्म ,हर ग़ज़ल एक मैसेज देती है ,आज की नस्ल को भी ,उनको आज उनके जन्मदिन पर मेरी भेंट 🌹🌹

निदा फ़ाज़ली : एक श्रद्धांजलि 🌹🌹 08.02.2022

आज निदा फ़ाज़ली की बरसी है. निदा फ़ाज़ली उर्दू-हिन्दी के मकबूल शायर हैं उन्‍होंने हिंदी फिल्‍मों के लिए कई खूबसूरत गीत भी लिखे हैं और गज़लें भी. कभी किसी को मुकम्‍मल जहां नहीं मिलता और होश वालों को खबर क्‍या का जि़क्र उनकी फिल्‍मी पहचान के लिए काफी हैं. निदा की पहचान अपनी बात पूरी बेबाकी से और ईमानदारी से कहने वाले शायर की थी. उनके मिज़ाज़ को उनके ही शब्‍दों में यूं बयां कर सकते हैं. ‘बहुत मुश्किल...

कुछ अशआर , महशर अफ़रीदी की कलम से 🖋️🖋️ 22.01.2022

फुटकर शेर ,एक कमाल के शायर महशर अफ़रीदी के लेखन से , जो उत्तराखंड के रहने वाले हैं ,युवा पीढ़ी की नब्ज़ पकड़ कर ,शायरी करते हैं ,और शायरी पढ़ने का अंदाज़ भी कमाल है इनका ,एक बार सुनिए इनके कुछ शेर ....

भले दिनों की बात है : अहमद फ़राज़ 14.01.2022

अहमद फ़राज़ साब की मशहूर ग़ज़ल जो बयान करती है प्रेम के शाश्वत स्वरूप को , जहां दो शख़्स अपने अपने विचार रखते हैं ,प्रेम के बारे में ...दो लोगो के मिलने और जुदा होने की किस्सागोई बयान करती हुई ये ग़ज़ल पेश - ए - खिदमत है ।

फैज़ अहमद फैज़ की मशहूर ग़ज़ल ' गुलों में रंग भरे...'.🌺 के पीछे की कहानी 10.01.2022

ग़ज़ल जो लगभग सभी ग़ज़ल प्रेमियों को पसंद होगी ,पर उसके पीछे की कहानी ,....किसने... .कब ...कहां और किसके लिए लिखी ? जानिए

उम्र ज्यों ज्यों बढ़ती है: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना( कविता संग्रह: खूंटी पर टंगे लोग से ) 09.01.2022

बढ़ती हुई उम्र की गरिमा और उसकी खूबसूरती को बयान करती हुई ये खूबसूरत कविता

Vasudha's Voice _VV (Trailer) 04.01.2022
द्रौपदी की महाभारत 04.01.2022

श्रीमती चित्रा बनर्जी दिवाकरूणी की पुस्तक से साभार ,पूरी किताब से जो जो अंश मुझे बहुत पसंद आए उनमें से कुछ यहां आप सबके लिए ।

Listen to the Vasudha's Voice _VV podcast in Replaio

Radio and podcasts in one app - free, with no sign-up. Install today and do not miss the launch

Get it on Google Play

Replaio is not a podcast publisher; show names, artwork and audio belong to their authors and are distributed through public RSS feeds.