Dr. Sudhanshu Kumar

Kalam (Hindi Poetry)

Arts HI ↓ 84 episódios

Presented podcasts will feature spoken lines of Hindi poems written and narrated by Dr. Sudhanshu Kumar. The episodes are a trial to reach out various sentiments and thoughts through words.

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Autor

Dr. Sudhanshu Kumar

Categoria

Arts

Site do podcast

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Último episódio

12 de ago de 2024

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Episódios

पानी 23.07.2021

यह वाक्य आप सभी अक्सर सुनते होंगे। जल ही जीवन है। यह सत्य भी है क्यों कि जल के अभाव में जीवन सम्भव नहीं है। लेकिन जल जहाँ जीवन का कारक है वहीं जीव के अपघटन के लिए भी उत्तरदायी है अर्थात जीव की मृत्यु और उसका पंच तत्वों में वापस विलीन होने का एक कारक पानी भी है। पृथ्वी पर पानी के अनेक रूप हैं। पानी सभी पदार्थों में अनेक रूपों में विद्यमान है । प्रस्तुत पंक्तियों में पानी के महत्व को उजागर करने का प...

कोरोना 17.07.2021

आप सभी का इस शो में स्वागत है। ये एपीसोड कोरोना महामारी के समय कुछ डाक्टरों के अमानवीय चरित्र को उजागर करने का प्रयास है। व्यक्तिगत रूप से आक्सीजन न मिलने का दर्द आप लोगों ने भी सहा होगा। पूरे परिदृश्य को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है। हमें पूरा विश्वास है ये एपीसोड भी आप सभी को अवश्य पसंद आयेगा। टीकाकरण करना बहुत आवश्यक है, कृपया आप सभी इस कोरोना-जंग में जितना ज्यादा सोशल-डिस्टन्सिंग हो सके ज...

यादें 12.07.2021

यादें हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। हमारी खुशियां और गम कहीं न कहीं यादों से भी जुड़ी हैं। ये एपीसोड यादों को आधार बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है । कृपया पूरा एपीसोड जरूर सुनें । आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा।

बिटिया 01.07.2021

मै सुधांशु आप सभी का इस पॉडकास्ट शो में स्वागत करता हूँ। पिछला एपीसोड सुनने और हमारा उत्साहवर्धन करने के लिए आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद । इस एपीसोड में बिटिया से पिता के सम्बंध के हृदयस्पर्शी  भाव को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है।कविता में बेटियों को पिता की तरफ से सम्मान देने का प्रयास किया गया है। पूरा एपीसोड जरूर सुनें । आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा।

कर्म प्रारब्ध 21.06.2021

मै Sudhanshu Dubey, आप सभी का इस पॉडकास्ट शो में स्वागत करता हूँ। पिछला एपीसोड सुनने और हमारा उत्साहवर्धन करने के लिए आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद । इस एपीसोड में कर्म और भाग्य के अन्तर्सम्बध को विभिन्न दैहिक अनुभूतियों के द्वारा उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है। मन में मनोकामना का जन्म,  कामना पूर्ण होने पर खुशी की अनुभूति और कामना पूर्ण न होने पर दुखी होना, यह मानव मन की स्वाभाविक वृत्ति ह...

वर्षा 31.05.2021

आप सभी श्रोताओं का हमारे इस शो में हार्दिक स्वागत है। आशा है हमारी यात्रा में आप अपना साथ बनाये रखेंगे। इस एपीसोड में रिमझिम वर्षा की नन्हीं बूॅदो से प्रकृति में धरती से अम्बर तक के परिवर्तन को महसूस करते हुए उसका बिम्ब प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। 

परिवर्तन 27.05.2021

पिछला एपीसोड सुनने और हमें Follow करके उत्साहवर्धन करने के लिए आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद । इस एपीसोड में परिवर्तन को अनिवार्य प्राकृतिक आवश्यकता मानते हुए उसके नियत रूप को उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है। कृपया पूरा एपीसोड जरूर सुनें। आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा और पुनः आप हमारा उत्साहवर्धन करेंगे।

दीपमाला 19.05.2021

हम सभी श्रोताओं का स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन करते है तथा सहयोग देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। आशा है हमारा दूसरा एपिसोड "दीपमाला" के भाव पक्ष का आप आनंद लेंगे और  हमे पुनः सहयोग देंगे। एक दिया समष्टि को कैसे प्रकाशित करता है इसी भावना को दीपमाला प्रेषित करती है। (Welcoming all the listeners and thank you for your support. Hope you will enjoy the second episode of 'Kalam', "Deepmala" and...

परिंदे प्यार के 16.05.2021

प्रस्तुत कविता "परिंदे प्यार के" सैनिकों की वीरता और बलिदान के आधार पर लिखी गई है और शहीद सैनिकों को समर्पित है। (The presented poem "Parinde Pyaar Ke" is written on the basis of the valor and sacrifice of the soldiers and is dedicated to the martyred soldiers.)

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