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Naami Giraami

Naami Giraami is a Hindi podcast by Aaj Tak Radio on biographies of influential and powerful people. Audio packages on Stories and life journeys of famous personalities of India and around the world. Catch up with a new episode every Monday. नायक और खलनायक. विद्वान और महारथी. कला के ऐसे सितारे जो अब भी आसमान में चमकते हैं. और ऐसी हस्तियां जो इतिहास में अमर हैं. उजले व्यक्तित्व के धनी भी. और स्याह पहलुओं वाले लोग भी. ये वो लोग हैं जो मशहूर हैं. ये हैं, नामी गिरामी. सुनिए, हर सोमवार आज तक रेडियो पर.

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Odcinki

सुब्रत रॉय के सहाराश्री से बैड ब्वॉय बिलियनर बनने की कहानी में कई मोड़ हैं: नामी गिरामी, Ep 226 20.11.2023

सुब्रत रॉय जिनको उनके चाहने वालों ने सहारा श्री कहा और आलोचकों ने जालसाज. उनकी कहानी कई मायनों में रहस्यों से भरी है. कैसे वो व्यक्ति चंद सालों में अरबों की कंपनी का मालिक बन जाता है, जिसको लोग सर-आंखों पर बिठाए रखते थे, जिनकी राजनीति से लेकर सिनेमा जगत में तूती बोलती थी, वह अर्श से फर्श पर क्यों गिरा और उनकी सहारा समूह की चमक क्यों फीकी पड़ने लगी थी? सुनिए 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में. रिसर्च, स...

पाकिस्तान बनवा कर उसके भी दो टुकड़े करने वाला नेता: नामी गिरामी, Ep 225 13.11.2023

भारत पाकिस्तान के इतिहास में बांग्लादेश का उदय कितनी बड़ी घटना है, ये शायद बताने की भी जरूरत नहीं. इस उदय में उतनी ही बड़ी घटना मुजीब उर् रहमान का होना भी है,जिन्होंने बांग्लादेश को अलग मुल्क बनाने में बड़ी भूमिका निभाई. ‘नामी गिरामी’ के इस एपिसोड में सुनिए उनकी कहानी. साउंड मिक्स – नितिन रावत प्रोड्यूसर – रोहित अनिल त्रिपाठी

जब एक मुख्यमंत्री ने विजयाराजे सिंधिया की फाइल पर लिखा 'ऐसी तैसी': नामी गिरामी, Ep 224 06.11.2023

ये कहानी है साठ के दशक की. जगह है मध्यप्रदेश का भोपाल. मुख्यमंत्री आवास के बाहर कुछ छात्रों का मजमा लगा था. सरकार से उनकी कुछ मांगें थीं. छात्रों के साथ एक महिला भी आई थी. सबको लग रहा था कि मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्र आसानी से इस महिला की बात सुन लेंगे और वो खुशी खुशी लौट जाएंगे. लेकिन होना कुछ और था. मुख्यमंत्री आवास के अंदर पर्ची गई. उस पर लिखा था - ‘राजमाता आई हैं’. लेकिन मुख्यमंत्री शायद...

मीरा के भजन गाने वाली नय्यारा नूर कैसे बनी पाक़िस्तान की बुलबुल?: नामी गिरामी, Ep 224 30.10.2023

विरह की रूहानी आवाज़ जिसे गाने का नहीं बल्कि सुनने का शौक़ था, भारत में जन्मी और पाकिस्तान का होकर रह गईं नय्यारा नूर क्यों एक ख़ालिस फ़नकार थीं, फ़ैज़ की शायरी को आवाज़ देने वाली नय्यारा ने क्यों हमेशा संजीदा कलाम ही गाया, सुनिए 'नामी गिरामी' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. रिसर्च, स्क्रिप्ट & प्रोडक्शन ~ शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग ~ नितिन रावत

भैरो सिंह शेखावत: ऊंट की सवारी करने वाला राजस्थानी शेर: नामी गिरामी, Ep 223 23.10.2023

ऊंट की सवारी और वीर रस की कविता से शुरुआती दिनों में जनता को लुभाने वाले भैरो सिंह शेखावत कैसे बन गए राजस्थान के इकलौते शेर, शेखावत क्यों बार-बार अपना चुनावी क्षेत्र बदल लेते थे, अपनी बिरादरी के ख़िलाफ़ भी खुलकर बोलने वाले बाबोसा का सफ़रनामा 'नामी गिरामी' में सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.

यासिर अराफ़ात, सच्चे फ़िलिस्तीनी या गद्दार?: नामी गिरामी, Ep 222 16.10.2023

यासिर अराफ़ात, जिसे कभी आतंकवादी कहा गया तो कभी नोबेल से सम्मानित शांतिदूत. जिसके ख़ुद का सच ये था कि वह अक़्सर झूठ बोलता है लेकिन अपने लिए नहीं, अपने लोगों के लिए, उस फ़िलिस्तीन राष्ट्र को साकार करने के लिए जिसे असल मायने में वह कभी पा न सका. यासिर अराफ़ात को फ़िलिस्तीन के संघर्ष का पर्याय क्यों माना जाता है, अराफ़ात के शुरुआती जीवन, परिवार, अरब राष्ट्रवाद के प्रति उनके झुकाव और इज़रायल के प्रति उनके विद...

कर्पूरी ठाकुर का सामाजिक न्याय लालू यादव से कैसे अलग था?: नामी गिरामी, Ep 221 09.10.2023

राम मनोहर लोहिया और जय प्रकाश नारायण जैसे धुरंधरों को अपना गुरु मानने वाले कर्पूरी ठाकुर क्यों दूरदर्शी नेता थे. कर्पूरी, जिनके बारे में कहानियां चलती हैं कि दो बार ब‍िहार के मुख्यमंत्री रहने और तीन दशक से अधिक वक्त तक लगातार ब‍िहार में चुनाव जीतने के बाद भी वे रिक्शे पर चलते रहें. भारतीय राजनीति के इस बेदाग़ छवि वाले नेता की कहानी सुनिए 'नामी गिरामी' में नितिन ठाकुर से प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी साउं...

वैज्ञानिक जिसने भारत की 'भूख' शांत की: नामी गिरामी, Ep 220 02.10.2023

ये साल 1952 था. देश ग़ुलामी से तो निकल चुका था लेकिन देश की एक बड़ी आबादी के सामने सवाल अब भी वही थे. क्या खाएं और कहाँ से लाएं. दस साल पहले ही बंगाल में अकाल ने 30 लाख लोगों को भूख से मारा था और चर्चिल लोगों से कम बच्चे पैदा करने की अपील कर रहा था. अब देश में गांधी का स्वराज तो आ गया था लेकिन ये स्वराज रोडमैप तलाश रहा था. ठीक इसी वक्त भारत की राजधानी दिल्ली से तकरीबन 12 हजार किलोमीटर दूर विस्कॉन्सि...

पाकिस्तान का वो कव्वाल जो लता मंगेशकर से ज़्यादा पैसे लेता था: नामी गिरामी, Ep 219 25.09.2023

कव्वाल जिसने कव्वाली को दरगाहों की चारदीवारी से निकाल कर आम लोगों के ज़बान तक पहुंचा दिया, कैसे उन्होंने पश्चिमी गायकों को भी अपना मुरीद बना लिया था. सुनिए तबला बजाने से लेकर सदी का सबसे बड़ा कव्वाल बनने तक नुसरत फतेह अली खान का सफ़र ‘नामी गिरामी’ के इस एपिसोड में. प्रोड्यूसर – रोहित अनिल त्रिपाठी साउंड मिक्स – कपिल देव सिंह

अफ़ग़ान नेता जिससे ना रूस जीत सका, ना तालिबान ने पार पाया: नामी गिरामी, Ep 218 18.09.2023

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के उत्तर में एक घाटी है. पंजशीर नाम की इस घाटी में डेढ़ से दो लाख लोग रहते हैं. लेकिन इस घाटी का इतिहास अफगानिस्तान से जुदा है. अस्सी के दशक में सोवियत यूनियन हो जो अब रूस है या नब्बे में तालिबान – पंजशीर कब्जों से आजाद रहा. देश की राजधानी सोवियत यूनियन की मार सह रही थी. सोवियत सेना अफ़ग़ानिस्तान के लोगों पर ज़ुल्म ढा रही थी लेकिन ये घाटी बगावत का बिगुल बजाए हुए थे. इस बगा...

सरसंघचालक जिसने RSS को घर घर पहुंचाया: नामी गिरामी, Ep 217 11.09.2023

साल 1940 का वो जून महीना था. शहर था महाराष्ट्र का नागपुर. इसी शहर के एक मोहल्ले में इतिहास चुपके से घटने वाला था. बहुत छोटे से कमरे में दो लोग मौजूद थे. एक बुजुर्ग और बीमार था . दूसरा जवान और तंदरुस्त. बीमार आदमी पेशे से डॉक्टर था और दूसरा प्रोफेसर. थोड़ी सी बातचीत के बाद बिस्तर पर लेटे हुए उस बुजुर्ग ने जवान आदमी को चिट्ठी पकड़ाई. चिट्ठी में लिखा था- इससे पहले तुम मुझे डॉक्टरों के हवाले करो,मैं तुम...

चापलूस सेनाध्यक्ष कैसे बना था पाकिस्तान का सबसे बड़ा तानाशाह?: नामी गिरामी, Ep 216 04.09.2023

वो पाकिस्तान के रावलपिंडी की सेंट्रल जेल थी. रात के दो बज रहे थे. अप्रैल की गर्मी के बीच भी रात ठंडी थी. उस जेल की स्पेशल बैरक में एक बहुत ही स्पेशल आदमी कोने में पड़ा हुआ था. फांसी की सज़ा सुनने के बाद वो दिन-रात गिन रहा था. इस सज़ा से महज़ दो साल पहले तक वो शख्स पाकिस्तान का वज़ीर-ए- आज़म था. पाकिस्तान में होने जा रही ये ऐसी फांसी थी जिसे रोकने के लिए पूरी दुनिया अपील कर चुकी थी. आखिरकार उसे नकाब...

पुतिन के सबसे भरोसेमंद प्रिगोज़िन को क्यों करनी पड़ी बग़ावत?:नामी गिरामी, Ep 215 28.08.2023

रूस में सेंट पीट्सबर्ग नाम का एक शहर है. कभी मॉस्को जितनी ही हैसियत रखता था. 1918 तक रूस की राजधानी रहा. फिर जारों के पतन के साथ ये इस शहर से भी ये तमगा छिन गया. इस शहर के इर्द गिर्द रूस की राजनीति हमेशा से घूमती रही है. इतिहास में रासपूतिन हों या वर्तमान के पुतिन, सबकी सफलता में ये शहर शामिल रहा है. यहीं से निकल कर एक छोटा सा अपराधी मॉस्को आता है और कम समय में उसका कद इतना बढ़ चुका होता है कि लोग...

सुलभ इंटरनेशनल का जन्मदाता जिससे US Army ने भी मदद मांगी: नामी गिरामी, Ep 214 21.08.2023

साल 1970. देश को आजाद हुए 23 साल बीत चुके थे. आजादी के बाद के वादे पूरे न होने से एक निराशा जन्म चुकी थी, और इसी निराशा से जन्मा था एंग्री यंग मैन का किरदार जो परदे पर सिस्टम से लड़ता था. सरकारें खुले में शौच रोकने के लिए जुर्माने लगा रही थीं या पोस्टर. उसी वक्त बिहार के वैशाली ज़िले से एक इंसान निकलता है और महज 50-60 रुपयों के सहारे पूरे देश में शौचालय बनाने का उपक्रम बनाने का सपना देखता है. साल 20...

ब्रिटिश संसद में ब्रिटिश हुकूमत को दुष्ट कहनेवाला हिंदुस्तानी नेता: नामी गिरामी, Ep 213 14.08.2023

ये वक्त उन्नीसवीं शताब्दी के अंत का था. ब्रिटेन भारत पर अपनी पकड़ पूरी तरह से बना चुका था. छोटी छोटी बग़ावतें हो तो रही थीं मगर इतनी नहीं कि ब्रिटिश शासन को डिगा सके. ये वही वक्त था जब भारत में  ब्रिटिश अफसरान के घरों के बाहर वो बोर्ड बड़े आम हो चुके थे जिसपर लिखा होता था इंडियंस एण्ड डॉग्स आर नॉट अलाउड. इसी वक्त में एक शख्स बॉम्बे प्रेसिडेंसी से निकल कर ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स का मेम्बर बनता है. त...

ग़ालिब की शायरी से 1857 की लड़ाई का ज़िक्र क्यों गायब है?: नामी गिरामी, Ep 212 09.08.2023

एक किस्सा है. 1857 के आसपास का. अंग्रेज किसी भी शर्त पर तहरीक ए आज़ादी की हर आवाज को दबाना चाहते थे और इसकी जद में वो मुसलमान भी आए जो मुग़लों के करीबी थे। शक था कि कहीं इनकी मदद से मुग़ल फिर से ना खड़े हो जाएं. दिल्ली के बल्लीमारान इलाके का एक मुसलमान इस समय के खून खराबे से दुखी था. शायरी करता ही था लेकिन इस दौर को भी अपनी डायरी में दर्ज करता रहा. और एक दिन उसकी हवेली पर भी दस्तक हुई. वो शख्स बाहर आ...

चंद्रशेखर आज़ाद के सटीक निशाने ने भगत सिंह को मरने से कैसे बचाया था: नामी गिरामी, Ep 211 09.08.2023

ये 1921 का ग़ुलाम भारत था.आंदोलन से झल्लाए अंग्रेज़ बच्चों बूढ़ों तक को सलाखों के पीछे डाल रहे थे. इसी धरपकड़ में पंद्रह साल का एक किशोर भी कैद में डाला गया. फिर एक दिन उसे कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट में पेशी के दिन मजिस्ट्रेट ने कड़कड़ाते हुए पूछा.. तुम्हारा नाम? बच्चे ने जवाब दिया - आज़ाद. पिता का नाम?- आज़ादी. पता?- 'जेल.' मजिस्ट्रेट बच्चे के जवाबों से खीझ रहा था. उसने आदेश सुनाया- इसे 15 बें...

USA को एटम बम देने वाले ओपनहाइमर 'गद्दार' क्यों ठहरा दिए गए थे?: नामी गिरामी, Ep 210 24.07.2023

ओपनहाइमर की असली कहानी क्या है, क्या उन्होंने अपने प्रोफेसर को साइनाइड देने की कोशिश की थी, उन्होंने न्यूयॉर्क में क्वांटम फिजिक्स पढ़ाना क्यों शुरू किया, मैनहैटन प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने एक अलग शहर क्यों बसाया, एटम बम बनाने की कहानी क्या है, उन्हें अमेरिका ने गद्दार करार क्यों दे दिया था, सुनिए 'नामी गिरामी' में सूरज कुमार से. रिसर्च, स्क्रिप्ट और प्रड्यूस- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवे...

डॉ सीवी रमन की ख़ोज आज ड्रग्स माफिया के लिए काल क्यों बन गई है?: नामी गिरामी, Ep 209 17.07.2023

डॉ सीवी रमन कौन थे, वो पढ़ाई करने इंग्लैंड क्यों नहीं जा पाए, रिसर्च छोड़ उन्हें सरकारी नौकरी क्यों करनी पड़ी, कलकत्ता यूनिवर्सिटी में उनकी बहाली पर सवाल क्यों उठे, नाबेल पुरस्कार पाने के लिए उन्हें जूझना क्यों पड़ा, नेहरू की साइंस नीति के रमन ख़िलाफ क्यों थे, सुनिए 'नामी गिरामी' में सूरज कुमार से. रिसर्च, स्क्रिप्ट और प्रड्यूसर- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग- कपिल देव सिंह

अमृता प्रीतम ने साहिर लुधियानवी से प्रेम किया, इज़हार नहीं: नामी गिरामी, Ep 208 10.07.2023

अमृता प्रीतम को कविताओं से लगाव कब हुआ, ईश्वर से उनकी क्या शिकायत थी, भारत विभाजन की बेचैनी में उन्होंने क्या लिख दिया, अमृता की नज़रों में प्रेम क्या था, साहिर से उन्होंने कभी प्रेम का इज़हार क्यों नहीं किया, इमरोज़ और अमृता की प्रेम कहानी क्या है, सुनिए 'नामी गिरामी' में सूरज कुमार. रिसर्च, स्क्रिप्ट और प्रड्यूसर- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी

लाला ने मैच से पहले पाकिस्तान की फिक्सिंग कैसे पकड़ी थी?: नामी गिरामी, Ep 207 03.07.2023

लाला अमरनाथ कौन थे, लोगों ने मैदान में उनके ऊपर गहने क्यों उछाल दिए थे, अपने कप्तान से इंग्लैंड में वो क्यों भिड़ गए, एक दशक तक उनके इंटरनेशनल करियर पर ब्रेक क्यों लगा रहा और क्या हुआ जब 1954 में लाला टीम इंडिया के साथ पाकिस्तान पहुंचे, सुनिए 'नामी गिरामी' में सूरज कुमार से. रिसर्च, स्क्रिप्ट, प्रड्यूस- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी

वो मंगोल शासक जिसकी क्रूरता ने यमुना को लाशों से भर दिया: नामी गिरामी, Ep 206 26.06.2023

तैमूर का नाम तैमूर लंग कैसे पड़ा, चरवाहा से वो अमीर कैसे बना, क्यों उसने अपने ही दोस्त की हत्या करवा दी, समरकंद को जीतने के लिए उसने कौन सी चाल चली थी, भारत आने से पहले वो किन देशों पर कब्ज़ा कर चुका था, भारत आने के बाद तैमूर वापस क्यों चला गया और जब उसकी दिल्ली में एंट्री हुई तो उसने कैसे कत्लेआम मचाया, सुनिए 'नामी गिरामी' में सूरज कुमार से. रिसर्च,स्क्रिप्ट और प्रड्यूस- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग...

योग गुरु जिसके एक इशारे पर बदल जाता था इंदिरा गांधी का मंत्रिमंडल: नामी गिरामी, Ep 205 19.06.2023

धीरेंद्र ब्रह्मचारी की मुलाकात इंदिरा गांधी से कैसे हुई, उनका सरकार पर कितना कंट्रोल था, इंदिरा के मंत्रिमंडल में उनका कितना हस्तक्षेप था, कैसे उन्होंने इंद्र कुमार गुजराल को उनके पद से हटवा दिया था, जमीन अधिग्रहण के आरोप उनपर क्यों लगते रहे, उनकी देसी बंदूक बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा क्यों पड़ा, जीवन के आखिर वर्ष उन्हें अवसान में क्यों काटने पड़े और जम्मू में उन्होंने कितना बड़ा साम्राज्य खड़ा क...

महाभारत के 'शकुनि मामा' सेना में भर्ती क्यों हो गए थे?: नामी गिरामी, Ep 204 12.06.2023

गूफी पेंटल का शुरुआती बचपन कष्टदायक क्यों रहा, पिता के कहने पर वो इंजीनियरिंग पढ़ने क्यों चले गए, आर्मी में शामिल होने का ख्याल उन्हें कहां से आया, अपने भाई की बदौलत गूफी ने सिनेमा जगत में कैसे एंट्री ली, शकुनी के रोल के लिए बीआर चोपड़ा ने शकुनि को क्यों पसंद किया, सुनिए 'नामी गिरामी' में जमशेद क़मर सिद्दीकी से. रिसर्च, स्क्रिप्ट और प्रड्यूस- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी

देसी पहलवान जिसने लंदन के एक दर्जन पहलवानों को पटक-पटक कर मारा: नामी गिरामी, Ep 203 05.06.2023

150 साल पहले जोधपुर शहर में देश भर के पहलवानों का मजमा लगा था. चुने हुए चार सौ पहलवान दम खम दिखाकर खूब वाहवाही बटोर रहे थे. खुद जोधपुर के राजा जसवंत सिंह के न्योते पर भारी तादाद में तमाशबीन पहुंचे थे. पहलवानों के बीच दस साल का एक बच्चा भी था,जो पंजाब के अमृतसर से आया था. हैरानी इस बात की थी कि ये तमाशबीन नहीं बल्कि प्रतियोगिता में हिस्सेदार के तौर पर पहुंचा था. राजा के आदेश पर दंड बैठकों का सिलसिल...

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