Shri Ram Parivar

भजन - कीर्तन - आरती

Music EN ↓ Odcinki: 64

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3 mar 2024

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Odcinki

भोला की भजन शाला - 1 03.03.2024

यू ट्यूब के "भोला कृष्णा चेनल " में उपलब्ध -व्ही. एन . श्रीवास्तव "भोला" द्वारा गाये भजननिःशुल्क सीखिये और जी भर के गाइए,सीखने के साथ साथ अपने इष्ट को रिझाइये,मन वांछित फल पाइयेइन में से अनेक भजनों के लिखने और गाने की प्रेरणा पारम्परिक रचनाओं से मिली है, पुरातन उन सभी अज्ञेय रचनाकारों एवं संगीतज्ञों का गुरुत्व शिरोधार्य है !अंजनी सुत हे पवन दुलारे , हनुमत लाल राम के प्यारे !! शब्द स्वर = भोला

डगमग डगमग डोले नैया ---- उमा 04.06.2022

डगमग डगमग डोले नैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया चंचल चित्त को मोह ने घेरा, पग-पग पर है पाप का डेरा,लाज रखो तो लाज रखैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया छाया चारों ओर अँधेरा, तुम बिन कौन सहारा मेरा,हाथ पकड़ कर बंसी बजैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया भक्तों ने तुमको मनाया भजन से, मैं तो रिझाऊँ तुम्हें आँसुवन से,गिरतों को आ के उठावो कन्हैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया Listen to

ये विनती रघुवीर गोसाई — उमा 03.06.2022

ये बिनती रघुबीर गुसांई,और आस बिस्वास भरोसो, हरो जीव जड़ताई,चहौं न कुमति सुगति संपति कछु, रिधि सिधि बिपुल बड़ाई,हेतू रहित अनुराग राम पद बढै अनुदिन अधिकाई,कुटील करम लै जाहिं मोहिं जहं जहं अपनी बरिआई,तहं तहं जनि छिन छोह छांडियो कमठ-अंड की नाईं,या जग में जहं लगि या तनु की प्रीति प्रतीति सगाई,ते सब तुलसी दास प्रभु ही सों होहिं सिमिटि इक ठाईं,Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking

चितचोरन छबि रघुबीर की — उमा 03.06.2022

चितचोरन छबि रघुबीर की।बसी रहति निसि बासर हिय मेंबिहरनि सरजू तीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...उर मणि माल पीत पट राजतचलनि मस्त गज गीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...सिया अलि लखि अवध छैल छबिसुधि नहीं भूषण चीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.

ऐसो को उदार जग माहीं - उमा 02.06.2022

ऐसो को उदार जग माहीं ।बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर, राम सरस कोउ नाहीं ॥जो गति जोग बिराग जतन करि, नहिं पावत मुनि ज्ञानी ।सो गति देत गीध सबरी कहँ, प्रभु न बहुत जिय जानी ॥जो संपति दस सीस अरप करि, रावण सिव पहँ लीन्हीं ।सो संपदा विभीषण कहँ अति सकुच-सहित हरि दीन्हीं ॥तुलसीदास सब भांति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो ।तो भजु राम, काम सब पूरन करहि कृपानिधि तेरो ॥Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by

नाथ मेरो कहा बिगरेगो - उमा 01.06.2022

नाथ मेरो कहा बिगरेगोजायेगी लाज तुम्हारीभूमि बिहीन पाण्डव सुत डोले, जब ते धरमसुत हारेरही है ना पैज प्रबल पारथ की, कि भीम गदा महि डारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...शूर समूह भूप सब बैठे, बड़े बड़े प्रणधारी,भीष्म द्रोण कर्ण दुशासन, जिन्ह मोपे आपत डारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...तुम तो दीनानाथ कहावत, मैं अति दीन दुखारी,जैसे जल बिन मीन जो तड़पै, सोई गति भई हमारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...मम पति पांच, पांचन के तुम

सुनि कान्हा तेरी बांसुरी - उमा 01.06.2022

सुनि कान्हा तेरी बांसुरी,बांसुरी तेरी जादू भरी॥सारा गोकुल लगा झूमने,क्या अजब मोहिनी छा गयी,मुग्ध यमुना थिरकने लगी,तान बंसी की तड़पा गयी,छवि मन में बसी सांवरी।सुनि कान्हा तेरी बांसुरीबांसुरी तेरी जादू भरीहौले से कोई धुन छेड़ के,तेरी मुरली तो चुप हो गयी,सात सुर भंवर में  कहीं,मेरे मन की तरी खो गयी,मैं तो जैसे हुई बावरी।सुनि कान्हा तेरी बांसुरी,बांसुरी तेरी जादू भरी।Listen to Bhajan sung by Dr.

म्हाणे चाकर राखो जी - उमा 31.05.2022

म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरशन पास्यूँ।वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में गोविन्द लीला गास्यूँ।म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...ऊँचे ऊँचे महल बनाऊँ बिच बिच राखूँ क्यारी।साँवरिया के दरशन पाऊँ पहर कुसुम्बी साड़ी।म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...मीराँ के प्रभु गहर गम्भीरा हृदय धरो री धीरा।आधी रात प्रभु दरशन दीन्हे प्रेम नदी के तीरा।म्हाणे 

यदि नाथ का नाम दयानिधि है - उमा 30.05.2022

Click here to listen to bhajan in the voice of Dr. Uma Shrivastav यदि नाथ का नाम दयानिधि है, तो दया भी करेंगे कभी न कभी । दुखहारी हरी, दुखिया जन के, दुख क्लेश हरेगें कभी न कभी । जिस अंग की शोभा सुहावनी है, जिस श्यामल रंग में मोहनी है । उस रूप सुधा से स्नेहियों के, दृग प्याले भरेगें कभी न कभी । जहां गीध निषाद का आदर है, जहां व्याध अजामिल का घर है । वही वेश बनाके उसी घर में, हम जा

साधो, मन का मान त्यागो - उमा 28.05.2022

साधो, मन का मान त्यागो।काम, क्रोध, संगत दुर्जन की, इनसे अहि निशि भागो,साधो, मन का मान त्यागो…सु:ख-दुःख दोऊ सम करि जानो, और मान अपमाना,हर्ष-शोक से रहै अतीता, तीनों तत्व पहचाना,साधो, मन का मान त्यागो…अस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, जो है परमपद पाना,जन नानक यह खेल कठिन है, सद्गुरु के गुन गाना, साधो, मन का मान त्यागो…alternateअस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, खोजो पद निरवाना,जन नानक यह खेल कठिन है,

रघुवर तेरो ही दास कहाऊँ - उमा 28.05.2022

रघुवर तेरो ही दास कहाऊँतेरो नाम जपूँ निसि वासरतेरो ही गुण गाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँतुम ही मेरे प्राण जीवन धनतुम तजि अनत न जाऊँतुम्हरे चरण कमल को भज कररतन हरि सुख पाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँListen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.

नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम् - उमा 28.05.2022

नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।महावीर वीरेश त्रिकाल वेशम् घनानन्द निर्द्वन्द हर्तां कलेशम् ।नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।संजीवन जड़ी लाय नागेश काजेगयी मूर्च्छना रामभ्राता निवाजे।सकल दीन जन के हरो दुःख स्वामीनमो वायुपुत्रं नमामि नमामि।नमो अंजनि नंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलागार श्री राम दूतम् ।Listen to Bhajan sung by Dr.

अब तो माधव मोहे उबार - उमा 28.05.2022

अब तो माधव मोहे उबार |दिवस बीते रैन बीती, बार बार पुकार ||नाव है मझधार भगवान्, तीर कैसे पाए,घिरी है घनघोर बदली पार कौन लगाये |काम क्रोध समेत तृष्णा, रही पल छिन घेर,नाथ दीनानाथ कृष्ण मत लगाओ देर |दौड़ कर आये बचाने द्रौपदी की लाज,द्वार तेरा छोड़ के किस द्वार जाऊं आज |Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.

प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर - उमा 28.05.2022

प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर,प्रभु को नियम बदलते देखा ।उनका मान भले टल जाए,भक्त का मान न टलते देखा ॥जिनकी केवल कृपा दृष्टि से,सकल सृष्टि को पलते देखा ।उनको गोकुल के गोरस पर,सौ-सौ बार मचलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनके चरण कमल कमला के,करतल से न निकलते देखा ।उनको बृज करील कुञ्जों में,कंटक पथ पर चलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनका ध्यान विरंचि शम्भुसनकादिक से न सम्हलते देखा ।उनको बाल

रघुवर तुमको मेरी लाज - उमा 28.05.2022

रघुवर तुमको मेरी लाज ।सदा सदा मैं शरण तिहारी,तुम हो गरीब निवाज़ ॥पतित उधारण विरद तिहारो,श्रवनन सुनी आवाज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …हौँ तो पतित पुरातन कहिए,पार उतारो जहाज ॥तुलसीदास पर किरपा कीजै,भगति दान देहु आज ॥तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …अघ खंडन दुःख भन्जन जन के,यही तिहारो काज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …Listen to Bhajan sung by

मंगल मूरति राम दुलारे - उमा 28.05.2022

मंगल मूरति राम दुलारे,आन पड़ा अब तेरे द्वारे,हे बजरंगबली हनुमान,हे महावीर करो कल्याण,हे महावीर करो कल्याण ॥तीनों लोक तेरा उजियारा,दुखियों का तूने काज सँवारा,हे जगवंदन केसरीनंदन,कष्ट हरो हे कृपानिधान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरे द्वारे जो भी आया,खाली नहीं कोई लौटाया,दुर्गम काज बनावन हारे,मंगलमय दीजो वरदान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,नासे रोग हरे सब पीरा,राम लखन सीता मन

गोविंद कबहुँ मिले पिया मेरा - उमा 28.05.2022

गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥चरण-कंवल को हंस-हंस देखूं राखूं नैणां नेरा।गोविंद, राखूं नैणां नेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखूं मुख तेरा।गोविंद, कब देखूं मुख तेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥व्याकुल प्राण धरत नहिं धीरज मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद, मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥मीरा के प्रभु गिरधर नागर ताप तपन बहुतेरा।गोविंद, ताप

अब सौंप दिया इस जीवन का - उमा 28.05.2022

Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में. उद्धार पतन अब मेरा है, भगवान तुम्हारे हाथों में.अब सौंप दिया इस जीवन का… हम तुमको कभी नहीं भजते, फिर भी तुम हमें नहीं तजते. अपकार हमारे हाथों में, उपकार तुम्हारे हाथों में.अब सौंप दिया इस जीवन का… हम में तुम में है भेद यही, हम नर हैं, तुम नारायण हो. हम हैं संसार के हाथों में,

भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना - उमा 28.05.2022

Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना । अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥ दल बल के साथ माया, घेरे जो मुझको आ कर ।तो देखते न रहना, झट आ के बचा लेना ॥ भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना । संभव है झंझटों में मैं तुमको भूल जाऊं । पर नाथ कहीं तुम भी मुझको ना भुला देना ॥ भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना । तुम देव मैं पुजारी, तुम ईश मैं उपासक

यही हरि भक्त कहते हैं - उमा 28.05.2022

Click here to listen to the bhajan by Dr. Uma Shrivastav यही हरि भक्त  कहते हैं, यही सद्-ग्रन्थ गाते हैं ।कि जाने कौन से गुण पर दयानिधि रीझ जाते हैं ॥नहीं स्वीकार करते हैं निमंत्रण नृप सुयोधन का ।विदुर के घर पहुंचकर भोग छिलकों का लगाते हैं ॥कि जाने कौन से गुण पर दयानिधि रीझ जाते हैं ।यही हरि भक्त  कहते हैं, यही सद्-ग्रन्थ गाते हैं ॥न आये मधुपुरी से गोपियों की दुख कथा सुनकर ।द्रुपदाजी

कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट - उमा 27.05.2022

कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।जोहत जोहत एक पग ठानी,कालिंदी के घाट,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।झूठी प्रीत करी मनमोहन,या कपटी की बात,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।मीरा के प्रभु गिरघर नागर,दे गियो बृज को चाठ,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.

अबकी टेक हमारी - उमा 26.05.2022

अबकी टेक हमारी, लाज राखो गिरिधारी।जैसी लाज रखी पारथ की, भारत जुद्ध मंझारी। सारथि होके रथ को हांक्यो, चक्र-सुदर्शन-धारी।भगत की टेक न टारी।अबकी टेक हमारी…जैसी लाज रखी द्रौपदि की, होन्हिं न दीन्हिं उघारी। खैंचत खैंचत दोऊ भुज थाके, दु:शासन पचि हारी।चीर बढ़ायो मुरारी ।अबकी टेक हमारी…सूरदास की लज्जा राखो, अब को है रखवारी ? राधे राधे श्रीवर-प्यारी श्रीवृषभान-दुलारी। सरन तकि आयो

किसकी शरण में जाऊं - उमा 25.05.2022

किसकी शरण में जाऊं अशरण शरण तुम्हीं हो ॥गज ग्राह से छुड़ाया प्रह्लाद को बचाया।द्रौपदी का पट बढ़ाया  निर्बल के बल तुम्हीं हो ॥अति दीन था सुदामा आया तुम्हारे धामा।धनपति उसे बनाया  निर्धन के धन तुम्हीं हो ॥तारा सदन कसाई अजामिल की गति बनाई।गणिका सुपुर पठाई  पातक हरण तुम्हीं हो ॥मुझको तो हे बिहारी आशा है बस तुम्हारी।काहे सुरति बिसारी  मेरे तो एक तुम्हीं हो ॥Listen to Bhajan sung by

तू दयालु दीन हौं - उमा 24.05.2022

तू दयालु, दीन हौं, तू दानि, हौं भिखारी।हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप-पुंज-हारी॥नाथ तू अनाथ को, अनाथ कौन मोसो।मो समान आरत नहिं, आरतिहर तोसो॥ब्रह्म तू, हौं जीव, तू है ठाकुर, हौं चेरो।तात-मात, गुरु-सखा, तू सब विधि हितु मेरो॥तोहिं मोहिं नाते अनेक, मानियै जो भावै।ज्यों त्यों तुलसी कृपालु! चरन-सरन पावै॥Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava

जो भजे हरि को सदा - उमा 23.05.2022

जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..देह के माला तिलक और भस्म नहिं कुछ काम के .प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..दिल का दर्पण साफ कर और दूर कर अभिमान को .खाक हो गुरु के चरण की फिर जनम नहीं पायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..छोड़ दुनिया के मज़े और बैठ कर एकांत में .ध्यान धर हरि के चरण का तो प्रभु मिल जायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद

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