Sukhnandan Bindra
What's up zindagi
What's up zindagi........ छोटी - छोटी कहानियां जो हम पढ़ते है सोशल मीडिया के बड़े बड़े प्लेटफ़ॉर्मस पर, वो कहानियां जो शेयर की जाती है व्हाट्सएप पर...ये कहानियां हमारे जीवन का आईना होती हैं... इनमें हमारा अक्स दिखता है। बड़ी बड़ी सीख देती हैं ..छोटी -छोटी कहानियां। ( सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर शेयर की जाने वाली ये कहानियां कहाँ से आती हैं , इन्हें किसने लिखा है, लेखक का क्या नाम है ? यदि ज्ञात हो तो प्रमाण सहित अवश्य बताएं। डिस्क्रिप्शन में लेखक को क्रेडिट दिया जाएगा)
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Autor
Sukhnandan Bindra
Categoría
Web del podcast
Último episodio
14 de jul. de 2026
¿Dónde escuchar?
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Episodios
मन्त्र - मंत्रणा (Mantr-Mantrna) 29.01.2024 4:39
मिरे ख़ुदा मुझे इतना तो मो'तबर कर दे मैं जिस मकान में रहता हूँ उसको घर कर दे
निरर्थक बातें (Meaningless Things) 15.01.2024 2:11
समझते ही नहीं है लोग ना-समझी की मुश्किल को सहूलत देखते हैं और समझना छोड़ देते हैं
ज़्यादा न सोचो (Zyada na Socho) 31.10.2023 1:41
ज़रुरत से ज़्यादा सोचना कुछ नहीं होने देता
सावधानी हटी दुर्घटना घटी (Savdhani Hati durghatna Ghati) 29.10.2023 3:05
हर एक कदम पे है जान का ख़तरा सोच समझ के ज़रा बाज़ार से निकलें ----शायान क़ुरेशी
TEEN TARH KE PAATR (तीन तरह के पात्र ) 13.10.2023 3:48
तीन तरह के श्रोता होते हैं 1.उलटे घड़े जैसे 2.तली में छेद वाली घड़े जैसे 3.कचरा भरे घड़े जैसे अपने लिए सोचिए ज़रा !!!!!
MANOBAL (मनोबल ) 30.09.2023 3:23
कौन कहता है की आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों !
भेड़चाल (BHEDCHAAL-Mob Mentality) 02.07.2023 2:35
सुनी सुनाई बातों पर मत करना यक़ीन ये वो अँधा कुआं है जिसमें कुछ दिखता नहीं आँख-कान बुद्धि -विवेक सब हो जाते हैं बेकार कहीं कुछ सूझता नहीं !
गहरी जड़ें (Gehri Jaden ) 12.05.2023 1:57
जितनी गहरी जड़ उतना ऊंचा क़द जितने गहरी नीव उतना ऊँचा घर
सकारात्मक सोच( Positive Thinking) 01.05.2023 3:13
Always Think Positive मृत्यु शय्या पर पड़े मरीज़ ,डॉक्टर ,नर्स और मोवैज्ञनिक के व्यवहार को प्रकट करती कहानी है "सकारात्मक सोच" जैसा मन वैसी सोच , जै सी सोच वैसे विचार , जैसे विचार वैसा जीवन सकारात्मक जीवन और नकारात्मक मन एक साथ नहीं जी सकते , जीवंतता के लिए नकारात्मक मन का मरना ज़रूरी है।
कामना का पथ (kaamna ka path) 24.04.2023 3:21
विस्तृत धरती अनंत आकाश तले लालसाओं का ऐसा अकाशा पले ओर न छोर अन्धकार घोर बाहर चुप्पी भीतर शोर काश !!!!!!कोइ तो ज्ञान किरण मिले ------------Sukhnandan bindra
सच्चा सुख (Sachcha Sukh) 15.03.2023 4:50
इश्वर को पाने की हो चाह पोछ के किसी के आंसू कर उसका भला
A KEY to Happiness--प्रेम और साहस 04.01.2023 4:02
प्रेम की शक्ति नफरत की ताक़त से हज़ारों गुना प्रभावशाली होती है , साहस और धैर्य इसके प्रभाव को और बढ़ा देते हैं।
ज़िन्दगी की मार्कशीट (Zindagi ki Marksheet) 10.12.2022 4:27
मंज़िलों के ग़म में रोने से मंज़िलें नहीं मिलती हौंसले भी टूट जाते हैं अक्सर उदास रहने से हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ भी चल पड़ेंगे ,रास्ता हो जायेगा
खूबसूरती बनाम बदसूरती (Khoobsoorti banaam Badsoorti) 11.11.2022 3:26
ख़ूबसूरती और बद्सूरती एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों का अपना -अपना अस्तित्व और खासियत है, बस!देखने का नज़रिया इसमें भेद कर जाता है। इसी फ़लसफ़े को बयां करती है श्रीमति नीता कोहली लिखित कहानी "ख़ूबसूरती बनाम बद्सूरती"
'एक से 10' ( Ek se Dus) 03.11.2022 2:01
ताकत की ज़रुरत तभी पड़ती है.. जब किसी का बुरा करना हो वार्ना दुनिया में सब कुछ पाने के लिए प्रेम ही काफी है .....
फ़र्ज़ (Farz ) 02.11.2022 4:31
वरुण कुमार निगम लिखित कहानी 'फ़र्ज़ ' रिश्तों की भीनी खुशबू का एहसास दिलाती है ... न मोल है न तौल है रिश्ते अनमोल हैं ..... बहुत नम्रता चाहिए रिश्ते निभाने के लिया छल कपट में तो सिर्फ महाभारत रची जाती है
लक्ष्मी प्राप्ति (Lakshmi prapti) 07.10.2022 3:32
कैसे हो लक्ष्मी जी की प्राप्ति ? ......
विश्वास कीजिये !!! ख़ुद पर ( vishvas kijiye! khud par ) 28.09.2022 4:19
*अटूट विश्वास ही सफलता की नींव है , *ईश्वरीय कृपा को पाने का पहला कदम खुद में विश्वास करना है *ख़ुद पर विश्वास है तो खुदा तेरे साथ है
ईश्वर को देखें तो कहाँ देखें 21.09.2022 3:26
कहाँ रहते हैं ईश्वर ,कैसे मिला जा सकता है ... कैसे पाया जा सकता है उन्हें, क्या किया जाए कि उनकी दिव्यदृष्टि को अनुभव किया जा सके ... श्रीमती रीना सिंह भारद्वाज लिखित कहानी "ईश्वर को देखें तो कहां देखें" वाचन स्वर-- सुखनंदन बिन्द्रा
छत्रछाया (Chhtrchhya) 16.09.2022 3:35
बुज़ुर्गों के दिल में दब कर रह जाते हैं कई किस्से इस ज़माने के अकेलेपन में आख़िर ... कहें भी तो किस से सुनाया करे अगर कभी कोइ बुज़ुर्ग तो सुन लिया करो गलतियों का तज़ुर्बा और उम्र ,तुम से कहीं ज़्यादा है उनकी
दान और एहसान 08.09.2022 2:50
जो कोइ करै सो स्वार्थी ,अरस पारस गुण देत बिन किये करे सो सूरमा ,परमारथ के हेत ----- संत कबीर तुलसी पंछिन के पिए ,घटे न सरिता नीर दान दिए धन ना घटे ,जो सहाय रघुवीर -----संत तुलसी दास इन दोहों का अर्थ कमेंट में लिखें
लक्ष्मी जी के चरण (Laxmi ji ke charan) 07.09.2022 3:48
शॉपकीपर ने उस लड़के से कागज़ लिया, उसे नमस्कार किया और अपने पैसों वाले ड्रॉअर में रख लिया ....
अच्छी सोच : सही समझ 01.09.2022 1:58
अक्सर हम पर वो बातें हावी हो जाती हैं जो वास्तविकता से दूर होती हैं,ये बातें हमारी बेचैनी व नकारात्मकता का कारण बनते हुए हमारे मनोविज्ञान पर गहन असर छोड़ती हैं। जाकी रही भावना जैसी ,प्रभु मूरत देखि तीन तैसी
पत्थर... टाइल बनाम मूर्ति 31.08.2022 2:34
राह में पड़ा पत्थर और हम एक से हैं.. जितनी चोटें मिलेंगी उतनी अधिक तराशक़ारी निखरेगी ..बशर्ते जज़्बा कायम रहे
एकचित्त...स्थिरचित्त ( Ekchitt...Sthirchitt) 21.08.2022 2:40
Moral of this Story---- एकाग्रता ही सभी सिद्धियों नश्वर सिद्धियों का शाश्वत रहस्य है। एकाग्र हुआ चित्त ही पूर्ण स्थिरता को प्राप्त होता है सुखी का चित्त एकाग्र होता है ---- महात्मा बुद्ध एकाग्रता आवेश को पवित्र और शांत कर देती है विचारधारा की शक्तिशाली और.. कल्पना को स्पष्ट करती है --- स्वामी विवेकानंद
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