84 VIKASH

Tjurbe

कोई कविता या कहानी नहीं ये अनुभव है !

Autor

84 VIKASH

Categoría

Fiction

Web del podcast

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Último episodio

30 de nov. de 2025

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Episodios

The Last Letter 30.11.2025

December 01,2025

Only for you 27.09.2025

only for you

In One Breath, A Lifetime. 20.06.2025

इन दिनों सब कुछ मानो थम गया है — समय, उम्र, इच्छाएँ और विचार। इस आत्ममंथन से भरे एपिसोड में एक व्यक्ति अपने भीतर की यात्रा को साझा करता है — वह यात्रा जहाँ स्मृतियाँ धुंधली हैं, पर अनुभूतियाँ तीव्र हैं। प्रकृति और चेतना के अद्वितीय संगम में, एक शांति है, एक मौन है जो भीतर के सोए हिस्सों को जगा देता है। गंगा की लहरों, चाँद की चुप्पी और साथ बैठे अजनबियों के भीतर डूबी कहानियों के बीच, यह कहानी जीवन क...

अधूरी बातें और बनारस की गलियाँ 19.06.2025

यह रचना एक लेखक की आत्मा से उपजे संवादों की श्रृंखला है, जहां बचपन की महक, प्रेम की अधूरी प्रतीक्षा, और बनारस की गलियाँ जीवन का तिलिस्म बन जाती हैं। जब शब्द जलते हैं और पन्ना शांत रहना चाहता है, तब आत्मा के भीतर गूंजती है — मौन कविता। यह यात्रा, स्मृतियों और प्रश्नों की नहीं, बल्कि एक चंद्रमा की खोज की है — जो हर रात टूट कर भी लौट आता है।

बचे रह गए कुछ शब्द — फिर भी मौन ही अंतिम सत्य रहा 19.06.2025

रचना के अंत में लेखक ने बहुत कुछ कहने के बाद भी बहुत कुछ बचा रखा है — यह अधूरा नहीं है, यह मौन का सौंदर्य है। यह अंतिम भाग जीवन की यात्रा का वह क्षण है जब आत्मा, प्रेम और स्मृति सब एक हो जाते हैं और केवल मौन बचता है। और शायद वही अंतिम शब्द होता है।

The Mystic Encounter 08.05.2025

KASHI

"छत की धूप और मुस्कान का जादू" 18.12.2024

"दिसंबर की एक सुनहरी दोपहर, छत पर बिखरी धूप, गहराई में डूबे विचार, और एक मासूम बालक का साधारण-सा प्रश्न—'क्या मैं कुछ ले जा सकता हूं?' इस प्रश्न ने मुझे जीवन के सबसे सरल और गहरे सत्य से जोड़ दिया। एक मुस्कान की ताकत, जो न केवल बांटी जा सकती है, बल्कि हर जगह उजाला भर सकती है। आइए, इस कहानी के साथ उन साधारण क्षणों की सुंदरता को महसूस करें, जो जीवन को असाधारण बना देते हैं।"

Tracing the Path of Forgotten Memories. 07.10.2023

Written by - @kahaaniya_andazz28 (Archana)

इस तरह बड़े बेटे बतियाते हैं ! 07.08.2023

क्योंकि बड़े बेटों को आता कहां है सीधे सादे प्रेम के दो लफ़्ज़ बोलना ।

प्रेमिका के साथ ,वो खूबसूरत चांदनी रात !! 16.05.2023

जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं जिन्हें हम बार-बार जीना चाहते हैं, और यह निश्चित रूप से उनमें से एक था।

मैं अब विराम ले रहा हूं ! 10.05.2023

पता नहीं कितने जख्म हैं सीने में, ये ख्वाब ,ये ख्वाइश,ये हसरतें सब खामोश है, मैं खोजता हूं खुदा कि मंजिल को … कोई कहता है ,खुदा कब्र वालों के साथ है !! Content credit - Shivam Mishra Ji

बनारस 10.05.2023

लाखा मेलों का शहर

जीते जी इलाहाबाद 04.05.2023

~ ममता कालिया

एक छोटा कमरा और ढेर सारी उम्मीदें ! 03.04.2023

ज्ञान का संग्रह ,सपनों की अनगिनत दुनिया ,जवान दिल और ऊंची उम्मीदें ,ये सब है मेरे (छात्र ) जीवन में ।

उसकी आखें ! 10.01.2023

कौन यकीन करता ही की आखें पढ़ी जा सकती है ?

काशी ... शिव के त्रिशूल पर बसी है ! 26.10.2022

हजारों साल का इतिहास अपने आप में समेटे यह शहर आज भी उसी तरह प्राणवान और स्पंदनशील है।

ऐसे कितने ही पड़ाव पार कर चुका हूं । 12.07.2022

एक खिड़की ,जो मुझे बाहरी दुनिया से जोड़े हुए है !

वक्त की रफ़्तार...... 11.04.2022

जीवन में निरंतर नई अनुभूतियों के साथ नई चुनौतियां भी सामने आ रहीं है !

सुनो न ... तुम भी लिखना ! 15.11.2021

लिखना कुछ ऐसा की अल्फाज दिल से उतर आ जाए कागज़ पर !!

मंजिल की तलाश 07.09.2021

बनारस के घाट

लिखना चाहता था जो मै कह नहीं सकता 07.09.2021

वो शाम कुछ और थी, ये शाम कुछ और है...

एकांत और अकेलापानी !! 05.05.2021

मैं और मेरा मन

Mere kuch pal mujhko de do 17.03.2021

Reel

ये निहायती घटिया सौदा है 16.03.2021

दिल की बातें जो जाहिर ना हो पति

जब भी मै सुनता हूं शहर बनारस , तो मुझे तुम्हारी याद आती है । 22.01.2021

पता नहीं वो शहर कैसा है पर मुझे बहुत प्यार है उस शहर से ............. क्योंकि वो शहर तुम हो …तुम्हारी यादें है ।

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