Chimes

Shri Ram Katha

Kids HI ↓ 11 episodios

स्वागत है आपका हमारे पॉडकास्ट "श्री राम कथा" में, जहां हम हिन्दू पौराणिक कथाओं की एक अद्वितीय कविता, "रामायण" की कहानी आप तक ले कर आए हैं।   महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित इस कथा में प्रभु श्री राम के चरित्र, धर्म, नैतिकता, और प्रेम के महत्वपूर्ण गुणों को विस्तार से जाना जा सकता है। सात काण्डों और 24,000 श्लोकों में रचित यह महाकाव्य संसार की सबसे पुरानी और प्रभावशाली कहानियों में से एक है। रामायण को दशानन वध के नाम से भी जाना जाता है और इस पॉडकास्ट के माध्यम से हम रामायण के मूल्य और रहस्यों को आप तक पहुंचाने का एक छोटा सा प्रयास कर रहे है। हमें उमीद है की रामायण की इस महान कहानी को सुनकर हमारी यु...

Autor

Chimes

Categoría

Kids

Web del podcast

www.spreaker.com

Último episodio

19 de sep. de 2025

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Episodios

विवाह समारोह 19.09.2025

"श्री राम कथा" के दसवें भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे कि कैसे राजा जनक ने अयोध्या में अपने दूत भेजे और राजा दशरथ को बारात लाने का नियोता भेजा।   मिथिला पहुंचने पर, राजा दशरथ ने राम और सीता की शादी के लिए राजा जनक के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की । साथ ही महारिशी वशिष्ठ, ऋषि विश्वामित्र और राजगुरु के सुझाव पर लक्ष्मण भरत, और शत्रुघन का विवाह भी श्री राम के साथ ही आयोजित करने का फैसला...

परशुराम जी का आगमन 19.09.2025

"श्री राम कथा" के नौवें  भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे कि कैसे स्वयंवर में श्री राम द्वारा सफलतापूर्वक शिव धनुष के उठा लेने के बाद, वहाँ परशुराम जी आ पहुंचे। वह शिव धनुष के टूटने से क्रोधित थे ।   जब उन्हें पता चला कि वह श्री राम के हाथों टूटा है, तो इस बात का यकीन न करते हुये उन्होनें श्री राम को वैष्णवी धनुष पर तीर साधने की चुनौती दे दी। और फिर जब श्री राम इस चुनौती पर खरे उतरे त...

सीता स्वयंवर 19.09.2025

"श्री राम कथा" के आठवें भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे कि कैसे सीता जी के स्वयंवर में रखी गयी प्रतियोगिता में, जहां एक-एक कर सभी राजा, राजकुमार असफल होते गए, वहाँ श्री राम ने अपने बल और कौशल का प्रमाण देते हुए, शिव धनुष को आसानी से उठा लिया और स्वंयवर जीत लिया। राजा जनक को अपनी पुत्री सीता के लिए जिस योग्य वर की तलाश थी, वह उन्हें अयोध्या के राजकुमार, श्री राम के रूप में मिल गए।   त...

देवी अहिल्या का उद्धार 19.09.2025

"श्री राम कथा" के सातवें भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे देवी अहिल्या के श्राप से मुक्त होने की कहानी। ऋषि गौतम ने एक प्रतियोगिता में इन्द्र देव और बाकी देवताओं को हराकर देवी अहिल्या से विवाह किया था। परंतु इस बात से क्रोधित होकर इन्द्र देव ने उनसे बदला लेना चाहा।   क्रोध में ऋषि गौतम ने इंद्रा देव और देवी अहिल्या को श्राप दे दिया। देवी अहिल्या को श्राप से मुक्ति दिलाने के लिए श्री र...

बाल हनुमान 19.09.2025

"श्री राम कथा" के छटे भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे हनुमान जी के बचपन के बारे में। उनका जन्म तिरुमला पहाड़ियों के एक गाँव में हुआ था और उनके पिता का नाम केसरी और माता का नाम अंजना था। हनुमान जी बचपन से ही बल, बुद्धि, और विद्या में निपुण थे। बचपन में एक बार हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया, जिससे देवताओं में क्रोध उत्पन्न हुआ और इन्द्र देव ने उन पर अपने वज्र का प्रहार किया। वायु देव...

माता सीता का बचपन 19.09.2025

"श्री राम कथा" के पांचवें भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे माता सीता के बचपन पर। राजा जनक को खेतों में बैल हाँकते समय एक स्वर्ण पेटी मिली जिसमे देवी स्वरूप सीता जी थीं। राजा जनक ने उन्हें अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया, और सीता जी का आगमन अपने साथ बरसात और हरियाली लेकर आया।   तो आइये सुनते हैं, "श्री राम कथा" का यह पाँचवाँ अध्याय। बच्चों की लिए बनी "श्री राम कथा" की पूरी कहानी सु...

ताड़का वध 19.09.2025

"श्री राम कथा" के चौथे भाग में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे कि कैसे एक युवा क्षत्रिय राजा कौशिक ने महर्षि वशिष्ठ की योग शक्तियों को देखकर ब्रह्मरिषि बनने का फैसला किया और अपनी तपस्या शुरू कर दी। अनेक चुनौतियों के बावजूद, उनकी निर्णयक इच्छा ने उन्हें ब्रह्मरिषि विश्वामित्र की उपाधि दिला दी। फिर राजा दशरथ की आज्ञा से उनके दो पुत्रों श्री राम और लक्ष्मण के साथ उन्होने दुष्ट राक्षसी तड़का और उ...

राजकुमारों का शिक्षा ग्रहण 19.09.2025

"श्री राम कथा" के तीसरे चरण में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे कि कैसे चारों राजकुमारों - राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न - के आने से पूरा राजमहल पुलकित हो उठा। बचपन से ही चारों भाइयों में बहुत प्रेम रहा। उन्होनें महर्षि वशिष्ठ के गुरुकुल में अपनी शिक्षा प्राप्त की और साथ ही उन्होनें शस्त्रों में भी महारत हासिल की। अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद जब वह चारों राजकुमार अयोध्या लौटे, तो नागरिकों न...

श्री राम का जन्म 19.09.2025

"श्री राम कथा" के दूसरे चरण में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे श्री राम के जन्म और आदर्श नागरी "अयोध्या" के बारे में। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित "रामायण" के बालकांड में अयोध्या नगरी का विवरण है। मनु द्वारा बसायी गयी यह नगरी, कौशल जनपद की राजधानी थी। राजा दशरथ कौशल राज्य के न्यायप्रिय और बुद्धिमान राजा थे और उनके साथ थे अत्यंत ज्ञानी मंत्रि और विद्वान। । यज्ञ के आशीर्वाद से राजा दशरथ को चार...

महर्षि वाल्मीकि और रामायण रचना 19.09.2025

 "श्री राम कथा" के पहले चरण में आपका स्वागत है। इस भाग में हम जानेंगे महर्षि वाल्मीकि की कहानी, जहां उन्होनें अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले डाकू रत्नाकर से लेकर एक महान संस्कृत कवि बनने का आश्चर्यजनक सफर तय किया। नारद मुनि की प्रेरणा, और राम-नाम के जाप से हुआ रत्नाकर का परिवर्तन, उनकी भक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण पल, और उनके आत्म-विचार से लेकर, रामायण की रचना तक की संवेदनशील यात्रा हमें यहां सुन...

परिचय 19.09.2025

स्वागत है आपका हमारे पॉडकास्ट "श्री राम कथा" में, जहां हम हिन्दू पौराणिक कथाओं की एक अद्वितीय कविता, "रामायण" की कहानी आप तक ले कर आए हैं। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित इस कथा में प्रभु श्री राम के चरित्र, धर्म, नैतिकता, और प्रेम के महत्वपूर्ण गुणों को विस्तार से जाना जा सकता है। सात काण्डों और 24,000 श्लोकों में रचित यह महाकाव्य संसार की सबसे पुरानी और प्रभावशाली कहानियों में से एक है। रामायण को दश...

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