Shri Ram Parivar
भजन - कीर्तन - आरती
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Autor
Shri Ram Parivar
Categoría
Web del podcast
Último episodio
3 de mar. de 2024
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Episodios
संकट मोचन हनुमाष्टक 29.10.2016
Listen to Sankat Mochan Hanumanashtak sung by Shri Ram Parivar members by clicking here. हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान, कहियो जी हनुमान ॥ बाल समय रवि भक्षि लियो तब, तीनहुँ लोक भयो अँधियारो । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात ना टारो ।। देवन आनि करी बिनती तब, छाँड़ि दियो रबि कष्ट
भजन: या मोहन के मैं रूप लुभानी 28.10.2016
Bhajan: Ya Mohan ke main roop lubhani Listen to this bhajan sung by Shri GP Shrivastava by clicking here. या मोहन के मैं रूप लुभानी । जमना के नीरे तीरे धेनु चरावै बंसी से गावै मीठी बानी ।। या मोहन के मैं रूप लुभानी । तन मन धन गिरधर पर बारूं चरणकंवल मीरा लपटानी ।। या मोहन के मैं रूप लुभानी । सुंदर बदन कमलदल लोचन बांकी चितवन मंद मुसकानी ।। या मोहन के मैं रूप लुभानी ।
भजन: सुने री मैंने निरबल के बल राम 28.10.2016
Bhajan: sune ri maine nirbal ke bal ram Listen to this bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' by clicking here. सुने री मैंने निरबल के बल राम , पिछली साख भरूँ संतन की अड़े सँवारे काम । जब लग गज बल अपनो बरत्यो, नेक सरयो नहीं काम , निर्बल ह्वै बल राम पुकार्यो,आये आधे नाम । सुने री मैंने निरबल के बल राम । द्रुपद सुता निर्बल भईं ता दिन ,तजि आये निज धाम , दुस्सासन की भुजा थकित भई, वसन रूप भये
भजन: जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे 28.10.2016
Bhajan: jau kahan taji charan tumhare Listen to this bhajan sung by Shri V N S 'Bhola' by clicking here. जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । काको नाम पतित पावन जग, केहि अति दीन पियारे । जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । कौनहुँ देव बड़ाइ विरद हित, हठि हठि अधम उधारे । जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । खग मृग व्याध पषान विटप जड़, यवन कवन सुर तारे । जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । देव, दनुज, मुनि, नाग, मनुज, सब
भजन : अब तुम कब सिमरोगे राम 27.10.2016
bhajan : ab tum kab simaroge ram Listen to the bhajan by Shri VNS 'Bhola' by clicking here. कब सिमरोगे राम अब तुम कब सिमरोगे राम । जिवडा दो दिन को मेहमान । अब तुम कब सिमरोगे राम । चिंतामणि हरि नाम है , सफल करे सब काम । महामंत्र बोलो यही, राम राम श्री राम । अब तुम कब सिमरोगे राम । राम नाम की लूट है , लूट सके तो लूट । अंत काल पछताओगे , जब प्राण जायेगे छूट । अब तुम कब सिमरोगे राम । दीपक ले के
भजन: प्रीति लगी तुम नाम की 27.10.2016
Listen to this bhajan sung by Shri VNS 'Bhola' by clicking here. _______________________________________ कबीरदास जी की रचना -- प्रीति लगी तुम नाम की , पल बिसरैं नाहीं। नजर करो अब मेहर की, मोहि मिलौ गुसाईं।। बिरह सतावै हाय अब, जिव तड़पै मेरा। तुम देखन को चाव है प्रभु मिलौ सबेरा।। नैना तरसैं दरस को, पल पलक न लागै। दरदबंद दीदार का, निसि बासर जागै।। जो अबके प्रीतम मिलै , करूँ निमिष न न्यारा ।
भजन: परम गुरु राम मिलावनहार 26.10.2016
एक सुंदर भावपूर्ण भजन -- *परम गुरू राम मिलावनहार ।* *अति उदार, मंजुल मंगलमय,* *अभिमत - फलदातार ।।* *टूटी फूटी नाव पड़ी मम* *भीषण भव नद धार ।* *जयति जयति जय देव दयानिधि* *बेग उतारो पार ।।* यह सुन्दर रचना श्री भाई जी श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्धार की है। (राग आसावरी -- ताल धुमाली ) (गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित " भजन संग्रह ", पृष्ठ 351) Listen to the bhajan sung by Shri V N S '
भजन: जो भजे हरि को सदा 25.10.2016
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा .. देह के माला तिलक और भस्म नहिं कुछ काम के . प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा .. दिल के दर्पण को सफ़ा कर दूर कर अभिमान को . खाक हो गुरु के चरण की तो प्रभु मिल जायेगा .. छोड़ दुनिया के मज़े और बैठ कर एकांत में . ध्यान धर हरि के चरण का फिर जनम नहीं पायेगा .. दृढ़ भरोसा मन में रख कर जो भजे हरि नाम को . कहत ब्रह्मानंद ब्रह्मानंद में ही समायेगा ..
आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता 11.11.2015
MP3 Audio ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत हर विष्णु विधाता . ॐ जय लक्ष्मी माता .. उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता ओ मैया तुम ही जग माता . सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॐ जय लक्ष्मी माता .. दुर्गा रूप निरन्जनि, सुख सम्पति दाता ओ मैया सुख सम्पति दाता . जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॐ जय लक्ष्मी माता .. तुम पाताल
आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा . 11.11.2015
MP3 Audio जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा . माता जाकी पारवती, पिता महादेवा .. एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी, माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी . पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा, लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा .. अंधे को आँख देत, कोढ़िन को काया, बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया . 'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
आरती: जगजननी जय जय 21.10.2015
जगजननी जय! जय! माँ! जगजननी जय! जय! भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय। जगजननी .. तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा। सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥ जगजननी .. आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी। अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥ जगजननी .. अविकारी, अघहारी, अकल कलाधारी। कर्ता विधि, भर्ता हरि, हर संहारकारी॥ जगजननी .. तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया। मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी
कीर्तन: मैया तेरा बना रहे दरबार 19.10.2015
MP3 Audio of Bhajan maiya tera bana rahe darbar Voice - Dr. Mrs. Premlata Paliwal मैया तेरा बना रहे दरबार बना रहे दरबार मैया तेरा तेरे पावन दर पे आके मैया हो सबका उद्धार मैया बना रहे दरबार प्रेम का दीपक ज्ञान की बाती मन मन्दिर में जले दिन राती मैया मिट जाये अंधकार मैया बना रहे दरबार गहरी नदिया, नाव पुरानी जीवन की यह अथक कहानी तू ही खेवनहार मैया बना रहे दरबार जो भी तेरे दर पे आया
आरती: जय अम्बे गौरी 18.10.2015
MP3 Audio जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी . बोलो जय अम्बे गौरी .. माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको बोलो जय अम्बे गौरी .. कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे मैया रक्ताम्बर साजे रक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजे बोलो जय अम्बे गौरी .. केहरि वाहन राजत खड्ग कृपाण धारी मैया खड्ग
भजन: नमामि अम्बे दीन वत्सले 16.10.2015
नमामि अम्बे दीन वत्सले, तुम्हे बिठाऊँ हृदय सिंहासन . तुम्हे पिन्हाऊँ भक्ति पादुका, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. श्रद्धा के तुम्हे फूल चढ़ाऊँ, श्वासों की जयमाल पहनाऊँ . दया करो अम्बिके भवानी, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. बसो हृदय में हे कल्याणी, सर्व मंगल मांगल्य भवानी . दया करो अम्बिके भवानी, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. MP3 Audio
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