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Autor

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Categoria

Arts

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Episódios

अलिफ लैला 13.08.2023

इस गीत को बचपन में हम सब ने कई बार दूरदर्शन के धारावाहिक अलिफ़ लैला में अवश्य ही सुना होगा।अलिफ लैला की कहानी अरब देश की एक प्रचलित लोक कथा है जो पूरी दुनिया में सदियों से सुनी व पढ़ी जाती रही है। 'अलिफ लैला' भारत में अपने अरबी नाम "अल्फ लैला" के प्रचलित बिगड़े हुए रूपके नाम से अधिक जाना जाता है। अरबी में अल्फ का अर्थ है एक हजार और लैला का अर्थ है रात। यह हज़ार कहानियों का एक खूबसूरत गुलदस्ता है, ज...

पौराणिक कथाएं 25.07.2023

किस्से-कहानियों का संसार अद्भुत है। कल्पना शक्ति का विकास करने वाली कथाएँ कहीं ना कहीं बाल मन में अच्छे गुणों के बीज भी बोती हैं। इतिहास ऐसी रोचक और शिक्षावर्धक कहानियों से भरा पड़ा है। ऐसी कहानियों को पौराणिक कथाएं (Mythological Stories) कहा जाता है।विश्व भर में कई तरह की संस्कृति व सभ्यताएं हैं और उन सभी का अपना इतिहास है। प्रत्येक सभ्यता में कुछ कहानियां इतिहास के अहम किरदारों के इर्द-गिर्द बुनी...

प्रेमा (मुनशिप्रेमचंद) 23.07.2023

प्रेमा (उपन्यास) : मुंशी प्रेमचंद Prema (Novel): Munshi Premchand

हिन्दी कहानियाँ और उपन्यास: किशोरीलाल गोस्वामी Hindi Stories and Novels 06.07.2023

किशोरी लाल गोस्वामी जी (1865 ई.-1932 ई.) का जन्म वृंदावन के एक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। इनका परिवार निम्बार्क सम्प्रदाय का अनुयायी था। किशोरी लाल गोस्वामी के पितामह वृंदावन के सर्वश्रेष्ठ विद्वान् एवं आचार्य थे। किशोरी लाल गोस्वामी के नाना वाराणसी के संस्कृतज्ञ थे। इन्हीं से भारतेन्दु जी ने छन्दशास्त्र सीखा था। किशोरी लाल जी का लालन-पालन और शिक्षण इनके नाना के घर वाराणसी में हुआ। इसी...

गोदान (मुंशी प्रेमचन्द) 25.04.2023

मुंशी प्रेमचंद (31 जुलाई 1880–8 अक्तूबर 1936) का जन्म वाराणसी से चार मील दूर लमही गाँव में हुआ था। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था।उनकी शिक्षा का आरंभ उर्दू, फ़ारसी पढ़ने से हुआ और रोज़गार का पढ़ाने से। 1898 में मैट्रिक की परीक्षा के पास करने के बाद वह एक स्थानिक पाठशाला में अध्यापक नियुक्त हो गए। 1910 में वह इंटर और 1919 में बी.ए. के पास करने के बाद स्कूलों के डिप्टी सब-इंस्पेक्टर नियुक्त हुए।उन...

वैशाली की नगर वधू वैशाली की नगरवधू (बौद्धकालीन ऐतिहासिक उपन्यास) : आचार्य चतुरसेन शास्त्री 15.02.2023

यह सत्य है कि यह उपन्यास है। परन्तु इससे अधिक सत्य यह है कि यह एक गम्भीर रहस्यपूर्ण संकेत है, जो उस काले पर्दे के प्रति है, जिसकी ओट में आर्यों के धर्म, साहित्य, राजसत्ता और संस्कृति की पराजय और मिश्रित जातियों की प्रगतिशील संस्कृति की विजय सहस्राब्दियों से छिपी हुई है, जिसे सम्भवतः किसी इतिहासकार ने आंख उघाड़कर देखा नहीं है। मैंने जो चालीस वर्षों से तन-मन-धन से

प्रस्तुत है मुंशी प्रेमचंद जी की अनमोल कहानियां। 03.02.2023

मुंशी प्रेमचंद (31 जुलाई 1880–8 अक्तूबर 1936) का जन्म वाराणसी से चार मील दूर लमही गाँव में हुआ था। उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था।उनकी शिक्षा का आरंभ उर्दू, फ़ारसी पढ़ने से हुआ और रोज़गार का पढ़ाने से। 1898 में मैट्रिक की परीक्षा के पास करने के बाद वह एक स्थानिक पाठशाला में अध्यापक नियुक्त हो गए। 1910 में वह इंटर और 1919 में बी.ए. के पास करने के बाद स्कूलों के डिप्टी सब-इंस्पेक्टर नियुक्त हुए।उन...

लोक कथाएं 31.01.2023

लोककथाओं का प्रमाण मिलना मुश्किल है कि वह कहा कि है। क्योंकि ये चलती हवा सी है। जो मन को सुकून देती हैं। लेकिन जानना मुश्किल है। कि किस और से आती है।

देवकीनन्दन खत्री का रोमांचक उपन्यास (कुसुम कुमारी) 16.01.2023

ये उपन्यास खत्री जी द्वारा लिखे प्रेममयी उपन्यासों में से एक है। उपन्यास की शुरुआत में आप देखेंगे कि कैसे नायक को एक पत्थर की मूर्ति से प्रेम हो जाता है। दोस्ती भी दुश्मनी में बदल जाती है जब मामला प्रेम के हो एक हसीना दीवाने कई। इश्क की कहानी है ये कुसुम कुमारी भाग।

कर्नाटक की लोक कथाएं 09.10.2022

लोक कथाएं पहले के दशक में मनोरंजन का मुख्य साधन थी। ये कथाएं कैसे और कहां से उत्पन्न होती है परंतु जब सुनने लगों तो सब सच ही लगती है। तो आप आनंद उठाइए इन कथाओं का मेरे साथ यानी आपकी नीति के साथ

महादेवी वर्मा जी की अनमोल कहानियां 06.10.2022

इनकी कहानिया बहुत ही मार्मिक चित्रण पर आधारित है। ज्यादातर आत्मविश्लेषण की झलक इनकी लेखनी में झलकती है। गौरा गाय कहानी में इन्होंने ग्वालों की लालच और लालच वश किए कुकृत्य को दर्शाया है। बाकी कहानियां भी ऐसी है। जरूर सुने

जन्नेंद्र कुमार जी की अनमोल कहानियां जिन्हे में आप सबके लिए लेकर आई हूं। 17.09.2022

जैनेंद्र कुमार जी हिंदी साहित्य के ऐसे लेखकों में से है जिनकी अधिकतर कहानियां उनके जीवन से ही प्रभावित हुई है। आइए हम भी उनकी लेखनी के माध्यम से जीवन के उनके नजरिए को देखते हैं

भूतनाथ (देवकीनंदन खत्री) 19.08.2022

भूतनाथ उपन्यास का उल्लेख देवकी जी ने चंद्रकांता संतति में ही कर दिया था। ये उपन्यास चंद्रकांता संतति के प्रमुख किरदार भूतनाथ की जीवनी पर आधारित है। आपको याद होगा की वीरेंद्र सिंह और उनके पिता के लाख पूछने पर भी भूतनाथ ने अपने बारे में कुछ ना बता कर ये कहा था कि वो अपनी बेगुनाही अपनी जीवनी लिख कर साबित करेगा। और वीरेंद्र सिंह को भी उसे उसके तत्कालीन नेक कामों के लिए छोड़ना पड़ा था। तो ये उपन्यास बह...

मंगलसूत्र (मुनशिप्रेमचंद) 14.08.2022

ये उपन्यास ही था जिसे मुंशी जी पूरा नहीं कर पाए थे। इस उपन्यास का नाम मंगलसूत्र तो था लेकिन किसी भी भाग में मंगलसूत्र का जिक्र नहीं आया । मुझे इसे आधा पढ़ने का बडा खेद है। ऐसे लगा मानो कुछ छूट गया हो। आप भी सुने

कटौरा भर खून (बाबू देवकीनंदन खत्री) 03.08.2022

ये उपन्यास बाबू देवकीनंदन खत्री जी द्वारा रचित हैं। ये उपन्यास एक ऐसे राजा पर आधारित है जिसे वहा की रियाया पसंद नहीं करती। बीरसिंह नाम का दीवानेखास राजा के बेटे के खून मे गिरफ्तार होता है। राजा अपने बेटे के कातिल को कातिल नही मानता क्योंकि बिरसिंह को उसने अपने बेटे जैसे पाला है। फिर आख़िर क्या कारण है जो बीरसिंह ने 10 साल के बच्चे की जान ले ली क्या राजा की रियाया इस बात को मानेगी या बीरसिंह निर्दो...

असम की लोक कथाएं 13.07.2022

कहानियां सामाजिक पृष्ठ भूमि को दर्शाती हैं साथ ही ये रिश्तों के महत्व को भी दिखाती हैं तो हर कहानी हमारे अपने प्रांत की लगती है

कुछ अनकही कहानियां 05.07.2022

कहानियां हमारी जीवन के आईना होती है सुने जरूर मेरे साथ

भक्ति की राह (प्रचलित व्रत कथाएं ) और कथाएं 09.06.2022

ये कथाएं जीवन मे आस्तिकता को बढ़ाकर मनुष्य को सत्यमार्ग पर चलना सिखाती है । ये कथाएं मनुष्य के ईश्वरीय विश्वास की डोर को और मजबूत करती हैं

बारिश हुई मोर नाचा 'लोक कथाएं सुने और सुनाए क्योंकि इससे एक अलग सा दिमागी सुकून मिलता है। 30.05.2022

लोक कथाओं को सुनने और सुनाने का अलग ही सुकून है। अब जैसे बारिश हुई मोर नाचा कहानी हमारे बचपन के सवालों का जवाब देती हैं

लोक कथाएं को सुनने और कहने का एक अलग ही सुकून है। तो आप भी अपना कुछ समय निकाल कर इन्हे जरूर सुने 24.05.2022

ये लोककथाएं स्पेन की और स्विजरलेंड से संबंधित मानी जाती है परंतु इसका कोई प्रमाण नहीं है तो बस इसे आप सिर्फ़ कहानी की तरह सुने सभी कहानियां बहुत रोचक है

उत्तर प्रदेश की लोक कथाएं ( उस देश के लोगो द्वारा कही और सुनी कथाएं) 16.05.2022

लोक कथाएं सुनना और कहना वर्षो पहले प्रचलित था अब तो मोबाइल और नेटवर्क ने सबको इतना व्यस्त कर दिया है कि उठना तो मोबाइल सोना तो मोबाइल। तो क्यों न इस मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर अपने बचपन को याद करे और अपने बच्चो का बचपन उन्हें जीने के अवसर दे

अरुणाचल प्रदेश की लोक कथाएं कहानियां ऐसी की बचपन याद आ जाए 10.05.2022

लोक कथाएं अकसर मानवीय मान्यताओं पर निर्धारित होती है। जो किसी ना किसी सच्चाई को प्रगट करती है

लोककथाएं फुर्र फुर्र ; अजगर, तीन पुतले, चतुराई, पंछी बोले चारो पहर आलसियों का आश्रम, दरख्वत रानीआलस 30.04.2022

ये लोककथाएं इतनी पुरानी है की कोई भी नही कह सकता की ये कितनी पुरानी है फिर भी ये एक देश से दूसरे देश में एक कान से दूसरे कान tk पोहंचती रहने के कारण नवीनता का रूप ले लेती हैं ये लोककथाएं बोहत ही रोचक है

चंद्रकांता संतति आखिरी अध्याय (देवकीनंदन खत्री ) 23.04.2022

उपन्यास के इस अध्याय में आप वही देखेंगे जो आप आशा करते हो यानी Happy ending जी हां आप जानेंगे तिलिस्म के कैदियों का परिचय और उन पर दरोगा द्वारा किए गए। असहनीय जुल्म।

चंद्रकांता संतति अध्याय 22 (देवकीनंदन खत्री) 21.04.2022

अब ये भाग समाप्ति की तरफ बढ़ रहा है इसलिए इस भाग में पाठको और श्रोताओं के सवालो के जवाब मिलेंगे। जैसे कि राजा गोपालसिंह कैसे कैद हुए। तिलस्म में जो पांच लोग थे उनके किस्से वो कैसे वहा पहुंचे। ये सब

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