Sukhnandan Bindra
Kahani Wali Kudi !!!(कहानी वाली कुड़ी)
*कहानीनामा( Hindi stories),*स्वकथा(Autobiography)*कवितानामा(Hindi poetry),*शायरीनामा(Urdu poetry)★"The Great" Filmi show (based on Hindi film personalities)मशहूर कलमकारों द्वारा लिखी गयी कहानी, कविता,शायरी का वाचन व संरक्षण★फिल्मकारों की जीवनगाथा★स्वास्थ्य संजीवनी
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Autor
Sukhnandan Bindra
Categoria
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Último episódio
25 de jun de 2026
Onde ouvir?
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Episódios
क्या करे सकीना ??? 25.06.2026 1:08
सकीना हमारे आसपास का ही अफ़साना है ,सुनिए सकीना की सिलसिलेवार कहानी और अपनी राय दीजिए कि सकीना क्या करे ? किस्मत नेे एक बार फिर अशराफ़ के सामने ला खड़ा किया है , क्या सकीना अशराफ़ के साथ चली जाए ? या उसे आईना दिखाए ? किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले 1 से 8 तक "सकीना" मक़सद ज़िंदगी का ,अफ़साना की सिलसिले वार किस्त जरूर सुनें अपनी राय भेजें Humhongekamyab900@gmail.com
EPI -8 "सकीना" मक़सद ए ज़िंदगी 24.06.2026 6:31
आज एक बार फिर अशराफ़ सकीना के सामने था । क्या करेगी सकीना ? क्या अशरफ़ सकीना को साथ ले जाएगा? क्या सकीना उसके साथ जाएगी?
EPI-7 "सकीना"- मक़सद ए ज़िंदगी 24.06.2026 5:45
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ऐसा क्या हुआ जिससे सकीना के लिए सारे रास्ते बंद हो गए थे , मैडम रायज़ादा ने क्या किया कि 10 साल के भीतर सकीना कुछ और ही बन गई .... क्या था सुभान साहब के मेल में जो सकीना को मुसलसल बेचैन किए हुए था , कौन था वो शख्स जो सुभान साहब के साथ स्कूल के जलसे में आने वाला था ......
epi 6 "सकीना" मक़सद-ए-ज़िंदगी 22.04.2026 6:43
ज़िंदगी के तज़ुर्बात ने सकीना को ऐसे सबक सिखाए थे जो उसकी उम्र मुक़ाबले बड़े थे। सारी राहें उसके लिए ला-रास्ता थीं। क्या करे सकीना, कहां जाए सकीना उसे रहनुमा की ज़रूरत है, बराये मेहरबानी 🙏 उसकी मदद करें, कमेंट्स में अपनी राय लिखें
epi -5"सकीना" मक़सद ए ज़िंदगी 22.04.2026 5:37
हालात सकीना को उस दायरे में ले आए हैं जहां से कोई राह नहीं निकलती, क्या करे सकीना? अपनी राय दीजिए🙏
"सकीना"- मक़सद ए ज़िंदगी (चौथी किस्त) 18.04.2026 5:19
कम तालीमयाफ्ता सकीना निकाह के बाद अशरफ़ के साथ गुरुग्राम आ गई । शहर में जिंदगी किस रूप को धर के उसके सामने आई....
"सकीना" मक़सद -ए -ज़िंदगी (तीसरी किस्त) 04.04.2026 5:20
वक़्त जैसा भी हो, बदलता ज़रूर है। बेहद मामूली सी, कम तालीम-याफ़्ता यतीम सकीना निकाह के बाद उस दुनिया में थी जिसके बारे में उसने कभी ख़्वाब में भी नहीं सोचा था। आलीशान हवेली के इकलौते वारिस से निकाह कर जहाँ बेशुमार दौलत और ऐश-ओ-आराम मयस्सर था, वहीं अशरफ़ का रवैया कुछ खिंचा-खिंचा सा था। लेकिन वो सकीना को अपने साथ गुरुग्राम ले आया। गुरुग्राम में वक़्त ने क्या करवट बदली? सकीना व अशरफ़ के ताल्लुक़ात कि...
"सकीना" मक़सद ए ज़िंदगी, दूसरी किस्त 23.03.2026 6:44
स्कूल के ट्रस्ट्री सुभान साहब ने सकीना को एक मेल भेजा ,मेल पढ़ कर सकीना यक -ब -यक पत्थर सी हो गयी ,उसने आँखें बंद कर लीं, गुज़िश्ता यादों के हुज़ूम ने उसे घेर लिया , कौन थी सकीना ,क्या था उस मेल में कि सब कुछ फिल्म की मानिंद उसकीआँखों के सामने से गुज़रने लगा था........
"सकीना" --मक़सद ए ज़िंदगी (पहली किस्त) 14.03.2026 4:43
सकीना" ( मक़सद ज़िंदगी का)की पहली किस्त कौन है सकीना सुभान साहब के ईमेल में ऐसा क्या था कि यक-बा-यक सकीना हैरान -ओ -परेशान हो गई । जानने के लिए सुनिये अगले हिस्से
भारत का लाल 04.10.2025 4:47
Bharat ka laal is the memoir of Shri LAL BAHADUR SHASTRI when He was serving as a Railway minister of india .This memoir reflects his principled behavior. Lal Bahadur Shastri (2 October 1904 – 11 January 1966) was an Indian politician and statesman who served as the a prime minister of India from 1964 to 1966.
टाइल बनाम मूर्ति 21.08.2025 2:34
social media story
स्वकथा रसीदी टिकट epi -33 (अंतिम भाग) 20.05.2025 9:06
मेरे मन का ठीक यही आलम था,जब मैंने कहा, रसीदी टिकट का कायाकल्प होना चाहिए। बहुत सारी घटनाएं और नाम ग़ैर - ज़रूरी हैं। अगले सालों में उन हादसों से भी कहीं बड़े हादसे हुए। अभी भी हो रहे हैं, पर सारा विस्तार ग़ैर ज़रूरी है। बात स्याह ताक़त की है, जो यह सब कुछ करवाती है। अपनी किसी उदासी से मुझे इन्कार नहीं ---- अमृता प्रीतम रसीदी टिकट
स्वकथा, रसीदी टिकट epi-30 20.05.2025 7:55
इमरोज़ एक दूधिया बादल है,चलने के लिए वह सारा आसमान भी खुद है,और पवन भी ख़ुद है, जो उस बादल को दिशा मुक्त करती है...... ---- अमृता प्रीतम रसीदी टिकट
स्वकथा, रसीदी टिकट epi-32 20.05.2025 6:05
मैं इमरोज़ के चेहरे की ओर ऐसे देख रही थी जैसे कृष्ण को देख रही होऊं।कृष्ण भी वेद से फ़िक्रमंद हुए थे ,पर बुद्ध जी तरह नहीं।कृष्ण ने वासनामय पूजा पाठ से पार जाने की बात कही थी,और आज इमरोज़ भी ज़िंदगी के स्वीकार के साथ केह रहे थे, ' अमृता ,तूने इस उदासी के पार जाना है।जो होता है, होने दे! क़त्ल भी होता है, तो होने दे, मैं तेरे साथ हूं.....'
स्वकथा, रसीदी टिकट epi-31 20.05.2025 9:39
मैं क़लम और काग़ज़ वहीं छोड़ कर, नीचे आंगन में चली गई, और रोज़ की तरह ,उनके साथ फूल चुनने लगी..... मन में अपनी ही इबारत के अक्षर समाए हुए थे. इस तरह के बहुत प्यारे और नाज़ुक पल जीने के लिए होते हैं, लिखने के लिए नहीं....
स्वकथा, रसीदी टिकट epi-29 19.05.2025 7:02
गंगा से वोदका तक यह सफ़रनामा है मेरी प्यास का। यूनेस्को कॉन्फ्रेंस की एक घटना का ज़िक्र करना चाहती हूं जहां अलग अलग देशों से एक एक डेलीगेट था।भारत जी और से मैं अकेली थी।कॉन्फ्रेंस का मकसद था , "Science and Spirituality should go together" और इसका तर्क था ......
स्वकथा, रसीदी टिकट epi-28 19.05.2025 10:28
हमारा इतिहास कहता है कि जब समुद्र - मंथन किया गया, तो उससे चौदह रत्न मिले थे, लेकिन आज वक्त की ज़रूरत है कि हम अपने अपने मन सागर का मंथन करें,और अपनी -अपनी आचरण शक्ति खोज लें।
स्वकथा रसीदी टिकट epi -27 17.05.2025 6:40
ज़हनी और रूहानी विकास एक लंबा सिलसिला होता है,घर - परिवार चेतना के विकास की ज़मीन बनता है,इस ज़मीन पर संस्कारों के पेड़ पनपते हैं और इन्हीं पेड़ों में घिरी हुई चेतना की ज़मीन पर अंतर्मन की एक झील बहती है कि उसके ज़ोर से....... ----- अमृता प्रीतम,रसीदी टिकट
स्वकथा epi -26 (Rasidi Ticket part- 26) 15.05.2025 14:23
मैंने बार बार एक ही लफ़्ज़ लिखा था साहिर... साहिर... साहिर...। इस दीवानगी के बाद घबराहट हुई कि सवेरे जब अखबार में तस्वीर छपेगी ,तस्वीर वाले काग़ज़ पर यह नाम पढ़ा जायेगा ,कैसी क़यामत आएगी। साहिर मुझ से मिलने आता था ,आकर चुपचाप सिगरेट पीता रहता था। राखदानी जब टुकड़ों से भर जाती थी तो चला जाता था ,और उसके जाने के बाद मैं अकेली उन टुकड़ों को जला कर पीती थी
रसीदी टिकट epi-25 19.04.2025 13:46
मेरे पास जो कुछ था,अगर आज बर्फ़ से दब गया है,तो ये बर्फ़ जब पिघलेगी,इसके नदी नाले वे होंगे जो एक ईमान से ,हाथों में नए कलम थामेंगे,और उन कलमों की शिद्दत में मेरा वह कुछ भी सम्मिलित होगा ,जो आज चुप की बर्फ़ के नीचे दबा हुआ है।
अपराधी कौन 16.04.2025 4:32
ग़लतफ़हमियों से भी मर जाते हैं रिश्ते... हर बार कसूर गलतियों का नहीं होता what's up Zindagi में हैं वो कहानियां जो हम पढ़ते है सोशल मीडिया पर, ये कहानियां whatsapp पर खूब शेयर की जाती हैं। ये कहानियां कहां से आती हैं,इनको किसने लिखा है यदि आपको ज्ञात हो तो प्रमाण सहित कमेंट्स में बताएं। description में लेखक को पूर्ण क्रेडिट दिया जाएगा
"The Great" Filmi Show "KEDAR SHARMA" 27.03.2025 12:05
केदार शर्मा हिंदी फिल्म जगत की नीव का पत्थर कहे जाते हैं। मूक फिल्मों के दौर से लेकर सन 1990 दशक तक हिंदी सिनेमा के हर दौर के साक्षी रहे केदार शर्मा फिल्मों के हर पक्ष के जानकार थे। अभिनेता ,फिल्म निर्माता- निर्देशक लेखक और गीतकार केदार शर्मा बहुमुखी प्रतिभा के धनी फनकार हुए हैं। केदार शर्मा पर केंद्रित "द ग्रेट" फ़िल्मी शो के इस अंक में आप केदार शर्मा द्वारा लिखे गए गीत भी सुनेंगे। ( सिर्फ एक गीत...
.जुबान (Zuban) 11.03.2025 3:05
तल्ख़ कर दी है ज़िंदगी जिस ने कितनी मीठी ज़बान है प्यारे, जंग छिड़ जाए हम अगर कह दें ये हमारी ज़बान है प्यारे
एक से दस(Ek se Dus) 04.03.2025 2:01
what's up Zindagi में हैं छोटी छोटी कहानियां, वो कहानियां जो शेयर की जाती हैं सोशल मीडिया के बड़े बड़े प्लेटफ़ॉर्म पर,वो कहानियां जो शेयर की जाती हैं व्हाट्सएप पर। ये कहानियां कहां से आती हैं , इन्हे किसने लिखा है इस बारे में कुछ भी ज्ञात नहीं है। यदि लेखक का पता चले तो प्रमाण सहित मेल करें,लेखक को क्रेडिट दिया जाएगा। ......कहानी वाली कुड़ी sukhnandanb@gmail.com
रसीदी टिकट epi-24 (Rasidi Ticket ,Amrita Pritam's biography part 24) 25.02.2025 8:36
एक उड़ता हुआ कबूतर आया और उसने मेरी गोद में शरण ली। देख उसके पीछे एक बाज भी था,और वह मुझसे कबूतर को मांग रहा था। बाज ने कहा ,'अगर कबूतर नहीं देती तो अपने बदन का मांस तोल कर दे दे।' मेरी सारी रचनाएँ ,क्या कविता और क्या कहानी और क्या उपन्यास ,मैं जानती हूँ ,एक नाजायज़ बच्चे की तरह हैं मेरी दुनिया की हक़ीक़त ने मेरे मन के सपने से इश्क़ किया और उनके वर्जित मेल से ये सब रचनाएँ पैदा हुईं कुमार जब अलका को बता...
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