Aaj Tak Radio

Iti Itihaas

Listen Podcast 'Iti Itihas' With Nitin Thakur in Hindi who will narrate the plethora of fascinating, shocking and startling historical occurrences in a span of just two to two and a half minutes. In this podcast,Our host  will narrate the chronical and archived facts in the form of short stories. The stories may concern a war, tragic downfall of a leader, a conspiracy hatched in a king's court, or an uncanny obsession of a famous performer. We will weave a show about every intriguing event you should be aware of. 'इति इतिहास' हमारा इतिहास का पॉडकास्ट है जिसमें हमारे होस्ट नितिन ठाकुर आपके लिए...

Não deixe de visitar o site do podcast e apoiar quem o produz: www.aajtak.in

Autor

Aaj Tak Radio

Categoria

History

Site do podcast

www.aajtak.in

Último episódio

8 de jun de 2025

Onde ouvir?

Podcasts no app Replaio Radio Em breve

Os podcasts estão chegando ao app. Instale agora e seja o primeiro a descobrir um jeito totalmente novo de curtir podcasts

Baixe no Google Play Instale grátis Android 5 mi+ downloads · nota 4,8 iOS em breve

Episódios

जीसस जहां दफ़नाए गए थे, सैकड़ों साल बाद वहां क्या मिला?: इति इतिहास, Ep 58 15.10.2023

जीसस को जेरुसलम में कहां क्रूसिफाई किया गया था, इसके बाद उन्हें कहां दफनाया गया? इस घटना के 300 साल बाद जीसस के क्रूसिफिकेशन वाली जगह को किसने खोजा, मशहूर चर्च ऑफ द होली सेपलकर कैसे अस्तित्व में आया, सैकड़ों साल बाद इस जगह को रेनोवेशन के लिए खोदा गया तो क्या जानकारियां सामने आईं, जीसस के बरियल बेड में आर्कियोलॉजिस्ट को क्या मिला, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूसर: कुमार...

12 बरस का छोरा जंग में बहादुरी से लड़ा और बन गया आर्मी अफ़सर: इति इतिहास, Ep 57 14.10.2023

आर्मी चाहे किसी भी देश की हो, उसमें भर्ती के तयशुदा नियम होते हैं. उम्र, क़द, काठी, फिटनेस, एजुकेशन. लेकिन इन सभी मानकों को धता बताकर कोई 12 बरस का लड़का आर्मी का अफ़सर बन जाए तो आप क्या कहेंगे, सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूस- सूरज कुमार साउंड मिक्सिंग- सचिन द्विवेदी

सेंसर बोर्ड को ट्रोल करने के लिए बना दी 10 घंटे की फ़िल्म: इति इतिहास, Ep 56 08.10.2023

पूरी दुनिया में अन्याय, अनाचार, शोषण, उत्पीड़न और अधिकारों की मांग के लिए असंख्य प्रोटेस्ट हुए हैं. इनमें से कई प्रोटेस्ट अलग-अलग मिजाज़ और अंदाज़ के हुए हैं. लेकिन क्या आप ऐसे अनोखे प्रोटेस्ट के बारे में जानते हैं जो सेंसर बोर्ड की मनमानी के ख़िलाफ़ फिल्म बना कर की गई? 2016 की बात है. एक ब्रिटिश फिल्ममेकर ने 607 मिनट की पिक्चर बनाकर सेंसर बोर्ड को भेज दी. पेंट ड्राईंग (Paint Drying Film) नाम की ये फिल...

नंग-धड़ंग होकर क्यों लिखते-पढ़ते थे अमेरिकी दिग्गज बेंजामिन फ्रैंकलिन?: इति इतिहास, Ep 55 07.10.2023

आधुनिक अमेरिका के निर्माताओं में से एक रहे बैंजामिन फ्रैंकलिन महान लेखक, आविष्कारक, दार्शनिक और राजनेता थे. बिजली से लेकर कई अहम आविष्कार उन्होंने अपने जीवन काल में किए. इसके अलावा अमेरिका के स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनकी बड़ी भूमिका थी. अमेरिका के संविधान को तैयार करने में भी उनका अहम योगदान था. लेकिन उन्हें सारे कपड़े उतारकर हर रोज़ हवा में नहाने की एक अजीब सनक थी. बैंजामिन फ्रैंकलिन ऐसा क्यों करते...

ट्रेन की किस घटना ने गांधीजी के पहनावे को पूरी तरह बदल दिया: इति इतिहास, Ep 54 01.10.2023

इंग्लैंड में क़ानून की पढ़ाई कर रहे मोहनदास करमचंद गांधी सूट-बूट पहनते थे. लेकिन साल 1921 आते आते उन्होंने सारे पोशाक त्याग कर धोती को अपना लिया. कौन सी वो घटनाएं थीं जिसने गांधी जी के पहनावे पर गहरा असर डाला और धीरे धीरे उनके जूते, फिर चोगा, पगड़ी, टोपी, बनियान और नीचे तक पहनी हुई धोती को उन्होंने छोड़ दिया और सिर्फ घुटनों तक एक धोती पहनने लगे? गांधी जयंती के मौक़े पर 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नि...

सफ़ेद कबूतरी से हुआ था महान वैज्ञानिक टेस्ला को इश्क़?: इति इतिहास, Ep 53 30.09.2023

मशहूर साइंटिस्ट निकोला टेस्ला (Nicola Tesla) ने अपने जीवन में कई आविष्कार किए. आज देश-दुनिया के सुदूर इलाकों में बिजली पहुंची तो इसके पीछे टेस्ला का ही दिमाग़ है. टेस्ला का नाम और भी कई वैज्ञानिक खोजों और ऐसी भविष्यवाणियों से जुड़ा है जो आगे चलकर सही साबित हुए. लेकिन अपनी ज़िंदगी के आख़िरी कुछ साल में टेस्ला नितांत अकेले थे. होटलों के कमरों में अकेले रहा करते थे और इस दौरान उन्हें एक सफ़ेद कबूतरी से प्...

दुनिया की सबसे कम उम्र की मां बनी लीना मदीना, आज तक क़ायम है रहस्य: इति इतिहास, Ep 52 24.09.2023

कुछ क़िस्से ऐसे होते हैं कि उनपर भरोसा कर पाना नामुमकिन होता है. साइंस और मेडिकल एक्सपर्ट भी इसके पीछे के रहस्य से पर्दा नहीं उठा पाते हैं. ऐसी ही एक घटना दक्षिण अमेरिकी देश पेरू की है, जहां पांच साल की उम्र में ही एक बच्ची प्रेग्नेंट हो गई और उसने एक हृष्ट-पुष्ट बच्चे को जन्म भी दिया. लीना मदीना नाम की ये बच्ची दुनिया की सबसे कम उम्र की मां है. आज से क़रीब 84 साल पहले ये सब कैसे मुमक़िन हुआ, 'इति इत...

बस की सीट छोड़ने से मना किया और मिसाल बन गई रोज़ा पार्क्स: इति इतिहास, Ep 51 23.09.2023

अमेरिका (America) के मोंटगोमरी में रोज़ा पार्क्स (Rosa Parks) नाम की एक महिला ने बस में एक गोरे आदमी के लिए सीट छोड़ने से इनकार कर दिया. इस वजह से उसे कितनी यातनाएं झेलनी पड़ी, उसके समर्थन में हज़ारों लोग क्यों खड़े हो गए और इतिहास में ये घटना आज भी क्यों याद की जाती है? मार्टिन लूथर किंग जूनियर (Martin Luthar King Junior) का नाम इसमें कैसे जुड़ा, सुनिए आंदोलन और संघर्ष की ये पूरी कहानी 'इति इतिहास' क...

पायलट जिसने मज़ाक मज़ाक में बीच सड़क पर प्लेन उतार दिया: इति इतिहास, Ep 50 17.09.2023

नशे की हालत में गाड़ी चलाना ट्रैफिक नियमों के ख़िलाफ़ हैं. लेकिन फिर भी कुछ हेवी ड्राइवर इस नियम को ताक पर रखकर ड्रंकन ड्राइव करते हैं. लेकिन क्या आप उस पायलट की कहानी जानते हैं जिसने शराब के नशे में बीच सड़क पर प्लेन उतार दिया, वो भी एक नहीं....दो-दो बार? कौन था वो शख़्स, उसने ये कारनामा कैसे कर दिखाया और उसे इसकी क्या सज़ा मिली, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूसर: कुमार केशव...

पहले iPhone के चक्कर में टूट गई शादियां, जानिए इसकी कहानी: इति इतिहास, Ep 49 16.09.2023

दुनिया में आईफोन (Apple iPhone) का इतना क्रेज़ है कि हर साल इसके नए वर्जन खरीदने को लोग लालयित रहते हैं. अभी हाल फ़िलहाल में iphone15 लॉन्च हुआ है. लेकिन क्या आप पहले आईफोन की कहानी (Story of first iphone) जानते हैं? इसकी लॉन्चिंग से पहले एपल (Apple) के इंजीनियर्स दफ़्तर से अचानक ग़ायब क्यों होने लगे थे? इसे बनाने के चक्कर में कई लोगों की शादियां क्यों टूट गईं, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में निति...

Venus De Milo के ग़ायब हाथों को लेकर जितने मुंह उतनी बातें: इति इतिहास, Ep 48 10.09.2023

प्राचीन यूनानी मूर्तिकला (Ancient Greek sculpture) का नायाब नमूना पेश करती वीनस डी माइलो (Venus De Milo) मूर्ति की कहानी क्या है? ये मूर्ति कितनी पुरानी है, कहां और किस हालत में बरामद हुई? ख़ुद में लंबा इतिहास समेटे इस मूर्ति के हाथ ग़ायब कैसे हुए, जानकारों का इस बारे में क्या कहना है, इसको लेकर अलग अलग थ्योरी क्या बताती है और अभी ये कहां रखी हुई है, जानिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर स...

माचिस से पहले आया लाइटर मशहूर क्यों नहीं हुआ?: इति इतिहास, Ep 47 09.09.2023

हवा और पानी की तरह आग भी इंसानी वजूद के लिए उतनी ही ज़रूरी है. लाखों साल पहले पत्थरों को रगड़कर हमने आग जलाना सीखा. फिर आई माचिस और इसके ज़रिये इंसान आग को अपनी मुट्ठी में कर सका. लेकिन क्या आपको पता है, माचिस से पहले लाइटर का ईजाद हो गया था? फिर भी ये उस वक़्त पॉपुलर क्यों नहीं हुआ, माचिस और लाइटर की कहानी और वक़्त के साथ इनमें कितना बदलाव आया, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से. प्रड्...

150 साल पहले इतनी कारें नहीं थी फिर ट्रैफिक लाइट की ज़रूरत क्यों पड़ी: इति इतिहास, Ep 46 03.09.2023

कुछ चीज़ें ऐसी हैं जिनके ईजाद से पूरी मानव जाति का भला ही भला हुआ. ऐसी ही एक चीज़ है ट्रैफिक लाइट. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल, हरी और पीली बत्तियों वाली ये ट्रैफिक सिग्नल का इतिहास 150 साल से भी पुराना है? इसे बनाने वाले कौन थे और वक़्त के साथ इसमें क्या बदलाव आए, जानिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी

अंग्रेज़ों के दांत खट्टे करने वाले तुर्रम खां की कहानी क्या है: इति इतिहास, Ep 45 02.09.2023

कुछ नाम अपने काम की वजह से उपाधि बन जाते हैं. विशेषणों के तौर पर बोलचाल में उनका इस्तेमाल होता है. एक ऐसा ही नाम तुर्रम खां का है. आपने भी सुना ही होगा और बोलचाल में इसका इस्तेमाल किया होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये तुर्रम खां असल में कौन थे? उनकी कहानी क्या है, आज़ादी के आंदोलन से कैसे जुड़े हैं और उनकी वीरता की मिसाल क्यों दी जाती है, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से. प्रड्य...

चांद की सैर कर आए इंसानों के लिए क्यों बनाना पड़ा माइक्रोवेव अवन: इति इतिहास, Ep 44 27.08.2023

नासा का अपोलो 11 मिशन (NASA Apollo 11 mission) कई मामलों में क़ामयाब रहा. इसने इंसान के लिए न सिर्फ चांद से जुड़ी जानकारियों का पिटारा खोला, बल्कि दूसरे आविष्कारों की राह दुरुस्त की. ऐसा ही एक आविष्कार है खाना गर्म करने वाला माइक्रोवेव अवन, जो आज आपके और हमारे घर में है. इसका नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन के मिशन मून से क्या कनेक्शन है? पहली बार इसकी ज़रूरत कब पड़ी? किस कंपनी ने इसे बनाया था और बनात...

चांद पर पहली बार उतरे इंसान वहां 100 से ज्यादा सामान क्यों छोड़ आए: इति इतिहास, Ep 43 26.08.2023

1969 में नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong) और बज़ एल्ड्रिन (Buzz Aldrin) चांद की सतह पर पांव रखने वाले पहले इंसान थे. नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने इसे इंसान के लिए एक छोटा क़दम लेकिन मानव जाति के लिए बड़ी छलांग बताया था. नासा के अपोलो-11 मिशन (NASA Apollo 11 mission) को सफ़ल बनाकर वो चांद से सही सलामत वापस लौटे. लेकिन लौटने से पहले अपने साथ ले गए 100 से ज़्यादा सामान वहीं छोड़कर. कुछ जानबूझकर और कुछ मजबूरी में....

फ़ौजी जो घास, मोमबत्ती और चूहे-बिल्लियां खाता था: इति इतिहास, Ep 42 20.08.2023

18वीं सदी में एक ऐसा फ़ौजी हुआ जिसकी ख़ुराक के बारे में जानकर आपका दिमाग़ भन्ना जाएगा. खाने से पेट नहीं भरने पर वो घास, चूहे-बिल्लियां, मोमबत्तियां और पता नहीं क्या क्या खा जाता था. कच्चे मांस से लेकर सांड का लिवर उसके फ़ेवरेट आहार थे. पोलैंड में पैदा हुए इस फौज़ी चार्ल्स डोमरी (Charles Domery) की कहानी क्या है, उसे जेल क्यों हुई और उस पर हुई स्टडी का क्या हुआ, सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में निति...

जापानी शख्स जिसने दो-दो परमाणु हमले झेले मगर ज़िंदा रहा: इति इतिहास, Ep 41 19.08.2023

जापान के दो शहर - हिरोशिमा और नागासाकी. दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान दो अलग अलग तारीखों पर दो अलग अलग एटम बमों के गिरने से बुरी तरह तबाह हो गए. लाखों लोग इसकी चपेट में आए और एक झटके में ही अपनी जान गंवा बैठे. पूरी दुनिया ने ये विनाशलीला देखी. लेकिन एक शख़्स जो काफ़ी क़रीब से इस भयानक मंज़र का गवाह बना, उसका नाम था सुतोमू यामागुची (Tsutomu Yamaguchi). सुतोमू दोनों ही परमाणु हमलों की चपेट में आए, मगर मौत क...

अमेरिकी राष्ट्रपति जिसने सुरक्षा के बावजूद अपने साथ पिस्टल रखना नहीं छोड़ा: इति इतिहास,Ep 40 13.08.2023

एक अमेरिकी लेखक हैं ब्रैड मेल्टजर. उन्होंने अपनी किताब प्रेसिडेंट्स शैडो में लिखा है कि रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति रीगन .38 पिस्टल हमेशा ब्रीफकेस में रखते थे.रीगन कहते थे कि ऐसा नहीं है कि मुझे अपने सिक्योरिटी अफसरों पर भरोसा नहीं है लेकिन इमरजेंसी की सूरत में मैं खुद तैयार रहना चाहता हूँ. कहा जाता है कि रीगन पर एक हमले के बाद उन्होंने पिस्टल रखना शुरू कर दिया. ब्रैड ने अपने किताब में ये भी लि...

आइसक्रीम विद स्टिक का कंसेप्ट कैसे आया?: इति इतिहास, Ep 39 12.08.2023

डंडी वाली आइसक्रीम कितनी बड़ी सुविधा है आइसक्रीम खाने वाली जमात के लिए. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इसका अविष्कार होना महज एक एक्सीडेंट था. आइसक्रीम विद स्टिक का कंसेप्ट कैसे आया? आइसक्रीम में कब लगी डंडी? सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूसर - रोहित अनिल त्रिपाठी साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत

एक युद्ध जिसमें अंग्रेज़ मुग़लों के सामने घुटनों पर थे: इति इतिहास,Ep 38 06.08.2023

सत्रहवीं सदी की शुरूआत थी। शाहजहाँ की मौत के बाद छोटे छोटे राजाओं का उदय हुआ.यूरोपीय कम्पनीज भी भारत में फैल रही थीं और अंग्रेज़ों का प्रभाव भी। ब्रिटिश व्यापार की इजाज़त के लिए औरंगजेब के दरबार में गए, इजाजत भी मिली मगर अंग्रेज चाहते थे कि उनसे टैक्स ना लिया जाए। औरंगजेब ने इसे अंग्रेजों की अकड़ माना। डील नहीं हुई. हुक्म हुआ कि किसी भी भारतीय पोर्ट पर अंग्रेज नजर ना आएं. स्थिति बिगड़ने लगी. अब अंग्...

ऐसी मशीन जिसने मौत की सज़ा का दर्द कम कर दिया: इति इतिहास, Ep 37 05.08.2023

पैसे से ज़िंदगी बेहतर बनाई जा सकती है..और कई बार मौत भी. एक वक्त फ्रांस में मौत की सज़ा पाने वाले लोग पैसे देकर अपनी सज़ा आसान करा लेते थे.. लेकिन फिर गिलोटिन का ज़माना आया. आज के 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से सुनिए ऐसी मशीन की कहानी जिसने मौत की सज़ा का दर्द कम कर दिया.

ओल्ड मोंक पीते हैं तो इसके भारत में आने की कहानी भी जानिए: इति इतिहास, Ep 36 30.07.2023

सर्दियों में रम पीनेवाले ओल्म मोंक कितना प्रिफर करते हैं ये तो बताने की ज़रूरत नहीं.. मगर एक बात बताने की ज़रूरत है.. वो है ओल्ड मोंक का जलियांवाला बाग कांड के जिम्मेदार जनरल डायर से इसका कनेक्शन.अगर आपने भारतीय इतिहास की किताब छुई भी होगी तो आपको जनरल डायर का नाम पता होगा. जलियाँवाला बाग कांड जिसमें हजारों भारतीयों ने जान गंवा दी,उसका खलनायक. लेकिन ये कहानी जुड़ी हुई है उसके पिता से. सुनिए पूरी कह...

मंगल पांडे को मिली फांसी, इस भारतीय सैनिक को मिला प्रमोशन: इति इतिहास, Ep 35 29.07.2023

ये साल था 1849. देश में अंग्रेजी शासन था. कलकत्ता से लगभग 16 किलोमीटर दूर एक अंग्रेजी सेना की छावनी हुआ करती थी. पूरब के ज्यादातर भारतीय सैनिक यहीं तैनात थे. इन्हीं दिनों एक 22 साल के लड़के ने अंग्रेजी सेना जॉइन की. नाम था मंगल पाण्डेय. उन दिनों कोई नहीं जानता कि कुछ साल बाद ही ये लड़का देश की आजादी के लिए बग़ावत का पहला बिगुल फूँकेगा. इन दिनों तक ये बात अफवाह की शक्ल में उड़ने लगी थी कि अंग्रेजी सेना...

जब एक दर्जी पैराशूट चेक करने को एफ़िल टॉवर से कूद गया था: इति इतिहास, Ep 34 23.07.2023

उसने एक पैराशूट बनाया था. घर पर. सीमित संसाधनों में. इस पैराशूट पर उसे बहुत भरोसा था. इतना कि इसे टेस्ट करने के लिए वो एफील टॉवर पर चढ़ कर कूद गया. फिर क्या हुआ?ये 1900 के आसपास की बात है.फ्रांज राइकेल्ट नाम का एक दर्जी था. था तो ऑस्ट्रीया का लेकिन फ्रांस में रहता था. उसे प्लेन्स बहुत पसंद थे. इतने कि कपड़ों के साथ साथ वो पैराशूट भी सिला करता था. तब तक पैराशूट मॉर्डन तकनीकों से लैस नहीं थे. 50 से 10...

Ouça o podcast Iti Itihaas no Replaio

Rádio e podcasts em um só app - grátis e sem cadastro. Instale hoje e não perca o lançamento

Baixe no Google Play

O Replaio não é o publicador dos podcasts; os nomes dos programas, as capas e o áudio pertencem aos seus autores e são distribuídos por feeds RSS públicos