Aaj Tak Radio

Gyaan Dhyaan

Gyaan Dhyaan is a Hindi podcast by Aaj Tak Radio on general knowledge, education, trivia and history in the form of explainers. Aasmaan kyu hai neela, paani kyu geela geela, gol kyu hai dharti. For more such questions come to this window of Gyaan. Simple explainers on complex issues and trivia—designed for you. It could be related to science, history, sociology, general awareness and all possible fields. ये हमारी वो खिड़की है, जहां से ज्ञान का प्रसाद मिलता है. यहां पेचीदा मसलों को आसान भाषा में समझाया जाता है और अनूठी जानकारियां दी जाती हैं. बीच बीच में ऐसी बातें भी होंगी जो आपकी लाइफ़ आसान बन...

Não deixe de visitar o site do podcast e apoiar quem o produz: www.aajtak.in

Autor

Aaj Tak Radio

Categoria

Education

Site do podcast

www.aajtak.in

Último episódio

4 de mai de 2025

Onde ouvir?

Podcasts no app Replaio Radio Em breve

Os podcasts estão chegando ao app. Instale agora e seja o primeiro a descobrir um jeito totalmente novo de curtir podcasts

Baixe no Google Play Instale grátis Android 5 mi+ downloads · nota 4,8 iOS em breve

Episódios

भारत के सबसे पुराने कुओं का ये रहस्य जानते हैं आप?:ज्ञान ध्यान 10.11.2024

पहले के ज़माने में, जब लोगों के पास पानी सप्लाई के सिस्टम नहीं थे, उन्हें पानी काफ़ी दूर-दूर से लाना पड़ता था। गाँव में तो बहुत ही बेसिक सिस्टम इस्तेमाल किए जाते थे जैसे कुआँ आपने कभी सोचा है, कि हर कुआँ गोल क्यों होता है? क्यों नहीं कोई कुआँ चौकोना या तिकोना होता? आज हम इस सवाल का जवाब देंगे, लेकिन ये जवाब इतना आसान नहीं है। इसके पीछे एक पुरानी हिस्ट्री है,लॉजिक है तो चलिए आज के ज्ञान ध्यान के इस...

त्योहार के बाद महसूस होना वाले खालीपन से ऐसे बचें!: ज्ञान ध्यान 09.11.2024

त्योहार ही एक ऐसा समय होता है जब आप अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ समय बिताते हैं, ऐसे में घर में चहल-पहल रहती है. लेकिन त्योहार खत्म होते ही सभी लोग अपने काम में लौट जाते हैं. इसकी वजह से कई लोगों को उदासी और अकेलापन महसूस होने लगता है. ऐसी फीलिंग अक्सर सभी के साथ होती है लेकिन कुछ लोग इससे बाहर निकल जाते हैं वहीं कुछ लोग इसमें फंसकर खुद को तनावग्रस्त कर लेते हैं. लेकिन इस उदासी का कारण क्या ह...

सेना के बेड़े में शामिल हुईं 'अस्मि' पिस्तौल, दुश्मनों के होश उड़ा देगी!: ज्ञान ध्यान 08.11.2024

आपने कभी सोचा है कि हमारे देश के सैनिक किस तरह के हथियारों से दुश्मनों का मुकाबला करते हैं. आज हम आपको एक ऐसी नई बंदूक के बारे में बताने जा रहे हैं. जो पूरी तरह से भारत में बनाई गई है और हमारी सेना को और मजबूत बनाने जा रही है. इस पिस्तौल का नाम अस्मि है. पिस्तौल का नाम अस्मि कैसे पड़ा, इसकी खासियत क्या है. ये देश की सेना के लिए कितनी मददगार है और दुश्मनों के लिए कितनी घातक है. सुनिए ‘ज्ञान ध्यान’...

USA का वो सूबा जहां छिपी है व्हाइट हाउस की चाबीः ज्ञान ध्यान 07.11.2024

अमेरिका में जब चुनाव होते हैं तो दुनियाभर की नज़र उन पर बनी रहती है क्योंकि साफ बात है कि अमेरिका जैसे बड़े देश में जो भी राष्ट्रपति चुन कर आता है वो दुनियाभर की राजनीति पर भी असर डालता है. लेकिन आज बात करेंगे अमेरिका के एक ऐसे स्टेट के बारे में जो खुद अमेरिका के चुनाव पर बहुत असर डालता है. ये स्टेट है जो कि नॉर्थ अमेरिका के पूर्वी हिस्से में मौजूद, पेंसिलवेनिया. तो चलिए आज समझते हैं कि अमेरिका के...

कफ़ कैसे करता है शरीर को साफ और कब बन जाता है ख़तरनाक?: ज्ञान ध्यान 06.11.2024

अंग्रेज़ी में जैसी स्नॉट कहते हैं ये हमारे शरीर के लिए ज़रूरी होता है और सिर्फ यही नहीं... कफ़, और बलगम भी ज़रूरी है. फिर हम इनका इलाज क्यों कराते हैं जब ये ज़रूरी हैं, शरीर में इससे समस्या क्यों हीतो ही और ये ज़रूरी है तो क्यों और ये बनती कैसे है, सुनिए 'ज्ञान ध्यान' में. प्रड्यूस-कुंदन साउंड मिक्स- सचिन द्विवेदी

जुड़वा बच्चे कैसे बनाते हैं अपने लिए अलग भाषा?: ज्ञान ध्यान 03.11.2024

सोचिए, अगर आपके पास एक ऐसा दोस्त होता जो आपके साथ हमेशा से, यहां तक कि मां के पेट से, साथ होता, तो उनसे बातें करने का तरीका भी कुछ अलग खास होता! आज हम यह जानेंगे कि यह घटना क्या है, कैसे यह बनता है, और क्यों कुछ जुड़वा इस भाषा को अपने जीवन में बनाए रखते हैं, जैसे कि Youlden twins ने किया। नमस्कार मेरा नाम है आंचल और आप सुन रहे हैं आजतक रेडियो का एक्सप्लेनेर पॉडकास्ट ज्ञान ध्यान साउंड मिक्सिंग- निति...

लोग क्यों हो जाते है सेलेब्रिटीज़ के जबरा फ़ैन?: ज्ञान ध्यान 02.11.2024

अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि किसी मशहूर एक्टर, सिंगर सेलिब्रिटी के साथ सेल्फी लेने के दौरान किसी फैन ने धक्का मुक्की की. कोई फैन पसंदीदा सितारे से मिलने के लिए कई दिनों तक घर के बाहर इंतजार करता रहा. टीवी पर एक कार्यक्रम में बताया गया कि एक लड़की शाहिद कपूर के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है. राजेश खन्ना और देव आनंद के फैन्स के किस्से आपने सुने ही होंगे. आखिर ऐसा कोई किसी सेलिब्रिटी को इतना पसंद क्यों क...

दिवाली पर बोनस मिलने, ना मिलने की क्या है कहानी?: ज्ञान ध्यान 01.11.2024

दिवाली में लोगों को गिफ्ट मिले हैं. गिफ्ट में किसी को टिफिन बॉक्स मिला है तो किसी को मग मिला है तो कही कड़ाही बंटी है. लेकिन कुछ लोगों कुछ ज्यादा ही चहक रहे हैं क्योंकि उनको मिला है बोनस. अब ये बोनस होता क्या है, इसकी शुरूआत कैसे हुई और इसके कोई नियम-कायदे भी होते हैं क्या और कुछ कंपनियों में बोनस क्यों नहीं मिलता? सुनिए ‘ज्ञान ध्यान’ में. प्रड्यूसर : अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग : नितिन रावत

गूगल को हराकर कपल ने कैसे ले लिए 500,000 डॉलर?: ज्ञान ध्यान 31.10.2024

यूरोपीय कोर्ट ऑफ जस्टिस ने गूगल को एक 15 साल पुरानी लीगल केस में फाइन दिया है। यह केस एक ब्रिटिश कपल रिचर्ड और एलिज़ाबेथ के जरिए फाइल किया गया था, जो अपने पर्सनल डाटा के misuse को लेकर गूगल के खिलाफ थे। तो आइए, इस कहानी को डिटेल में समझते हैं ज्ञान ध्यान के इस एपिसोड में. साउंड मिक्सिंग- नितिन रावत

पटाखों का महाभारत कनेक्शन क्या है और चीन के बारूद बनाने की कहानी क्या है?: ज्ञान ध्यान 30.10.2024

पटाखों को लेकर कई कहानियां फ़ेमस हैं. कुछ लोगों का कहना है कि इसकी शुरुआत चीन में छठी सदी के दौरान हुई थी. वहीं कुछ लोग कहते हैं कि गलती से इसका आविष्कार हुआ था. प्रचलित कहानी एक रसोइए की है जो खाना बनाते समय गलती से पोटैशियम नाइट्रेट को आग में फेंक दिया था. यही से पटाखे की शुरुआत हुई, पटाखों का इतिहास जानिए, 'ज्ञान ध्यान' में. प्रड्यूसर- कुंदन साउंड मिक्स- कपिल देव सिंह

ओडिशा में हर साल क्यों आता है तूफ़ान?: ज्ञान ध्यान 27.10.2024

ओडिशा भारत के उन राज्यों में से एक है जहां हर साल तूफान आता ही आता है. वैसे तो तूफान जब आता है तो तटीय राज्यों पर ही इसका सबसे ज्यादा असर दिखता है. लेकिन ओडिशा तूफानों को हर साल झेलता है. किसी भी तूफान का सबसे ज्यादा असर यहीं पड़ता है. ओडिशा सरकार की एक रिपोर्ट बताती है कि 100 साल में यहां 260 से ज्यादा तूफान आए हैं.लेकिन ओडिशा में ऐसा क्या है जो यहां हर साल तूफान आते हैं? और हर साल तूफान झेलने के...

किसान को कैसे मिलेगी गांव के मौसम की सटीक जानकारी?: ज्ञान ध्यान 26.10.2024

भारत सरकार की मिनिस्टी ऑफ अर्थ साइंसेज़ और भारतीय मौसम विभाग ने साथ मिलकर ये घोषणा कि है कि अबसे हर ग्राम पंचायत के मौसम की जानकारी हर किसान अपने फोन पर पा सकेंगे. इस स्कीम का नाम है Gram Panchayat-Level Weather Forecasting. लेकिन इस स्कीम का फायदा किसान कैसे उठा पाएंगे? मौसम विभाग ने इस स्कीम को सफल बनाने के लिए क्या तैयारियां की हैं और किसानों को इस स्कीम का फायदा कैसे होगा? सुनिए सभी सवालों के...

फ्रांस,जर्मनी, स्वीडन और क्यूबा में क्या है सरकार चलाने का तरीका?: ज्ञान ध्यान 25.10.2024

इस साल दुनिया के करीब 80 देशों में चुनाव थे. फ्रांस, यूके, भारत जैसे कुछ देशों में चुनाव हो चुके हैं तो कुछ देश में अभी इलेक्शन प्रोसेस में है. उन्हीं में से एक देश है अमेरिका. जिसका चुनावी नतीजा दुनिया भर को प्रभावित करेगा. इन देशों में जो शासन प्रणाली है. वो डेमोक्रेसी कहलाती है. लेकिन दुनिया भर में डेमोक्रेसी के अलावा भी कई शासन प्रणालियां हैं तो सरकार चलाने के अलग-अलग सिस्टम कौन से हैं? सुनिए...

इमरजेंसी लैंडिंग से पहले पायलट हवा में फ्यूल क्यों निकाल देते हैं?: ज्ञान ध्यान 24.10.2024

हाल के दिनों में आपने कई इमरजेंसी लैंडिंग की ख़बरें सुनी होंगी. फ़िल्मों में इसे जैसा दिखाया जाता है, क्या वास्तव में ऐसा ही होता है? लैंडिंग से पहले पायलट जहाज़ से फ्यूल क्यों निकालते हैं? कितनी तरह की इमरजेंसी लैंडिंग होती हैं? सुनिए 'ज्ञान ध्यान' में. प्रोड्यूसर - कुंदन साउंड मिक्स - नितिन रावत

वो संगठन जिसमें शामिल होने को बेताब हैं 3 दर्जन देश!: ज्ञान ध्यान 23.10.2024

देश भी अक्सर अलग अलग सेक्टर्स में आपसी सहयोग का लिए साथ आते हैं और ऐसे ग्रुप्स बनाते हैं जिन्हें इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशंस या ग्रुप कहा जाता है. ऐसी ही एक इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन हर साल चर्चा में आती है और इस ग्रुप का नाम है ब्रिक्स. लेकिन आखिर इस संस्था का काम क्या है? इसका नाम यही क्यों पड़ा? इसमें कौन कौन से देश हैं? सुनिए सारे सवालों के जवाब ‘ज्ञान ध्यान’ में.

ड्रोन की टारगेट किलिंग तकनीक क्या होती है और कैसे काम करती है ? 20.10.2024

ड्रोन्स का उपयोग युद्ध में कैसे बदल रहा है, और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं? यूक्रेन और गाज़ा में ड्रोन्स के इस्तेमाल के पीछे क्या रणनीतिक कारण हैं? क्या आपको लगता है कि ड्रोन्स की तकनीक युद्ध को अधिक प्रभावशाली या अधिक खतरनाक बना रही है? ड्रोन्स के उपयोग से नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आपके क्या विचार हैं? क्या आपको लगता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ड्रोन्स के उपयोग पर नए कानून बनाने की जरूरत है...

आखिर क्यों देना पड़ता टोल टैक्स?: ज्ञान ध्यान 19.10.2024

कहां पैसा देना है और कहां जेब बंद रखनी है ये बहुत ज़रूरी सवाल है. इसी जुगत से ही एक सवाल अक्सर उठता है कि जब हम रोड टैक्स दे रहे हैं तो टोल टैक्स क्यों दें? ऐसे में ये सवाल भी ज़रूरी है कि दोनों टैक्स का मतलब क्या है और ये दोनों एक-दूसरे से कितने अलग है? सुनिए इन सवालों के जवाब ‘ज्ञान ध्यान’ में

हाथ मिलाने का अंदाज़ बता देता है दिल में क्या है?: ज्ञान ध्यान 18.10.2024

दुनिया कई देशों में अभिवादन करने के कई अलग-अलग तरीके हैं. जैसे अरब कंट्री में हाथ चूमने की परम्परा है. फ्रांस में गाल पर किस करने का रिवाज है. ये तो हुई आम लोगों की बात लेकिन खास लोग, जो इस दुनिया के नियम कानून तय करते हैं. यानी दो देशों के नेता या उनके रिप्रेंटेटिव ब्यूरोक्रेट्स अभिवादन का क्या तरीका अपनाते हैं. दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबध हो तो एक-दूसरे को हग करते हैं. नहीं तो हाथ मिलने से...

कंपनी को महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का टैग कब और क्यों मिलता है?: ज्ञान ध्यान 17.10.2024

स्कूल में आपने पढ़ा होगा फलाना कंपनी महारत्न है. भारत सरकार ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर के कंपनियों को तीन कैटेगरी में बांट रखा है- महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न, इसके क्या फ़ायदे हैं, तय कैसे होता है, अभी किन कंपनियों को ये दर्जा मिला हुआ है और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी, सुनिए 'ज्ञान ध्यान' में. प्रड्यूसर- कुंदन साउंड मिक्स- सचिन द्विवेदी

सरेआम होती हिंसा को रोकने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पाते लोग?: ज्ञान ध्यान 16.10.2024

आपने अक्सर सुना होगा कि भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता. अक्सर सुना होगा कि जब 4 आदमी मिलकर किसी जगह तोड़फोड़ कर रहे तो जल्द ही वो 4 से 14 हो सकते हैं. अकेला आदमी सामाजिक पाबंदियों को तोड़ने से घबराता है लेकिन भीड़ बेकाबू हो जाती है.दूसरी ओर एक और चीज़ देखने को मिलती है कि अक्सर सड़क पर हिंसा हो रही होती है और पास खड़ी भीड़ कुछ नहीं करती बल्कि खड़ी-खड़ी पूरी घटना को घटते हुए देखती रहती है.मनोवैज्ञानिक...

Pocketing क्या होता है और इसका फ़ायदा-नुकसान क्या है?: ज्ञान ध्यान 13.10.2024

आजकल रिश्तों में कई नए टर्म्स आ गए हैं, जैसे सिचुएशनशिप, बेंचिंग, ब्रेडक्रमबिंग, और कफिंग. इन्हीं में से एक है "पॉकेटिंग" जिसका मतलब जेबकतरी नहीं, बल्कि रिश्ते का एक स्टेज या ट्रेट है. इसमें आपका पार्टनर आपको अपनी दुनिया से दूर रखता है, यानी अपने दोस्तों या परिवार से नहीं मिलवाता. क्या ये अच्छा है या बुरा? सुनिए ‘ज्ञान ध्यान’ में. प्रड्यूसर- कुंदन साउंड मिक्स- नितिन रावत

पारसी होने के बावजूद रतन टाटा का दाह संस्कार क्यों हुआ?: ज्ञान ध्यान 12.10.2024

रतन टाटा का अंतिम संस्कार हो चुका है. पारसियों के पारंपरिक दखमा की बजाय उनका इलेक्ट्रिक अग्निदाह किया गया. पारसी धार्मिक मान्यताओं से जुड़े रतन टाटा का अंतिम संस्कार ऐसे क्यों हुआ और पारसियों में अंतिम संस्कार कैसे होता है? सुनिए ‘ज्ञान ध्यान’ में.

रतन टाटा का मिडिल क्लास के लिए ‘लखटकिया कार’ का सपना क्यों नहीं पूरा हुआ?: ज्ञान ध्यान 11.10.2024

आम आदमी के लिए रतन टाटा ने एक कार का सपना देखा. टाटा ग्रुप की ये कार लखटकिया के नाम से भी मशहूर हुई. गांव-गांव में इसको लेकर लोगों में जिज्ञासा थी. रतन टाटा ने अपने इस सपने को कई बार लोगों से साझा भी किया था. लेकिन उनका ये सपना….जो टाटा नैनों कार के रूप में साकार हुआ. कैसे हकीकत बना, इसमें क्या-क्या फीचर थे, इस सपने को पूरे करने में क्या मुश्किलें आयी और क्यों ये आखिर में टाटा के लिए बुरा सपना साब...

रतन टाटा ने क्यों छोड़ी थी चेयरपर्सन की कुर्सी और साइरस मिस्त्री को फिर क्यों हटाया गया?: ज्ञान ध्यान 10.10.2024

आज के वक्त में बच्चा-बच्चा रतन टाटा को टाटा कंपनी के चेयरपर्सन के रूप में जानता है. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें ये कुर्सी छोड़ दी और सायरस मिस्त्री को कंपनी की कमान सौंपी. फिर ऐसा क्या हुआ दोबारा से रतन टाटा को रिटायरमेंट से वापस बुला कर चेयरपर्सन पर बैठाया गया, रतन टाटा ने अपनी दूसरी पारी में क्या अलग किया, सुनिए ‘ज्ञान ध्यान’ में

दो देश आपस में क्यों एक्सचेंज करते हैं अपनी करेंसी?: ज्ञान ध्यान 09.10.2024

कई बार अगर किसी की शर्ट का कलर अच्छा लग जाए तो भी मन करता है कि शर्ट स्वैप हो जाए. मगर क्या आप जानते हैं कि कई देश आपस में अपनी करेंसी यानि करेंसी स्वैप करते हैं? जी हां बिलकुल. सुनने में अजीब लगता है न? मगर असल में उतना अजीब नहीं है बस एक बार समझना पड़ेगा कि ये होता क्या है? देश क्यों इसका इस्तेमाल करते हैं और आखिर ये कितने हद तक फायदेमंद होता है? सुनिए 'ज्ञान ध्यान' में.

Ouça o podcast Gyaan Dhyaan no Replaio

Rádio e podcasts em um só app - grátis e sem cadastro. Instale hoje e não perca o lançamento

Baixe no Google Play

O Replaio não é o publicador dos podcasts; os nomes dos programas, as capas e o áudio pertencem aos seus autores e são distribuídos por feeds RSS públicos