Finney Samuel
दैनिक मन्ना | Bible Devotions in Hindi
"दैनिक मन्ना" प्रतिदिन के लिए संक्षिप्त बाइबल अध्ययन है। इन अध्ययन के माध्यम से रोज़ आप आत्मिक उन्नति कर सकते है! WhatsApp पर सूचित होने के लिए आप हमारे वेबसाइट द्वारा जुड़ सकते है: www.finneysamuel.com
Where to listen?
Podcasts in the app Replaio Radio Coming soonPodcasts are coming to the app soon. Install now and be the first to see a whole new take on podcasts
Episodes
यहोवा का भय मानना, बुराई से बैर रखना है | नीतिवचन 8:12-13 19.10.2021 10:33
आज का वचन ➤ नीतिवचन 8:12-13 12 मैं जो बुद्धि हूं, सो चतुराई में वास करती हूं, और ज्ञान और विवेक को प्राप्त करती हूं। 13 यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।
चान्दी नहीं मेरी शिक्षा को लो | नीतिवचन 8:10-11 18.10.2021 7:19
आज का वचन ➤ नीतिवचन 8:10-11 10 चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़ कर ज्ञान को ग्रहण करो। 11 क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है।
तेरा मन ऐसी स्त्री के मार्ग की ओर न फिरे | नीतिवचन 7:22-27 17.10.2021 8:13
आज का वचन ➤ नीतिवचन 7:22-27 22 वह तुरन्त उसके पीछे हो लिया, और जैसे बैल कसाई-खाने को, वा जैसे बेड़ी पहिने हुए कोई मूढ़ ताड़ना पाने को जाता है। 23 अन्त में उस जवान का कलेजा तीर से बेधा जाएगा; वह उस चिडिय़ा के समान है जो फन्दे की ओर वेग से उड़े और न जानती हो कि उस में मेरे प्राण जाएंगे॥ 24 अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों पर मन लगाओ। 25 तेरा मन ऐसी स्त्री के मार्ग की ओर न फिरे, और उसकी ड...
बुद्धि से कह कि, तू मेरी बहिन है | नीतिवचन 7:4-5 15.10.2021 7:22
आज का वचन ➤ नीतिवचन 7:4-5 4 बुद्धि से कह कि, तू मेरी बहिन है, और समझ को अपनी साथिन बना; 5 तब तू पराई स्त्री से बचेगा, जो चिकनी चुपड़ी बातें बोलती है॥
मेरी आज्ञाओं को मान, और अपने हृदय की पटिया पर लिख ले | नीतिवचन 7:1-3 14.10.2021 9:25
आज का वचन ➤ नीतिवचन 7:1-3 1 हे मेरे पुत्र, मेरी बातों को माना कर, और मेरी आज्ञाओं को अपने मन में रख छोड़। 2 मेरी आज्ञाओं को मान, इस से तू जीवित रहेगा, और मेरी शिक्षा को अपनी आंख की पुतली जान; 3 उन को अपनी उंगलियों में बान्ध, और अपने हृदय की पटिया पर लिख ले।
क्योंकि जलन से पुरूष बहुत ही क्रोधित हो जाता है | नीतिवचन 6:34-35 13.10.2021 7:33
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:34-35 34 क्योंकि जलन से पुरूष बहुत ही क्रोधित हो जाता है, और पलटा लेने के दिन वह कुछ कोमलता नहीं दिखाता। 35 वह घूस पर दृष्टि न करेगा, और चाहे तू उस को बहुत कुछ दे, तौभी वह न मानेगा॥
जो परस्त्रीगमन करता है, वह अपने प्राणों को नाश करना चाहता है! | नीतिवचन 6:30-33 12.10.2021 9:01
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:30-33 30 जो चोर भूख के मारे अपना पेट भरने के लिये चोरी करे, उसको तो लोग तुच्छ नहीं जानते; 31 तौभी यदि वह पकड़ा जाए, तो उस को सातगुणा भर देना पडेगा; वरन अपने घर का सारा धन देना पड़ेगा। 32 परन्तु जो परस्त्रीगमन करता है वह निरा निर्बुद्ध है; जो अपने प्राणों को नाश करना चाहता है, वह ऐसा करता है॥ 33 उस को घायल और अपमानित होना पड़ेगा, और उसकी नामधराई कभी न मिटेगी।
जो पराई स्त्री के पास जाता है, वह दण्ड से न बचेगा | नीतिवचन 6:27-29 12.10.2021 8:36
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:27-29 27 क्या हो सकता है कि कोई अपनी छाती पर आग रख ले; और उसके कपड़े न जलें? 28 क्या हो सकता है कि कोई अंगारे पर चले, और उसके पांव न झुलसें? 29 जो पराई स्त्री के पास जाता है, उसकी दशा ऐसी है; वरन जो कोई उस को छूएगा वह दण्ड से न बचेगा।
आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति है | नीतिवचन 6:23-24 11.10.2021 7:48
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:23-24 23 आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति, और सिखाने वाले की डांट जीवन का मार्ग है, 24 ताकि तुझ को बुरी स्त्री से बचाए और पराई स्त्री की चिकनी चुपड़ी बातों से बचाए।
हे मेरे पुत्र, मेरी आज्ञा को मान | नीतिवचन 6:20-22 08.10.2021 9:29
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:20-22 20 हे मेरे पुत्र, मेरी आज्ञा को मान, और अपनी माता की शिक्षा का न तज। 21 इन को अपने हृदय में सदा गांठ बान्धे रख; और अपने गले का हार बना ले। 22 वह तेरे चलने में तेरी अगुवाई, और सोते समय तेरी रक्षा, और जागते समय तुझ से बातें करेगी।
इन 6 वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है! (भाग-2) | नीतिवचन 6:16-19 08.10.2021 10:03
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:16-19 16 छ: वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन सात हैं जिन से उस को घृणा है 17 अर्थात घमण्ड से चढ़ी हुई आंखें, झूठ बोलने वाली जीभ, और निर्दोष का लोहू बहाने वाले हाथ 18 अनर्थ कल्पना गढ़ने वाला मन, बुराई करने को वेग दौड़ने वाले पांव, 19 झूठ बोलने वाला साक्षी और भाइयों के बीच में झगड़ा उत्पन्न करने वाला मनुष्य।
इन 6 वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है! | नीतिवचन 6:16-17 07.10.2021 8:32
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:16-17 16 छ: वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन सात हैं जिन से उस को घृणा है 17 अर्थात घमण्ड से चढ़ी हुई आंखें, झूठ बोलने वाली जीभ, और निर्दोष का लोहू बहाने वाले हाथ
अनर्थकारी पर विपत्ति अचानक आ पड़ेगी और वह नाश हो जाएगा! | नीतिवचन 6:12-15 05.10.2021 6:27
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:12-15 12 ओछे और अनर्थकारी को देखो, वह टेढ़ी टेढ़ी बातें बकता फिरता है, 13 वह नैन से सैन और पांव से इशारा, और अपनी अगुंलियों से संकेत करता है, 14 उसके मन में उलट फेर की बातें रहतीं, वह लगातार बुराई गढ़ता है और झगड़ा-रगड़ा उत्पन्न करता है। 15 इस कारण उस पर विपत्ति अचानक आ पड़ेगी, वह पल भर में ऐसा नाश हो जाएगा, कि बचने का कोई उपाय न रहेगा॥
हे आलसी, चींटियों के काम पर ध्यान दे | नीतिवचन 6:6-11 04.10.2021 8:19
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:6-11 6 हे आलसी, चींटियों के पास जा; उनके काम पर ध्यान दे, और बुद्धिमान हो। 7 उन के न तो कोई न्यायी होता है, न प्रधान, और न प्रभुता करने वाला, 8 तौभी वे अपना आहार धूपकाल में संचय करती हैं, और कटनी के समय अपनी भोजन वस्तु बटोरती हैं। 9 हे आलसी, तू कब तक सोता रहेगा? तेरी नींद कब टूटेगी? 10 कुछ और सो लेना, थोड़ी सी नींद, एक और झपकी, थोड़ा और छाती पर हाथ रखे लेटे रहना, 11 तब तेरा क...
अपने पड़ोसी का कर्ज़दार न बन! | नीतिवचन 6:1-5 04.10.2021 9:22
आज का वचन ➤ नीतिवचन 6:1-5 1 हे मेरे पुत्र, यदि तू अपने पड़ोसी का उत्तरदायी हुआ हो, अथवा परदेशी के लिये हाथ पर हाथ मार कर उत्तरदायी हुआ हो, 2 तो तू अपने ही मूंह के वचनों से फंसा, और अपने ही मुंह की बातों से पकड़ा गया। 3 इसलिये हे मेरे पुत्र, एक काम कर, अर्थात तू जो अपने पड़ोसी के हाथ में पड़ चुका है, तो जा, उस को साष्टांग प्रणाम कर के मना ले। 4 तू न तो अपनी आखों में नींद, और न अपनी पलकों में झपकी आ...
मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं | नीतिवचन 5:21-23 02.10.2021 9:53
आज का वचन ➤ नीतिवचन 5:21-23 21 क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है। 22 दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फंसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा। 23 वह शिक्षा प्राप्त किए बिना मर जाएगा, और अपनी ही मूर्खता के कारण भटकता रहेगा॥
तू अपने ही कूंए से सोते का जल पिया करना | नीतिवचन 5:15-17 30.09.2021 11:23
आज का वचन ➤ नीतिवचन 5:15-17 15 तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कूंए से सोते का जल पिया करना। 16 क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए? 17 यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग औरों के लिये न हो।
अपने पांव को बुराई के मार्ग पर चलने से हटा ले | नीतिवचन 4:25-27 29.09.2021 6:35
आज का वचन ➤ नीतिवचन 4:25-27 25 तेरी आंखें साम्हने ही की ओर लगी रहें, और तेरी पलकें आगे की ओर खुली रहें। 26 अपने पांव धरने के लिये मार्ग को समथर कर, और तेरे सब मार्ग ठीक रहें। 27 न तो दहिनी ओर मुढ़ना, और न बाईं ओर; अपने पांव को बुराई के मार्ग पर चलने से हटा ले॥
धर्मियों की चाल चमकती हुई ज्योति के समान है | नीतिवचन 4:18 28.09.2021 7:37
आज का वचन ➤ नीतिवचन 4:18 18 परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है।
दुष्टों की बाट में पांव न धरना | नीतिवचन 4:13-17 27.09.2021 7:43
आज का वचन ➤ नीतिवचन 4:13-17 13 शिक्षा को पकड़े रह, उसे छोड़ न दे; उसकी रक्षा कर, क्योंकि वही तेरा जीवन है। 14 दुष्टों की बाट में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। 15 उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़ कर आगे बढ़ जा। 16 क्योंकि दुष्ट लोग यदि बुराई न करें, तो उन को नींद नहीं आती; और जब तक वे किसी को ठोकर न खिलाएं, तब तक उन्हें नींद नहीं मिलती। 17 वे तो दुष्टता से कमाई ह...
बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर | नीतिवचन 4:5-9 27.09.2021 7:52
आज का वचन ➤ नीतिवचन 4:5-9 5 बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर; उन को भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना। 6 बुद्धि को न छोड़, वह तेरी रक्षा करेगी; उस से प्रीति रख, वह तेरा पहरा देगी। 7 बुद्धि श्रेष्ट है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए। 8 उसकी बड़ाई कर, वह तुझ को बढ़ाएगी; जब तू उस से लिपट जाए, तब वह तेरी...
तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर तब जीवित रहेगा | नीतिवचन 4:1-4 24.09.2021 9:19
आज का वचन ➤ नीतिवचन 4:1-4 1 हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ। 2 क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो। 3 देखो, मैं भी अपने पिता का पुत्र था, और माता का अकेला दुलारा था, 4 और मेरा पिता मुझे यह कह कर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा।
हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो | नीतिवचन 4:1-2 23.09.2021 9:21
आज का वचन ➤ नीतिवचन 4:1-2 1 हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ। 2 क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो।
बुद्धिमान महिमा को पाएंगे | नीतिवचन 3:35 22.09.2021 9:05
आज का वचन ➤ नीतिवचन 3:35 35 बुद्धिमान महिमा को पाएंगे, और मूर्खों की बढ़ती अपमान ही की होगी॥
दुष्ट के घर पर यहोवा का शाप होता है | नीतिवचन 3:33-35 21.09.2021 9:37
आज का वचन ➤ नीतिवचन 3:33-35 33 दुष्ट के घर पर यहोवा का शाप और धर्मियों के वासस्थान पर उसकी आशीष होती है। 34 ठट्ठा करने वालों से वह निश्चय ठट्ठा करता है और दीनों पर अनुग्रह करता है। 35 बुद्धिमान महिमा को पाएंगे, और मूर्खों की बढ़ती अपमान ही की होगी॥
Similar podcasts
Replaio is not a podcast publisher; show names, artwork and audio belong to their authors and are distributed through public RSS feeds.