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Episodes

शिक्षा की सुध - The Never Growing Standards Of Indian Government Schools And Education (7 September 2022) 07.09.2022

हकीकत किसी से छिपी नहीं है कि बजट में शिक्षा पर खर्च का प्रावधान आवश्यकता से काफी कम होने की वजह से स्कूलों की दशा में सुधार नहीं आ पा रहा। इसकी वजह से जो थोड़े सक्षम हैं वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना बेहतर समझते हैं। इससे प्रोत्साहित होकर निजी स्कूलों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।

मेहनत के पसीने का सुख - Pleasure of Hard Work (Duniya Mere Aage, 06 August 2022) 06.09.2022

आज जो सेहत संबंधी जानकारी दी जाती है, वह बस यहां से वहां साझा कर ली जाती है। युवा उस पर अमल नहीं करते हैं। इसके बरक्स समाज में एक बुजुर्ग वर्ग भी है, जिसका कहना है कि जिस पसीने को बहाकर उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप, मधुमेह, माइग्रेन, तनाव जैसी हर बीमारी से निजात पाई जा सकती है, उसे काफी समय से अनदेखा किया जा रहा है। अपने समय के स्वस्थ और प्रसन्न मन के ये लोग कहते हैं कि बाहर धूप में निकलो, पसीना बह...

हादसों की सड़क - Carelessness On Road Leading To Death Due To Accidents (6 September 2022) 06.09.2022

महाराष्ट्र के पालघर में रविवार को हुए एक हादसे में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत ने एक बार फिर सड़कों पर मामूली लापरवाहियों की वजह से लोगों की जान जाने के मसले की ओर सबका ध्यान खींचा है। यों शायद ही ऐसा कोई दिन जाता हो, जब ऐसे हादसे नहीं होते हैं और उसमें लोगों की जान नहीं जाती हो, मगर इसकी गंभीरता को लेकर तभी बहस होती है, जब कोई मामला सुर्खियों में आ जाता है।

कुदरत की राह चलते-चलते - The Path of Nature (Duniya Mere Aage, 05 September 2022) 05.09.2022

बहुत से जीव ऐसे होते हैं कि जिनके विषय में हम कुछ भी नहीं जानते। अनजाने में उन छोटे-छोटे जीवों की परवाह नहीं करते जो प्रकृति के इशारे की वजह से पैदा होते हैं। वे अपना जीवन चक्र पूरा करते हैं और मर जाते हैं। इस तरह उनका अंत हो जाता है। लेकिन हम शायद ही कभी इस चक्र पर गंभीरता से विचार कर पाते हैं। ऐसे ही एक बार पत्ते के नीचे लटका प्यूपा पर नजर गई।

जोखिम का सफर - The Unsafe World For Women (5 Sept 2022) 05.09.2022

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, बराबरी आदि को लेकर चाहे जितने कड़े कानून बन जाएं, चाहे जितने जागरूकता अभियान चलाए जाएं, पर जब तक हमारे समाज की सोच में बदलाव नहीं आता, तब तक सही मायने में स्त्री बेखौफ होकर नहीं जी सकेगी। हरियाणा के फतेहाबाद में हुई घटना से एक फिर यही जाहिर हुआ है।

रास्ते निकल ही आते हैं - The Art of Living (Duniya Mere Aage, 02 September 2022) 02.09.2022

जीवन की शुरुआत सीखने से होती है। बच्चा सबसे पहले माता-पिता और परिवार से जीवन की तमाम बुनियादी चीजें सीखता है। खाने-पीने, उठने-बैठने का ढंग, अभिव्यक्ति की भाषा, बोलने का लहजा, सब कुछ वह माता-पिता और परिवार के सदस्यों से सीखना शुरू करता है। फिर उसी के आधार पर उसके जीवन की गतिविधियां चलनी शुरू होती हैं। उसके बाद तो सीखने का उसका सिलसिला पाठशाला, अपने दोस्त-मित्रों, हमउम्र और अपने आसपास की दुनिया से श...

कुंठा की हिंसा - Violence Against Women Out Of Frustration (2 September 2022) 02.09.2022

पिछले कुछ दिनों में सुर्खियों में आए ये मामले दरअसल इस तरह की घटनाओं की महज अगली कड़ियां हैं, जिसमें कथित तौर पर एकतरफा प्रेम और उसकी नाकामी से कुंठित होकर हिंसक हुए किसी युवक ने लड़की पर किसी हथियार से हमला कर दिया, तेजाब या पेट्रोल डाल कर जिंदा जला दिया या फिर सरेआम चाकू से गोद कर मार डाला।

सृजन के समांतर संदर्भ - Language And Literature (Duniya Mere Aage, 01 September 2022) 01.09.2022

दुनिया में अनेक तरह की भाषाएं हैं। हर भाषा अपनी तरह से अद्वितीय है। हर व्यक्ति को अपनी मातृभाषा जन्म से ही मिलती है, जिसके साथ वह सहज महसूस करता है। उसके आसपास का माहौल, परिवार, समाज सब उसे जो भाषा सौंपते हैं या जिनसे वह भाषा या बोली अर्जित करता है, वही उसकी समझ से लेकर अभिव्यक्ति का माध्यम बनता है। दरअसल, भाषा और बोलियां अर्जित होते हुए भी मानव के व्यक्तित्व का वह अटूट हिस्सा है, जिनके बगैर मनुष्...

अपराध और सवाल - Moosewala's Murder, A Question On Law and Order Of Punjab (1 September 2022) 01.09.2022

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अब तक कुछ अहम गिरफ्तारियां हुई हैं। इस हत्याकांड में शामिल दो निशानेबाज अपराधी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे भी गए थे। जिन लोगों को पकड़ा गया, उन्हीं से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस और जांच एजंसियां आगे बढ़ती रही हैं। जैसा कि पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड के पीछे सक्रिय गिरोहों का पता तो लग चुका है, बस उनके सरगना तक पहुंचना बाकी है

प्रेम की गंगा बहाते चलो - Helping Others (Duniya Mere Aage, 31 August 2022) 31.08.2022

हम सबका मन कहीं न कहीं किसी सपने को टटोलता रहता है। कुछ लोग सिर्फ अपनी आकांक्षा का पीछा करते हुए कांपते और हांफते रहते हैं, मगर कुछ लोग दूसरों के सपने साकार करने में मददगार बनते हैं। इस तरह अपना होना सार्थक करते हैं। दरअसल, दूसरों के लिए उपयोगी बनना मतलब समूल सृष्टि के हित में सहयोग देने जैसा है। पर न जाने क्यों, यह परोपकारी भाव लुप्त-सा होता जा रहा है। अगर कहीं है भी तो पूरे आडंबर और अहंकार के सा...

असुरक्षित लड़कियां - Increasing Crime Against Women (31 August 2022) 31.08.2022

झारखंड के दुमका की घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर सरकारों के पोलेपन को रेखांकित किया है। विचित्र है कि सरकारें महिला सुरक्षा के दावे तो खूब बढ़-चढ़ कर करती हैं, मगर असलियत यह है कि दिनोंदिन उनके खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। यह कानून से बेखौफ होने का ही नतीजा है कि अपराधी जघन्यतम अपराध करते और पकड़े जाने पर मुस्कराते हुए सलाखों के पीछे चले जाते हैं।

निज कवित्त एहि भांति न नीका - Meaning of Poetry (Duniya Mere Aage, 30 August 2022) 30.08.2022

कविता में लोगों की भावनाओं को गहराई तक प्रभावित करने की अद्भुत क्षमता हासिल किए बिना ही आज बहुत से लोग कवि होने का दावा करना चाहते हैं। ये लोग शायद यह मानते हैं कि पद्य रूप में कुछ लिख देने, उसे किसी तरह प्रकाशित करवा लेने और कुछ लोगों से उसकी तारीफ बटोर लेने से ही व्यक्ति कवि कहलाने का अधिकारी हो जाता है। कविता के संबंध में इससे बढ़ कर नासमझी भला क्या हो सकती है?

बढ़ता तनाव - China USA Rivalry, A Threat To The World (30 August 2022) 30.08.2022

ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच जैसा तनाव इन दिनों देखने को मिल रहा है, वह चिंताजनक है। लग रहा है जैसे दोनों देश युद्ध की ठाने बैठे हैं। ऐसा इसलिए कि ताइवान को लेकर चीन पीछे हटने वाला है नहीं और अमेरिका किसी भी कीमत पर ताइवान को चीन के हाथ में नहीं देना चाहता। जाहिर है, यह टकराव चलता रहेगा और इस बात का खतरा भी बढ़ता रहेगा कि कहीं यह इलाका भी जंग का वैसा केंद्र बन न बन जाए जैसा कि आज यूक्रेन बन...

अच्छा क्या और बुरा क्या - Opinions On Unemployement (Duniya Mere Aage, 29 August 2022) 29.08.2022

एक सज्जन ने बेहद फिक्र के साथ सोशल मीडिया में लिखा कि बेकारी ने युवाओं को कैसे-कैसे काम करने पर मजबूर कर दिया है, जहां न उनकी योग्यता की परख है और न जीने लायक पैसा। काम के घंटे भी तय नहीं। यह टिप्पणी फिक्र तो पैदा करती है, लेकिन समस्या गिना कर बात समाप्त कर दी जाए तो बात समाप्त नहीं हो जाती, बल्कि इसे औपचारिक होना कहते हैं। समस्या है तो समाधान भी तलाशिए और कोई विकल्प बताइए।

विलंबित न्याय - Delayed Justice A Big Problem In India (29 August 2022) 29.08.2022

एक बार फिर अदालतों में लंबित मामलों का मुद्दा उठा है। अवकाश प्राप्त प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने अपने विदाई भाषण में अदालतों में लंबित मुकदमों को बड़ी चुनौती बताया। इससे पहले अनेक मौकों पर यह बात दोहराई जा चुकी है। पिछले कुछ सालों में प्राय: हर प्रधान न्यायाधीश ने इस मसले पर चिंता जाहिर की है। इसके अलावा आम आदमी को शीघ्र और किफायती न्याया दिलाने का संकल्प भी अनेक बार दोहराया जा चुका है

मुखड़ा क्या देखे दर्पण में - Self-Obsession (Duniya Mere Aege, 26 August 2022) 26.08.2022

काशी का वह ज्ञानी, लेकिन मुंहफट जुलाहा सबको समझाता था ‘कागज की इक नाव बनाई, छोड़ी गहरे जल में, धर्मी कर्मी पार उतर गए, पापी डूबे जल में, तेरे दया धरम नहीं मन में, मुखड़ा क्या देखे दर्पण में’। इसके बावजूद दया धरम की गति इन छह सौ सालों में कुछ खास नहीं सुधरी है। उलटे, दर्पण में अपना मुखड़ा देखने की बीमारी महामारी में बदल गई है। आज कबीर जीवित होते तो भगवान के बनाए हर बंदे को मुग्ध होकर अपने मुखड़े को दिन...

अवैध की जमीन - Demolition of Illegal Construction (26 August 2022) 26.08.2022

जब भी किसी अवैध या अनधिकृत निर्माण को प्रशासन की ओर से ढहाया जाता है तो सरकार इसके पक्ष में तर्क देती है और आम लोग भी इसे कानूनसम्मत कार्रवाई मानते हैं। सही है कि अतिक्रमण के तौर पर बने ढांचों को तोड़ने की कार्रवाई को कानून के तहत ही अंजाम दिया जाता है, मगर आमतौर पर यह सवाल बहस से बाहर रह जाता है कि आखिर कोई व्यक्ति नियम-कायदों को ताक पर रख कर कोई इमारत कैसे खड़ी कर लेता है या फिर गलत तरीके से किसी...

सिमटती दुनिया की अमूर्त दीवारें - Mental Peace and Development (Duniya Mere Aage, 25 August 2022) 25.08.2022

आज हम गांव के खेतों की मेंड़ और कच्ची पगडंडी मापते हुए काफी दूर निकल आए हैं। कच्ची पगडंडियों का स्थान शहर के बीचोंबीच बने पार्क के खड़ंजेनुमा पटरी ने ले ली। मापी गई इस दूरी को भले ही भौतिक विकास यात्रा में प्राप्त सफलता के तौर पर देख सकते हैं, जहां सुख-सुविधाओं का बोलबाला है। जहां बात मानसिक और शारीरिक विकास की आती है तो यह दूरी बाधा स्वरूप ही दिखती है। बड़ी-बड़ी इमारतों के बीच बने छोटे-छोटे पार्क शाम...

बदजुबान नेता - Hyderabad Protest After BJP Leader Controversial Statements On Islam (25 August 2022) 25.08.2022

पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा की नेता नूपुर शर्मा की टिप्पणी से भड़का विवाद शांत हुए अभी दो महीने भी नहीं बीते कि अब तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा ने ऐसी ही हरकत कर माहौल बिगाड़ दिया। राजा ने सोमवार को हैदराबाद में एक वीडियो जारी किया था और उसमें इससे संबंधित आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था

भरोसे की टूटती डोर - Increasing Crime Rate (Duniya Mere Aage, 24 August 2022) 24.08.2022

समाज में विश्वास का इतना लोप कैसे होता जा रहा है। जबकि पुलिस ही लोगों को राय देती है कि कहीं बाहर जाएं, तो पड़ोसियों को बता कर जाएं। जिसे बता कर गए, अगर उसी के मन में खोट आ जाए जैसे कि उस व्यक्ति के दोस्त के मन में आ गया, या उसके जिसे घर में पनाह दी गई, तो क्या हो। आखिर इस बढ़ती नृशंसता और बढ़े हुए अहंकार का क्या इलाज है। धैर्य की कमी भी नजर आती है।

बारिश का कहर - Unbalanced Rainfall Due To Climate Change (24 August 2022) 24.08.2022

पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। ज्यादातर जगहों पर बाढ़ आ गई है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात से लेकर आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र तक में स्थिति भयावह है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में तो मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

स्नेह निर्झर बह रहा है - Meaning of True Love (Duniya Mere Aage, 23 August 2022) 23.08.2022

प्रेम तो प्रेम होता है। कहते हैं, एक और एक मिल कर दो होते हैं। यह गणित है, लेकिन एक और एक मिल कर एक ही रहता है, वह प्रेम है। अक्सर प्रेम को एक कोण से ही देखा जाता है, जबकि प्रेम बहुआयामी होता है। प्रेम तो स्वभाव में होता है। कभी स्रेह, कभी वात्सल्य, कभी करुणा, कभी अत्मीयता, कभी अपनापन, कभी सुख के रूप में परिलक्षित होता है। कई बार प्रेम अभिव्यक्त भी नहीं होता। शब्दों से परे और भावनाओं से लबरेज प्रे...

आतंक के ठिकाने - Russia- Ukraine War Making Ways For Terrorism Growth (23 August 2022) 23.08.2022

रूस और यूक्रेन के बीच लंबा खिंचता युद्ध तो चिंता पैदा कर ही रहा है, उससे भी बड़ा खतरा अब यह लग रहा है कि कहीं ये देश आतंकी गतिविधियों का भी केंद्र न बन जाएं। मास्को में हाल में हुई दो घटनाएं चौंकाने वाली रहीं।

सफलता का पैमाना - Measure Of Success (Duniya Mere Aage, 22 August 2022) 22.08.2022

आज व्यक्ति की सफलता का एकमात्र पैमाना भौतिकतावादी संस्कृति के नियमों पर आधारित है, जिसमें बहुत से अमानवीय दबाव स्वीकार करना और बाजार की निर्मम प्रर्तिस्पर्धा में शामिल होना जैसे अनिवार्य शर्त बन गई है। सफलता को सर्वोपरि मानते हुए तमाम सामाजिक मूल्यों को दरकिनार करना जैसे सामान्य बात हो गई है। जबकि सफलता का वास्तविक अर्थ वह है, जो व्यक्ति के अस्तित्व का विकास करे, संकीर्णता से मुक्त करके उसकी दृष्ट...

सरकार की मर्यादा - Government Protocol (22 August 2022) 22.08.2022

सरकारी कामकाज का एक तय तरीका होता है। उसकी अपनी मर्यादा होती है। उनके कुछ नियम-कायदे बने होते हैं। चाहे मंत्री हों या अफसर, सबसे उन तरीकों, मर्यादाओं और नियम-कायदों के पालन की अपेक्षा की जाती है। मगर सरकार के शीर्ष पदों का निर्वाह करने वाले कुछ लोग शायद इस तकाजे को भूल जाते या यह मान बैठते हैं कि वे जिस ढंग से काम करना चाहते हैं, वही तरीका उचित है।

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