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Jansatta संपादकीय Podcast - Editorial
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Episodes
कहां गए वे दिन – Good Old Days (Duniya Mere Aage, 23 September 2022) 23.09.2022 4:31
वे दिन, जब गांव या मोहल्ले के कोई बुजुर्ग राह चलते किसी साइकिल सवार को रोक कर उसे साथ बिठा कर ले चलने का आदेश दे देते थे। आज किसी से निवेदन करते हुए भी डर लगता है कि कहीं वह मना न कर दे। अगर बैठा भी लिया तो दिमाग में यह चलता रहता है कि किसी सही आदमी के साथ बैठे हैं या नहीं! जबकि उस समय ज्यादातर साइकिल वाले खुद ही रोक कर बाबा या चाचा बोल के बैठा लेते थे।
हादसे की कड़ियां - Road Accidents Due To Carelessness And Government Stand On That (23 September 2022) 23.09.2022 3:15
हादसों को लेकर सरकार और समाज जिस तरह सोचने लगा है, उसमें इस घटना को भी एक आम दुर्घटना के तौर पर दर्ज किया जाएगा और बात आई-गई हो जाएगी। मगर क्या कभी यह सोचने की जरूरत समझी जाती है कि ऐसे हादसों की वजहें क्या होती हैं और खासतौर पर किन कारणों से कुछ लोग सड़कों के फुटपाथ या डिवाइडर जैसी जगहों पर सोते हैं, जो कई बार उनके लिए जानलेवा साबित होता है!
भ्रष्टाचार का मलबा - Residue of Corruption (Duniya Mere Aage, 22 September 2022) 22.09.2022 5:06
नोएडा में जुड़वां मीनारें गिराए जाने के बाद तरह-तरह की बहसों का बाजार गर्म है। कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम नहीं, बल्कि किसी खास तरह की मर्दानगी का खेल बता रहे हैं। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार पर वार मानते हैं, तो कुछ लोग इसे अहंकार के सर्वोच्च शिखर का ढहना। बहसें यह भी हो रही हैं कि भारत जैसे देश में जहां गरीबी अभी तक भूतपूर्व नहीं हुई है, बल्कि अभूतपूर्व बनी हुई है, वहां दो सौ करोड़ की लागत...
खेल और खिलवाड़ - The Declining Standards Of Facilities For Sports And Sportspersons (22 September 2022) 22.09.2022 3:22
हमारे देश में सरकारी योजनाएं किस तरह भ्रष्टाचार और कदाचार का शिकार हो जाती हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं भी इससे अछूती नहीं हैं। इसका ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के लिए तैयार भोजन को शौचालय में रखने की घटना है। जब उस घटना का वीडियो बड़े पैमाने पर प्रसारित हो गया, तब प्रशासन की नींद खुली और...
कसौटी पर करुणा - Compassion on Test (Duniya Mere Aage, 21 September 2022) 21.09.2022 4:55
जब हम किसी को यह कहते सुनते हैं कि दया ही दुख का कारण है तो एकबारगी तो लगता है ये कैसी संवेदनहीन बात है। मगर जब अपने आसपास दया, करुणा और संवेदनाओं का खेल देखने में आता है, रोजमर्रा की जिंदगी में तरह-तरह के अनुभवों से गुजरना पड़ता है, तब लगता है कि यह बात उतनी भी गलत नहीं कि दया ही दुख का कारण है। दरअसल, बात एकबारगी तो नकारात्मक नजर आती है, मगर अपने सामाजिक दायित्वों को निभाते कई बार ऐसे अनुभवों से...
चंदे में पारदर्शिता - Black Money In The Name Of Donation For Political Parties (21 September 2022) 21.09.2022 3:19
राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने की मांग पुरानी है। कई लोग इस बात के पक्षधर हैं कि जिस तरह मतदाताओं को अपने प्रतिनिधि के बारे में जानने का हक है, उसी तरह उसके दल को मिलने वाले चंदे के बारे में भी जानकारी मिलनी चाहिए कि वह कहां से आया, किसने कितना चंदा दिया। मगर कोई भी दल इस पारदर्शिता के पक्ष में नहीं दिखता।
खूंटियों पर टंगे गांधी - Forgotten Gandhi (Duniya Mere Aage, 20 September 2022) 20.09.2022 5:21
जिस अनुपात में संसार का वैभव प्रदर्शन बढ़ रहा है, हाशिये के लोगों का दर्द भी उसी अनुपात में बढ़ता जा रहा। धनलिप्सा में सना स्वार्थ, सत्तालिप्सा की चालबाजियां, विकास के तमाम दावों के बीच आज गांधी कहीं नजर नहीं आते। हालांकि जो सबसे ज्यादा सुविधाओं में जीता है, वह बात करने के मोर्चे पर अक्सर गांधी की सादगी की दुहाई देता और इस तरह खुद को महान बताता दिख जाता है।
सराहनीय सहयोग - Darul Uloom Supports Survey Of Madarsas (20 September 2022) 20.09.2022 3:37
आखिरकार उत्तर प्रदेश में मदरसों के सर्वेक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर शक और विवाद की गुंजाइश समाप्त हो गई है। दारुल उलूम देवबंद ने इस सर्वेक्षण का स्वागत किया और इसमें सभी मदरसों से सहयोग देने की अपील की है। जमीअत-उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने इस सर्वेक्षण की तारीफ की और कहा कि इससे मदरसों में पढ़ाई-लिखाई का माहौल बेहतर होगा।
भूलते भागते क्षण - Origin of Cinema (Duniya Mere Aage, 19 September 2022) 19.09.2022 5:04
पुरानी दिल्ली से निकल कर सिनेमा के पर्दे पर छाए एक फिल्मी सितारे ने कहा कि फिल्मों पर पहला अधिकार तो सिनेमाघरों का ही है। सच यही है। एक पीढ़ी के लोगों को रह-रह कर वह जमाना याद आता है, जब खुशी और गम, दोनों दौर में सिनेमा ही सहारा था। परीक्षा खत्म हुई या पास हुए तो सिनेमा। हार गए, तो भी दिल बहलाने के लिए सिनेमा। टिकटों के लिए मारामारी और ‘ब्लैक’ तक।
जोखिम की सड़कें - Increasing Road Accidents Due To Rash Driving (19 September 2022) 19.09.2022 3:19
महानगरों में वाहनों की बढ़ती संख्या और मनमाने तरीके से वाहन चलाने की वजह से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े हर साल कुछ बढ़े हुए दर्ज होते हैं। इसे लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। सड़क हादसों पर काबू पाने के मकसद से यातायात नियमों में कड़े प्रावधान जोड़े और जुर्माने की राशि में बढ़ोतरी की गई। उसके बावजूद अपेक्षित नतीजे नहीं आ पा रहे।
सहज जिंदगी के मर्म - Finding Happiness (Duniya Mere Aage, 16 September 2022) 16.09.2022 4:46
बादलों के झुंड देख लगता है कि ये बादल कितने संगठित और भाईचारे की मिशाल पेश करते हैं। उनमें जाति, मजहब का कोई झगड़ा-टंटा नहीं है और न सीमा में दखल देने की शिकायत। लेकिन कई बार लगता है कि क्या कभी बादल भी परेशान होते हैं। इतने परेशान कि चीत्कार करने लगते हैं! क्या हवाओं की भी मनमानी चलने लगी है? हवाओं पर किसका बस चलने लगा है आजकल?
रियायत में विकल्प - New Rule Of Delhi Government On Free Electricity (16 September 2022) 16.09.2022 3:27
अब दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि उन्हीं लोगों को बिजली मुफ्त या सस्ती मिलेगी, जो इसकी मांग करेंगे। यानी अब उपभोक्ता चाहें तो मुफ्त बिजली की सुविधा लेना छोड़ सकते हैं। दिल्ली सरकार का कहना है कि कुछ लोगों की मांग थी कि जब हम बिजली का बिल चुका सकते हैं, तो हमें क्यों मुफ्त या रियायती बिजली दी जा रही है।
अंधेरे के बरक्स रोशनी की कीमत - Light Against Darkness (Duniya Mere Aage, 15 September 2022) 15.09.2022 5:08
मंच पर शानदार प्रस्तुति देने के बाद वहां से निकलते हुए वह गिर पड़ी, पैर में मोच आ गई। अब तक जो चक्कर पर चक्कर लेकर तेज गति में नृत्य कर रही थी, उसके लिए चल तक पाना मुश्किल हो गया। दैव और पुरुषाकार विषय का यह मारक उदाहरण है। उसकी काबिलियत थी कि अगर मंच पर चढ़ने से पहले वह गिर जाती, तब भी उसे नृत्य करना ही था, क्योंकि ‘शो मस्ट गो आन’।
दवा की कीमत - Excessive Rates Of Life Saving Medicines And Government's Action On It 15.09.2022 3:38
बाजार में जीवन रक्षक या बेहद जरूरी दवाएं ऊंची कीमतों पर मिल रही होती हैं और उन्हें हासिल कर पाने में केवल आर्थिक रूप से सक्षम तबका ही कामयाब हो पाता है। इस मसले पर सरकार की ओर से जताई जाने वाली फिक्र अक्सर सामने आती रही है। मसलन, मंगलवार को सरकार ने कहा कि आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में चौंतीस नई अतिरिक्त दवाओं को शामिल करने से कई गंभीर बीमारियां होने पर मरीजों का खर्च घटेगा।
आस्था के नाम पर - In The Name of Faith (Duniya Mere Aage, 14 September 2022) 14.09.2022 4:58
पूजा-पाठ देवी-देवताओं के प्रति आस्था का प्रगटीकरण है। पर जब यह प्रगटीकरण बेहद हल्के स्तर का बन जाए और उसमें भी प्रतिस्पर्धा होने लगे, तब फिर इसे आस्था का विकृतीकरण ही कहा जाना चाहिए। भारतीय संस्कृति के धार्मिक ग्रंथों में पेड़-पौधों से लेकर नदी-तालाबों तक में देवत्व की परिकल्पना करके पर्यावरण संरक्षण का जो आस्थाजनित संदेश दिया गया है, उसका अनुपालन हजारों वर्षों तक होता रहा और समाज प्रकृति के मूल स्...
विवेक की बलि - Commoners Taking Law Into Their Own Hands Against Criminals (14 Septemer 2022 ) 14.09.2022 3:18
यह समझना मुश्किल होता जा रहा है कि लोगों में असहनशीलता और हिंसा की प्रवृत्ति इतनी कैसे बढ़ रही है कि जिन मामलों में उन्हें कानून की मदद लेनी चाहिए, उनका निपटारा भी वे खुद करने लगते हैं और इसका नतीजा अक्सर किसी की मौत के रूप में सामने आता है। दिल्ली में जिस तरह एक व्यक्ति को मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में कुछ लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला, वह इसका ताजा उदाहरण है
चौराहे पर बत्तियों की बातें - Traffic Light (Duniya mere Aage, 13 September 2022) 13.09.2022 4:53
हमारे शहर में एक मशहूर चौराहा है- तीन बत्ती चौराहा। यह महज एक चौराहा नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिबिंब है। कहने को इस चौराहे पर कई सालों से तीन बत्तियां लगी हुई हैं, लेकिन आजकल अक्सर ये बंद ही पड़ी रहती हैं। हमारे शहर के तीन बत्ती चौराहे पर लगी हुई तीनों लाल, पीली और हरी बत्तियां महज यातायात संकेतक नहीं, बल्कि प्रजातंत्र की प्रतीक हैं।
दावों के बरक्स - Criminals With No Fear Of Law and Order (13 September 2022) 13.09.2022 3:31
उत्तर प्रदेश में जघन्य अपराधों के जैसे मामले सामने आ रहे हैं, उससे यही लग रहा है कि वहां आपराधिक मानस वाले लोग एक बार फिर बेखौफ होने लगे हैं। यों सरकार की ओर से अब भी इस दावे में कमी नहीं आई है कि वह राज्य को अपराधियों और अपराध से मुक्त कर देगी। लेकिन आए दिन जिस तरह गंभीर अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे सरकारी दावों की हकीकत का पता चलता है।
घुमक्कड़ी का घनत्व - Importance of Travelling (Duniya Mere Aage, 12 September 2022) 12.09.2022 4:44
मानव प्राणी सभ्यता के जन्म काल से ही किसी न किसी रूप में घूमने की अभिरुचि से जुड़ा हुआ है। प्राचीन काल से ही इसके स्वरूप और प्रकृति का विश्लेषण और विवेचन दुनिया में भिन्न-भिन्न आयामों में किया गया है। घूमने के अर्थ सह अभिप्राय को पर्यटन, देशाटन और यात्रा के सहचरी भाव से भी युक्त किया गया है।
महारानी एलिजाबेथ - Queen Elizabeth (12 Septemer 2022) 12.09.2022 3:31
वे सबसे लंबे समय तक ब्रिटेन की महारानी रहीं। सत्तर साल। इस बीच उन्होंने देश और दुनिया में आए अनेक राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे। कई ब्रिटिश उपनिवेशों को उजड़ते देखा तो अपने राजमुकुट पर उठते सवालों का भी सामना किया। अनेक बार सवाल उठे कि जब राजशाही समाप्त हो गई, लोकतंत्रीय व्यवस्था लागू हो गई, तब भी सर्वोच्च पद पर राजपरिवार के ही व्यक्ति को क्यों होना चाहिए।
जड़ता की अंधी गलियां - Stereotypes in Society (Duniya Mere Aage, 09 September 2022) 09.09.2022 4:25
हमारे देश की आजादी के पचहत्तर वर्ष पूरे हो गए हैं और इसे आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया भी गया। इस महोत्सव के मूल में ब्रिटिश हुकूमत से भारत की आजादी है। हम बाहरी ताकतों से देश के आजाद होने का उत्सव हर वर्ष मनाते ही हैं, लेकिन यह वर्ष विशेष रूप से उल्लेखनीय है। एक तरफ जब पूरा देश आजादी के इस महापर्व के उल्लास और उमंग में था तो दूसरी तरफ राजस्थान के एक स्कूल में हुई घटना हमें देश के भीतर की...
मदद बनाम वसूली - Government Schemes On Paper vs In Reality (9 September 2022) 09.09.2022 3:36
सरकार की ओर से योजनाओं की घोषणा जमीनी स्तर पर किस रूप में अमल में आती है, इसके उदाहरण अक्सर सामने आते रहे हैं। इसी कड़ी में यह भी देखा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत आनन-फानन में तमाम लोगों को राशि तो जारी कर दी गई, मगर अब वैसे बहुत सारे लोगों से पैसे वसूलने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिन्हें इसके लिए अपात्र माना गया है।
सुख से दुख की ओर जाती सड़कें - From Happiness to Sorrow (Duniya Mere Aage, 08 September 2022) 08.09.2022 4:52
हमारे देश में ‘गड्ढे वाली सड़कों’ का जुमला आम रहा है। अगर आप किसी भी जगह की सड़कें देखेंगे, तो आपको हर दिन कोई न कोई दुर्घटना या मौतें नजर आएंगी। ऐसी सड़कें तीन प्रकार की होती हैं। पहली प्राकृतिक विपदा वाली सड़कें, दूसरी सरकारी खुदाई वाली सड़कें और तीसरी ‘जो खोदे सो गिरे’ वाली सड़कें। प्राकृतिक विपदा वाली सड़कें ‘अलौकिक शक्तियों’ के प्रकोप का शिकार होती हैं।
सुविधा का टीका - Nasal Vaccine Of Covid, A Convinient Invention (8 September 2022) 08.09.2022 3:40
आज भी देश में हजारों लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं और इसकी वजह से लोगों के जीवन पर खतरा बना हुआ है। ऐसे में नाक के जरिए दिए जाने वाले टीके को मंजूरी मिलना आम लोगों की जिंदगी बचाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। अब उम्मीद की जानी चाहिए कि इंजेक्शन से डरने या हिचकने वाले लोग नाक के जरिए टीका लेने को लेकर सहज हो सकेंगे।
धुंध भरा इंतजार - The Time Changes (Duniya Mere Aage, 07 September 2022) 07.09.2022 4:53
देश में गंगा उल्टी होकर बहती है तो ऐसी धुंध पैदा हो जाती है कि खत्म ही नहीं होती। इस धुंध के आगे-आगे चलते हैं ऊंचे स्वर के कर्कश मसीहा, जो कल आपकी जिंदगी को दूभर कर रहे थे, आज उसे स्वर्ग बना देने की कसमें खाते हैं। या यों कह लें कि कल तक जो आपके घर में दूध में पानी मिला कर बेचते थे, उन्हें अगर आज मिलावट के विरुद्ध और कुपोषण के खिलाफ जंग छेड़ते देखते हैं, तो इसका अर्थ यह नहीं कि आपके इलाके में जल सं...
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