Renu Arun

Saahitya Ki Orr

Arts HI ↓ Odcinki: 144

Listen to the invaluable stories and poetries from our rich Hindi literature. Stories from eminent writers and creators like Munshi Premchand, Fanishwar Nath Renu, Amrita Pritam, Mahadevi Verma, and many more gems! Aaiye, hindi saahitya ko phir se jagaaein... Suniye adbhut aur atulniya kahaniyaan, mere yaani Renu ke saath. ☺️🙏🕯

Koniecznie odwiedź stronę podcastu i wesprzyj twórcę: podcasters.spotify.com

Autor

Renu Arun

Kategoria

Arts

Strona podcastu

podcasters.spotify.com

Ostatni odcinek

29 lut 2024

Gdzie słuchać?

Podcasty w aplikacji Replaio Radio Już wkrótce

Podcasty trafią do aplikacji już wkrótce. Zainstaluj teraz i jako pierwszy zobacz nowe podejście do podcastów

Pobierz z Google Play Zainstaluj za darmo Android prawie 10 mln pobrań · ocena 4,8 iOS niedługo

Odcinki

प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी - घर जमाई 25.10.2021

जब हरिधन के पास पैसा था तो उसके ससुराल में बेटों से भी बढ़कर प्यार मिलता था। लेकिन ज्यों ज्यों समय बीतता गया, सबके व्यवहार में परिवर्तन आ गया। अब वह घर जमाई बन चुका था और दस साल बीत चुके थे। लेकिन इन सालों में उसके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आया, जानने के लिए सुनिए ये कहानी - घर जमाई!!!!

मुंशी प्रेमचंद की एक बहुत ही प्रसिद्ध कहानी -. बड़े घर की बेटी 24.10.2021

आनंदी बड़े घर से आई है, उसे किफायत का इतना पता नही, जब उसके देवर ने चिड़िया लाकर पकाने को बोला, तब उसने हांडी में पड़ी पूरी घी डाल दी। जब लालबिहारी की दाल में घी नही था तो उसने बवाल किया। और इस घटना से उसका परिवार बिखरने पर आ गया। किंतु किस प्रकार एक बड़े घर की बेटी ने अपनी समझदारी और अक्लमंदी से टूटते हुए घर को बचाया? जानने के लिए सुनिए, ये कहानी - बड़े घर की बेटी!!!!!

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - सज्जनता का दंड 23.10.2021

एक बड़े जिले के इंजीनियर को सच्चाई, ईमानदारी और दयालु होने का इनाम, उनको ठेकेदारों, चपरासियों और भी सभी लोगों द्वारा किस प्रकार दिया गया । जानने के लिए सुनिए, ये कहानी - सज्जनता का दंड!!!!!!

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - घासवाली 22.10.2021

इस कहानी के शीर्षक में ही, इस कहानी का निचोड़ है। किस प्रकार एक गरीब नीची जाति की घासवाली को जब एक ऊंची जाति के पुरुष के द्वारा हाथ पकड़ लेने के कारण उसका न सिर्फ तमतमाना, बल्कि उस पुरुष चैनसिंह को भी उसकी पवित्र पति प्रेम देखकर वह भी एक नया रूप ले लेता है। एक निर्दय ठाकुर से वह दयालु और सबकी मदद करने वाला बन गया। और किस प्रकार वह अपनी एक गलती का पश्चाताप वह मुलिया और उसके पति की मदद करके करता है,...

मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी- गुल्ली-डंडा 21.10.2021

गुल्ली डंडा कहानी में बचपन के खेल किस तरह ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जात-पात आदि से दूर रहकर खेला जाता है। इसमें मुख्य दो ही पत्र हैं, एक थानेदार का बेटा और एक गरीब, दुबला पतला लड़का जो अपना दांव कभी भी किसी भी परिस्थिति में नही छोड़ता। वर्षों बाद जब वह एक बड़ा अफसर बनकर आया और गया के साथ वही खेल खेलता है, तो गया कैसा खेलता है ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी - गुल्ली डंडा!!!!

मुंशी प्रेमचंद जी की रचना- स्वामिनी 20.10.2021

एक स्त्री जो वैधव्य के दुख से आंसू बहाती है, अचानक जब घर की जिम्मेदारी उसके उपर आती है और पूरे घर की स्वामिनी बना दी जाती है , तब वह कैसे अपने दुख को भूल उस नई जिम्मेदारी ने उसमे एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया और किस तरह वह अपना सबकुछ न्योछावर कर के भी खुश रहती है , क्योंकि वह स्वामिनी है, पूरी कहानी जानने के लिए , सुनिए ये कहानी - स्वामिनी!!!!

मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी- चोरी 19.10.2021

एक क्षण बाद मैं गुड़-चबेना लेकर कोठरी से बाहर निकला। हलधर भी उसी वक्त चिउड़ा खाते हुए बाहर निकले। हम दोनो साथ - साथ बाहर आये और अपनी-अपनी बीती सुनने लगे। मेरी कथा सुखमय थी, हलधार की दुःखमय, पर अंत दोनो का एक था, गुड़ और चबेना। ऐसी कौन सी घटना है जिसका अंत लेखक के लिए सुखमय और उनके चचेरे भाई के लिए दुखमय हुआ? जानने के लिए, सुनिए ये कहानी- चोरी!!!!

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - सभ्यता का रहस्य 17.10.2021

इस कहानी में सभ्य और असभ्य की परिभाषा किस तरह बताई गई है, अनपढ़ गरीब या पढ़े लिखे ऊंचे ओहदे वाले में कौन असभ्य है? जानने के लिए सुनिए ये कहानी - सभ्यता का रहस्य!!!!

मुंशी प्रेमचंद की कहानी- समस्या 14.10.2021

जब ऑफिस का चपरासी गरीब मेहनत करता, सभी की जीहुजूरी बजाता, कभी भी गैर हाजिर नहीं होता तो सभी उसपर घुड़कियां देते, डांटते। लेकिन जब देवता को संतुष्ट करना सीख लिया, क्योंकि उसे अपनी प्रतिष्ठा का गुर हाथ लग गया था। उसके नाम में भी परिवर्तन हुआ ।अब वह गरीब से गरीबदास बन गया। अब न उसे घुड़कियाँ मिलती, ना ज्यादा दौड़ना पड़ता और न ही सहयोगियों के कटुवक्या सुनने पड़ते। फिर भी क्यों वो प्रतिष्ठा का मार्ग पत...

प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी - जुर्माना 13.10.2021

अल्लारखी कामचोर, बेअदब, फूहड़ और बदसूरत भी नही थी। ठंड के दिनों में भी पहर रात झाड़ू लेकर निकलती तो नौ बजे तक एक चित्त होकर झाड़ू लगाती। दारोगा खां साहब भी नेकनाम और दयालु थे। फिर भी पता नही क्यों जुर्माना कट जाता था। इस बार तो बीमार बच्ची के कारण दारोगा को गाली भी दी। इस बार क्या होगा, जानने के लिए सुनें कहानी - जुर्माना!!!!

मुंशी प्रेमचंद की रचना - पूस की रात 12.10.2021

पूस की रात कहानी के माध्यम से मुंशी जी ने किसानों की दशा का वर्णन किया है, किस प्रकार उनकी आर्थिक लाचारी, महाजनों का शोषण आदि का चित्रण किया है और इसके साथ ही उन्होंने मानवीय उदारता और सहृदयता को भी किस प्रकार अदभुत तरीके से दर्शाया है, जानने के लिए सुनें कहानी - पूस की रात!!!!!

प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी - दो भाई 30.09.2021

भाई जो बचपन में एक दूसरे के संग खाए खेले और एक को रोता देख दूसरा भी रोता। लेकिन वक्त बदला, और ऐसी क्या बात हुई कि वही भाई एक दूसरे की मृत्यु पर भी नही रोएंगे। ऐसे हालात हो गए, जानने के लिए सुनिए - ये कहानी!!!!!

प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी - सती 25.09.2021

मुलिया को देखते हुए उसका पति कल्लू कुछ भी नहीं है। फिर क्या कारण है कि मुलिया संतुष्ट और प्रसन्न है और कल्लू चिंतित और सशंकित? कल्लू क्यों सशंकित और मूल्य क्यों खुश है, जानने के लिए सुनिए ये कहानी- सती!!!!!

मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी - मेरी पहली रचना 21.09.2021

इस कहानी में प्रेमचंद जी ने अपने छात्र जीवन और उस समय की बातें कि कैसे वह बड़े-बड़े उपन्यास कार के उपन्यास के दीवाने थे। उसी दौरान उनके रिश्ते के मामू जो बिनब्याहे थे और अधेड़ हो चले थे। जब भी वह आते तो प्रेमचंद जी को पढ़ाई के उपर घुडकी देते। इस बात से चिढ़ कर उन्होंने उनके एक करतूत पर नाटक लिखे और अपने मित्रों को सुनाया। सभी ने खूब मजे लिए फिर उन्होंने उसे अपने मामू के तकिए के नीचे रख दिए, फिर क्...

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - बासी भात में खुदा का साझा! 20.09.2021

एक ऐसा व्यक्ति जो पहले नास्तिक था, लेकिन जब उसे नौकरी मिली तब श्रीमती जी ने ईश्वर का धन्यवाद किया और ईश्वर के गुणगान करने लगी। धीरे-धीरे वाह भी थोड़ा आस्तिक हो चला था लेकिन ऐसी क्या बात हो गई कि जब पत्नी ने ईश्वर को धन्यवाद और मन्नत पूरी करने को कहा तो, उसने क्या कहा? सुनिए, ये कहानी!!!!

प्रेमचंद की कहानी - मिस पद्मा 25.08.2021

इस कहानी में जब नायिका कानून में सफलता प्राप्त कर लेती है तो उसे एक नया अनुभव हुआ, वह था जीवन का सूनापन। पहले तो उसने विवाह को अप्राकृतिक बंधन समझा था और सोचा की स्वतंत्र रहकर जीवन का उपभोग करूंगी। फिर ऐसा क्या हुआ कि उसका विवाह भी हुआ और उसके पश्चात उसके जीवन में क्या घटना घटी ? जानने के लिए सुनिए कहानी - मिस पद्मा!!!!!

प्रेमचंद की कहानी- भूत 11.08.2021

पंडित सीतानाथ चौबे के पास किसी चीज की कमी न थी, वकालत अच्छी चल रही थी, सुगढ़ और निपुण जीवनसाथी , चार पुत्रों के पिता मतलब यह कि उनके पास किसी चीज की कमी न थी सिवाय उनकी कोई पुत्री न थी। इसका भी समाधान उन्होंने ढूंढ लिया अपनी पत्नी के सौतेली मां की चार वर्षीय बेटी को गोद लेकर। बहुत सुखी जिंदगी हो गई सब कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन ऐसी क्या बात हो गई कि दुर्भाग्य वश उनको अपनी गोद ली हुई बेटी से ही ब्य...

प्रेमचंद की कहानी - कुसुम 09.08.2021

दहेज के लोभी वर के कारण एक कन्या के मासूम हृदय पर किए गए आघात, जिसे वह बेचारी अपनी गलती मान कर क्षमा मांगते नही थक रही थी। उसे हर तरीके का दंड स्वीकार था इस रिश्ते को निभाने के लिए। लेकिन बाद में ऐसा क्या हुआ कि उसने स्वयं ही अपने आपको इस दुख से उबार लिया और फिर से नई जिंदगी जीने लगी ? जानने के लिए सुनिए कहानी- कुसुम!!!

प्रेमचंद की कहानी - स्वर्ग की देवी 06.08.2021

एक नारी की कहानी जिसने अपने ससुराल में हर तरह को परेशानियां को झेलते और तानों को सुनते हुए भी कभी अपने चेहरे पर शिकन नहीं आने दी । जब मां बनी तो उसने अपने बच्चों में अपनी खुशियां देखी। लेकिन दुर्भाग्यवश पहले सास ससुर और फिर उसके लाडलों का दुनिया छोड़ देना। इन सब ने उस अबला की दुनिया ही उजाड़ दी, वो हंसना, खेलना, साज श्रृंगार सब त्याग कर शोक में डूबी रहती। उसे तीज त्यौहार का भी ध्यान नहीं रहता। फिर...

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - गृह नीति 03.08.2021

इस कहानी में कहानी का नायक जिससे उसकी मां उसकी पत्नी की बुराई कर रही है, उसके कामों में खोट निकाल रही है। स्वयं से उसकी तुलना कर रही है। बेटा हरेक बात को सुनकर बड़े ही तार्किक ढंग से अपनी माता को समझाता है। फिर उसने किस प्रकार से अपनी पत्नी को एक नीति के अनुसार समझाता है कि वह वो सारे काम जो उसे नापसंद था या फिर उसे करना नहीं आता था करने को राजी होती है। यही है कि किस गृह नीति से वह बातों को बिना...

प्रेमचंद जी की कहानी - इस्तीफ़ा 31.07.2021

इस कहानी में एक कार्यालय के बाबू के जीवन को दर्शाया गया है, को अपने परिवार और दफ़्तर के बीच में पिसता तो है लेकिन कभी उफ नही करता। अपने अफसरों का हुक्म बजाता, समय पर अपने काम करता। लेकिन एक दिन ऐसा क्या हो गया कि उसके सब्र का बांध टूट गया और उसने अपने अफसर को पीट दिया? जानने के लिए, सुनिए कहानी-- इस्तीफ़ा!!!!!

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - विध्वंश 29.07.2021

इस कहानी में प्रेमचंद जी ने समाज के ऊंच नीच, जात पात के ऊपर प्रहार किया है। किस प्रकार एक गांव के रईस पंडितजी के द्वारा एक असहाय, विधवा बूढ़ी से बेगार काम कराना और फिर उसपर तरह तरह के अत्याचार करना। लेकिन, किस प्रकार जब एक गरीब की हाय लगती है, तो क्या होता है, सुनिए कहानी - विध्वंस!!!!!

मुंशी प्रेमचंद की एक और रचना - आखिरी हीला 28.07.2021

एक पत्नी द्वारा पति को बार बार कहना कि उसे भी शहर में जाकर अपने पति के साथ रहना चाहती है, जिसे एक लेखक पति द्वारा किस प्रकार और किस किस बहाने से उसको आने से रोकते हैं, सुनिए एक कहानी- आखिरी हीला!!!!

मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी - ठाकुर का कुआं 27.07.2021

एक अछूत परिवार की कहानी - ठाकुर का कुआं। गंगी अछूत बस्ती में रहती और उस बस्ती का अपना कोई कुआं न था। गंगी ने जो पानी भरी थी उसमे किसी जानवर के मरने के कारण पानी बदबूदार हो गया था। जोखू उसका बीमार पति जब पीने का पानी मांगता है, तो वह छुआछूत की बाधाओं को पार कर पानी लेने जाती है। चोरी छिपे वह ठाकुर के कुएं पर पहुंचती है, फिर क्या वह पानी भर पाएगी, जानने के लिए सुनिए- एक कहानी!!!!

मुंशी प्रेमचंद की कहानी - सच्चाई का उपहार 26.07.2021

इस कहानी में प्रेमचंद जी ने बालकों के मनोभावों को बहुत ही सरल और अनोखे ढंग से दर्शाया है। किस प्रकार वे आपस में नोक झोंक करते हैं, फिर डरते भी हैं कि कहीं शिकायत न हो जाए। लेकिन जब उनका ही साथी जिसको उन्होंने पीटा था और वे डरे हुए थे कि कहीं वो गुरुजी से उनकी शिकायत न कर दे, लेकिन उस बालक ने अपनी समझदारी का परिचय देते हुए, किस प्रकार उनके साथ व्यवहार करता है, सुनिए - एक कहानी!!!!!

Słuchaj podcastu Saahitya Ki Orr w Replaio

Radio i podcasty w jednej aplikacji - za darmo, bez zakładania konta. Zainstaluj już dziś i nie przegap premiery

Pobierz z Google Play

Replaio nie jest wydawcą podcastów; nazwy audycji, okładki i audio należą do ich autorów i są rozpowszechniane przez publiczne kanały RSS