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Naami Giraami

Naami Giraami is a Hindi podcast by Aaj Tak Radio on biographies of influential and powerful people. Audio packages on Stories and life journeys of famous personalities of India and around the world. Catch up with a new episode every Monday. नायक और खलनायक. विद्वान और महारथी. कला के ऐसे सितारे जो अब भी आसमान में चमकते हैं. और ऐसी हस्तियां जो इतिहास में अमर हैं. उजले व्यक्तित्व के धनी भी. और स्याह पहलुओं वाले लोग भी. ये वो लोग हैं जो मशहूर हैं. ये हैं, नामी गिरामी. सुनिए, हर सोमवार आज तक रेडियो पर.

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Odcinki

स्वामी विवेकानंद, पश्चिम को पूरब का दर्शन समझाने वाला संन्यासी: नामी गिरामी, Ep 128 20.12.2021

स्वामी विवेकानंद भारतीयता और यहां की संत परंपरा के ऐसे नायक हैं जिन्होंने इसकी पहुंच विदेशों तक की. उन्होंने दुनिया को भाईचारा और भारतीय दर्शन समझाया. युवाओं को अपने विचारों से नवजागरण के लिए एकजुट किया. नामी गिरामी के इस एपिसोड में अमन गुप्ता से सुनिए उनका सफ़रनामा.

बॉक्सिंग लीजेंड मोहम्मद अली अपना पुराना नाम सुनकर भड़क क्यों जाते थे : नामी गिरामी, Ep 127 13.12.2021

अमेरिका के महान बॉक्सर मोहम्मद अली को दुनिया का सबसे बड़ा हेवीवेट मुक्केबाज़ माना जाता है. वो तीन तीन बार हेवीवेट चैंपियन रहे और न जाने कितने ही मुकाबले उन्होंने अपने नाम किए लेकिन उनकी ज़िंदगी से कई ऐसे भी वाकये भी जुड़े रहे जो किसी बुरे सपने की तरह थे. नामी गिरामी में अमन गुप्ता लेकर आए हैं द ग्रेटेस्ट बॉक्सर मोहम्मद अली का सफ़रनामा.

पेशवा बाजीराव, जिसका हर युद्ध में जीतना तय था : नामी-गिरामी, Ep 126 06.12.2021

छत्रपति शाहुजी महाराज के पेशवा बाजीराव एक अद्वितीय योद्धा थे. उन्होंने अपनी ज़िंदगी में कभी कोई युद्ध नहीं हारा और मराठा साम्राज्य का विस्तार किया. और मस्तानी बाई से उनकी मुहब्बत एक मिसाल बनी. सुनिए नामी गिरामी के इस एपिसोड में पेशवा बाजीराव की कहानी अमन गुप्ता के साथ.

'आत्मघाती' जौन एलिया इतने बड़े शायर कैसे बने: नामी गिरामी, Ep 125 29.11.2021

एक शायर जिसकी दरख्तों पर इश्क़ लिखा मिलता था, जिसकी ज़बान पर उल्फ़त के चराग़ जला करते थे. जिसकी जुल्फों में मुहब्बत के परचम लहराते थे, जिसके कमरे में ग़ज़लें गश्त लगाती थीं. जिसकी कलम शेर उगलती थी. जिसको अंधरों से इश्क था और जो उजाला देख कर कांप जाता था. कभी ज़ुल्फ़ों को चेहरे से झटक कर शेर सुनाता था. कभी रो पड़ता था. कभी मोहब्बत के पहलुओं को समेटते हुए महफ़िल को लूट लिया करता था. वो जौन एलिया था....

गर्ल्स हॉस्टल में ब्लैक बोर्ड को शायरी क्यों सुनाने जाते थे मजाज़: नामी गिरामी, Ep 124 22.11.2021

मजाज़ लखनवी वो शायर जिसे ज़िंदगी पसन्द नहीं थी, लेकिन ज़िंदगी को बेहतरीन तरीके से लिखा. कभी मुहब्बत लिखी तो कभी इंक़लाब. किसी ने उसको उर्दू शायरी का कीट्स कहा तो किसी ने उसे इंकलाबी शाइर. लेकिन मजाज़ की शाइरी कभी किसी ख़ास रंग तक नहीं सिमटी. ज़िंदगी की मुश्किलों को लिखा तो मुल्क की ज़रूरत भी गाई. ज़िंदगी की तमाम हक़ीक़त और ज़रूरत को ग़ज़ल ओ नज़्म में पिरोकर दुनिया के नाम कर देने वाले मजाज़ पर सुनिए ‘नामी-गिराम...

संदीप उन्नीकृष्णन ने ताज हमले में आतंकियों से अकेले भिड़कर बचाई थी साथियों की जान : नामी गिरामी, Ep 123 15.11.2021

26 नवंबर 2008 को मुंबई आंतकी हमले से दहल उठी. इस हमले में एटीएस, सेना और पुलिस के कई जांबाज अधिकारी शहीद हो गए थे. उन शहीद अधिकारियों में से एक मेजर संदीप उन्नीकृष्णन भी थे. उन्होंने बड़ी बहादुरी से ताज होटल के भीतर आतंकियों का सामना किया था और वीरगति प्राप्त की. 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में सुनिए उन्हीं का सफ़रनामा अमन गुप्ता के साथ.

आदि शंकराचार्य, वो संत जिसने 7 वीं सदी में बिखरे हिंदू समाज को एकजुट किया : नामी गिरामी, Ep 122 08.11.2021

आदि शंकराचार्य एक ऐसे संत थे जिन्होंने अद्वैत वेदांत दर्शन के माध्यम से पूरे भारत का आध्यात्मिक पुनर्जागरण किया. केरल में पैदा हुए मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर मेंउन्होंने संन्यास धारण किया और केदारनाथ में समाधि ली थी. नामी गिरामी के इस एपिसोड में अमन गुप्ता लेकर आए हैं कहानी आदि शंकराचार्य की जो एक विद्वान संत होने के साथ-साथ दार्शनिक भी थे.

एस. एन सुब्बाराव से गांधियत सीखकर 600 डकैतों ने डाल दिए थे हथियार : नामी गिरामी, Ep 121 01.11.2021

एस. एन. सुब्बाराव गांधी विचारों को असल मायने अपनाने वाले ऐसे मनीषी हैं जिन्होंने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया. युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाने का प्रयास किया. और चंबल के डाकुओं तक को अहिंसा का पाठ पढ़ा दिया और उनके नेतृ्त्व में 600 से ज़्यादा डाकुओं का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने आत्मसमर्पण किया. सुनिए 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में उनका सफ़रनामा अमन गुप्ता के साथ

भारत को IIT और UGC देने वाले मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की कहानी : नामी गिरामी, Ep 120 25.10.2021

देश के पहले शिक्षामंत्री और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक थे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद. उनके शिक्षा के लिए दिए योगदान को भारत उनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के तौर पर याद करता है. आज नामी गिरामी में अमन गुप्ता से सुनिए मौलाना अबुल कलाम आज़ाद का सफ़रनामा.

सगाई की अंगूठी उतारकर कारगिल की जंग में लड़ने गए थे कैप्टन अनुज नय्यर: नामी गिरामी, Ep 119 18.10.2021

एक 24 साल का लड़का, जो हाल ही में भारतीय सेना का हिस्सा बना था. कुछ समय बाद ही कारगिल युद्ध के दौरान उसे जिम्मेदारी मिली पिंपल टू नाम से मशहूर, चोटी प्वाइंट 4875 को दुश्मनों के चंगुल से छुड़ाने की. इसकी ऊंचाई लगभग 16 हजार फीट थी. लेकिन उस युवा लड़के ने बिना किसी हवाई मदद के अपने सात सैनिकों के साथ दुश्मन से लोहा लेने के लिए कूच कर दी. आज नामी गिरामी में अमन गुप्ता लेकर आए हैं कहानी उसी कारगिल हीरो...

नेहरू के पैर छूने वाला कांग्रेसी, कैसे बन गया गैर-कांग्रेसवाद का सूत्रधार: नामी गिरामी, Ep 118 11.10.2021

आज़ादी के आंदोलन से निकले, बहुआयामी प्रतिभा के धनी राममनोहर लोहिया पक्के कांग्रेसी हुआ करते थे. फिर वह गैर-कांग्रेसवाद के पर्याय कैसे बने? पंडित जवाहर लाल नेहरू से उनकी राजनीतिक कशमकश क्यों चलती थी? नामी गिरामी में इस बार समाजवाद की एक नायाब परिभाषा गढ़ने वाले प्रखर चिंतक राम मनोहर लोहिया की कहानी सुनिए अमन गुप्ता से.

उमर शरीफ़, वो पाकिस्तानी कमेडियन जिसने स्टेज ड्रामों को रिकॉर्ड करना शुरू किया: नामी गिरामी, Ep 117 04.10.2021

उमर शरीफ़ पाकिस्तान के जाने माने कमेडियन थे और उनके चाहने वाले पूरे उपमहाद्वीप में मिल जाएंगे. उनके मज़ाकिया अंदाज़ को आज के कमेडियन फॉलो करते हैं. कहते हैं वो पाकिस्तान में चुटकुला कहते थे और कहकहे भारत में लगते थे. 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में अमन गुप्ता के साथ सुनिए कॉमेडी किंग उमर शरीफ़ का सफ़रनामा.

देश को दो प्रधानमंत्री देने वाले के कामराज और भगत सिंह के बीच क्या थी समानता?: नामी गिरामी, Ep 116 27.09.2021

सत्ता के बेहद करीब रहकर भी व्यक्तिगत तौर पर हमेशा ईमानदार रहे के कामराज यानी कुमारस्वामी कामराज भारतीय राजनीति में एक अद्भुत घटना थे. कोई उन्हें पॉलिटिकल मैनेजमेंट का उस्ताद कहता है, कोई उन्हें किंगमेकर कहता है. देश की आज़ादी के लिए लड़ने वाले कामराज ने नेहरू युग के बाद भारतीय राजनीति की दशा और दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई. 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में अमन गुप्ता से सुनिए उनकी कहानी. प्रोड्यू...

भीकाजी कामा, वो क्रांतिकारी महिला जिसने विदेश में अंग्रेज़ों के सामने फ़हरा दिया था भारतीय झंडा : नामी गिरामी, Ep 115 20.09.2021

आज़ादी की लड़ाई में मैडम भीकाजी कामा का नाम एक ऐसी महिला क्रांतिकारी के रूप में दर्ज है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मज़बूती दिलाई. वो खुलकर हिंसक आंदोलन की हिमायत करती थीं. सुनिए 'नामी गिरामी' में उनका सफ़रनामा अमन गुप्ता के साथ.

काका हाथरसी, हिंदी के ऐसे व्यंग्यकार जिनकी अंतिम यात्रा में लोग ठहाके मारकर हंस रहे थे: नामी गिरामी, Ep 114 13.09.2021

'काका हाथरसी' ऐसे जनकवि हैं,जो व्यवस्था और उसे चलाने वालों पर कविता की चाशनी में लिपटे ऐसे तीखे व्यंग्य बाण छोड़ते थे कि जिस पर निशाना साधा जा रहा था, उसको भी मुस्कुराना ही पड़ता था. आम से लेकर ख़ास आदमी किसी को वो नहीं छोड़ते थे. काका हिंदी विधा में व्यंग को लाने वाले पहले कवि माने जाते हैं. इस नामी गिरामी में अमन गुप्ता लेकर आए हैं उन्हीं का सफ़रनामा.

कहानी नूर जहां की, जो लता मंगेशकर से पहले स्वर कोकिला हो सकती थीं : नामी गिरामी, Ep 113 06.09.2021

नूर जहां पाकिस्तान की वो फ़नकारा का थीं जो भारत में रहतीं तो लता मंगेशकर की जगह होतीं. वे ऐसी साहसी कलाकार भी थीं जिन्होंने सरकार के कार्यक्रम में फ़ैज़ की नज़्म सुनाने की हिम्मत की जिनसे सरकार नफ़रत करती थीं. और गाने के साथ-साथ उन्होंने अपने अभिनय से भी लोगों को मुरीद बना लिया. सुनिए उन्हीं नूर जहां का सफ़रनामा अमन गुप्ता के साथ.

डॉ. राधाकृष्णन से मिलकर भावुक हो गया था तानाशाह जोसेफ़ स्टालिन: नामी गिरामी, Ep 112 30.08.2021

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और विचारक थे. उन्हें भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति होने का गौरव प्राप्त है. उनके जीवन से जुडे़ प्रसंग 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में लेकर आए हैं अमन गुप्ता. प्रोड्यूसर: शुभम तिवारी साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी

मीराबाई, जिन्होंने पूरे समाज से लड़कर कृष्ण से लगाई प्रीत: नामी गिरामी, Ep 111 23.08.2021

16वीं शताब्दी में राजस्थान के शाही परिवार में जन्मी मीरा बाई सबसे ज्यादा प्रसिद्ध रहस्यवादी कवयित्री थीं. उन्होंने हिंदी साहित्य के स्वर्णिम युग को अपनी रचनाओं से समृद्ध किया और जिस श्रद्धा-प्रेम से भगवान कृष्ण की भक्ति की वैसी न किसी ने उनसे पहले की और न उनके बाद. नामी गिरामी के इस एपिसोड में अमन गुप्ता लेकर आए हैं कहानी कृष्ण को भगवान से बढ़कर मानने वाली मीराबाई की.

चंगेज़ ख़ान, मंगोलिया का वो 'शैतान' जिसके सामने चीन ने टेक दिए थे घुटने: नामी गिरामी, Ep 110 16.08.2021

13वीं सदी की शुरुआत में उत्तर-पश्चिमी एशिया में छोटे से कबीले से निकले चंगेज़ ख़ान को दुनिया एक क्रूर शासक के तौर पर जानती है. उसने लाशों के ढेर पर चढ़कर विजय पताकाएं फ़हराईं और दुनिया के कम से कम पांचवे हिस्से तक अपना कब्ज़ा कर लिया. उसके सामने चीन के बड़े बड़े वंश तक झुक गए थे. अमन गुप्ता से सुनिए उसी चंगेज़ ख़ान की कहानी जिसे कोई शैतान मानता है तो कोई मसीहा. प्रोड्यूसर: शुभम तिवारी साउंड मिक्सि...

एक क्रांतिकारी जिनके जीवन दर्शन से अब्दुल कलाम प्रेरणा लेते थे: नामी गिरामी, Ep 109 09.08.2021

अरविंद घोष को उनके पिता 'अंग्रेज़' बना देना चाहते थे. लेकिन उनसे देशवासियों का दर्द देखा नहीं गया. देश सेवा के लिए उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की सबसे सम्मानित नौकरी ठुकरा दी और क्रांतिकारी बन गए. लेकिन कालांतर में इस गरम मिज़ाज के क्रांतिकारी ने अध्यात्म की राह क्यों चुनी और उनके नाम से महर्षि कैसे जुड़ गया, 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में सुनिए अमन गुप्ता से.

शिव मंगल सिंह सुमन, जिनकी कविताओं को लोग अटल बिहारी का समझ लेते हैं: नामी गिरामी, Ep 108 02.08.2021

शिवमंगल सिंह सुमन हिंदी साहित्य में एक जाना-माना नाम है. प्रगतिशील लेखन के अग्रणी कवि सुमन स्वतंत्रता, देशभक्ति और स्वाभिमान पर काफी ओजस्वी रहे हैं. उन्हें दिनकर, नागार्जुन जैसे कई नामचीन और बड़े कवियों के समकक्ष खड़ा किया जाता है. 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में अमन गुप्ता लेकर आए हैं उन्हीं का सफ़रनामा.

वेलुपिल्लई प्रभाकरन, श्रीलंका को गृहयुद्ध में धकेलने वाला तमिल राष्ट्रवादी : नामी गिरामी, Ep 107 26.07.2021

वेलुपिल्लई प्रभाकरन ने श्रीलंका में तमिलों की आवाज़ उठाई लेकिन इस आवाज़ की आड़ में जमकर आतंक का शोर भी मचाया. उसके संगठन LTTE ने भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी, श्रीलंका के राष्ट्रपति प्रेमदासा समेत न जाने कितने ही लोगों की हत्या की है, बावजूद इसके श्रीलंकाई तमिलों में उसे एक शहीद के रूप में देखा जाता है, लेकिन ज्यादातर आलोचक उसे कुख्यात और परिष्कृत विद्रोही ही मानते हैं. नामी गिरामी के इस एपिसो...

लाला लाजपत राय, जिनकी मौत का बदला लेने के लिए भगत सिंह ने कर दी सांडर्स की हत्या: नामी गिरामी, Ep 106 19.07.2021

28 जनवरी, 1865 को पंजाब के फिरोज़पुर ज़िले के धुडीके गांव में पैदा हुए लाला लाजपत राय ने स्वंत्रता की लड़ाई में अहम योगदान दिया था. वे कांग्रेस के गरम दल के अहम नेता थे और उन्होंने आज़ादी के हमेशा उग्र रवैया अपनाने की हियामत की. 1928 में साइमन कमीशन का विरोध करने पर अंग्रेज़ों की लाठियों से आई गंभीर चोटों के बाद उनकी मौत हुई. और उन्हीं की मौत का बदला लेने के लिए भगत सिंह ने सांडर्स की हत्या कर दी थी...

दिलीप कुमार, लाउड एक्टिंग के ज़माने में मौन की भाषा से संवाद करने वाला अभिनेता: नामी गिरामी, Ep 105 12.07.2021

98 साल का लंबा जीवन जीने के बाद बॉलीवुड का सबसे दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार 7 जुलाई को इस दुनिया से रुख़सत हो गया. उन्हें मेथड एक्टिंग का माहिर और अभिनय का स्कूल कहा जाता है. इस बार 'नामी गिरामी' में अमन गुप्ता लेकर आए हैं फ़नकार दिलीप कुमार का सफ़रनामा.

कारगिल हीरो विजयंत थापर की कहानी जिन्होंने दिलाई थी तोलोलिंग पर विजय: नामी गिरामी, Ep 104 05.07.2021

26 दिसंबर 1976 को जन्मे कैप्टन विजयंत थापर आर्मी की 2 राजपूताना राइफल रेजिमेंट में बतौर लेफ्टिनेंट तैनात हुए थे. विजयंत की बटालियन ने जब 13 जून 1999 को तोलोलिंग जीता, तो वो कारगिल में हिंदुस्तानी फौज की पहली जीत थी. सुनिए उस जीत और कैप्टन विजयंत थापर के जज़्बे की कहानी अमन गुप्ता के साथ.

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