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Pravachans / Moral-Stories / Chantings / Bhajans - by Mahatmas of Vedanta Ashram, Indore
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17 mar 2024
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एकश्लोकि श्रवण माला - 5 17.03.2021 1:13:09
वेदान्त श्रवण माला के अंतर्गत एकश्लोकी ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन पूज्य गुरूजी स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने बताया की इस परम ज्योति की खोज की यात्रा में जैसे-जैसे हम किसी दिव्य ज्योति की अपार कृपा और आशीर्वाद का ज्ञान प्राप्त करते हैं उसके अनुरूप हमारी भावना की उचित अभिव्यक्ति भी करने लगते हैं। हम लोग सूर्य देवता को अर्ग्य देने के द्वारा उनके अपार आशीर्वाद के प्रति अपनी कृज्ञता अभिव्यक्त करने लगते...
एकश्लोकि श्रवण माला - 4 16.03.2021 1:08:24
वेदान्त श्रवण माला के अंतर्गत "एकश्लोकि" नामक प्रकरण पर चर्चा करते हुए ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने आगे बताया की अपनी इन्द्रियों को प्रकाश का स्रोत जानने से एक बहुत बड़ी उपलब्धि होती है, और वो यह है की हम चेतना को भी प्रकाश देखने लगते हैं। हमारी ज्योति की खोज हमें अपने अंदर मोड़ने लगाती है। एक एक इन्द्रियों के स्तर पर हमें यह अभ्यास करना चाहिए जिससे यह निश्चय दृढ़ हो जाय...
एकश्लोकि श्रवण माला - 3 15.03.2021 1:04:24
वेदान्त श्रवण माला के अंतर्गत " एकश्लोकि " नामक प्रकरण पर चर्चा करते हुए ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने अभी तक के प्रसंग का निचोड़ बताया की जब एक जिज्ञासु किसी महात्माजी से पूछता है की हे प्रभु हमें आत्म-ज्ञान का सीधा और सरल रास्ता बताएं तो उन्होंने उसे मात्र एक प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने की सलाह दी - कि हम सब किस ज्योति के प्रकाश में अपने जीवन की विविध अनुभूतियाँ प्र...
एकश्लोकि श्रवण माला - २ 14.03.2021 1:02:45
श्रवण माला कार्यक्रम के अंतर्गत " एकश्लोकि " नामक प्रकरण पर चर्चा करते हुए इस ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन पूज्य स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने आत्म-ज्ञान की जिज्ञासा से युक्त व्यक्ति को सीधी एवं सरल साधना बताते के इच्छा से युक्त आचार्य कहते हैं की यह तुम जानते हो की प्रत्येक अनुभूति में किसी न किसी इष्ट विषय को जानने, प्राप्त करने और अनुभव करने का प्रयास होता है। विषय जड़ होते हैं अतः सभी अनुभूतियों में...
एकश्लोकि श्रवण माला - १ 13.03.2021 51:27
एकश्लोकि श्रवण माला का शुभारम्भ करते हुए पूज्य गुरूजी श्री स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने एकश्लोकि नामक प्रकरण के रचयिता / विषय / अधिकारी एवं प्रयोजन के बारे में चर्चा करी। इसके रचयिता भगवान श्री आदि शंकराचार्य जी महाराज हैं। यह रचना केवल एक श्लोक मात्र की है, लेकिन इसमें गुरु और शिष्य का पूरा संवाद विराजमान है। एक जिज्ञासु किसी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ विद्वान् के पास जाता है और उनसे यह जानना चाहता ह...
(मराठी) अध्याय १८ : मोक्ष संन्यास योग 18.02.2021 1:13:11
त्याग और संन्यास की व्याख्या ,तीनों गुणोंके अनुसार ज्ञान, कर्म , कर्ता, बुद्धि, धृति और सुख के अलग अलग भेद और अंत में श्री गीताजी का माहात्म्य.
(मराठी) अध्याय १७ : श्रद्धात्रयविभागयोग 18.02.2021 1:05:29
सात्त्विक, राजसी , तामसी श्रद्धा का परिचय किया गया है . आहार, यज्ञ, तप और दान के श्रद्धा अनुसार वर्गीकरण और ॐ तत्सत का प्रयोग .
(मराठी) अध्याय १६ : दैवासुरसम्पद्विभागयोग 18.02.2021 1:00:52
दैवी और आसुरी गुणोंका वर्णन, आसुरी सम्पदावालोंके लक्षण और उसके अधोगतिके बारेमे बताया गया है . और शास्त्र अनुकूल आचरण के लिये प्रेरणा दी गयी .
(मराठी) अध्याय १५ : पुरुषोत्तमयोग 18.02.2021 1:10:28
संसारवृक्ष का वर्णन किया गया है. भगवतप्राप्त्तिका उपायबताया गया है .और क्षर, अक्षर, पुरुषोत्तम का वर्णन किया गया है .
(मराठी) अध्याय १४ : गुणत्रयविभागयोग 17.02.2021 1:00:03
प्रकृति के तीनों गुणोका वर्णन और गुणातीत के लक्षण.
(मराठी) अध्याय १३ : क्षेत्र-क्षेत्रग्य विभागयोग 15.02.2021 2:19:54
इस अध्याय में क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ का विवेक और अंतमे ज्ञानी के लक्षण इसके बारे में बताया गया है.
(मराठी) अध्याय १२ : भक्तियोग 15.02.2021 1:10:54
इस अध्यायमे भगवानकी साकार और निराकार उपासकोकी गति ,साधना का स्वरुप और अंत मे भक्त के लक्षण बताये गये है.
(मराठी) अध्याय ११ : विश्वरुपदर्शनयोग 15.02.2021 1:01:34
भगवानके द्वारा अपने विश्वरुपका वर्णन और विश्वरूप दर्शनकी महिमा इस अध्यायमे है.
(मराठी) अध्याय १० : विभूति योग 15.02.2021 1:01:01
गीता के इस अध्याय में भगवान ने अपनी विभूतियों की चर्चा करि हैं।
(मराठी) अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग 10.02.2021 1:07:00
गोपनीयअति पवित्र सभी विद्याओकी राजा ऐसी विद्या और जगत कीउत्त्पत्ति के बारेमे चर्चा.
(मराठी) अध्याय ८ : अक्षरब्रह्मयोग 09.02.2021 56:54
इस अध्याय में अर्जुनके ब्रह्म, अध्यात्मऔर कर्मदिके बारेमे प्नश्नोके उत्तर और भिन्न भिन्न गतियोकी चर्चा है.
(मराठी) अध्याय ७ : ज्ञान विज्ञान योग 08.02.2021 59:07
इस अध्याय में ईश्वर के बारे में परिचय मिलता है।
(मराठी) अध्याय ६ : आत्मसंयम योग 08.02.2021 44:44
इस अध्यायमे ध्यान की अंतरग साधना के बारेमें बताया गया है।
(मराठी) अध्याय ५ : कर्म संन्यास योग 08.02.2021 44:14
इस अध्याय में भगवान् अर्जुन को कर्म के क्षेत्र में रहकर कैसे कर्म से निवृत्त हुआ जाता है, उस विषयक ज्ञान देते हैं।
(मराठी) अध्याय ४ : ज्ञान कर्म संन्यास योग 08.02.2021 1:03:52
इस अध्याय में भगवान् अर्जुन को कर्म के क्षेत्र में रहकर कैसे कर्म से निवृत्त हुआ जाता है, उस विषयक ज्ञान देते हैं।
(मराठी) अध्याय ३ : कर्म योग 07.02.2021 1:00:28
इस अध्याय में भगवान् अर्जुन को कर्म का आध्यात्मिक दृष्टी से महत्त्व और योगदान बताते हैं।
(मराठी) अध्याय २ : सांख्य योग 07.02.2021 51:35
यह अध्याय सम्पूर्ण गीता का सार है। इसका प्रारम्भ अर्जुन की शरणागति से प्रारम्भ होता है और समापन स्थित प्रज्ञ के वर्णन से होता है - सम्पूर्ण आध्यात्मिक यात्रा। #gita #marathi #sankhya_yoga
शिव-महिम्न स्तोत्र के श्लोकों का पाठ 07.02.2021 26:15
शिव-महिम्न स्तोत्र के 43 श्लोकों का पाठ पूज्य गुरुजी श्री स्वामी आत्मानन्द सरस्वतीजी द्वारा
(मराठी) अध्याय १ : अर्जुन-विषाद योग 07.02.2021 50:59
जब तक रोगी की समस्या समझ में न आये तब तक उपचार का स्वरुप समझ में नहीं आता है। अतः गीता का पहला अध्याय अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें अर्जुन की वास्तविक समस्या का विवरण प्राप्त होता है।
(मराठी) भगवद गीता की भूमिका 07.02.2021 52:02
Swamini Poornanandaji talks about the background, story and objective of Srimad Bhagwad Gita - in Marathi
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