Sachin Gangwar
Sahityalaya
कहानियों का खज़ाना
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Autor
Sachin Gangwar
Categoria
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Último episódio
30 de jun de 2024
Onde ouvir?
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Episódios
कहानी | दो वृद्ध पुरूष | लियो टॉल्सटॉय 26.11.2022 26:24
मन चंगा तो कठौती में गंगा।
कहानी | अनमोल भेंट | रबीन्द्रनाथ टैगोर 14.11.2022 14:32
एक नौकर का अपने मालिक के प्रति ऐसा समर्पण भाव शायद ही किसी ने देखा हो। इसके बावजूद उसे धक्के देकर घर से निकाल दिया गया। आखिर क्यों ??
कहानी । सवा सेर गेहूं । मुंशी प्रेमचंद 01.11.2022 18:58
शंकर ने महाजन से सवा सेर गेहूं लिए थे। लेकिन उसे क्या पता था कि इसकी कीमत चुकाने के लिए उसे दूसरा जन्म लेना पड़ेगा।
कहानी। रामलीला। मुंशी प्रेमचंद 25.10.2022 21:16
अपनी जेब भरने के लिए, रामलीला के आयोजक इतना गिर जाएंगे ! यह किसी ने नहीं सोंचा था।
कहानी । सती । मुंशी प्रेमचंद 17.10.2022 34:57
एक वीरांगना जिसका पति जीवित था, फिर भी उसने सती होने का निर्णय लिया । आखिर क्यों ?
कहानी। बीस साल बाद। ओ॰ हेनरी 05.10.2022 5:55
दो दोस्तों ने बीस साल बाद एक निश्चित स्थान और निश्चित तारीख पर मिलने का वादा किया । लेकिन यह मुलाकात ऐसी होगी ! उन दोनों में से किसी ने नहीं सोंचा था।
कहानी। सुलह। आचार्य चतुरसेन शास्त्री 17.09.2022 11:58
कई बार वैमनस्य की ग्रन्थियां भोले-भाले बालकों की तुतलाती सहृदय वाणी के मार्मिक आघात पाकर सहज ही खुल जाती है। ‘सुलह’ ऐसी ही एक कहानी है।
कहानी | मोटर के छींटे | मुंशी प्रेमचंद 03.09.2022 11:51
एक पंडित जी तैयार होकर जजमान के यहां जाने के लिए घर से निकले। लेकिन रास्ते में जब एक मोटर के छींटे उन पर पड़े। वह आगबबूला हो गए और इन लोगों को सबक सिखाने की ठान ली।
कहानी | गुल्ली-डंडा | मुंशी प्रेमचंद 21.08.2022 23:23
दो बचपन के दोस्त जब बीस साल बाद मिलते हैं । पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। इन्हीं यादों का हिस्सा था ‘गुल्ली-डंडा’ का खेल। पुनः वह गुल्ली-डंडा खेलने का निर्णय लेते हैं। लेकिन उन्हें महसूस होता है कि अब सबकुछ बदल चुका है। इसी बदलाव को इस कहानी में दिखाया गया है।
कहानी। अपनी-अपनी दौलत। कमलेश्वर 13.02.2022 11:31
एक कलाकार के लिए इनाम से बढ़कर कुछ नहीं होता.
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