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Naami Giraami

Naami Giraami is a Hindi podcast by Aaj Tak Radio on biographies of influential and powerful people. Audio packages on Stories and life journeys of famous personalities of India and around the world. Catch up with a new episode every Monday. नायक और खलनायक. विद्वान और महारथी. कला के ऐसे सितारे जो अब भी आसमान में चमकते हैं. और ऐसी हस्तियां जो इतिहास में अमर हैं. उजले व्यक्तित्व के धनी भी. और स्याह पहलुओं वाले लोग भी. ये वो लोग हैं जो मशहूर हैं. ये हैं, नामी गिरामी. सुनिए, हर सोमवार आज तक रेडियो पर.

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Categoria

Society

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5 de mai de 2025

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Episódios

अनिल बिस्वास: ऑर्केस्ट्रा और कोरस की शुरूआत करने वाले संगीतकार 01.06.2020

सिनेमा के शुरूआती दिनों में संगीतकार अनिल बिस्वास ने फ़िल्म संगीत में नए प्रयोग किए. उनकी पहचान फ़िल्म संगीत को आधुनिक बनाने वाले पुरोधा के रूप में होती है. मुम्बई आने से पहले उन्होंने आज़ादी के आंदोलन में भाग लिया और क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े रहे. 31 मई को उनकी बरसी होती है, उनके जीवन का रोमांचक सफ़र सुनिए आज तक रेडियो के इस पॉडकास्ट में अंजुम शर्मा के साथ.

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय और वन्दे मातरम गीत की यात्रा 29.05.2020

आज बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि है. बंकिम बाबू ने वंदे मातरम गीत रचकर गुलाम हिंदुस्तान को वो तोहफा दिया था जिसे आज़ादी के बाद भी देश ने सहेजकर रखा. आज इस गीत के प्रादुर्भाव, यात्रा और रूपों पर नज़र डाल रहे हैं नितिन ठाकुर.

वीर सावरकर: हिंदुत्व की राजनीति के पितामह 28.05.2020

विनायक दामोदर सावरकर के दो रूप देखे जाते हैं. एक वो सावरकर जिन्होंने 1857 के विद्रोह को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा, जिन्होंने महारानी विक्टोरिया की मौत पर नासिक में आयोजित शोक सभा का विरोध किया था. यहां तक कि वे ब्रिटिश विरोधी गतिविधियों के तहत अंग्रेज़ अधिकारियों की हत्या, साज़िश में शामिल हुए और कालापानी की सज़ा भी काटी. लेकिन इसके उलट एक सावरकर वो भी थे जो जेल की सज़ा के बाद दिखलाई पड़ते ह...

भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाले 'प्रथम सेवक' थे जवाहर लाल नेहरू! 27.05.2020

जवाहर लाल नेहरू न केवल एक शीर्ष कोटि के राजनेता थे बल्कि अद्भुत वक्ता, गांधी के घोषित उत्तराधिकारी और एक लेखक भी थे. नेहरू ने एक बार कहा था कि लोग उन्हें प्रधानमंत्री नहीं, प्रथम सेवक समझें. नेहरू के भीतर अगर आपको उतरना हो तो उसका सबसे अच्छा ज़रिया उनके लिखे-कहे को पढ़ना है. उनके लेखन में ऐसा क्या ख़ास था और नेहरू ने आख़िर भारत को क्या दिया? सुनिये आज तक रेडियो के इस पॉडकास्ट में अंजुम शर्मा के साथ

3 ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले हॉकी लीजेंड बलबीर सिंह की दास्तान 26.05.2020

भारतीय हॉकी को नया मक़ाम दिलाने वाले और कई कीर्तिमान अपने नाम करने वाले बलबीर सिंह सीनियर देश के बेहतरीन सेंटर फॉरवर्ड में से एक थे. 25 मई 2020 यानि सोमवार को पंजाब के मोहाली में उनका निधन हो गया. आनंद श्रीवास्तव के साथ सुनिए उनके जीवन और उपलब्ध्यिों का सफरनामा.

जब सुनील दत्त ने अपनी पार्टी पर सवाल उठाए और इस्तीफ़ा दे दिया 25.05.2020

सुनील दत्त के जीवन के कई शेड्स रहे. अभिनय की दुनिया से लेकर एक राजनेता के रूप में भी उन्होंने प्रभावशाली काम किया. हालांकि वो एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें जीवन में काफी संघर्ष करना पड़ा. अपने बेटे संजय दत्त को लेकर वो कितने उतार-चढ़ाव से गुज़रे सब जानते हैं लेकिन अपनी बेटी प्रिया दत्त के लिए कैसे थे उनके पिता, और कैसा रहा उनका फ़िल्मी-फ़िल्मेतर सफ़र सुनिए अंजुम शर्मा के साथ आज तक रेडियो के इस पॉडकास्ट में...

राजीव गांधी के वो फ़ैसले जिन्होंने बदला भारतीयों का जीवन 21.05.2020

21 मई 1991 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में हुए आत्मघाती धमाके की गूंज जब थमी तो भारतीय राजनीति में एक लंबा सन्नाटा पसर गया. भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 46 साल की उम्र में आतंकवादी हमले में मौत से दुनिया अवाक़ रह गई. आज के नामी गिरामी में राजीव गांधी और उनके लिए अहम फ़ैसलो को याद कर रही हैं पूनम कौशल

कौन हैं डॉ. एंथनी एस फाउची जो राष्ट्रपति की भी बात काट देते हैं 20.05.2020

डाक्टर एंथनी एस फाउची आज अमेरिका की कोरोना वायरस टास्क फोर्स के मुखिया हैं. संकट के इस दौर में अमेरिका ही क्या दुनिया भर में मीडिया और दर्शकों से रूबरु वे एक सबसे जाना पहचाना चेहरा हैं. सवाल ये है कि मेरीलैंड की रिसर्च लैब से लेकर आज कोरोना पर सबसे प्रमाणिक आवाज़ और चेहरा बनने का ये सफर डा. फाउची ने कैसे पूरा किया. बता रहे हैं अखिल मित्तल.

जब रिक्शाचालक ने सुमित्रानंदन पंत को कहा 'बहुरिया' 20.05.2020

सुमित्रानंदन पंत प्रकृति और काव्य को समानार्थी बनाने वाले कवि थे. उन्होंने वीणा, पल्लव, ग्राम्या, चिदंबरा, कला और बूढ़ा चांद जैसी महत्वपूर्ण कृतियां लिखीं और प्रकृति के रंगीन स्वरूप को अपनी कविताओं में घुलाया मिलाया. उनके प्रकृति प्रेम और जीने के अंदाज़ को जानिए आज तक रेडियो के इस पॉडकास्ट में अंजुम शर्मा से

महज़ 26 साल की उम्र में गिरीश कर्नाड ने लिखा था 'तुग़लक़' 19.05.2020

गिरीश कर्नाड ने जिस समय नाटक लिखने की शुरुआत की, उस समय भारतीय रंगमंच की दुनिया में खेले जाने वाले नाटक बेहद कम थे. तुग़लक़ और हयवदन जैसे प्रसिद्ध नाटक लिखने वाले गिरीश कर्नाड ने हिंदी और कन्नड़ सिनेमा में भी कई सफल भूमिका निभाईं. वे एक निर्देशक, पटकथा लेखक, प्रशासक और एक्टिविस्ट भी रहे और हमेशा रचनाशील रहे. आज तक रेडियो के इस पॉडकास्ट में उनके नाटककार रूप को याद कर रहे हैं, अंजुम शर्मा

जसदेव सिंह: जिनकी आवाज़ से लोगों ने देखे खेल 18.05.2020

जसदेव सिंह, एक आवाज़ जिसके साथ हमने क्रिकेट बॉल के पीछे दौड़ लगाई ,लपक लिया, पिच के उछाल को महसूस किया, ओलंपिक की मशाल की लौ की आंच से गर्मा गए. हॉकी के वर्ल्ड कप को तो जैसे हर सुनने वाले ने खुद छुआ हो. उस आवाज़ ने ख्वाज़ा के दर पर मन्नत के धागे बांधे, करोड़ों देशवासियों को नेहरू-शास्त्री की निर्जीव देह के दर्शन कराए और आंसुओं से तर कर दिया.आज़ादी और गणतंत्र दिवस का आंखों देखा हाल हमें सुनाया, कभी लाल क...

मृणाल सेन: जिनकी फ़िल्मों में होता था क्रूर सत्य और राजनीतिक संदेश 14.05.2020

मृणाल सेन ने अपनी फिल्मों के ज़रिए न सिर्फ अपने युग, अपने काल खंड को दुनिया के सामने रखा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास समेट कर संजोया है. उनकी बनाईं फ़िल्में आने वाले पीढ़ियों के लिए फ़िल्म विधा की पाठ शाला हैं. इस पॉडकास्ट में सुनिए भारत के मशहूर फ़िल्मकार मृणाल सेन का स़फरनामा अखिल मित्तल के साथ.

शमशेर बहादुर सिंह : जिनकी कविताओं से कवि भी सलाह लेते हैं 12.05.2020

शमशेर बहादुर सिंह को हिंदी कविता में प्रेम का बड़ा कवि माना जाता है. कहते हैं वो प्रेम के विराट बिंब रचते थे. छायावाद के बाद के काल में दैहिक सौंदर्य की जो छवियां शमशेर ने रचीं वैसी शायद ही किसी ने रची हों. शमशेर बहादुर सिंह की पुण्यतिथि पर सुनिए अंजुम शर्मा यह पॉडकास्ट आज तक रेडियो पर.

सआदत हसन मंटो: मुक़दमे झेलने वाला बेपरवाह कहानीकार 11.05.2020

मंटो दुनिया की परवाह से जुदा थे, वे जो लिखना चाहते थे, लिखते थे और खुलकर लिखते थे. मंटो पर कहानियों में अश्लीलता के आरोप भी लगे. कई बार अदालती कार्यवाहियों में उलझना पड़ा लेकिन एक भी मामला साबित नहीं हो पाया. मंटो के जन्मदिन पर सुनिए मंटो से जुड़े क़िस्से 'आज तक रेडियो' पर अंजुम शर्मा के साथ.

गिरिजा देवी: जिनकी गायकी में पूरा बनारस गूँजता था 08.05.2020

गिरिजा देवी को भारतीय संगीतज्ञों की उस श्रेणी में रखा जाता है जिन्होंने लोक और शास्त्र दोनों का हाथ पकड़कर संगीत की परम्परा को समृद्ध किया है। यही कारण है कि जब उन्होंने ठुमरी को परिष्कृत कर लोकप्रिय बनाया तो उन्हें ठुमरी साम्राज्ञी कहा जाने लगा। गिरिजा देवी यानी अप्पा जी की गायिकी का सफ़रनामा सुनिये आज तक रेडियो पर अंजुम शर्मा के साथ।

बिरहा दा सुल्तान : शिव कुमार बटालवी 06.05.2020

केवल 36 बरस का जीवन जीने वाले शिव बटालवी के लेखन का जादू आज भी बरकरार है. शराब में डूबकर लिखने वाले इस शायर के लेखन का नशा लोगों के सिर चढ़कर बोलता था. उनके गीतों की तर्ज़ पर बॉलीवुड फिल्मों में गीत लिखे जाते हैं. सबसे कम उम्र में साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने वाले इस लेखक की आज पुण्यतिथि है. उनके लेखन और जीवन के क़िस्से सुनिए आज तक रेडियो पर अंजुम शर्मा के साथ.

कार्ल मार्क्स पर दो सदी बाद भी इतनी बहस क्यों 05.05.2020

परिवर्तन की प्रक्रिया को सबसे ज़्यादा प्रभावित करने वाले कार्ल मार्क्स आज ही के दिन पैदा हुए थे. दुनिया की बेहतरी में उन्होंने वैज्ञानिक ढंग से समाज की व्याख्या की. मार्क्स के विचार आज के दौर में कितने प्रासंगिक हैं, सुनिये 'आज तक रेडियो' पर अंजुम शर्मा के साथ

टीपू सुल्तान: लड़ाई में पहली बार रॉकेट का इस्तेमाल करने वाला शासक 04.05.2020

टीपू सुल्तान एक जांबाज़ योद्धा थे, जिसे अंग्रेज़ों ने एक समय अपना सबसे बड़ा शत्रु माना था. 4 मई 1799 को चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध में अंग्रेज़ों से लड़ते हुए टीपू वीरगति को प्राप्त हुए. आज तक रेडियो पर सुनिए, इस दुस्साहसी सेनानायक की कहानी अंजुम शर्मा से

लियोनार्दो द विंची ने 'मोनालिसा' ही नहीं 'हथियार' भी बनाए हैं 02.05.2020

आधुनिक युग की कई मशीनों की परिकल्पना देने वाले लियोनार्दो द विंची ने 2 मई 1519 को इस दुनिया से विदा ली थी. वे केवल चित्रकार नहीं थे. उनके अध्ययन का क्षेत्र बहुत बड़ा था. सुनिये, लियोनार्दो द विंची की पुण्यतिथि पर आजतक रेडियो की प्रस्तुति अंजुम शर्मा के साथ.

ऋषि कपूर: 21 साल की उम्र में 'मुल्क' को बनाया 'दीवाना' 30.04.2020

ऋषि कपूर के अभिनय को दो सदियों में बांटकर देखा जाए तो जो ऋषि कपूर बीसवीं सदी में अभिनय का पहाड़ चढ़ रहे थे, 21वीं सदी में वो उस पर अपने नाम का झंडा गाड़ चुके थे. ऋषि कपूर का सफ़रनामा सुनिए अंजुम शर्मा के साथ 'आजतक रेडियो' पर.

इरफ़ान, जिसने बनाया सिनेमा का नया मीडियम 29.04.2020

इरफ़ान की ख़ासियत थी उनकी बोलती आंखें. इरफ़ान अगर अपनी ज़ुबान से कुछ ना भी कहें तो भी पर्दे पर उनकी आंखों से स्क्रिप्ट पढ़ी जा सकती थी. सुनिए इरफ़ान के अभिनय का सफ़र, अंजुम शर्मा के साथ आज तक रेडियो पर.

सौ की उम्र में भी बच्चों सी नटखट थीं ज़ोहरा आपा 27.04.2020

जब 1998 में ज़ोहरा सहगल को पद्मश्री मिला तो उनके सम्मान में एक पार्टी रखी गयी थी। 85 बरस की ज़ोहरा सहगल ने कहा कि वो आएंगी लेकिन कार में नहीं बाइक पर बैठ कर आएंगी। और ऐसा ही हुआ वो बाइक पर ही बैठ कर आईं। सुनिए ऐसे ही किस्से ज़ोहरा सहगल के जन्मदिवस पर, अंजुम शर्मा से

रामधारी सिंह दिनकर: जो राष्ट्रीय चेतना का दिनकर था 24.04.2020

रामधारी सिंह दिनकर की कविता की सबसे बड़ी उपलब्धि ये रही कि वे आम से लेकर ख़ास आदमी तक की जुबान पर चढ़ गईं. उनकी कविता किसी चौहद्दी में नहीं बंधी थी, न ही वो बौद्धिकता की ओर ताकती थी। दिनकर की जयंती 23 सितंबर के मौके पर अंजुम शर्मा से सुनिए उनकी कविताओं पर ये ख़ास पॉडकास्ट.

शेक्सपियर: जिसने गढ़े भाषा के नए मुहावरे 23.04.2020

शेक्सपियर ने अंग्रेज़ी भाषा में लगभग 1500 से 2000 शब्द पहली बार इस्तेमाल किए थे. इस पॉडकास्ट में जानिए ऐसे ही शब्द, कहावतों के बारे में जिन्हें हम रोज़मर्रा के जीवन में प्रयोग करते हैं और उनका श्रेय जाता है, शेक्सपियर को. अंजुम शर्मा की पेशकश

लेनिन: मज़दूरों का वो नेता जिसने बनाई पहली कम्युनिस्ट सरकार 22.04.2020

22 अप्रैल 1870 को व्लादिमीर लेनिन का जन्म हुआ था. क्रांति के इस मजदूर को समाजवाद का अग्रणी नेता कहा जाता है. ऐसा नेता जिसने स्वेच्छाचारी शासन के ख़ात्मे और अभिजात वर्ग तथा राजनीति में चर्च की शक्ति के अंत को सम्भव कर दिखाया. लेनिन के जीवन पर सुनिये यह विशेष पॉडकास्ट अंजुम शर्मा के साथ.

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