AKTANU899

कविताएं (Poetry Hindi -Urdu)

Arts HI ↓ 441 episódios

I like poetry. I have made this podcast to recite some of my favourite poets poem and some of my own.

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Autor

AKTANU899

Categoria

Arts

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Último episódio

12 de jul de 2026

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Episódios

चिड़ियों ने पर्वत पर घोंसला बनाया (वंशी और मादल) 27.07.2025

वंशी और मादल ठाकुर प्रसाद सिंह के संथाली ताप में ताए छोटे छोटे गीतों का अमूल्य संग्रह है

आछी के बन (वंशी और मांदल ) 27.07.2025

वंशी और मांदल ठाकुर प्रसाद सिंह के संथाली ताप में ताए छोटे छोटे गीतों का अमूल्य संग्रह है

नदिया का घना घना कूल है (वंशी और मादल) 27.07.2025

वंशी और मादल ठाकुर प्रसाद सिंह के संथाली ताप में ताए छोटे छोटे गीतों का अमूल्य संग्रह है

पात झरे फिर फिर होंगे हरे (वंशी और मांदल) 27.07.2025

वंशी और मांदल ठाकुर प्रसाद सिंह के संथाली ताप में ताए छोटे छोटे गीतों का अमूल्य संग्रह है

चलो चलें चम्पागढ़ सपनों के देश(वंशी और मांदल) 27.07.2025

वंशी और मांदल ठाकुर प्रसाद सिंह के संथाली ताप में ताए छोटे छोटे गीतों का अमूल्य संग्रह है

कबसे तुम गा रहे, कबसे तुम गा रहे (वंशी और मादल) 27.07.2025

वंशी और मादल ठाकुर प्रसाद सिंह के संथाली ताप में ताए छोटे छोटे गीतों का अमूल्य संग्रह है

अब मत सोचो (वंशी और मादल) 27.07.2025

वंशी और मादल, ठाकुर प्रसाद सिंह की संथाली गीतों के ताप में ताए छोटे छोटे अमूल्य गीतों का संग्रह है

खुली हथेली और तुलसी गंध 25.07.2025

ठाकुर प्रसाद सिंह की कविता जो काशी के प्रति उनके गहने अनुराग का प्रतीक होते के साथ-साथ पढ़ने वाले को काशी का भ्रमण करा देती है

मधुशाला ७० 05.07.2025

मधुशाला ७०

मधुशाला ८८ 05.07.2025

मधुशाला ८९

मधुशाला ८८ 05.07.2025

मधुशाला ८८

मधुशाला ८७ 05.07.2025

मधुशाला ८७

मधुशाला ८५ 05.07.2025

मधुशाला ८५

मधुशाला ८४ 05.07.2025

मधुशाला ८४

मधुशाला ८३ 05.07.2025

मधुशाला ८३

मधुशाला ८२ 05.07.2025

मधुशाला ८२

मधुशाला ८१ 05.07.2025

मधुशाला ८१

मधुशाला ८० 05.07.2025

मधुशाला ८०

मधुशाला ७९ 05.07.2025

मधुशाला ७९

मधुशाला ७८ 05.07.2025

मधुशाला ७८

मधुशाला ७७ 05.07.2025

मधुशाला ७७

मधुशाला ७५ 05.07.2025

मधुशाला ७५

मधुशाला ७४ 05.07.2025

मधुशाला ७४

मधुशाला ७३ 05.07.2025

मधुशाला ७३

पछाड़ते -पछाड़ते 04.07.2025

केदारनाथ अग्रवाल की एक छोटी सी कविता पकी उम्र में प्रेम मृत्यु के द्वार पर खड़े जीवन में भी,जीने की उत्कट आकांक्षा पैदा कर देता है

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