AKTANU899

कविताएं (Poetry Hindi -Urdu)

Arts HI ↓ 441 episódios

I like poetry. I have made this podcast to recite some of my favourite poets poem and some of my own.

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Autor

AKTANU899

Categoria

Arts

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Último episódio

12 de jul de 2026

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Episódios

वो जा रहा है कोई शबे गम गुजार के 06.09.2021

फै़ज़ की नज़्म का हिस्सा।परिचय की कोई जरुरत नहीं।

कनुप्रिया (पहला गीत) 04.09.2021

राधा कृष्ण के संबंधों के अर्थ ढूंढ़ती हुयी धर्मवीर भारती की कालजयी रचना।क्या है कनुप्रिया होना ।

तुम मेरे पास होते हो गोया। जब कोई दूसरा नहीं होता।। 04.09.2021

"मोमिन" उर्दू के मशहूर शायर जिनके इस शे'र पर गा़लिब ने कहा कि मेरा सारा दीवान ले लो और मुझे यह शे'र दे दो। राहत-फ़जा़ - राहत देने वाला , जि़क्रे -अग़्यार - प्रतिद्वन्दी की चर्चा (talk of competitor) ,हर्फ़ -शब्द , नासेह -उपदेशक( preacher), अर्ज़ -प्रार्थना (request) मुज़तरिब - व्याकुल

कोई गीत गाता हूं मैं (नीरव) 03.09.2021

कुछ प्रश्न एक दूसरे से याद करने और याद आने के बारे में।

हयात मौत से टकरा गई तो क्या होगा 01.09.2021

एहसान दानिश की गज़ल़ । न रहनुमाओं की मजलिस में ले के चलो मुझको।मैं बेअदब हूं, हंसी आ गई तो क्या होगा। मुन्तिज़र हैं -प्रतीक्षारत हैं (waiting),शबाबे-लाला-ओ-गुल-फूलों का यौवन यहां तात्पर्य बसंत ऋतु से है। खि़जां-सिरिश्त -पतझड़ सरीखी (like autumn)

यहां सांस ले संभल के 31.08.2021

एहसान दानिश की खूबसूरत गज़ल़ ।इसकी एक पंक्ति काबिले गौर है "तेरी बेझिझक हंसी से न हो किसी का दिल मैला"

गा़लिब श्रृंखला 2 (तुमने क्या मजा पाया ) 29.08.2021

गा़लिब का ग़ज़लों और शेरों को कहने का अपना अंदाज़ है।गा़लिब को पढ़ना जीवन को पढ़ने जैसा है। आसानी के लिए कुछ शब्दों के अर्थ दिए गएं हैं। जी़स्त-जिंदगी ,जीवन (life),दर्दे-लादवा -लाइलाज मर्ज़ (incurable disease)

1.क्या क्या समझ बैठे थे हम। 2. रात भी नींद भी कहानी भी 28.08.2021

फि़राक़ गोरखपुरी के जन्म दिवस पर उनकी गज़लों के हिस्से।

द्रौपदी के भीष्म से प्रश्न भाग1( नीरव) 28.08.2021

द्रौपदी के भीष्म से प्रश्न एक प्रयास उस सभा में जहां द्रौपदी के स्त्रीत्व, अस्मिता को अपमानित किया गया उसी सभा में धर्म की रक्षा करने का दंभ भरने वाले भीष्म के मौन से है।क्यों भीष्म का मौन इतना महत्वपूर्ण और इतना क्रोध करने योग्य है।

उस पागल के बारे में 26.08.2021

प्रेम वार "बटनी"

दर्द ने बढ़कर थाम लिया 25.08.2021

प्रगतिशील शायर गुलाम रब्बानी ताबां की एक गज़ल़।

मैं अपनी पीर सुनाता 25.08.2021

ये ईट्स की कविता की चार लाईनें हरिवंशराय बच्चन जी द्वारा अनुवादित उनकी पुस्तक बसेरे से दूर से।बस चार पंक्ति यां परंतु प्रभावशाली।

गा़लिब श्रृंखला 1 24.08.2021

गा़लिब के बारे में कोई क्या कहे। गा़लिब के बाद उर्दू शायरी की दिशा ही बदल गई।गा़लिब विद्रोही शायर थे जब उर्दू शायरी हुस्न -इश्क़ ,जाम -मीना ऐसे ही विषयों में भटक रही थी गा़लिब ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों से जो लिखा वो बेमिसाल है।गा़लिब को मोहमल (अर्थहीन)कहने वाला शायर कहा गया।

सितारों तुम तो सो जाओं 22.08.2021

क़तील शिफा़ई उर्दू के मशहूर शायर ।उनकी एक ग़ज़ल।

इन कदमों की आहट जान लेते हैं। 22.08.2021

फि़राक़ गोरखपुरी उर्दू के मशहूर शायर जिनका नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। उनकी बहुत प्रसिद्ध नज्म का एक छोटा सा हिस्सा।

कविताएं (Poetry Hindi -Urdu) (Trailer) 22.08.2021

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