AKTANU899
कविताएं (Poetry Hindi -Urdu)
I like poetry. I have made this podcast to recite some of my favourite poets poem and some of my own.
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Autor
AKTANU899
Categoria
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Último episódio
12 de jul de 2026
Onde ouvir?
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Episódios
हिंडोला 01.05.2022 4:01
फ़िराक़ गोरखपुरी
सोच 23.04.2022 1:55
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़म न.कर,ग़म न कर 23.04.2022 0:48
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तेरी आवाज़ (2) 22.04.2022 1:55
साहिर लुधियानवी
गुलशन का कारोबार चले 21.04.2022 1:29
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नया स़फर है, पुराने चिराग़ गुल कर दो 21.04.2022 2:20
साहिर लुधियानवी
तेरी आवाज़ (1) 21.04.2022 1:48
साहिर लुधियानवी
शामे-अयादत(आमदे महबूब) 06.04.2022 4:31
फ़िराक़ गोरखपुरी
वो जा रहा है कोई शबे-गम गुजा़र के 23.03.2022 0:57
फै़ज़
कनुप्रिया( दूसरा गीत) 22.03.2022 1:39
धर्मवीर भारती
कहां तक चलोगे किनारे किनारे 21.03.2022 1:09
रज़ा हमदानी
कनुप्रिया (तीसरा गीत) 21.03.2022 1:40
धर्मवीर भारती
वो क्यों कर याद आते हैं। 21.03.2022 1:20
हसरत मोहानी
बस तुम ढूंढ़ते रहे सुख अपना 16.03.2022 0:53
नीरव
हमेशा यूं ही होता है 12.03.2022 1:28
निदा फा़ज़ली
अब खुशी है 12.03.2022 0:59
निदा फ़ाज़ली
मैं जीवन हूं 12.03.2022 1:22
निदा फा़ज़ली
अगर सुन लो तो इक बात मेरे दिल में आई है 10.03.2022 2:18
फ़िराक़ गोरखपुरी
शामे अयादत (आमदे महबूब) 09.03.2022 4:31
फ़िराक़ गोरखपुरी
ज़िंदगी आग भी पानी भी 07.03.2022 2:45
फ़िराक़ गोरखपुरी की ग़ज़ल
कुछ फ़िराक़'अपनी सुनाओ ,कुछ जमाने की कहो 07.03.2022 2:01
फ़िराक़ गोरखपुरी की ग़ज़ल
कीजिए जो जी में आए फ़िराक़ लेकिन उसकी खुशी मुकद्दम हो। 19.02.2022 1:15
फ़िराक़ गोरखपुरी की ग़ज़ल
बहुत अंधेरा है( फ़िराक़ गोरखपुरी) 19.02.2022 3:06
फ़िराक़ गोरखपुरी उर्दू साहित्य में ये नाम किसी परिचय का मोहताज़ नहीं।उन्हीं की ग़ज़ल बहुत अंधेरा है।
वो दिल नहीं रहा 10.02.2022 1:15
गा़लिब
हाए हाए क्यों 30.01.2022 1:08
गा़लिब
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