AKTANU899
कविताएं (Poetry Hindi -Urdu)
I like poetry. I have made this podcast to recite some of my favourite poets poem and some of my own.
Não deixe de visitar o site do podcast e apoiar quem o produz: podcasters.spotify.com
Autor
AKTANU899
Categoria
Site do podcast
Último episódio
12 de jul de 2026
Onde ouvir?
Podcasts no app Replaio Radio Em breveOs podcasts estão chegando ao app. Instale agora e seja o primeiro a descobrir um jeito totalmente novo de curtir podcasts
Episódios
पुल 14.03.2023 1:09
अमृता प्रीतम
चंद्रगहना से लौटती बेर 13.03.2023 3:10
केदारनाथ अग्रवाल
शरीर और फ़सलें कविता और फूल 13.03.2023 5:18
भवानी प्रसाद मिश्र
गोरी करत सिंगार 12.03.2023 1:08
परवीन शाकिर
गीत-फ़रोश 12.03.2023 3:22
भवानी प्रसाद मिश्र
उम्र बनवास में बिताई गई 12.03.2023 0:59
साहिर लुधियानवी
हम बड़े हो गए 12.03.2023 1:37
इंदु जैन
माया(चित्रकार विंसेंट वानगाग की कल्पित प्रेमिका से) 12.03.2023 2:55
अमृता प्रीतम
आंसू जब सम्मानित होगें 12.03.2023 1:59
नीरज
प्यार का जश्न 12.03.2023 1:27
कैफ़ी आज़मी
नज़राना 11.03.2023 2:28
क़ैफी आज़मी
इस मृत नगर में 07.03.2023 5:01
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
तुम्हारी मुस्कान 07.03.2023 1:03
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
शिकायत 08.02.2023 1:03
निदा फ़ाज़ली
भोर 08.02.2023 0:20
निदा फ़ाज़ली
थके थके से ये तारे,थकी थकी सी ये रात 04.02.2023 1:06
फ़िराक़ गोरखपुरी
हुस्न भी शादमां नहीं 04.02.2023 0:52
फ़िराक़ गोरखपुरी
मैं नीर भरी दुख की बदली 02.02.2023 1:03
महादेवी वर्मा
बहुत बड़ा अहसान तुम्हारा 02.02.2023 1:38
शिशुपाल सिंह 'निर्धन'
चुका भी हूँ मैं नहीं 02.02.2023 0:39
शमशेर बहादुर सिंह
रह रह कर आज सांझ मन टूटे 22.01.2023 1:04
नरेश सक्सेना
काशी के घाट पर 22.01.2023 3:03
प्रभाकर माचवे
वो काफ़िर बदगुमां हो जाएगा 27.12.2022 1:27
गा़लिब
आस्तीं में दशना पिनहां हाथ में नश्तर खुला (ग़ालिब) 27.12.2022 1:31
पिनहां -छुपा ,परी -पैकर -परी जैसा सुंदर माशूक , दर-दरवाजा़ ,गोर -कब्र ,बलाओं का नजूल-बलाएं टूटना ,दीदा-ए-अख़्तर -सितारे की आंख (भाग्योदय) , गुरबत- परदेस , गुंबदे-बेदर -आकाश
गा़लिब का है अंदाज़े बयां और 27.12.2022 1:23
ग़ालिब
Podcasts parecidos
O Replaio não é o publicador dos podcasts; os nomes dos programas, as capas e o áudio pertencem aos seus autores e são distribuídos por feeds RSS públicos