Radio Playback India
Ek Geet Sau Afsane
Every song has its own journey once it is released for the audiences but there are many back stories behind every song about which we generally remained unaware, so this series is for bringing to you all such back stories related to many favorite songs of our times, that are very much part of our life, stay tuned with Sujoy Chatterjee and Sangya Tandon for a weekly dose of Ek Geet Sau Afsane
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Autor
Radio Playback India
Categoria
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Último episódio
4 de jun de 2024
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Episódios
“ये कहाँ आ गए हम यूंही साथ-साथ चलते...." 17.05.2022 14:53
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : सुशील पी प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन से इकट्ठ...
“It’s magic, it’s magic...." 03.05.2022 11:58
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : दीपिका भाटिया प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-ब...
”डफ़ली वाले, डफ़ली बजा...." 26.04.2022 11:23
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : प्रज्ञा मिश्रा प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-...
“तेरे प्यार का आसरा चाहता हूँ...." 19.04.2022 12:15
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : दीप्ति अग्रवाल प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन से इकट्...
“जब से तूने बंसी बजायी रे...." 11.04.2022 15:15
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : वर्षा रावल प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन...
“रिमझिम के तराने लेके आयी बरसात...." 05.04.2022 14:28
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : सुशील पी प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन से...
“हर कोई चाहता है इक मुट्ठी आसमाँ...." 29.03.2022 13:18
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : पूजा अनिल प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन स...
"हम चुप हैं कि दिल सुन रहे हैं" 22.03.2022 12:41
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : नीलम यादव प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन स...
“होरी खेले रघुवीरा...." 15.03.2022 15:38
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : श्वेता पांडेय प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-ब...
“नादान परिन्दे घर आजा...." 08.03.2022 16:46
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : रीतेश खरे 'सब्र' प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नई पुरानी फ़िल्मों के गीतों के बनने सँवरने की कहानियाँ सुनते सुनाते ’एक गीत सौ अफ़साने’ का यह सफ़र पिछले सप्ताह अपने पचासवीं कड़ी के पड़ाव को पार कर आज से एक नये सफ़र पर चल निकला है, और अगला पड़ाव है इसकी सौ-वीं कड़ी। इस सफ़र में हमारे हसफ़र बने रहने के लिए आप सभी श्रोताओं को हम दिल से धन्यवाद देते हैं। ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़...
“गोरी हैं कलाइयाँ...." 01.03.2022 12:23
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : महेश शर्मा प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन...
“बोल पपीहे बोल रे...." 22.02.2022 12:59
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : नीता अग्रवाल प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बी...
“मोहे पनघट पे नन्दलाल छेड़ गयो रे...." 15.02.2022 11:04
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : अर्चना गोयल प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन...
“मेरी आँखों से कोई नींद लिये जाता है...." 08.02.2022 11:53
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : उषा छाबड़ा प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन से इकट्ठा किए तथ्य...
“कई सदियों से, कई जनमों से...." 07.02.2022 9:02
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : शुभ्रा ठाकुर प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बी...
“काहे छेड़ छेड़ मोहे गरवा लगाये..." 25.01.2022 12:44
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : अंजू तिवारी प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज-बीन...
“मधुकर श्याम हमारे चोर..." 18.01.2022 10:32
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : सुशील पादुमपारण प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। फ़िल्म-संगीत की रचना प्रक्रिया और विभिन्न पहलुओं से सम्बन्धित रोचक प्रसंगों, दिलचस्प क़िस्सों और यादगार घटनाओं को समेटता है ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ का यह साप्ताहिक स्तम्भ। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारियों और हमारे शोधकार्ताओं के निरन्तर खोज...
“सावन के नज़ारे हैं..." 11.01.2022 10:39
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : अल्पना सक्सेना प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नमस्कार दोस्तों, ’एक गीत सौ अफ़साने’ की एक और कड़ी के साथ हम फिर हाज़िर हैं। हाल ही में Hindi Podcast Community ने साल 2021 के श्रेष्ठ हिन्दीpodcasts की सूची में आपके इस मनचाहे स्तम्भ ’एक गीत सौ अफ़साने’ को जगह् दी है, इसके लिए हम आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद देते हैं। इसी तरह से आप अपना सहयोग हमें देते रहें और इस स्तम्भ के म...
“फिर मुझे दीदा-ए-तर याद आया..." 04.01.2022 14:20
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : गुलनाज़ खान प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ शुरू करते हैं साल का यह पहला अंक। दोस्तों, दिसम्बर से लेकर फ़रवरी तक का समय वह समय है जब मशहूर शाइर मिर्ज़ा ग़ालिब बेहद शिद्दत के साथ याद आते हैं। 27 दिसम्बर 1797 को उनका आगरा में जन्म हुआ था और 15 फ़रवरी1869 को वे इस फ़ानी दुनिया से रुख़सत हुए थे। उनके इस दुनिया से जिस्मानी तौर से गुज़रे हुए 15...
“आने वाले साल को सलाम, जाने वाले साल को सलाम..." 29.12.2021 13:52
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : सुदर्शना कुसुम प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन ’एक गीत सौ अफ़साने’ के श्रोता मित्रों का एक बार फिर से स्वागत है, नमस्कार! दोस्तों, देखते ही देखते हम आ पहुँचे हैं साल 2021 के अन्तिम सप्ताह में। और यह वह सप्ताह है जिसमें हम सब रहते हैं ज़रा हल्के मूड में। घूमना-फिरना और खाना-पीना तो है ही, साथ ही हम मंथन करते हैं जाने वाले साल की उन गतिविधिओं पर जिन्होंने हमारी ज़िन्दगी...
“महबूबा महबूबा, गुलशन में गुल खिलते हैं..." 22.12.2021 10:17
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : ऋतु कौशिक प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन "महबूबा महबूबा, गुलशन में गुल खिलते हैं, जब सहरा में मिलते हैं, मैं और तू...", फ़िल्म ’शोले’ का यह सदाबहार गीत... जो पूरी तरह से राहुल देव बर्मन का गीत है। क्या है इसके बनने की कहानी? पंचम के मामा जी ने क्या कहा इस गीत के स्क्रैच को सुन कर? और उनकी कौन से बात आगे चल कर हक़ीक़त बनी? किशोर कुमार से गवाया जाने वाला यह गीत कैसे आया...
“मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो ना कोय..." 14.12.2021 10:40
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : राधा पाठक प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन "मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो ना कोय..." - आज फ़िल्म ’मीरा’ के भजन के बहाने जानिए इस फ़िल्म और फ़िल्म के गीतों के निर्माण से जुडी तमाम रोचक बातें जो बरसों पहले फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका में प्रकाशित हुई थी गुलज़ार साहब के एक इन्टरव्यू में। क्यों लता मंगेशकर, आशा भोसले और लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल ने अपने आप को इस फ़िल्म से दूर रखा? फिर क्या...
“महलों का राजा मिला..." 07.12.2021 10:38
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : पूजा अनिल प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन "महलों का राजा मिला, हमारी बेटी राज करेगी..." - फ़िल्म ’अनोखी रात’ के इस गीत में आख़िर क्या अनोखा है? कैफ़ी आज़मी के लिखे, रोशन के संगीतबद्ध किए और लता मंगेशकर के गाये इस गीत के साथ संगीतकार सलिल चौधरी, श्याम राज और सोनिक का नाम कैसे जुड़ा हुआ है? इस गीत की रेकॉर्डिंग् के लिए रोशन साहब की पत्नी इरा रोशन जी ने क्या ज़िम्मा अपने सर...
" तेरा हिज्र मेरा नसीब है..." 30.11.2021 13:41
आलेख : सुजॉय चटर्जी स्वर : डॉ. शबनम खानम प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन "तेरा हिज्र मेरा नसीब है, तेरा ग़म ही मेरी हयात है, मुझे तेरी दूरी का ग़म हो क्यों, तू कहीं भी हो मेरे साथ है..." - फ़िल्म ’रज़िआ सुल्तान’ की मशहूर ग़ज़ल। कब्बन मिर्ज़ा की अनोखी आवाज़, ख़य्याम का ठहराव भरा सुरीला संगीत, और निदा फ़ाज़ली के पुर-असर बोल। कैसे बनी यह ग़ज़ल? क्यों देश भर से पचासों गायक आये इस ग़ज़ल का ऑडिशन टेस्ट देने? फिर...
“केतकी गुलाब जूही चम्पक बन फूले..." 23.11.2021 10:10
आलेख : श्री कृष्णमोहन मिश्र /सुजॉय चटर्जी स्वर : अनुज श्रीवास्तव प्रस्तुति : संज्ञा टण्डन ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के साप्ताहिक कार्यक्रम ’एक गीत सौ अफ़साने’ में आप सभी श्रोताओं का फिर एक बार स्वागत है। केतकी गुलाब जूही चम्पक बन फूले... भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में कुछ ऐसे गीत दर्ज हैं जिनकी रचना-प्रक्रिया पर्याप्त रोचक तो हैं ही, उनमे कलात्मक सृजनशीलता के दर्शन भी होते हैं। 1956 मे...
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