Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
'Wah! Ye Diariyaan' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!'
'Wah! Ye Diariyaan' 'वाह! ये डायरियॉं' (स्वरचित १००+ गज़लें, नज़्में, और कविताऐं)!
Author
Mahesh Vallabh Pandey 'ऐ दर्द!'
Category
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Latest episode
Sep 2, 2025
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Episodes
62. S07 - E02 आज फिर तेरी ज़रूरत याद आयी हमें🤗 21.05.2023 6:38
फिर दिल ने वही बात समझायी हमें🥰
61. S07 - E01 मेरी ज़ान की नहीं🤗 12.05.2023 5:48
तेरी ज़ान की फ़िकर है🤗
'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 02_ALL EPISODES 30.04.2023 1:08:09
'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 02_ALL EPISODES
60. S06 - E10 हमसे पूछते हैं वो कि उनका ज़ुर्म क्या है😳 22.04.2023 8:00
क़त्ल किया है मेरा
59. S06 - E09 हुनर मुझमें कोई ना था😢 15.04.2023 6:44
और ना कुछ ख़ास था😢
58. S06 - E08 हाशिये पर ज़िंदगी लेकर चलें हैं🥹 15.04.2023 5:48
होश में हैं, हम कोई पागल नहीं हैं😊
57. S06 - E07 कभी ज़लज़ला सी लगे😘 01.04.2023 7:02
कभी लगे तू चाँद सी😘
56. S06 - E06 लम्हा भर को ठहर गई हो😍 01.04.2023 6:34
सारी रात जैसे😍
55. S06 - E05 स्याह ज़िंदगी है😌 01.04.2023 7:12
तालीम है बिन स्याही की😌
'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES : INTRO LINES 31.03.2023 20:18
'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES : INTRO LINES
54. S06 - E04 सजा कर ख़्वाब आँखों में🥰 19.03.2023 6:06
ना मुझको भुला देना🥰
53. S06 - E03 जन्नत है कि हर शय😍 19.03.2023 6:32
आज बदल चुकी है😍
52. S06 - E02 ये कैसी ख़लिश है😕 19.03.2023 6:38
कि मिटती ही नहीं😕
'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES 01.03.2023 1:09:38
'Wah! Ye Diariyaan'_SEASON 01_ALL EPISODES
51. S06 - E01 ऐ दोस्त, तुझे एक पल, नज़र में उतार के😇 20.02.2023 9:12
मैं देख लूँ एक बार फिर तूझे पुकार के😇
50. S05 - E10 वक़्त रहा, और मैं रहा, तो ये होगा एक दिन🥳 04.02.2023 9:58
हर ज़र्रा ख़ुशियों में डूबा होगा एक दिन🥳
49. S05 - E09 देना था जो सलाम, तो ऐसे दिया होता🥰 01.02.2023 6:28
देख कर चाँद को, पर्दा किया होता 🌔
48. S05 - E08 उड़ गये परखच्चे हमारे😀 25.01.2023 7:18
और हवा हो गए सनम🤣
47. S05 - E07 देखा जो नूर आपका, तो लगने लगा मुझे!❤️ 16.01.2023 9:12
ज़िंदगी में कोई तो समझने लगा मुझे!❤️
46. S05 - E06 हम तो रोते हैं, तुम्हें क्यों कर रूलायें🥲 16.01.2023 6:58
क्यों तुम्हारी जुस्तजूओं को जगायें!🥲
45. S05 - E05 है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘 16.01.2023 8:18
है अदब़ में जो मज़ा, वो सर उठाने में कहाँ!😘
44. S05 - E04 कुछ इस तरह से जीते हैं ज़िंदगी यारों 💪 24.12.2022 6:36
बदनसीबी की करते हैं हर पल बंदगी यारों😀
43. S05 - E03 न इस तरह ही रहा!🥹 20.12.2022 7:40
और ना उस तरह ही रहा!🥹
42. S05 - E02 ताम़ीर है किसी से मेरा नक़्श-ए-मकॉं कब से🏡 04.12.2022 6:32
आया ही नहीं कोई पूछे जो पता हमसे❣️
41. S05 - E01 जब कभी तीम़ारदारी से मिले फ़ुरसत हमें☹️ 04.12.2022 7:25
तब कहीं जाकर जियेंगे ज़िंदगी हम शान से😀
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