Radio Azad
RADIO AZAD HIND 90.8 FM
A community radio station (CRS) License No. FMCR117, governed by Swaraj Sansthan Sanchalnalaya, Bhopal, A cultural wing of Govt. of M.P. currently producing programmes in Hindi language in different genre.
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Episodes
Haldi Ghati Ka Yuddh - Special Program 09.05.2022 18:10
हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को मेवाड़ के महाराणा प्रताप का समर्थन करने वाले घुड़सवारों और धनुर्धारियों और मुगल सम्राट अकबर की सेना के बीच लडा गया था जिसका नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह प्रथम ने किया था। इस युद्ध में महाराणा प्रताप को मुख्य रूप से भील जनजाति का सहयोग मिला । 1568 में चित्तौड़गढ़ की विकट घेराबंदी ने मेवाड़ की उपजाऊ पूर्वी बेल्ट को मुगलों को दे दिया था। हालाँकि, बाकी जंगल और पहाड़ी...
Maharana Pratap - Yaad Karo kurbani 09.05.2022 46:00
महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया उदयपुर , मेवाड में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ प्रण के लिये अमर है। उन्होंने मुगल बादशहा अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और कई सालों तक संघर्ष किया। महाराणा प्रताप सिंह ने मुगलों को कईं बार युद्ध में भी हराया और हिंदुस्थान के पुरे मुघल साम्राज्य को घुटनो पर ला दिया।
Tipu sultan - Hindustan Hamara 04.05.2022 27:17
इतिहास के पन्नों में टीपू सुल्तान के नाम पर भले ही विवाद चल रहा हो लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इतिहास के पन्नों से टीपू सुल्तान का नाम मिटा पाना असम्भव है। 20 नवंबर 1750 में कर्नाटक के देवनाहल्ली में जन्मे टीपू का पूरा नाम सुल्तान फतेह अली खान शाहाब था। उनके पिता का नाम हैदर अली और माँ का फकरुन्निसाँ था। उनके पिता मैसूर साम्राज्य के एक सैनिक थे लेकिन अपनी ताकत के बल पर वो 1761 मे...
Govind Ram Verma - Yaad Karo Kurbani 04.05.2022 57:08
A Freedom Fighter Who Lived For India and Died for India
Indu Bhushan Rey- Azad Hind 29.04.2022 28:20
सेल्युलर जेल में भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को जो अमानवीय यातना झेलनी पड़ी थी, उसकी कहानी पूरी तरह से ज्ञात नहीं है क्योंकि यह हमारे इतिहास की किताबों में ठीक से वर्णित नहीं है। स्वतंत्रता की लालसा ने इंदु भूषण रॉय के युवा हृदय को संक्रमित कर दिया था और वह अपनी मातृभूमि को 'फेरिंगी' जुए से मुक्त करके और एक बेहतर सरकार स्थापित करके अपनी मातृभूमि की सेवा करना चाहते थे। वह उस समय हाई स्कूल का छात्र...
Raja Mahendra Pratap - Yaad Karo Kurbani 29.04.2022 56:03
राजा महेन्द्र प्रताप सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पत्रकार , लेखक, क्रांतिकारी, समाज सुधारक और महान दानवीर थे। वे 'आर्यन पेशवा' के नाम से प्रसिद्ध थे और भारत की अनंतिम सरकार के अध्यक्ष थे। यह सरकार प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान बनी थी और भारत के बाहर से संचालित हुई थी। उन्होने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान १९४० में जापान में 'भारतीय कार्यकारी बोर्ड' (Executive Board of India) की स...
Raja Hirday Shah 28.04.2022 17:42
राजा हृदय प्राचीन भारत के वर्तमान मध्य प्रदेश राज्य स्थित पन्ना ज़िला रियासत के प्रथम राजा थे। इन्होंने १७३१ से १७३९ तक शासन किया। ये महाराजा छत्रसाल के ज्येष्ठ पुत्र थे। इन्हें पन्ना रियासत अपने पिता से सन १७३१ ई. में वार्षिक ३९ लाख रुपये के बदले प्राप्त हुई थी। १७३१ में इन्होंने रीवा रियासत को अपने अधीन कर वहां के राजा अवधूत सिंह को रियासत छोड़कर जाने पर विवश कर दिया। अवधूत सिंह ने अवध में प्रता...
Hindostan hamara Shrinivas Ramanuj 26.04.2022 28:01
श्रीनिवास रामानुजन् इयंगर (22 दिसम्बर 1887 – 26 अप्रैल 1920) एक महान भारतीय गणितज्ञ थे। इन्हें आधुनिक काल के महानतम् गणित विचारकों में गिना जाता है। इन्हें गणित में कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला, फिर भी इन्होंने विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में गहन योगदान दिए।
YAAD KARO QURBANI - VEER KUWAR SINGH 26.04.2022 46:41
वीर कुंवर सिंह का जन्म 13 नवम्बर 1777 को बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर गांव में हुआ था। इनके पिता बाबू साहबजादा सिंह प्रसिद्ध शासक भोज के वंशजों में से थे । उनके माताजी का नाम पंचरत्न कुंवर था. उन्होंने 27 अप्रैल, 1857 को दानापुर के सिपाहियों, भोजपुरी जवानों और अन्य साथियों के साथ मिलकर आरा नगर पर कब्जा कर लिया. इस तरह कुंवर सिंह का अभियान आरा में जेल तोड़ कर कैदियों की मुक्ति तथा खजाने पर कब्ज...
Ishwari Pandey - Azad Hind 22.04.2022 25:46
Inshwari Pandey was with Mangal Pandey and a True and Brave soilder.
Prithvi Diwas - Special Program 22.04.2022 23:22
हम सभी मनुष्य, जीव-जंतु, पेड़-पौधे एक साथ इस धरती पर रहते हैं। हर कोई एक दूसरे का पूरक है। पृथ्वी एक मां के समान है जो सभी पर एक जैसी दृष्टि रखती है। पृथ्वी के बिना हम जीवन की परिकल्पना भी नहीं कर सकते। पृथ्वी पर ही हमें जीवित रहने के लिए अन्न, जल इत्यादि मिलता है। सौर मंडल के नौ ग्रहों में से, पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां जीवन है एवं अखंड जैव विविधता है। लेकिन आज हमारे अंधाधुध पर्यावरण का द...
Guru Teg Bahadur - Special Program 21.04.2022 15:43
गुरु तेग बहादुर सिखों के नवें गुरु थे जिन्होने प्रथम गुरु नानक द्वारा बताए गये मार्ग का अनुसरण करते रहे। उनके द्वारा रचित 115 पद्य गुरु ग्रन्थ साहिब में सम्मिलित हैं। उन्होने काश्मीरी पंडितों तथा अन्य हिन्दुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया। इस्लाम स्वीकार न करने के कारण 1675 में मुगल शासक औरंगज़ेब ने उन्हे इस्लाम स्वीकार करने को कहा कि पर गुरु साहब ने कहा सीस कटा सकते है केश नहीं। फिर उस...
Sajjan Singh - Azad Hind 20.04.2022 25:13
A True Freedom Fighter from Punjab
Dr. Sarvapalli Radhakrishnan - Yaad karo Kurbani 17.04.2022 51:23
डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति (1952 — 1962) और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद , महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उनका जन्मदिन (5 सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ॰ राधाकृष्णन का जन्म तत्कालीन...
Ullaskar Dutt - Hindustan Hamara 16.04.2022 26:04
उल्लासकर दत्ता एक राष्ट्रवादी और अनुशीलन समिति और बंगाल की जुगान्तर से जुड़े क्रांतिकारी थे और वारीन्द्रनाथ घोष के करीबी सहयोगी थे। उलास्कर ने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें बंगाल के विभाजन (1905) के बाद स्वदेशी आंदोलन भी शामिल था। उल्लासकर का जन्म 16 अप्रैल 1885 को कलिकाचक, ब्राह्मणबारिया (वर्तमान बांग्लादेश) के गाँव में हुआ था। उनके पिता द्विजदास दत्तगुप्त ब्रह्म समाज के सदस्य थे और...
Tirumal Acharya - yaad karo Kurbani 15.04.2022 56:24
मांडयम पार्थसारथी तिरुमल आचार्य एक भारतीय राष्ट्रवादी, कम्युनिस्ट और अराजकतावादी थे, जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (ताशकंद समूह) के संस्थापक सदस्यों में से थे। एक लंबे राजनीतिक और सक्रिय जीवन में, आचार्य कई बार लंदन में इंडिया हाउस और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हिंदू-जर्मन षड्यंत्र से जुड़े रहे, जब बर्लिन समिति के एक प्रमुख पदाधिकारी के रूप में, उन्होंने हर दयाल के साथ भारतीय स्थापित करने की मांग की...
Tarkeshwar Sen Gupta - Azad Hind 15.04.2022 25:35
तारकेश्वर सेनगुप्ता एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता थे जिन्होंने चटगांव शस्त्रागार छापे में भाग लिया था। वह मास्टरदा सूर्य सेन के क्रांतिकारी समूह के सदस्य थे। सेनगुप्ता का जन्म 15 अप्रैल 1905 को ब्रिटिश भारत के बरीसाल जिले के गैला गांव में वर्तमान में बांग्लादेश में एक बंगाली मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वह अपने पारिवारिक वातावरण में देशभक्ति के विचार से प्रेरित थे। तारकेश्वर सेनगुप्ता एक सामाज...
Mahaveer Jayanti Special - Namao Namo Mahaveer - special Program 14.04.2022 31:35
सर मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरय्या भारत के महान अभियन्ता एवं राजनयिक थे। उन्हें सन 1955 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था। भारत में उनका जन्मदिन अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह उस समय की बात है जब भारत में अंग्रेजों का शासन था। खचाखच भरी एक रेलगाड़ी चली जा रही थी। यात्रियों में अधिकतर अंग्रेज थे। एक डिब्बे में एक भारतीय मुसाफिर गंभीर मुद्रा में बैठा था। सांवले रंग...
M. Vishveshwariya - Hindustan hamara 14.04.2022 22:13
सर मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरय्या भारत के महान अभियन्ता एवं राजनयिक थे। उन्हें सन 1955 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था। भारत में उनका जन्मदिन अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह उस समय की बात है जब भारत में अंग्रेजों का शासन था। खचाखच भरी एक रेलगाड़ी चली जा रही थी। यात्रियों में अधिकतर अंग्रेज थे। एक डिब्बे में एक भारतीय मुसाफिर गंभीर मुद्रा में बैठा था। सांवले रंग...
B.R. Ambedkar - Special Program 14.04.2022 18:41
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का मूल नाम भीमराव था। उनके पिताश्री रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू में ही मेजर सूबेदार के पद पर एक सैनिक अधिकारी थे। अपनी सेवा के अंतिम वर्ष उन्होंने और उनकी धर्मपत्नी भीमाबाई ने काली पलटन स्थित जन्मस्थली स्मारक की जगह पर विद्यमान एक बैरेक में गुजारे। सन् 1891 में 14 अप्रैल के दिन जब रामजी सूबेदार अपनी ड्यूटी पर थे, 12 बजे यहीं भीमराव का जन्म हुआ। कबीर पंथी पिता और धर्मर्मपराय...
baisakhi and Jaliyawala Bagh _ Special Program 13.04.2022 14:41
बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में एक सभा रखी गई, जिसमें कुछ नेता भाषण देने वाले थे। शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था, फिर भी इसमें सैंकड़ों लोग ऐसे भी थे, जो बैसाखी के मौके पर परिवार के साथ मेला देखने और शहर घूमने आए थे और सभा की खबर सुन कर वहां जा पहुंचे थे।
Indu Bhushan Roy - Yaad karo Kurbani 11.04.2022 42:27
स्वतंत्रता की लालसा ने इंदु भूषण रॉय के युवा हृदय को संक्रमित कर दिया था और वह अपनी मातृभूमि को 'फेरिंगी' जुए से मुक्त करके और एक बेहतर सरकार स्थापित करके अपनी मातृभूमि की सेवा करना चाहते थे। वह उस समय हाई स्कूल का छात्र था। आमतौर पर उस दौर के माता-पिता अपने बच्चों की शादी कम उम्र में कर देते हैं। उसके पिता ने भी उस पर लड़की से शादी करने का दबाव बनाया। लेकिन बहुत कम उम्र में उन्होंने भगवत गीता और...
Mangal Pandey - Azad Hind 08.04.2022 25:47
मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया जबकि आम हिंदुस्तानी उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के रूप में सम्मान देता है। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान...
Bankim Chandra Chattopadhyay - Special Program 08.04.2022 17:12
बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार , कवि , गद्यकार और पत्रकार थे। भारत का राष्ट्रगीत ' वन्दे मातरम् ' उनकी ही रचना है जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में क्रान्तिकारियों का प्रेरणास्रोत बन गया था। रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पूर्ववर्ती बांग्ला साहित्यकारों में उनका अन्यतम स्थान है। आधुनिक युग में बंगला साहित्य का उत्थान उन्नीसवीं सदी के मध्य से शुरु हुआ। इसमें र...
Begum Hazrat Mahal - Yaad karo Kurbani 07.04.2022 32:29
बेगम हज़रत महल जो अवध की बेगम के नाम से भी प्रसिद्ध थीं, अवध के नवाब वाजिद अली शाह की दूसरी पत्नी थीं। अंग्रेज़ों द्वारा कलकत्ते में अपने शौहर के निर्वासन के बाद उन्होंने लखनऊ पर क़ब्ज़ा कर लिया और अपनी अवध रियासत की हकूमत को बरक़रार रखा। अंग्रेज़ों के क़ब्ज़े से अपनी रियासत बचाने के लिए उन्होंने अपने बेटे नवाबज़ादे बिरजिस क़द्र को अवध के वली (शासक) नियुक्त करने की कोशिश की थी; मगर उनका शासन...
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