Aaj Tak Radio
Padhaku Nitin
Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी क...
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Episodes
फोटोग्राफर जिसके मुरीद थे इंदिरा, दलाई लामा, ज़िया उल हक़!: पढ़ाकू नितिन, Ep 159 01.08.2024 1:24:38
पढ़ाकू नितिन में इस बार मेहमान हैं मशहूर फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय. रघु राय को 'फादर ऑफ इंडियन फोटोग्राफी' भी माना जाता है. इनकी खींची कई तस्वीरों को दुनियाभर में पहचान मिली है. भोपाल गैस ट्रेजडी के बाद की फोटो हों या संजय गांधी के प्लेन क्रैश की फोटो. जरनैल सिंह भिंडरावाले की स्वर्ण मंदिर वाली फोटो भी रघु राय ने ही खींची थी. रघु राय ने पॉडकास्ट में अपने करियर से लेकर निजी जीवन पर खूब रस लेकर बा...
कोहली-कुंबले की इनसाइड स्टोरी, ओलंपिक में क्रिकेट की एंट्री और जय शाह का रिपोर्ट कार्ड!: पढ़ाकू नितिन, Ep 158 25.07.2024 1:22:40
इस बार पढ़ाकू नितिन में हमारी मेहमान हैं वो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट जिन्होंने भारत को नौ देशों में क्रिकेट खेलते हुए देखा है, दो ओलंपिक खेलों में रिपोर्टिंग की है. उन्होंने युवराज सिंह के साथ उनकी जीवनी टेस्ट ऑफ माई लाइफ पर भी काम किया है. इसके अलावा तमाम दूसरे खेलों के बारे में भी तीन दशकों तक अंतरराष्ट्रीय- राष्ट्रीय मीडिया में लिखा. बैंगलोर में रहनेवाली चर्चित पत्रकार शारदा उग्रा से मिलिए और सुनिए...
कांग्रेस का तिलिस्म तोड़नेवाला नेता जो बिहार में बंदूकें बंटवाना चाहता था: पढ़ाकू नितिन, Ep 157 18.07.2024 1:10:17
कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाज़ा गया तो बहुत सारे लोग उनके नाम से पहली दफे परिचित हुए। हालांकि बिहार उन्हें जानता था जहां के वो दो बार सीएम रहे मगर नई पीढ़ी फिर भी कम जानती है। कर्पूरी ठाकुर का दिलचस्प जीवन किताब में समेटा है संतोष सिंह ने। उनकी किताब का नाम है- द जननायक। इस किताब में कर्पूरी ठाकुर की ज़िंदगी के बेशुमार पहलू उघाड़े गए हैं। पढ़ाकू नितिन में इस बार कहानी कर्पूरी की संतोष सिंह के...
इस हिंदुस्तानी पत्रकार की आंखों के सामने तालिबान ने काबुल कब्ज़ा लिया: पढ़ाकू नितिन, Ep 156 11.07.2024 1:15:20
तालिबान ने काबुल में 15 अगस्त 2021 को एंट्री ली तो हमने वो तस्वीरें टीवी-अख़बारों में देखीं। तालिबान के लड़ाकों को हथियार लहराते, हिंसा करते, प्रेसिडेंशियल हाउस में उछलकूद करते देखा गया। इस दौरान एक हिंदुस्तानी पत्रकार नयनिमा बासु काबुल में ही मौजूद थीं और जान पर खेलकर सब रिपोर्ट कर रही थीं। इस बार पढ़ाकू नितिन में उसी एक हफ्ते की कहानी नयनिमा से सुनेंगे जब तालिबान के फिर लौटने का शोर मचा, पॉलिटिक...
सब बदलने के बावजूद तीन नए आपराधिक कानूनों में क्या कुछ नहीं बदला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 155 04.07.2024 1:06:18
तीन नए आपराधिक कानून आ गए, लागू भी हो गए मगर कुछ लोगों के गले से नहीं उतरे। जज, वकील, लॉ स्टूडेंट्स, पुलिस सबको कंफ्यूज़न है। हर किसी को क्लैरिटी चाहिए। हमने इसीलिए पढ़ाकू नितिन में न्यौता है सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजॉय घोष को। इस बातचीत में बड़े ही इंटरेस्टिंग अंदाज़ में संजॉय ने नए क़ानूनों पर अपनी राय रखी। Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.
नेहरू अपने राजदूत कैसे चुनते थे और एक स्टेनोग्राफर को क्यों एंबेसेडर बनाया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 154 27.06.2024 1:13:37
नेहरू के सामने एक देश को अकाल, विभाजन और सांप्रदायिक आग के बीच से निकालने की चुनौती थी। वो जानते थे कि ये काम बिना दूसरे देशों की मदद के नहीं होगा। उन्होंने IFS की स्थापना की मगर उसके पहले नेहरू ने खुद उन लोगों को चुना जो भारत की तरफ से विदेशों में उसके प्रतिनिधि बने। इनमें कमाल के लोग शामिल थे। उन्हीं पर एक किताब आई Nehru’s First Recruits. कल्लोल भट्टाचार्जी ने लिखी है। पढ़ाकू नितिन में उनसे ही स...
करोड़ों गंवाकर फिर करोड़ों बनाने वाले से जानिए शेयर मार्केट में क्या ना करें?: पढ़ाकू नितिन, Ep 153 20.06.2024 1:30:05
शेयर मार्केट के हो हल्ले के बीच कितने लोग करोड़पति बनते हैं, और जाने कितने लखपति. पिछले कुछ महीनों से औसत 20 लाख डीमेट अकाउंट हर महीने खुल रहे हैं. 4 सालों में सेंसेक्स 26 हज़ार से 77 हज़ार पहुंच गया है और फरवरी 2024 तक देश में 15 करोड़ डीमैट अकाउंट थे. इसका मतलब कि जिसे देखो वो शेयर बाज़ार की तरफ भागा जा रहा है, लेकिन इस भागदौड़ में कई बार ठोकर लग जाती है. ऐसी ही ठोकर लगी थी गाज़ियाबाद के रहने वा...
Bigg Boss के नैरेटर की ये सच्चाई आपकी ज़िंदगी बदल सकती है: पढ़ाकू नितिन, Ep 152 13.06.2024 54:06
हमारी पहचान की कई परतें होती हैं, नाम, काम, धर्म, शक्ल, सूरत के अलावा आवाज़ भी हमारी पहचान का अहम हिस्सा है. आवाज़ कई बार रहस्य पैदा करती हैं, आवाज़ से भ्रमित भी किया जा सकता है, तो आवाज़ें हमें जोड़ती भी हैं, आवाज़ों की अपनी दुनिया होती हैं और तो और आवाज़ करियर ऑप्शन भी है. हम-आपने कई लोगों को कहा होगा, फलाने की आवाज़ सुनी है? उसकी आवाज़ में दम है. हमाने साथ एक ऐसे शख़्स से बात की जिन्हें किसी ने...
नागा साधुओं का रहस्य और इतिहास क्या है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 151 06.06.2024 51:13
नागा साधु कहां से आते हैं, कहां चले जाते हैं? कोई नागा कैसे बनता है? अघोरी और नागा में क्या फ़र्क़ है? इतिहास नागाओं के बारे में क्या बताता है? इन सारे सवालों के साथ हम मिले नागाओं पर किताब लिखने वाले चर्चित लेखक अक्षत गुप्ता से. पढ़ाकू नितिन में सुनिए क्या कहते हैं वो. Disclaimer: इस पॉडकास्ट मेंव्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.
कारगिल में हमने क्या ग़लती की और थिएटर कमांड सेना की किन मुश्किलों का हल है: पढ़ाकू नितिन, Ep 150 30.05.2024 49:25
थिएटर कमांड का शोर बहुत है लेकिन इस तरफ देश पच्चीस साल में ढाई कोस ही चला है. कोई कह रहा है कमांड्स बनने के बाद सेनाओं का स्ट्रक्चर बदल जाएगा, किसी का कहना है कि पुरानी परंपराओं को बदलना होगा, एयरफ़ोर्स के कुछ सवाल हैं तो एक्सपर्ट्स संशय जता रहे हैं कि अब आर्मी ही सुपीरियर हो जाएगी. थिएटर कमांड खुद एक मुश्किल है या मुश्किलों का समाधान हमने जाना 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में गौरव सावंत के साथ. पिछले...
'दैव' पर 150 साल बाद आई किताब, जो इंसानी शरीर में घुसकर बोलते हैं!: पढ़ाकू नितिन, Ep 149 23.05.2024 58:41
कांतारा मूवी आपने देखी हो तो शायद आपको कोला याद हो. इस कोला में बुलाया जाता है “दैव” को. दैव वो ताकत हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वो इंसानी शरीर में आकर सबके जवाब देते हैं. कुछ लोग मानते हैं वो भूत हैं. इस सब्जेक्ट पर डेढ़ सौ साल पहले एक किताब लिखी गई थी, और अब फिर आई है- “दैव”. लेखक हैं के हरि कुमार. जिस तुलु समुदाय में “दैव आराधना” का प्रचलन है कुमार उसी से संबंध रखते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन...
JNU के एक पत्थर ने खोला इतिहास, सिंधु लिपि 'अफीम' क्यों और पुराने क़िले का राज़: पढ़ाकू नितिन, Ep 148 16.05.2024 56:37
एक रोज़ एक आर्कियोलॉजिस्ट जेएनयू की सड़कों पर टहल रहे थे। आदत के मुताबिक़ नीचे देख रहे थे। उम्मीद नहीं थी कि चंद कदमों दूर उन्हें पत्थर का ऐसा टुकड़ा मिलेगा जो प्राचीन इतिहास को बदल देगा.. और ये पहली बार नहीं था जब बीएम पांडे को ज़मीन से मिले किसी सुराग ने इतिहास की धारा को मोड़ा हो। ASI में पैंतीस साल तक काम करनेवाले बीएम पांडे 1996 में डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे। पद्म विभूषण बीबी लाल के शिष्य...
अटल ने जिसे एंटी नेशनल कहा वो एक्टर क्यों ख़ुद को 'भांड' कहता है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 147 09.05.2024 1:46:31
एक रुका हुआ फैसला, तारे ज़मीं पर, आयशा जैसी फिल्में हों या पचास साल तक देशभर में घूमकर थिएटर करना, कश्मीर का लोक नाट्य दुनिया में फैलाना या इमरजेंसी, सिख विरोधी दंगे, बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति से मिलना और सफदर हाशमी की हत्या के बाद सहमत का बनना… एम के रैना हर जगह हैं. उनकी नई किताब आई है.. ‘Before I Forget’. इसमें आधी सदी में उन पर गुज़रे सारे किस्से दर्ज हैं.. आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में आनंद लीज...
कपड़े उतारने को क्यों तैयार हो जाते हैं लोग, Nude Sketch Artist ने बताया: पढ़ाकू नितिन, Ep 146 02.05.2024 1:16:04
पेंटिंग की दुनिया में स्किल का ज़रूरी हिस्सा है- बिना कपड़ों की तस्वीरें बनाना. सुनने में अजीब सा लगता है. हम खुद कभी किसी पेंटर का सब्जेक्ट हो सकते हैं?? शायद नहीं, या शायद हां. स्केच आर्टिस्ट किसी को कपड़े उतारने के लिए कन्विंस कैसे कर लेते हैं? किसी को अपना न्यूड स्केच बनवाकर क्या मिलता है? ये सारे जवाब आज के पढ़ाकू नितिन में दे रहे हैं मिहिर श्रीवास्तव. दिल्ली के रहनेवाले मिहिर ने आजतक पांच सौ...
सिनेमा के समंदर से कैसे निकालें काम की फ़िल्में?: पढ़ाकू नितिन, Ep 145 25.04.2024 1:08:12
जिगन, लंदन, वियना, शंघाई और आधी दुनिया घूमकर भारत लौटे एक पत्रकार ने ढेरों नोट्स बनाए, और फिर उससे निकाली एक सुंदर सी किताब. इसका नाम है- ‘बेखुदी में खोया शहर- एक पत्रकार के नोट्स.’ इस किताब में दुनियाभर के शहर हैं, सिनेमा है, कला है, संगीत है और साथ में हैं ढेरों यादें उस गांव देहात की जो वो पीछे छोड़ आया. आज के पढ़ाकू नितिन में ढाई दशक से पत्रकारिता कर रहे अरविंद दास से मुखामुखम हुआ, उसका आनंद ल...
औरंगज़ेब ने क्यों गिरवाए मथुरा के मंदिर और चर्चिल का वृंदावन से क्या रिश्ता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 144 19.04.2024 1:35:18
दिल्ली से 180 किमी दूर यमुना किनारे बसा है मथुरा. इतना पुराना शहर कि दो हजार साल पहले इजिप्ट के खगोलशास्त्री टॉल्मी ने इस शहर का ज़िक्र मोदुरा नाम से किया. लैटिन में इसका मतलब हुआ- सिटी ऑफ गॉड्स. यहीं है वृंदावन.. मंदिरों का शहर. यहां हर टीले के नीचे इतिहास दफन है. आपने कभी मथुरा वृंदावन की ऐसी दिलचस्प कहानी नहीं सुनी होगी जिसमें चैतन्य महाप्रभु हैं, औरंगज़ेब है, अकबर है, मान सिंह है, चर्चिल भी है...
इंदिरा पर देवी का कोप, बाबरी पर राव का कबूलनामा और मनमोहन का बेस्टफ्रेंड: पढ़ाकू नितिन, Ep 143 11.04.2024 1:14:07
प्रधानमंत्री हमारे देश का सबसे ताकतवर पद है। नीतियां तय करना, लागू कराना, देश का विदेशों में प्रतिनिधित्व करना सब उसकी ही असीम ताकत का हिस्सा है। हम प्रधानमंत्रियों के फैसले देखते हैं लेकिन कभी उस प्रक्रिया को नहीं देखते जो फैसले के पीछे होती है और ना कभी इस पद पर बैठे शख्स के मूड, पूर्वाग्रहों और ज़िद को देख पाते हैं। छह प्रधानमंत्रियों पर अवॉर्ड विनिंग जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी ने किताब लिखी है- How...
ज्ञानी ज़ैल सिंह - इंदिरा के ख़ास, संजय के भरोसेमंद लेकिन राजीव की मुसीबत: पढ़ाकू नितिन, Ep 142 04.04.2024 1:05:35
ये कहानी ऐसे राष्ट्रपति की है जो पंजाब के ठेठ गांव से निकला और अंग्रेज़ों से लड़ता हुआ राजनीति में आ गया. फिर मंत्री बना, मुख्यमंत्री भी, गृहमंत्री और आखिरकार राष्ट्रपति.. राष्ट्रपति भी ऐसा जिसने पद संभालने से पहले कह दिया नेता कहेंगी तो झाड़ू भी लगाऊंगा लेकिन जब राष्ट्रपति बना तो प्रधानमंत्री आशंकित रहे कि जाने कब सरकार बर्खास्त हो जाए. ऑपरेशन ब्लूस्टार, इंदिरा की हत्या, सिख दंगे, राजीव गांधी सरक...
इंडियन इस्लाम, गांधी और अल्लाह नाम की सियासत: पढ़ाकू नितिन, Ep 141 28.03.2024 1:04:40
हिंदुस्तान में मुसलमानों का इतिहास इस्लाम जितना पुराना है। भारतीय लोकतंत्र में भी उनकी भागीदारी भरपूर है लेकिन सियासी मुहावरों में वो वोट बैंक भी हैं। इस्लाम के भारतीय वर्ज़न में हमारी आपकी समझ के लिए बहुत कुछ छिपा है। ये भी कि मुसलमानों में भी जातियां हैं, ये भी कि मुस्लिम होते हुए धर्मनिरपेक्ष हुआ जा सकता है क्या और ये भी कि गांधी मुसलमानों के बारे में क्या कहते थे? इस बार हिलाल अहमद ने पढ़ाकू न...
Citizenship का फंडा कहां से आया और किसी देश का नागरिक होना ज़रूरी है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 140 21.03.2024 1:02:56
नागरिकता का कॉन्सेप्ट बहुत नया है या ज़्यादा पुराना? नागरिक कौन होता है? नागरिकता कैसे छिन जाती हैं? भारत का नागरिकता कानून क्या बोलता है और सीएए कानून की बारीकियाँ.. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में इन्हीं सवालों के जवाब देने आई हैं जेएनयू में पढ़ानेवाली और नागरिकता पर कई किताबें लिखनी वालीं प्रोफेसर अनुपमा रॉय. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.
जलियाँवाला बाग के चश्मदीद नानक सिंह की किताबें क्या बताती हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 139 14.03.2024 47:37
लेखक अपने समय का इतिहासकार है। पंजाबी लेखक नानक सिंह भी वही थे। उन्होंने जलियांवाला से लेकर पंजाब का विभाजन तक अपनी आंखों से देखा। उसके बारे में कहानी-किस्से-उपन्यास लिखे। उन्हीं नानक सिंह के पोते पूर्व डिप्लोमेट नवदीप सूरी ने हमसे साझा किया कि उनके दादा उस हिंदुस्तान के बारे में क्या कहते थे जिसे बस हम किताबों में पढ़ते हैं। Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं
रामसेतु पर चलकर श्रीलंका आते-जाते थे लोग?: पढ़ाकू नितिन, Ep 138 07.03.2024 1:08:21
भारत और श्रीलंका के बीच चूना पत्थरों की कड़ी को एडम्स ब्रिज या रामसेतु कहा जाता है. धार्मिक आख्यानों से लेकर पर्यावरणीय विविधता तक इसका महत्व झुठलाया नहीं जा सकता. ये भी बड़ी हकीकत है कि इस संरचना को लेकर भ्रम, सवाल, जिज्ञासा अनंत हैं. इन्हीं की शांति के लिए हमारे मेहमान बने हैं प्रो अरूप के चटर्जी, जिन्होंने एक किताब “एडम्स ब्रिज” भी लिखी है. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर...
बांग्लादेश- नेपाल ने ऐसा क्या किया कि भारत से आगे निकल गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 137 29.02.2024 57:42
किसी देश के लिए इतना ही काफी नहीं कि वहां कितने अमीर बसते हैं, ज़रूरी ये आंकड़ा भी है कि कितने गरीब रहते हैं. महिला सुरक्षा, सेहत, शिक्षा, जीवन प्रत्याशा के नंबर भी बताते हैं कि देश किस राह पर है. स्वाति नारायण ने एक किताब लिखी है 'Unequal', जिसकी चर्चा संसद तक में है. किताब का दावा है कि बहुत से इंडिकेटर्स में भारत के पड़ोसी उसे पछाड़ रहे हैं. ये किताब चिंता पैदा करती है और ये चाह भी कि गड़बड़ियो...
चुनावी चंदा, EVM पर शक़, इलेक्शन कमीशन की बेबसी! : पढ़ाकू नितिन Ft. SY Quraishi, Ep 136 22.02.2024 1:18:19
कहते हैं कि हिंदुस्तान हमेशा इलेक्शन में रहता है. कहीं ना कहीं चुनाव चल रहा होता है. दुनिया की सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश में चुनाव करना-करवाना आठवां अजूबा ही है मगर ये अजूबा चुनाव आयोग करीब 75 सालों से कराता चला जा रहा है. इस पूरे भारी भरकम प्रोसेस में मुश्किलें भी कम नहीं. कभी इलेक्टोरल बॉन्ड का झंझट, कभी EVM पर मचमच और कितनी बार तो नेताओं के गिले शिकवे. 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार आए हैं देश के...
चंद्रकांता के क्रूर सिंह को एक्टर होने का प्रूफ कंडक्टर को क्यों देना पड़ा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 135 15.02.2024 1:14:33
चंद्रकांता का क्रूर सिंह, गंगाजल का डीएसपी भूरेलाल, सरफरोश का मिर्ची सेठ और लगान का अर्जन सिंह… सब एक ही थे. नाम है- अखिलेंद्र मिश्र. बच्चों बच्चों को उनका “यक्कू” याद है. 40 साल एक्टिंग की यात्रा करके आज वो 'पढ़ाकू नितिन' के मेहमान हुए. बातें ज़बरदस्त हुई हैं. मज़े का वादा पक्का है...सुनिएगा.
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