Aaj Tak Radio
Padhaku Nitin
Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी क...
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Episodes
ताजमहल के गुंबद से लेकर बंद कमरों तक पहुंचे प्रोफेसर से सुनिए चौंकानेवाले सच : पढ़ाकू नितिन, Ep 44 19.05.2022 2:00:03
ताजमहल को लेकर आजकल बहुत सवाल उठ रहे हैं. कुछ नए हैं कुछ पुराने. इस बार “पढ़ाकू नितिन” में नितिन ठाकुर ने ऐसे शख्स से बात की है जो पांच दशक पहले ताजमहल के गुंबद तक भी गए हैं और अंडरग्राउंड 22 बंद कमरों तक भी. एएमयू में इतिहास विभाग संभाल चुके प्रो सैयद अली नदीम रेज़वी ने इस पॉडकास्ट में ताजमहल से जुड़े ऐसे सभी सवालों का इत्मीनान से जवाब दिया है जो आपके ज़हन में कभी ना कभी उठे होंगे. Disclaimer: इस...
सैकड़ों साल से गली-मोहल्ले में खेले जा रहे खेल कहां खो गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 43 12.05.2022 50:16
जितना पुराना इंसान है शायद उतने ही पुराने खेल. हर देश, हर समाज, हर काल में खेले जाते रहे. रोम में ग्लैडिएटर्स भी खेलते थे, महाभारत में कौरव-पांडव भी. आज के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर ने बात की है अमिताभ सत्यम और संगीता गोस्वामी से खेलों के ही बारे में. ऐसे विशुद्ध देसी खेल जो धीरे धीरे खोते चले जा रहे हैं.
बीजेपी-शिवेसना में बाबरी विध्वंस क्रेडिट की होड़, सुनिए आंखों देखी: पढ़ाकू नितिन, Ep 42 05.05.2022 38:53
बीजेपी-शिवेसना के बीच बाबरी विध्वंस का क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है. ऐसे मौके पर हमने सोचा कि पढ़ाकू नितिन में 6 दिसंबर 1992 की आंखों देखी सुनी जाए. सीनियर जर्नलिस्ट रामदत्त त्रिपाठी ने ना सिर्फ बाबरी को ढहते देखा था बल्कि उसके पहले और बाद के हर वाकये के वो चश्मदीद भी रहे हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में उन्हें ही सुनिए.
फ्री स्पीच के लिए खुले Social Media Platforms खुलकर बोलने कब देंगे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 41 28.04.2022 1:03:01
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स कभी फ्री स्पीच का नारा देकर आए थे, लेकिन लोगों को वो हक दे नहीं सके. ऊपर से उनके सिर पर कई तरह की तलवारें अलग लटकी हैं. अब तो कॉम्पीटिशन भी तेज़ है. तो इस बार पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ Koo के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्णा से बात हो रही है इन्हीं सवालों पर.
पाकिस्तान के खाली खज़ाने की कहानी क्या है, पाकिस्तानी एक्सपर्ट से सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 40 21.04.2022 1:10:57
पाकिस्तान अपने इतिहास की सबसे ज़्यादा महंगाई झेल रहा है, उसके पास विदेश से खरीद के लिए महज़ डेढ़ महीने लायक डॉलर हैं, बेचने के लिए उनके पास कुछ बचा नहीं. ऐसे में राजनीतिक तौर पर डावांडोल पाकिस्तान क्या करेगा, सुनिए पढ़ाकू नितिन में इकोनॉमिस्ट और कराची की हबीब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ अक़दस अफ़ज़ल से. डिस्क्लेमर: इस पॉडकास्ट में पेश किए गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं. आजतक रेडियो का सहमत ह...
Vinod Rai से सुनिए Indian Cricket किसकी पॉलिटिक्स से त्रस्त था: पढ़ाकू नितिन, Ep 39 14.04.2022 1:33:58
विनोद राय का नाम पहली बार देश ने 2G मामले में सुना था. फिर उनका नाम सुर्खियों में आया जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BCCI की कमान संभाली. 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के अंदरखाने का बहुत कुछ देखा-समझा और अब उस पर किताब लिख दी है. इस बार के 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ विनोद राय शामिल हुए और ढेरों सवाल पर इत्मीनान से बोले.
Pakistan में भुट्टो- शरीफ-इमरान आए लेकिन Democracy क्यों नहीं आती है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 38 07.04.2022 1:20:24
पाकिस्तान की सत्ता में चाहे भुट्टो आएं, शरीफ आएं या इमरान खान लेकिन फ़र्क़ ज़्यादा नहीं पड़ता. ये देश डेमोक्रेसी को तरसता ही रहता है. फौज और फॉरेन ताकतें इसके लोकतंत्र को खाती रहती हैं मगर दीमक कई तरफ से लगी है, उन्हें ही पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ टटोल रहे हैं इंटरनेशनल अफेयर्स के आला जानकार प्रकाश के रे.
‘तेल इतना महंगा क्यों है’, जानिए उस पत्रकार से जिसने 27 साल तक इसका जवाब खोजा: पढ़ाकू नितिन, Ep 37 31.03.2022 1:06:51
तेल का खेल समझना आसान नहीं क्योंकि तेल निकलता कहीं है.. उससे पेट्रोल डीज़ल बनता कहीं है.. बिकता कहीं और है.. लेकिन इस बार के पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ सरलता से समझेंगे इस खेल को सीनियर पत्रकार ऋचा मिश्रा से जिन्होंने 27 सालों तक इसी सवाल का पीछा किया कि तेल इतना महंगा क्यों है?
चुनावों के ऐसे-ऐसे अतरंगी क़िस्से जो आपने सुने नहीं होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 36 24.03.2022 1:34:36
चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं और भारत के मामले में महापर्व. हमारे देश में कहीं ना कहीं चुनाव चलता ही रहता है. इन्हीं चुनावों में ढेरों कहानियां बनती हैं. ऐसी ही कहानियों को अपनी किताब में पिरोया है सीनियर जर्नलिस्ट अनिल माहेश्वरी ने.. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में सुनिए और आनंद लीजिए.
Delhi में घूमे, खाए, रहे होंगे लेकिन ऐसे क़िस्से नहीं सुने होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 35 17.03.2022 1:30:47
दिल्ली में चौक और सराय हैं तो प्लेस और एनक्लेव भी. इस बहुरंगी शहर की ढेरों कहानियां हैं. जिनमें कई इलाकों के नाम बनने और उनके मिटने की भी हैं. शर्तिया आपने सुनी नहीं होंगी. पढ़ाकू नितिन में नितिन ठाकुर के साथ पत्रकार और घुमक्कड़ अद्रिजा रॉयचौधरी ने जमकर वो क़िस्से बांचे जो आपको एक बार तो सुनने ही चाहिए.
कौटिल्य अगर आज होते तो पुतिन, बाइडेन, मोदी को क्या सलाह देते?: पढ़ाकू नितिन, Ep 34 10.03.2022 1:24:00
कौटिल्य जिन्हें आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने सदियों पहले एक किताब लिखी. नाम था- अर्थशास्त्र. ये इकोनॉमिक्स के बारे में नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनाने के बारे में है. खूब चर्चित है और विवादित भी. किसी ने इसे भले ना पढ़ा हो लेकिन सुना ज़रूर होगा. वैसे कौटिल्य हों या अर्थशास्त्र दोनों के बारे में अनेक मत हैं.. तो आज ‘पढ़ाकू नितिन’ में Kautilya’s Arthshastra किताब लिखने वालीं सा...
Ukraine- Russia संकट में उलझे देशों की Inside Story: पढ़ाकू नितिन, Ep 33 03.03.2022 1:56:29
यूक्रेन और रूस आज जिस झगड़े में पड़े हैं उसकी बहुत वजहें हैं. रूस और यूक्रेन की अंदरूनी राजनीति से लेकर नेटो का साम्राज्यवाद भी, अमेरिका की एक ख़ास समझ से लेकर लुकाशेंको की एक पुरानी चाह भी. आज इन सारे पहलुओं को 'पढ़ाकू नितिन' में समझिए जहां नितिन ठाकुर संग बैठकी जमी है इंटरनेशनल अफेयर्स एक्सपर्ट प्रकाश के रे की.
रूस को 'सुपर पावर' बनाने के लिए पुतिन के दिमाग में क्या चल रहा है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 32 24.02.2022 1:13:47
यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर रूस अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस मामले में किसी भी देश को दखल न देने की चेतवानी देने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पूरी दुनिया में चरित्र चित्रण हो रहा है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में इस बार पुतिन की शख़्सियत और चाहत पर चर्चा हुई है. इस बातचीत में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में Centre for Russian and Central...
रूस- यूक्रेन विवाद में असल विलेन कौन है, पुतिन, बाइडेन या कोई तीसरा? : पढ़ाकू नितिन, Ep 31 17.02.2022 1:00:30
यूक्रेन हमें दूर बसा देश लगता था लेकिन आज उसकी हर खबर जानने के लिए लोग उत्सुक हैं. लग रहा है मानो वो मोहल्ले का ही कोई घर है जहां बस जंग छिड़ने को है. दुनिया में डर फैला है कि जाने कब रूस की सेना यूक्रेन में घुस जाए! भारत के यूक्रेन से गहरे रिश्ते हैं; हज़ारों छात्र वहां हर साल पढ़ने जाते हैं, व्यापारिक रिश्ते भी फल फूल रहे हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में बात करेंगे जेएनयू में असोसिएट प्रोफेस...
साल में एक बार अस्पताल जाएं तो हम कैसे बचा सकते हैं 12 हज़ार ज़िंदगी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 30 10.02.2022 51:35
क्या आपको पता है कि अगर आप साल में एक दिन अस्पताल जाएं तो 12 हज़ार लोगों की जान बचा सकते हैं. दिल्ली के किरण वर्मा भारत की पैदल यात्रा इसी मकसद से कर रहे हैं ताकि लोगों में ये जागरुकता फैला सकें. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में किरण ने नितिन ठाकुर को बताया कि वो किस मक़सद से घर छोड़कर निकले हैं और क्यों हमें उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए.
Nehru ने फ्री स्पीच को नियंत्रित करने के लिए पहला संविधान संशोधन किया था?: पढ़ाकू नितिन, Ep 29 03.02.2022 1:13:17
भारत का संविधान जितना बड़ा है उतनी ही दिलचस्प कहानी इसके बनने की है. यहां तक कि पहले संशोधन से जुड़े किस्से भी बेहद रोचक हैं. लोग हैरान होते हैं कि इतनी मेहनत के बाद बने संविधान में क्या ऐसा रह गया था कि संसद को 16 महीनों बाद उसमें संशोधन करना पड़ा. आरोप लगते हैं कि शायद नेहरू संविधान लागू होने के बाद फ्रीडम ऑफ स्पीच को सीमित करना चाहते थे, वहीं ये भी कहा जाता है कि आम लोगों को राहत देने की राह मे...
नेहरू की विदेश नीति की आलोचना के बावजूद उसे अपनाने को मजबूर क्यों एस जयशंकर?: पढ़ाकू नितिन, Ep 28 27.01.2022 1:13:36
एस जयशंकर आला डिप्लोमेट और ताकतवर विदेशमंत्री हैं. उन्होंने पद संभालने के बाद दुनिया की चुनौतियों और भारत की रणनीति पर एक किताब लिखी. कई बातें इशारों में भी कहीं. इस किताब को लेकर चर्चा इसलिए ज़्यादा है क्योंकि मंत्री रहते हुए कम ही नेता खुलकर फॉरेन पॉलिसी पर बोलते हैं. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार नितिन ठाकुर के साथ बैठे अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल अफेयर्स...
कश्मीर के झगड़े और नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर ऐसे खुलासे आपने सुने नहीं होंगे: पढ़ाकू नितिन, Ep 27 20.01.2022 1:15:23
कश्मीर के झगड़े की वो कहानी सुनिए जो आपने शर्तिया कहीं सुनी नहीं होगी. ये भी जानिए कि सोवियत और ब्रिटेन के झगड़े में अविभाजित भारत के साथ खेल कैसे हो गया. और ये भी कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद नेताजी सुभाष कहां थे. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में नितिन ठाकुर के साथ खुलासों की बैठकी कर रहे हैं “डार्क सीक्रेट्स” के लेखक इक़बाल चंद मल्होत्रा.
नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी की ज़िंदगी के अनसुने क़िस्से: पढ़ाकू नितिन, Ep 26 13.01.2022 1:09:55
क्या आपको मालूम है नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पहली लड़ाई जाति के खिलाफ थी? और उस लड़ाई में उन्हें अपना उपनाम छोड़ देना पड़ा. ऐसा बहुत कुछ है जो हम 'बचपन बचाओ आंदोलन' के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के बारे में नहीं जानते. पढ़ाकू नितिन की बैठकी में इस बार शामिल हुए हैं कैलाश जी. पूरा पॉडकास्ट सुनिए क्योंकि यहां उन्होंने बचपन, संघर्ष, कामयाबी, सपनों, मोहब्बत पर हर बात बड़ी बेबाकी से कही है...
सारे काम पुलिस को सौंपकर सरकारों ने गड़बड़ कर दी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 25 06.01.2022 1:05:32
पुलिस वालों पर करप्शन, कस्टडी में हत्या, एनकाउंटर से लेकर जाने कौन कौन से आरोप लगते रहते हैं. फिर भी ना सरकारों का और ना पब्लिक का काम पुलिस के बिना चलता है. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ शामिल हुए इंदौर ATS के एसपी रुपेश कुमार द्विवेदी. उनसे सुनिए पुलिस वालों की चुनौतियां और परेशानियां. इस Podcast में सुनिए: - अंग्रेज़ों के ज़माने से अब तक कितनी बदली पुलिस? - पुलिस में सुध...
Malgudi Days, Byomkesh Bakshi वाला दौर पसंद है तो दूरदर्शन के ये अनसुने क़िस्से ज़रूर सुनिए: पढ़ाकू नितिन, Ep 24 30.12.2021 1:43:15
आप अगर उसी जनरेशन के हैं जो नब्बे के दशक में होश संभाल रही थी तो शक्तिमान, ब्योमकेश बख्शी, मालगुडी डेज़ को भूले थोड़े ही होंगे. कभी आपके दिल में सवाल भी उठा होगा कि कौन लोग हैं जो ऐसे दिलकश प्रोग्राम बना रहे हैं. आज पढ़ाकू नितिन की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं प्रो अरूप चटर्जी जिनका नब्बे के दशक की एडवरटाइज़िंग पर ज़बरदस्त शोध है और साथ में राजशेखर व्यास जिन्होंने चालीस साल तक दूरदर्शन की यात्...
जन्म से मिले जेंडर के साथ मिसफिट महसूस हो तो क्या करें?: पढ़ाकू नितिन, Ep 23 23.12.2021 58:36
गे-लेस्बियन्स के बारे में क्या जानते हैं आप? किसी ट्रांसजेंडर्स से कभी कोई बात की है? कभी कोई किन्नर दोस्त बना है आपका? अगर सभी बातों का जवाब निगेटिव है तो ये ‘पढ़ाकू नितिन’ पॉडकास्ट आपके लिए ही है. LGBTQ समुदाय हमेशा से हमारे आसपास रहा है लेकिन हम अजीब ढंग से अनजान बने रहते हैं. वजह है संकोच, पूर्वाग्रह, डर या उपेक्षा का भाव. इस बार नितिन ठाकुर की बैठकी ट्रांसजेंडर फीमेल रुद्राणी छेत्री के साथ जम...
किताबों के सैकड़ों पन्नों से अपने काम की चीज़ कैसे निकाली जाए? : पढ़ाकू नितिन, Ep 22 16.12.2021 1:54:02
किताबें तो करोड़ों हैं लेकिन पढ़ने के लिए चुनी कौन सी जाए? कब कौन सी पढ़नी चाहिए? ढेर में अपने लिए कौन सी बेस्ट रहेगी? किताबों के रसिया लोग इन सवालों से भले न जूझते हों मगर बहुतों के मन में ऊहापोह बनी रहती है. फिर वो जहां-तहां सजेशन और रिकमेंडेशन खोजते हैं. आज के पढ़ाकू नितिन की बैठकी में लेखक, घुमक्कड़, कलाकार, पढ़ाकू जे सुशील अमेरिका से जुड़े हैं. फिलहाल तो साहित्य में पीएचडी भी कर रहे हैं. निति...
China के डर से USA हर हाल में भारत का साथ देने को मजबूर?: पढ़ाकू नितिन, Ep 21 09.12.2021 1:44:35
अमेरिका अपनी लाख चुनौतियों के बावजूद आज भी दुनिया में खेल के नियम तय करता है. पहले सोवियत यूनियन और अब चीन से उसे भले टक्कर मिल रही है लेकिन उसका प्रभुत्व कायम है. भारत के लिए इनमें से अपना साथी चुनना अहम इसलिए बन गया है क्योंकि उसे दुनिया में अपनी जगह कायम करनी है और पड़ोसी पाकिस्तान-चीन का सामना करना है. आज की बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान...
बादशाहों के दरबार से निकली 'किस्सागोई' की दिलचस्प कहानी : पढ़ाकू नितिन, Ep 20 02.12.2021 1:36:09
एक दौर था जब दास्तानगो शहर- शहर कहानी, किस्सों, दास्तान के खज़ाने लुटाया करते थे. लोग उन्हें घेरे रहते. कहानी कहने का उनका स्टाइल दिल में उतर जाया करता था. वक्त बदला और ये विधा फीकी पड़ती गई. दास्तानगोई खुद दास्तान बन गई. ये दिलचस्प कला कहां से भारत आई, कैसे यहां हिट हुई और क्यों फिर भुला दी गई आज पढ़ाकू नितिन में यही जानेंगे. इस सफर पर निकलेंगे तो कई कहानियां सुनने को मिलेंगी. नितिन ठाकुर के साथ...
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