Ramita Mehta
Nani Dadi Ki Kahaniyan
I'm here to share some of the best stories I heard and loved growing up in India.
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Episodes
pride and prejudice - chapter 5 08.10.2021 11:27
गर्व मनुष्य अपनी अच्छाइयों पर करे, तब तक ठीक है पर जब दूसरे उसके बारे में क्या सोचें, इस बात पर घमंड हो तो वह व्यक्ति को उदण्ड बना देता है। आगे सुने क्या हुआ जब charlot lucas और उसके परिवार के अन्य सदस्य बेनेट परिवार से मिलने आए।
रामायण भाग - 13 08.10.2021 13:39
जब रावण को पता चला कि राम की वानर सेना समुद्र पार कर लंका पहुँच गई है तो उन्हे आश्चर्य व भय दोनों हुआ। उसने अपने दो चतुर मंत्री शुक व सारण को गुप्तचर बनकर राम की सेना का भेद लेकर आने कहा। आगे क्या हुआ, इस भाग में सुनते हैं।
pride and prejudice chapter - 4 06.10.2021 9:52
इस भाग मे सुने दो बहनों jane व lizzy की आपस मे बातें। उन्हे असेंबली या डांस प्रोग्राम कैसा लगा। उन्हे bingley या उसकी बहनें और उनका दोस्त darcy कैसा लगा।
pride and prejudice - chapter 3 04.10.2021 13:46
श्रीमती बेनेट और उनकी बेटियों ने श्रीमान बेनेट से बिंगले के बारे में जानकारी लेने की बहुत कोशिश की पर उन्हे सफलता न मिली। आगे सुने बॉल अर्थात डांस पार्टी मे क्या हुआ? जिसकी सभी बेताबी से राह देख रहें थें। मनुष्यों के मनोविज्ञान को बहुत खूबसूरती से पेश करती हैं Jane Austin. जरूर सुने। धन्यवाद।
रामायण भाग 12 04.10.2021 16:22
हनुमान सागर लांघ कर लंका पहुँचे । लंका नगरी बहुत खूबसूरत थी। पहरा भी बहुत कड़ा था। हनुमानजी पूरा शहर ढूंढ लिए पर सीता जी नहीं मिली। ढूंढते ढूंढते सुबह हो गई। आखिर वे अशोक वाटिका में पहुचें। वहाँ उन्हें एक स्त्री दिखीं जो दुखी दिख रही थी। हनुमान जी समझ गए कि वे ही सीताजी होंगी। तभी रावण अपने सहचरों और रानियों के साथ आए। और उन्होंने सीताजी को जान से मारने की धमकी दी। जरूर सुने।
Pride and Prejudice - Chapter 2 हिन्दी में सुनें 01.10.2021 8:21
jane austin ने सभी चरित्रों को बहुत खूबसूरती से पेश किया है। पट्टी पत्नी की नोक झोंक। माँ का बेटियों से बात करने का तरीका उस समय के समाज की सोच को बहुत बखूबी से दर्शाता है। जरूर सुने इस रुचिकर उपन्यास को।
pride & prejudice chapter 1 30.09.2021 8:57
आज से आप सुनेगें अंग्रेजी की प्रसिद्ध उपन्यास का हिन्दी अनुवाद। jane austin बेहद उम्दा लिखती हैं। आप इस उपन्यास का आनंद लें।
रामायण भाग -11 26.09.2021 17:08
जब जामवंत ने हनुमानजी से कहा कि तुम पवन पुत्र हो तुम्ही समुद्र पारकर लंका जा सकते हो, तो हनुमान जी मे जोश भर गया और वे भगवान राम और सुग्रीव को प्रणाम कर समुद्र के ऊपर से उड़ चले लंका की ओर। लंका जाने पर क्या हुआ, उसे सुने।
रामायण भाग 10 24.09.2021 11:01
जब बालि मृत्यु शैय्या मे था तो उसने सुग्रीव को राजा बना दिया और अपने पुत्र व पत्नी तारा का ध्यान रखने की सुग्रीव से प्रार्थना की। रामचन्द्रजी ने सुग्रीव से कहा कि तुम राजा बनो और अंगद को युवराज बनाओ और वर्षा ऋतु समाप्त होने पर प्रसत्रवन पर्वत पर मुझसे आकर मिलों। आगे की कहानी सुने।
रामायण भाग 9 20.09.2021 16:39
जब राम और लक्ष्मण सीताजी को ढूंढ रहे थे, उन्हे जटायु ने दक्षिण पश्चिम की ओर आगे जाने कहा व शबरी से मतंग ऋषि के आश्रम मे मिलने को कहा और मूक पर्वत पर सुग्रीव वानर से मिलने को कहा। राम और लक्ष्मण जटायु का दाह संस्कार कर आगे बढ़े तो उन्हे कबंधन राक्षस मिला जिसका बहुत बड़ा पेट था और सिर था ही नहीं! आगे सुने राम और सुग्रीव की मित्रता के बारे मे और बाली के वध के बारे मे।
रामायण भाग 8 18.09.2021 13:03
रामायण की यह कहानी तुलसीदासजी की रामायण से थोड़ी भिन्न है। शूर्पनखा राम को पंचवटी मे देखकर उनपर रीझ जाती है और उनसे शादी करने कहती है। किन्तु जब राम या लक्ष्मण उससे शादी करने को तैयार न हुए तो वह क्रोधित होकर सीता पर झपटी। तब लक्ष्मण ने उसका नाक व कान काट लिया। वह अपमानित होकर अपने चचेरे भाई कहर व दूषण के पास पहुंची। आगे सुने।
रामायण भाग 7 15.09.2021 9:53
भरत जब वापस अयोध्या लौट गए, तब रामचन्द्रजी, लक्ष्मण व सीता मंदाकिनी नदी के किनारे किनारे दक्षिण की ओर बढ़ने लगे। आगे उन्हे अत्री ऋषि का आश्रम मिला। उन्होंने रात वहीं बितायी और सुबह दंडक वन के लिए रवाना हो गए। ऋषि पत्नी भगवती अनुसूया ने सीता को दिव्य वस्त्र, दिव्य अलंकार और दिव्य आभूषण का उपहार दिया जो कि कभी मैले नहीं होते और न ही टूटते हैं। आगे सुने।
रामायण भाग 6 13.09.2021 11:19
भरत को इतनी बड़ी सेना के साथ आते देखकर निषादों के राजा गुह पेशोपेश मे पड़ गए कि भरत रामचन्द्रजी से मिलने जा रहा है या युद्ध करने! उन्होंने निश्चय किया कि यदि भरत उनसे युद्ध करने जा रहे हैं तो पहले उन्हे राजा गुह की सेना से लड़ना होगा। फिर उन्होंने सोचा कि वहाँ जाकर पता करते हैं और वे बहुत सारे उपहार लेकर भरत से मिलने गए। भरत से मिलते ही उनकी शंका दूर हो गई। वे समझ गए कि भारत अपने भाई से मिलने और उन्ह...
रामायण भाग 5 12.09.2021 12:58
रामचन्द्रजी, सीता व लक्ष्मण सुमंत्र के साथ रथ मे शाम होने तक गंगा नदी के किनारे शृंगवेरपुर पहुचे । वहाँ निषादों के राजा गुह रहते थे । वे तुरंत उनसे मिलने आए और शृंगवेरपुर को अपना घर समझ कर रहने की अनुग्रह करने लगे किन्तु रामचन्द्रजी ने उन्हे वनवास की बात बताई और वहीं पेड़ के नीचे घास की शैय्या पर सो गए। अगले दिन रामचन्द्रजी ने सुमंत्र को वापस जाने कहा और उनका प्रणाम मत पिता तक पहुचाने कहा। आगे सुने...
रामायण भाग 4 09.09.2021 12:46
कल राम का राज्याभिषेक होना है। राज्य सभा मे राजा दशरथ ने यह घोषणा की। आस पास के राज्यों के सभी राजाओं को आमंत्रित किया गया किन्तु मिथिला के राजा जनक व भरत के नाना को नहीं बुलाया गया। सभी को राजा दशरथ का सुझाव पसंद आया कि राम राजा बने। रानी कौसल्या बहुत खुश थी पर काल होने के पहले ही सबकुछ बदल गया। आगे सुने..
रामायण भाग 3 06.09.2021 11:20
बड़ी रोचक कथा है। मुनि विश्वमित्र जी रामचन्द्र जी को राजा दशरथ से मांग कर ले जाते हैं ताकि वे राक्षसों का वध कर दें। ये राक्षस यज्ञ मे बहुत बाधा पहुचते हैं। लक्ष्मण भी साथ हो लेते हैं। रंचन्द्रजी बड़ी आसानी से ताड़का व अन्य राक्षसों का वध करते हैं। विश्व मित्रजी राम व लक्ष्मण को मिथिला ले जाते हैं। आगे सुने।
सुभद्रा कुमारी चौहान की ठुकरा दो या प्यार करो कविता 06.09.2021 3:21
सुभद्रा कुमारी चौहान की खूबसूरत कविता प्रस्तुत है। इसमे कवियत्री भगवान को संबोधित करते हुए कहती हैं कि आप के पूजन के लिए ढेरों चढावा लेकर धनवान व्यक्ति आते हैं किन्तु मैं बहुत गरीब हूँ इसीलिए कुछ भी नहीं ला पाई। आपके प्रति हृदय मे जो अथाह प्रेम व श्रद्धा है उसे अभिव्यक्त करने का भी मुझमे चातुर्य और स्वर मे मधुरता नहीं है। फिर भी मैं साहस कर आई हूँ। यह प्राण आप ही की दी हुई है। मैं इसे आपके चरणों म...
रामायण भाग 2 03.09.2021 10:23
जब रामचन्द्र जी थोड़े बड़े हुए उन्हे और उनके भाइयों को वशिष्ठ मुनि के आश्रम मे सभी विद्याओं को सीखने के लिए भेज गया। बहुत शीघ्र ही रामचन्द्रजी व उनके भाई सभी विद्याओं मे कुशल हो गए। आगे सुने।
रामायण - 1 भाग 02.09.2021 7:11
राजा दशरथ कोसल नगरी के राजा थे। बहुत योग्य राजा थे। प्रजा हर तरह से सुखी थी। किन्तु राजा के कोई संतान न थी।
रामायण - वाल्मिकीजी द्वारा रचित 01.09.2021 6:03
इस रामायण की रचना आज से 2500 वर्ष पूर्व हुआ था। तब रामचन्द्रजी जीवित थे। इस रामायण के रचना की पृष्टभूमि भी अति रोचक है। जरूर सुने।
जयशंकर प्रसाद की कविता - प्रयाण गीत 29.08.2021 2:23
जय शंकर प्रसादजी की बेहद खूबसूरत व देशप्रेम से ओत प्रोत रचना प्रस्तुत है। जय शंकरजी हिन्दी के प्रसिद्ध कवियों मे से एक हैं। उनकी भाषा थोड़ी क्लिष्ट है। देश के सेनिकों को प्रोत्साहित करने वाली है यह कविता, कि कर्तव्य के पथ पर बढ़ो। देश त्याग और बलिदान माँगता है। तुम्हारा जय तो निश्चित है तुम वीर पूर्वजों के संतान हो। कविता का आनंद लें।
माखन लाल चतुर्वेदीजी की कविता पुष्प की अभिलाषा 29.08.2021 1:20
माखन लाल चतुर्वेदी जी की एक पुष्प के देश भक्ति की कल्पना बहुत ही मोहक है। बहुत चोटी सी कविता है पर मन को छू लेने वाली कविता है।
दिनकरजी का महाकाव्य कुरुक्षेत्र - अंतिम भाग 26.08.2021 7:25
बार बार यही सवाल उठता है कि क्या युद्ध अनिवार्य है? क्या भटके हुए को रास्ते मे लाने का और कोई विकल्प नहीं? क्या वीर पुरुष का अन्याय सहन उचित है और कबतक उचित है? सुने दिनकरजी की समीक्षा ।
दिनकरजी की कुरुक्षेत्र सर्ग 3 17.08.2021 9:14
युद्ध मे हुए विध्वंस से युधिष्ठिर क्षुबध हैं। किन्तु पितामह कहते हैं कि युद्ध कुरुक्षेत्र के पहले भी हुआ है और बाद मे भी होता रहेगा क्योंकि ईर्ष्या युद्ध का सृजन करता है। सुनते है दिनकरजी का महाकाव्य कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र महाकाव्य सर्ग 2 भाग 2 13.08.2021 12:28
दिनकरजी ने कुरुक्षेत्र के युद्ध के बाद, युधिष्ठिर के हृदय मे उठ रहे संताप का वर्णन किया है और उसे सुनने के बाद पीतामह के माध्यम से युद्ध की विवेचना की है। बहुत कशमकश की स्तिथि है। जरूर सुने।
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