Rahul Gaur

Majhdhaar / मझधार : Literature to be cherished

Society HI ↓ 71 episodes

Here at Majhdhaar, you get to listen to some exquisite pieces of writings - stories, poems, articles, reminiscences, satires, essays, what have you. If you like what you hear, rate the podcast, follow it on your platform and spread the word around :) Connect atEmail - rahuljigaur@gmail.com. Instagram - @majhdhaar Facebook - https://www.facebook.com/rahul.gaur.332#hindistories #books #poems #literature #podcast #hindi #rajasthani #punjabi #languages #Indian

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Rahul Gaur

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Society

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Jul 9, 2026

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Episodes

Ep 20 दुष्यंत कुमार को नमन / Dushyant Kumar - A small remembrance 01.09.2021

हिंदी ग़ज़लों के प्रणेता दुष्यंत कुमार जी की आज १ सितंबर को जयंती है। उनको याद करते हुए आज का ये एपिसोड.. “मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही ‎‏हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए” ‎‏~दुष्यंत कुमार

Ep 19 एक क़स्बे का जुगराफ़िया वाया थ्योरी मास्साब: लपूझन्ना- भाग ६ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 6 (Ashok Pandey) 20.08.2021

ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...

Ep 18 पाथळ अर पीथळ: कन्हैया लाल सेठिया / Paathal Ar Peethal: Kanhaiya Lal Sethiya 13.08.2021

75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई! स्वतंत्रता और स्वाधीनता की भावना के प्रदीप्त प्रतीक हैं महाराणा प्रताप, जिन्होंने सम्राट अकबर की पराधीनता स्वीकार नहीं की थी। मेवाड़ को स्वतंत्र रखने के लिए जंगल-जंगल घूमना मंजूर किया था.   लोकश्रुति है कि इस प्रवास के दौरान एक कमजोर क्षण ऐसा आया जब अपने पुत्र अमर सिंह को रोटी के लिए बिलखते देखा तो अकबर को संधि-प्रस्ताव लिख भेजा. परन्तु अकबर के दरबार में नियुक्त कवि-...

Ep 17 प्रेमचंद के फटे जूते: हरिशंकर परसाई/ Premchand Ke FaTey Jootey: Harishankar Parsai 31.07.2021

आज हिंदी कथा सम्राट प्रेमचंद जी का जन्मदिन है। प्रेमचंद का विपुल कथा साहित्य पूरी सच्चाई में अपने समय का सामाजिक और सांस्कृतिक दस्तावेज है। उनके यथार्थवादी साहित्य को और उनकी ईमानदार शख़्सियत को सलाम करता ये लेख सुनिये जो प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई ने लिखा था।

EP 16 नौ फुट की खाट और आश्टेलिया के राष्ट्रपति का आगमन: लपूझन्ना- भाग ५ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 5 (Ashok Pandey) 23.07.2021

ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...

Ep 15 अम्मा की ईद: संदीप नाइक / Amma Kee Eid: Sandeep Naik 21.07.2021

अपने बच्चों के लिये टुकड़ा टुकड़ा ख़ुशी जोड़ती हुई माँ की यह ह्रदय-स्पर्शी कहानी संदीप नाइक ने लिखी है और बाल विज्ञान पत्रिका “चकमक” के अगस्त २०१६ अंक में छपी थी। ईद मुबारक!

Ep 14 टांडा फिटबाल क्लब और पेले का बड़ा भाई: लपूझन्ना- भाग ४(अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 4 (Ashok Pandey) 16.07.2021

ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...

Ep 13 कर्नल रंजीत और विज्ञान के पहले सबक: लपूझन्ना- भाग ३ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 3 (Ashok Pandey) 09.07.2021

ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...

Ep 12 बागड़बिल्ले का टौंचा: लपूझन्ना- भाग २ (अशोक पाण्डे) / Lapoojhanna- Part 2 (Ashok Pandey) 02.07.2021

ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...

Ep 11 लपूझन्ना - भाग १ (अशोक पांडेय) / Lapoojhanna - Part 1 (Ashok Pandey) 25.06.2021

ढाई तीन दशक पहले, जब ज़िंदगी उपभोक्तावाद के प्लास्टिक पंजों में इतनी बुरी तरह जकड़ी नहीं गयी थी, बचपन का समय एक अलमस्त बेफ़िक्री से भरा समय था। ख़ासकर छोटे शहरों और क़स्बों में, बच्चे ऐंचक बेंचक गली मोहल्लों में खेलते कूदते, ज़िंदगी और इसके किरदारों से एक्सपेरिमेंट्स करते कराते, टीन एज की ओर ख़िरामाँ ख़िरामाँ बढ़ते रहते थे। लपूझन्ना एक छोटे शहर के ऐसे ही एक बचपन की संस्मरणात्मक शैली की कथा है जो ल...

Ep 10 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ९) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 9- by Shailesh Matiyani 03.06.2021

सूबेदार नैन सिंह की छुट्टी ख़त्म- और आज वापसी… कैसे तो दिल को समझाते हुए निकल रहे हैं सूबेदार, और कैसे तो सूबेदारनी भी आने वाले विछोह को भुला देना चाह रहीं हैं... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी का आख़री अंक आपको अपने साथ बहा ले चलेगा

Ep 09 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ८) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 8 - by Shailesh Matiyani 29.05.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर आये हुए हैं। छुट्टियाँ ख़त्म होने को हैं और हर एक चीज़ सूबेदार को आने वाले विछोह की याद दिला रही है…प्रेम की गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 08 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ७) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 7- by Shailesh Matiyani 28.05.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर आये हुए हैं... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 07 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ६) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 6 - by Shailesh Matiyani 24.05.2021

सूबेदार नैन सिंह और पत्नी की प्रेम कथा - गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 06 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ५) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 5 - by Shailesh Matiyani 20.03.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 05 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग ४) - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 4 - by Shailesh Matiyani 04.03.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 04 अर्द्धांगिनी - लम्बी कहानी (भाग ३) - लेखक: शैलेश मटियानी/ Ardhhangini- Part 3 by Shailesh Matiyani 26.02.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 03 अर्द्धांगिनी- लम्बी कहानी (भाग २) - लेखक: शैलेश मटियानी / Arddhangini - Part 2 - By Shailesh Matiyani 21.02.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 02 अर्द्धांगिनी (लंबी कहानी) - भाग १ - लेखक: शैलेश मटियानी / Ardhhangini - Part 1 - By Shailesh Matiyani 12.02.2021

सूबेदार नैन सिंह छुट्टी ले कर घर के लिये निकले हैं और मन चार कोस आगे आगे पत्नी से मिलने को दौड़ रहा है... गहरी नदी से मंथर बहते दाम्पत्य जीवन के प्रेम से भरी ये भावपूर्ण लम्बी कहानी आपको अपने साथ बहा ले चलेगी...

Ep 01 Shyam, Phir Ek Baar Tum Mil Jaate / श्याम, फिर एक बार तुम मिल जाते 31.01.2021

In this heart-touching part of the famous book “Shyam, Phir Ek Baar Tum Mil Jaate” the author Dinkar Joshi beautifully imagines Shri Krishna leaving his mortal body for his heavenly journey ahead.

Majhdhaar / मझधार : Literature to be cherished (Trailer) 30.01.2021

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