S.M.Irfan
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A Tapestry of Voices and Stories, Spun with CareA soulful creation shaped by affection, thriving on the warmth of its listeners. Your contribution helps keep this free, bringing global stories, rare sound recordings, and personal music archives to all without paywalls. I curate voices, readings from literature, and cultural studies with immense care. Through my recent initiative, Read Aloud Collective, voices from around the world are coming together in celebration of spoken word. Grateful for your love -keep listening, keep supporting! Contribute: https://rzp.io/rzp/Memorywala
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Episodes
Meri Filmi Atmakatha 16 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 10.11.2022 25:55
"वहां से सेट तक अहाते में कई चमचमाती हुई मोटरें खड़ी थीं। मैंने इधर-उधर देखा और एक दो पर थूका। फिर बाकी मोटरों पर मन ही मन थूका। जब मैं सेट पर पहुंचा तो अनवर (अभिनेता) की तरफ ऐसी हिकारत से घूरकर देखा जैसे वे सचमुच अपनी बहन (मीना कुमारी) के टुकड़ों पर पलते हैं (आज यह सब सोचकर मन में बड़ी ग्लानि होती है)। और जब अनवर ने मेरी नजर के सामने आंखें झुका लीं तो मैंने जीत का गुरूर महसूस किया। (फिल्मों...
Sneak Peak | Pillars of Parallel Cinema 10.11.2022 3:31
We invite you to immerse yourself in the world of parallel cinema in India. This series, woven around the book Pillars of Parallel Cinema by the eminent film scholar and filmmaker OP Srivastava , aims to offer 50 episodes, each providing an overview of the 50 path-breaking Hindi movies discussed in the 284-page book. These podcasts are designed to give you a sonic experience of these remarkable fi...
Meri Filmi Atmakatha 15 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 09.11.2022 14:51
"नाबालिग बच्चे का अकेले काम पर जाना ठीक नहीं समझा जाता। उसके साथ घर के किसी न किसी व्यक्ति का जाना जरूरी है। परीक्षित के साथ स्टूडियो जाने में मेरे स्वाभिमान को चोट पहुंचती थी। इस प्रकार मैं लोगों की नजरों में बच्चे से काम कराने वाला बेरोजगार बाप बन जाता। परीक्षित को तो मैंने मर्द बनने के लिए मना लिया था। लेकिन मैं खुद मर्दानगी से परिस्थितियों का मुकाबला करने लायक न बन सका। मैंने यह सोचकर खुद को त...
Meri Filmi Atmakatha 14 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 08.11.2022 21:17
"एक बात और, फिल्मलाइन में सभी एक दूसरे का बुरा सोचते हैं। ऊपर से तो वे बेहद प्यार मोहब्बत से पेश आते हैं, पर मन में दूसरे की पूरी और हमेशा के लिए तबाही की कामना करते हैं। जो व्यक्ति उनकी नजर से दूर हो जाए, वे समझते हैं कि वह खत्म हो गया। इससे उन्हें खुशी और तसल्ली मिलती है। फिल्मों में सफल होने की एक शर्त यह भी है कि दोस्तों-साथियों को यह खुशी और तसल्ली प्राप्त ना होने दी जाए।" ~ बलराज साहनी , मेर...
Meri Filmi Atmakatha 13 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 07.11.2022 12:51
" श्याम (a renowned actor and Manto's close friend) ने भी मेरे पड़ोस में अपना बंगला बनवाया था। एक दिन खबर मिली कि आउटडोर शूटिंग करते हुए वे घोड़े से गिरकर मर गए हैं। सुनकर बहुत दुख हुआ। श्याम जी रावलपिंडी के थे और हमारे परिवारों का आपस में बहुत प्यार था। वह मेरी बहुत इज्जत करते थे। मातमपुर्सी के लिए मैं घर से पैदल चल पड़ा। क्योंकि मेरी मोटरसाइकिल का ड्राइवर नहीं आया था। यह भी अपने आप में एक...
Meri Filmi Atmakatha 12 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 06.11.2022 14:38
"मेरी सेहत बहुत गिरी हुई थी। डॉक्टर ने मुझे कश्मीर जाने की सलाह दी। वहां भी हालात बहुत हंगामी थे लेकिन सांप्रदायिकता का कहीं नामोनिशान तक न था। महाराज हरि सिंह का दमनचक्र जोरों से चल रहा था। शेख अब्दुल्ला, सादिक, डीपी धर और कई अन्य नेता जेल में थे। जिनके कारण जनता में बहुत बेचैनी थी। कई राजनीतिक कर्मचारी रूपोश होकर बगावत फैला रहे थे और इस नेक काम में पुलिस तक उनकी मददगार थी। एक ख...
Meri Filmi Atmakatha 11 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 05.11.2022 15:28
"अमीर घरों के लोग भी हमारे साथ दोस्ती करने के लिए बेचैन रहते थे। फिल्म स्टार के साथ उठने बैठने से उनकी इज्जत बढ़ती थी। जब हम उनकी घटिया पार्टियों से उकताकर पीछा छुड़ाते तो वह इप्टा या कम्युनिस्ट पार्टी को चंदा देकर हमें ललचाते। अभिनेता और खासकर अभिनेत्री बुर्जुआ समाज के लिए एक खिलौना हैं। बिल्कुल इस तथ्य का हमें बिल्कुल ज्ञान नहीं था। अभिनेत्री को दिए जाने वाले सम्मान में बहुत सा तिरस्कार का भी अं...
Meri Filmi Atmakatha 10 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 04.11.2022 18:06
"उस दौर में कृश्न चन्दर ने भी एक फिल्म बनाई अपने नाटक 'सराय के बाहर' के आधार पर। खुद ही उसका निर्देशन भी किया। प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि हरिंद्रनाथ चट्टोपाध्याय के एक उपासक ने 'आजादी' नामक एक आदर्शवादी फिल्म बनाने के लिए अपनी सारी पूंजी उनके कदमों में ला कर रख दी। उपर्युक्त उदाहरण से अच्छा सबूत क्या हो सकता है कि फिल्मी इतिहास के उस मोड़ पर हमारे बुद्धिजीवी वर्ग को उच्च स्तर की फिल्में बनाने के लिए स...
Meri Filmi Atmakatha 9 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 03.11.2022 33:12
"पर हम इतनी ज्यादा आत्मग्लानि के शिकार भी नहीं थे। गांधीजी के प्रति हमारी श्रद्धा इतनी गहरी थी कि उसका उल्लेख नहीं किया जा सकता। ख़ासकर दम्मो को तो बापू, कस्तूरबा, आशादी और आर्यन दा से बेहद प्यार मिला था। पर गांधीवाद पर से हमारा विश्वास काफी हद तक उठ गया था। यह ठीक है कि हम अपने देश की आजादी के लिए लड़े नहीं थे, जेलों में नहीं गए थे, पर अनगिनत रातें हमने बमों की बारिश के नीचे गुजारी थीं। हमने...
Meri Filmi Atmakatha 8 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 02.11.2022 28:06
"अचानक एक दिन शूटिंग का बुलावा आ गया। जीवन में मेरी पहली शूटिंग। शाम के सात बजे का कारदार स्टूडियो पहुंचना था। IPTA की एक मीटिंग बीच में ही छोड़कर मैंने ठीक समय पर चर्नी रोड स्टेशन से गाड़ी पकड़ी। शूटिंग शब्द सुनकर दोस्तों-साथियों पर ऐसी प्रतिक्रिया हुई जैसे बिजली के तार को हाथ लग जाए। मैं एक क्षण में उनके लिए प्यार के बजाय ईर्ष्या का पात्र बन गया। और उस दिन से लेकर आज तक मैंने अपने इर...
Guftagoo with Varun Grover | Writer and Lyricist 01.11.2022 55:27
Recorded in Mumbai, 2015 this TV interview was first shown on Rajya Sabha TV. Irfan talking to the Writer and Lyricist Varun Grover (born 26 January 1980) in the longest running celebrity talk show Guftagoo About Guftagoo Guftagoo (Conversations) is India’s only uninterrupted, unscripted and unhurried celebrity talk show. Running since 2011 the show has a rich repository of 400+ TV shows varying f...
Meri Filmi Atmakatha 7 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 01.11.2022 26:51
"अब मुझे कॉन्ट्रैक्ट मिल गया था और मैं दावे के साथ अपने आप को फिल्म-अभिनेता कह सकता था। आज कॉन्ट्रैक्ट हुआ है, कल काम शुरू हो जाएगा ऐसा मेरा अनुमान था। पर दिन पर दिन बीतने लगे। न काम के, न ही पैसे के आसार नजर आए। पर शूटिंग का खयाल मेरे मन पर पूरी तरह छा गया था। नाई से बाल कटवाने के लिए भी मैं प्रोड्यूसर के दफ्तर जाकर ही इजाजत मांगता, क्योंकि किसी से सुन लिया था कि थोड़ा बहुत फर्क पड़ जाने से...
Meri Filmi Atmakatha 6 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 31.10.2022 20:17
"पर इसके उलट एक और भी प्रवृत्ति मेरे भीतर से सिर निकाल चुकी थी हार ना मानने की अपने लक्ष्य पर पहुंच कर ही दम लेने की। मेरे इस व्यक्तिवादी रवैये को जीवन में बहुत ही सख्त चोटें भी लगी थीं। ऐसा होना स्वाभाविक था। और जख्मी हालत में जब मैं अपने चारों तरफ देखता था तो पता चलता था कि सारा संसार ही दुखी है। मेरे अंदर अपने दुख को दूसरों के दुखों के साथ साझा करने की भावना और मानवता के साथ गहरा रिश्ता जोड़ने...
Meri Filmi Atmakatha 5 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 30.10.2022 19:39
"पर मेरी सभी आशाएं ख़ाक में मिल गयीं। ऐसा लगा जैसे किसी ने पहाड़ की चोटी से मुझे नीचे पटक दिया हो। कला की सब क़दरों और क़ीमतों पर जैसे छुरी फेर दी गयी हो। संस्कृत का मुझे बचपन से शौक़ रहा था और अभिज्ञानशाकुंतलम को मैं कोमल अनुभूतियों का ख़ज़ाना मानता हूँ। शांताराम जैसा निर्देशक उसे इतना खुरदुरा और भद्दा बनाकर पेश करेगा, दिल मानने को तैयार नहीं होता था। कहीं यह कोई दूसरा शांताराम तो नहीं है ? मेरी आत्मा व...
Meri Filmi Atmakatha 4 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 29.10.2022 22:28
नंदलाल बोस ने कहा "एक बात हमेशा याद रखना हज़ार रुपये खर्च करके कोई बुद्धू भी नाटक खेल सकता है। कलाकार वही है जो वही नाटक दस रुपये में खेल कर दिखा दे।" (बलराज साहनी की किताब 'मेरी फ़िल्मी आत्मकथा' सबसे पहले अमृत राय द्वारा सम्पादित पत्रिका 'नई कहानियां' में धारावाहिक रूप से प्रकाशित हुई। बलराज जी के जीवन काल में ही यह पंजाबी की प्रसिद्ध पत्रिका प्रीतलड़ी में भी यह धारावाहिक ढंग से छपी। 1974 में जब यह...
Meri Filmi Atmakatha 3 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 28.10.2022 27:18
कॉलेज का दौर खत्म हुआ। जीवन के क्षेत्र में उतरने का समय आया। जीवन के अखाड़े में उतरते ही ऐसी चोटें पड़ीं कि कुछ मत पूछिए। नाक से खून बहने लगा, मुंह माथा सूज गया, बांह रूमाल में टांगनी पड़ी। कवि ने बड़े सुंदर शब्दों में चित्र खींचा है- 'इकबाल' मेरे इश्क ने सब बल दिए निकाल मुद्दत से आरजू थी सीधा करे कोई। (बलराज साहनी की किताब 'मेरी फ़िल्मी आत्मकथा' सबसे पहले अमृत राय द्वारा सम्पादित पत्रिका 'नई कहानि...
Meri Filmi Atmakatha 2 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 27.10.2022 13:41
अपने बचपन में फिल्मों के शुरुआती एनकाउंटर्स और युवावस्था में उनके मोहपाश से गुज़रते हुए अपनी आत्मकथा के इस दूसरे अध्याय में बलराज साहनी कहते है - जो विद्वान फिल्मों का नाम सुनते ही उपेक्षा से नाक भौं सिकोड़ लेते हैं, उन्हें सिनेमा के व्यापक स्तर पर होनेवाले व्यापक प्रभावों पर संजीदगी से गौर करना चाहिए। (बलराज साहनी की किताब 'मेरी फ़िल्मी आत्मकथा' सबसे पहले अमृत राय द्वारा सम्पादित पत्रिका 'नई कहानिया...
Meri Filmi Atmakatha 1 | Balraj Sahni | Recited by Irfan 26.10.2022 18:50
बलराज साहनी की किताब मेरी फ़िल्मी आत्मकथा सबसे पहले अमृत राय द्वारा सम्पादित पत्रिका 'नई कहानियां' में धारावाहिक रूप से प्रकाशित हुई। बलराज जी के जीवन काल में ही यह पंजाबी की प्रसिद्ध पत्रिका प्रीतलड़ी में भी यह धारावाहिक ढंग से छपी। 1974 में जब यह किताब की शक्ल में आई तो फिल्मप्रेमियों और सामान्य पाठकों ने इसे हाथो हाथ लिया। मैं पिछले 7 - 8 वर्षों से इसके पॉडकास्ट बनाने की कोशिश में हूँ। बीच में 4-...
Kyon Padhein ? | Prof Krishna Kumar 23.10.2022 1:07:46
Prof Krishna Kumar locates early literacy in larger context of culture, market, education and school / institution. This characteristically engaging talk in Hindi examines multiple dimensions of literacy in the Indian context. Audio extract from the Youtube video Keynote Address on Early Literacy by Prof Krishna Kumar. Organised by Sir Ratan Tata Trust and Organisation for Early Literacy Promotion...
Suno MF Husain Ki Kahani | Intro | Voice MF Husain 21.10.2022 2:55
Maqbool Fida Husain / M. F. Husain's autobiography converted into 5 hours unique audio book. Syed Mohd Irfan aka Irfan a well-known Delhi based Broadcast Journalist. Founder-Producer and Anchor Guftagoo made it possible. A pioneering work came out first time in Indian Sub-continent in 2003. “किसी ने कहा- ‘अपनी कहानी लिखो’। पूछा ‘क्यों?’ कहा ‘तुम पर फ़िल्म बनाई जाए।’ ‘फ़िल्म! ज़रा मेरा हुलिया तो देखिय...
Improve Your Speech as an Actor | Hema Singh 20.10.2022 1:29:57
Courtesy : NSD's YouTube Cover Art : Irfan
Hum Hindu Nahin They | Krishna Kalpit | Poem 15.10.2022 0:59
In Poet's voice. New Delhi 2015 Photo: Irfan
Sharad Joshi | Typewriter Per Pravahwadi Prayog | Voice Irfan 05.10.2022 7:43
Essay courtesy Yathasambhav, Gyanpith Voice Irfan Image Courtesy Google Cover art and Production: Irfan
Name the Narrator 27.09.2022 1:36
A short video narrating life and skills of Pt Mukul Shivputra. Audio Source: YouTube Cover Art: Irfan
Agyeya | In His Own Voice 23.09.2022 1:22:29
Curated in 2022 by Irfan Audio Courtesy Ramesh Mehta's YouTube Channel and Roving Mic Image Courtesy: Om Thanvi's Facebook Cover Art: Irfan
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