AKTANU899
कविताएं (Poetry Hindi -Urdu)
I like poetry. I have made this podcast to recite some of my favourite poets poem and some of my own.
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Episodes
तआ'रुफ़ 20.07.2026 2:53
राही मासूम रज़ा
तुझे गीत में जो बुला गये 20.07.2026 1:23
शमशेर बहादुर सिंह
मैं गौतम नहीं 20.07.2026 0:45
खलीलुर्रहमान आज़मी
हम किसी से क्या कहें 20.07.2026 1:21
शमशेर बहादुर सिंह
बनारस 16.07.2026 1:19
रियाज़ लतीफ़
ख़्वाब का दर बंद है 16.07.2026 0:31
शहरयार
एक ख़्वाहिश 16.07.2026 0:33
बशर नवाज़
टुकड़ों में बंटी हुई ज़िन्दगी 16.07.2026 0:45
अज़रा अब्बास
मैं तुम्हें याद कर रहा था 16.07.2026 0:42
सरवत हुसैन
आदमी की तलाश 16.07.2026 1:08
निदा फ़ाज़ली
बंजारा-नामा 16.07.2026 5:37
नज़ीर अकबराबादी
Only for thee that I hope (Gitanjali) 14.07.2026 0:47
Rabindra Nath Tagore
दोनों इक सड़क के आर- पार चल रहे हैं हम 14.07.2026 0:32
गुलज़ार
ख़्याल को वजूद देके, उसको ढूंढ़ते रहे 14.07.2026 0:53
गुलज़ार
ऐ इश्क़ हमें बर्बाद न कर 2 14.07.2026 2:38
अख़्तर शीरानी
ऐ इश्क़ हमें बर्बाद न कर 1 14.07.2026 3:28
अख़्तर शीरानी
मोहब्बत अब नहीं होगी 14.07.2026 0:26
मुनीर नियाज़ी
पहुंच 12.07.2026 0:16
तुम्हारे साथ देखते-देखते समुद्र पर पुल बन गया है, ऊंचे गिरि शिखरों तक सड़क जन संकुल नगरों से दूर निकल आया हूं - हाथों में थामे तुम्हारा हाथ! दुष्यंत कुमार
सारे रिश्ते भुलाए जाएंगे अब तो ग़म भी गंवाए जाएंगे जौन एलिया 12.07.2026 2:16
सारे रिश्ते भुलाए जाएंगे अब तो ग़म भी गंवाए जाएंगे जानिए किस क़दर बचेगा वो उससे जब हम घटाए जाएंगे उसको होगी बड़ी पशेमानी अब जो हम आज़माए जाएंगे क्या गरज़ दौर-ए- जाम से हमको हम तो शीशे चबाए जाएंगे मेरी उम्मीद को बजा कहकर सब मेरा दुख बढ़ाए जाएंगे कम से कम कुछ गली में जानानां धूम तो हम मचाए जाएंगे जख्म पहले के अब मुफ़ीद नहीं अब नये ज़ख़्म खाए जाएंगे हो ख़ुदा कि आदम-ओ-इब्लीस सब के सब आज़माए जाएंगे शाख...
वर्षा 11.07.2026 0:35
दुष्यंत कल दिन भर वर्षा हुई कल न उजाला दिखा अकेला रहा तुम्हे ताकता अपलक। आती रही याद: इंद्रधनुषों कि वे सतरंगी छवियां खिंची रहीं जो मानस पट पर भरसक। कलम हाथ में लेकर बूंदों से बचने की चेष्टा की इधर-उधर को भागा भींग गया पर मस्तक: हाय! भाग्य की रेखा, मुझ पर ही आकाश अकारण बरसा पर तुम ... बूंदें गई न शायद तुम तक। दुष्यंत कुमार
एक शाम की मनःस्थिति 11.07.2026 0:35
दुष्यंत कुमार
वर्षों बाद 11.07.2026 0:55
दुष्यंत कुमार
सितारों के पयाम आये 30.06.2026 0:30
अली सरदार जाफ़री
वही फ़ासला लगे है मुझे 30.06.2026 1:09
जां निसार अख़्तर
दर्द वही जो मीठे-मीठे गीतों में ढल जाता है 30.06.2026 1:00
ताबां गुलाम रब्बानी
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