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Dec 26, 2023

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Episodes

ममता से वंचित - Tragic life of Orphans (Duniya Mere Aage, 02 March 2023) 02.03.2023

अनाथ या परित्यक्त बच्चों की अधिकतर आबादी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़ी आबादी वाले राज्यों में है। अनाथ बच्चों के एक छोटे से हिस्से को ही संस्थागत देखभाल में रखा जाता है। बाकी बचे बच्चे अपने भरोसे सड़क पर भटकने के लिए या कहीं बेगारी करने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। यह एक सभ्य समाज और जिम्मेदार सरकार के लिए चिंता का सबब है।

सलीके की खत्म होती समझ - Lack of Money Management (Duniya Mere Aage, 01 March 2023) 01.03.2023

गर्मी के दिनों के अवकाश में या फिर विवाह के बाद ‘हनीमून’ के लिए लोगों को विदेश यात्रा के विभिन्न प्रकार के पैकेज का आकर्षण विज्ञापनों के माध्यम से दिया जाता है। किस्तों में चुकाने का प्रलोभन भी दिया जाता है कि पहले आप घूम के आएं और बाद में भुगतान करें। फिर क्या है, पहले ही घर और वाहनों आदि के जरिए कर्ज के जाल को अपनी नियति के रूप में स्वीकार कर चुका बेचारा आम आदमी आ जाता है इस चक्कर में भी।

नामकरण आयोग गठित करने का आदेश देने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- अतीत के बंदी न बनें (1 March 2023) 01.03.2023

याचिका को खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अतीत को वर्तमान और भविष्य पर इतना हावी नहीं होने दिया जा सकता कि भारत अतीत का बंदी बन कर रह जाए।

समांतर सहयोग - Companionship in Family (Duniya Mere Aage, 28 February 2023) 28.02.2023

अक्सर कहा और सुना जाता रहा है कि ‘गृहस्थी की गाड़ी दो पहियों पर चलती है।’ इस कथन में कितनी सच्चाई और ईमानदारी है, इसका पता तो कथित दो पहियों की मन:स्थिति से ही समझा जा सकता है। आमतौर पर इस तरह के आदर्श वाक्य जिंदगी के असली धरातल पर कई बार अपना अर्थ खोते नजर आते हैं। गाड़ी के दोनो पहियों यानी स्त्री-पुरुष के साथ अलग-अलग बरताव समाज में अक्सर दिखाई देता है।

खौफ का मानस - Corona Virus Fear Locks Mother And Son For 3 Years (28 February 2023) 28.02.2023

सावधानी जब डर में तब्दील हो जाए और समय पर उसे दूर करने के उपाय न किए जाएं, तो इसका शिकार व्यक्ति मानसिक रोगी तक हो सकता है।

सहायता की संवेदना - Helping Hands (Duniya Mere Aage, 27 February 2023) 27.02.2023

संसार भर के देशों में ऐसे हजारों शोध हुए हैं, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मदद करने वाले जो लोग हैं, वे हमेशा दूर से ही नजर आ जाते हैं।

पारदर्शिता की जरूरत - Central Investigation Agency Sanction Prosecution Against Delhi Deputy Chief Minister Manish Sisodia (27 February 2023 27.02.2023

सीबीआइ ने उपराज्यपाल से मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी थी। उपराज्यपाल ने वह मांग मान ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी।

सुबह का भूला - Memorizing Things (Duniya Mere Aage, 24 February 2023) 24.02.2023

सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते। यह कहावत उन लोगों पर लागू होती है जो राह से भटक जाते हैं और फिर सही रास्ते पर आ जाते हैं। भूलना एक मानवीय स्वभाव है। लोग सुबह के कितने ही क्रिया-कलाप शाम तक भूल जाते हैं। अगर आवश्यकता न हो तो इन्हें दोबारा याद करने की जरूरत नहीं पड़ती। वहीं ऐसा भी होता है कि जब चीजें याद आनी चाहिए, तब याद नहीं आती।

निगरानी का तंत्र - Police Investigative Agencies Arbitrarily Flouting Rules Regulations Human Rights (24 February 2023) 24.02.2023

अपराधियों को सुधारने और आपराधिक मामलों में जानकारियां जुटाने के नाम पर कई बार गिरफ्तार किए गए लोगों की इस बेरहमी से पिटाई की जाती है कि वे हिरासत में ही जान गंवा बैठते हैं।

द्वंद्व के बीच जीवन-मूल्य - Intervention of Evolution (Duniya Mere Aage, 23 February 2023) 23.02.2023

वक्त के साथ आधुनिकता अपने अलग-अलग चेहरों में कहीं प्रत्यक्ष तो कहीं परोक्ष शक्ल में अपनी दखल मजबूत तरीके से दर्ज कराती दिख जाती है। मगर मुख्यधारा में आधुनिकता को जिस नजर से देखा जाता है, क्या वह कुछ दिखावे के पैमानों में सीमित है या फिर वह वास्तव में विचारों और जीवन मूल्यों की जड़ों में पलता है?

आखिर चुनाव -  Delhi Mayor Deputy Mayor Municipal Corporation Election (23 February 2023) 23.02.2023

दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भाजपा की तनातनी किसी से छिपी नहीं है।

भविष्य की राह - World of Wars (Duniya Mere Aage, 22 February 2023) 22.02.2023

दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी पर जो कहर टूटा था, उसके बाद जापान तो मानो खत्म ही हो गया था। इसलिए 1939 से 1945 के बीच एक समय उस वक्त के लोगों को तत्कालीन घटनाओं को देखते हुए कहीं न कहीं ऐसा लगा ही होगा कि अब विश्व का अंत आ गया है। मगर इसे मानवीय जिजीविषा कहें या इस विश्व को फिनिक्स पक्षी कहें कि जो राख से भी जी उठता है।

जोखिम में बचपन - Crime Against Children, Child Victims Waiting For Justice (22 February 2023) 22.02.2023

आज भी हालत यह है कि इस कानून के तहत परिभाषित अपराधों के शिकार बहुत सारे बच्चे और उनके परिजन इंसाफ के आस में बैठे हैं।

बदलते मौसम में बदलती छवियां - Colors of Spring (Duniya Mere Aage, 21 February 2023) 21.02.2023

ऋतुसंहार, मेघदूत और अभिज्ञान शांकुतलम् में वसंत की पीत आभा और शोभा का वर्णन है। वासंती सजधज को देखकर दुष्यंत भ्रमित हो जाते हैं। कुमार संभव में पूजने के लिए बढ़ रहे दो सुकुमार चरण ऐसे लग रहे हैं जैसे नवविकसित पल्लवों को धारण करने वाली कोई वसंतलीला चली जा रही हो। कालिदास लिखते हैं- ‘…यह सर्वप्रिय ऋतु आ गई।’

कंगाल मुल्क - Pakistan Recession Becomes Very Critical (21 February 2023) 21.02.2023

अब तो वहां के रक्षामंत्री ने सार्वजनिक रूप से कह दिया है कि हम एक दिवालिया हो चुके देश में रह रहे हैं।

फैसला बनाम विवेक – Decision vs Prudence (Duniya Mere Aage, 20 February 2023) 20.02.2023

फैसले लेने का हकदार कोई भी व्यक्ति उसकी सफलता और विफलता की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। अगर काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ, जिद, स्वार्थ आदि विकारों में रहकर निर्णय लिए जा रहे हैं तो वे बेहतर नहीं होंगे। वहीं निर्णयों की जड़ में प्रेम, मेल-मिलाप या सरलता है और वे विवेक से प्रेरित हैं तो उसका फल आशाजनक और उत्साहवर्धक होगा। ऐसे करते समय कुछ परेशानी हो सकती है, पर संतोषजनक फल के आसार बने रहेंगे।

लापरवाही के बोल - Chetan Sharma Controversy (20 February 2023) 20.02.2023

क्रिकेट की भाषा में कहें तो उन्हें ‘हिट विकेट’ होकर जाना पड़ा, जिसमें बल्लेबाज खुद ही स्टंप पर बल्ला मारकर मैदान से लौट जाता है।

संशय के समय में - Beliefs and Superstition (Duniya Mere Aage, 17 February 2023) 17.02.2023

चमत्कार को नमस्कार करने की आदिम आदत ने हमारी सामूहिक चेतना को सदियों से जकड़ रखा है। धर्म का संबंध हम चमत्कार से जोड़ते आए हैं। हमारे देवी-देवता, संत-महात्मा बड़े-बड़े चमत्कार करते हैं। पर्वत उठा लेते हैं, नदियों को सुखा डालते हैं, शून्य में से भभूत और सिक्के निकाल कर लोगों को अचंभित कर देते हैं। इस तरह धार्मिक लोगों ने एक शरारतपूर्ण और अतार्किक व्यवस्था के तहत ‘संतों’ और ‘देवताओं’ को आम आदमी से अलग क...

मजबूरी बनाम जिम्मेदारी - Mother Sells Daughter In Need Of Money (17 February, 2023) 17.02.2023

यह कल्पना भी दुख से भर देती है कि किसी मां को मजबूरी के इस स्तर का सामना करना पड़ा, जिसमें उसके सामने कुछ पैसों के बदले अपनी ही एक साल की बच्ची को किसी को सौंपने की नौबत आ गई।

जीवन प्रकृति का उत्सव - Celebration of Life (Duniya Mere Aage, 16 February 2023) 16.02.2023

जीवन के रूप-स्वरूप, आकार-प्रकार और जीवन-चक्र में बहुत अधिक विविधताएं हैं। मनुष्येतर उत्सव परंपरा का एक निश्चित प्राकृतिक क्रम है। वह मनुष्य की तरह सुविधानुसार और सकारण किसी निमित्तानुसार नहीं होता। जैसे वसंत ऋतु में आम पर मौर आना या आम का बौराना आम के उत्सव का प्रारंभ है। आम पर फल आने की शुरुआत छोटी-छोटी केरियों से लेकर लटालूम आमों से पेड़ का लद जाना आम की उत्सवधर्मिता का चरम है।

अपराध का चेहरा - Brutal Murder Of A Live- In Partner, A Row (16 February 2023) 16.02.2023

दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक युवती की हत्या का जैसा मामला सामने आया है, उसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अपराध आखिर किन शक्लों में हमारे आसपास पल रहा है!

वक्त रुकता नहीं - Time does not stop (Duniya Mere Aage, 15 February 2023) 15.02.2023

भीड़ में आदमी खोता जा रहा है। शहर की कौन कहे, गांव में भी अब अपने लोग नहीं मिलते हैं। दरअसल, अपने की पहचान कठिन हो गई है। आदमी की भीड़ में दुनिया सूनी होती जा रही है। प्रकृति की समाप्ति के साथ जीवन-रस खत्म हो गया लगता है। उसके शरीर में सारे भौतिक तत्त्व हैं, लेकिन आत्मिक तत्त्व खत्म हो गए हैं।

विकास बनाम पर्यावरण - Development vs Environment (15 February 2023) 15.02.2023

इसमें संदेह नहीं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पारिस्थितिकी और पर्यावरण को संरक्षित करने की आवश्यकता है, लेकिन देश के आर्थिक विकास और कभी-कभी नागरिकों की सुरक्षा के हित में विकास योजनाओं को रोका नहीं जा सकता।

हाशिये के लोग - Extinction of Tribal Community (Duniya Mere Aage, 14 February 2023) 14.02.2023

वर्तमान में आदिवासी खत्म होने की कगार पर हैं। यही क्रम जारी रहा तो वह दिन दूर नहीं जब आदि मानव कहलाने वाली प्रजाति इस धरा से नष्ट हो जाएगी। एक आदिवासी प्रजाति जब खत्म होती है, तब उसके साथ बहुत कुछ दफ्न हो जाता है। एक दशक पूर्व ‘बो’ आदिवासी वृद्धा के मरने के साथ ही न केवल ‘बो’ जनजाति खत्म हो जाती है, बल्कि उसके साथ ‘बो’ भाषा भी खत्म होती है। उस जाति की संस्कृति और सभ्यता भी हमेशा के लिए खत्म हो जात...

अराजकता की सड़क - Road Accidents Due To Chaos Created By Commoners (14 February 2023) 14.02.2023

एक विचित्र प्रवृत्ति यह देखी जा रही है कि कोई व्यक्ति जानबूझ कर न केवल नियम-कायदों को धता बता कर वाहन चलाता है, बल्कि जांच या किसी अन्य वजह से रोके जाने पर आपराधिक तरीके से अराजक हो जाता है

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