Sutradhar
इतिहास पुराण की कथाएं Itihas Puran Ki Kathaye
नमस्कार श्रोताओं ! सूत्रधार आपके लिए लेकर आया है, इतिहास पुराण पोडक्स्ट। इस पॉडकास्ट के माध्यम से हम आप सभी को अनेकों पौराणिक कथाओं से जोड़ने वाले है। ये कथाएं महाभारत, शिव पुराण, रामायण जैसे अनेकों ग्रंथों से ली गयी हैं। हमारे इस पॉडकास्ट को आप सुन पाएंगे हर बुधवार वो भी अपने पसंदीदा ऑडियो प्लेटफार्म पर ! इसी के साथ आप सूत्रधार द्वारा बनाये गए और पोडकास्टस भी सुन सकते हैं। जैसे की नल-दमयंती प्रेम कथा, मिनी टेल्स पॉडकास्ट, श्री राम कथा और वेद व्यास की महाभारत। मिलते हैं बुधवार में हमारे पहले एपिसोड के साथ। Millions of listeners seek out Bingepods (Ideabrew Studios Network content) every day. Ge...
Where to listen?
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Episodes
Diwali Special Episode 12.11.2023 7:19
जिन भी रीतियों का अनुसरण करके हम दीवाली का त्यौहार मनाते हैं उसके पीछे क्या पौराणिक महत्व है, ये एपिसोड इसी विषय पर प्रकाश डालता है। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
Meghdoot Part-5 - Megh Ka Sandesh (मेघ का संदेश) 26.10.2023 9:13
यक्ष का सन्देश लेकर मेघ अलकापुरी पहुँच जाता है। यक्ष का घर ढूँढते हुए जैसे ही मेघ झरोखे से झाँकता है तो यक्ष की पत्नी अपनी मैना से बात कर रही होती है। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
Meghdoot Part-4 - Path Pradarshan (पथ प्रदर्शन) 19.10.2023 12:37
जहाँ एक ओर यक्ष की पत्नी, यक्ष की प्रतीक्षा में अपनी पलकें बिछाए बैठी हुई है, वहीं दूसरी ओर यक्ष, मेघ को प्रसन्न करने के प्रयास में लगा हुआ है। वह कैसे भी करके अपनी पत्नी को अपना सन्देश देना चाहता था, जिससे उसकी पत्नी की चिन्ता समाप्त हो सके और यक्ष का कुशलक्षेम पहुँच सके। मेघ की स्तुति करने के पश्चात यक्ष, मेघ को अपना दूत बना लेता है और सन्देश भेजने के लिए सबसे पहले मेघ को अलकापुरी तक जाने का और...
Meghadoot Part-3 - Yaksh ki Patni (यक्ष की पत्नी) 12.10.2023 9:17
एक ओर यक्ष अपनी पत्नी को सन्देश भेजने के लिए मेघ को मनाने में लगा हुआ था और दूसरी ओर उसकी पत्नी विरह में व्याकुल हो रही थी। सौभाग्य से उसकी सखियाँ उसके इस दुःख को बाँटने के लिए हमेशा उपलब्ध होती थीं अन्यथा एकान्त में यक्ष की पत्नी अपने प्राणों का त्याग कर सकती थी। यक्ष की प्रतीक्षा में अब तक कई माह गुज़ारते हुए उसकी पत्नी की काया क्षीण होने लगी थी। उसके होंठों का रंग फीका पड़ गया था। उसने बाल सँवार...
Meghadoot Part-2- Yaksh ki kala (यक्ष की कला) 31.08.2023 6:29
यक्ष ने जैसे ही मन्दिर में प्रवेश किया, वहाँ ईश्वर की मूर्ति देखकर उसे एक युक्ति सूझी। यक्ष पहले से ही मूर्तिकला में निपुण था। उसने सोचा कि अगर वह अपनी पत्नी की मूर्ति बनाना शुरू कर दे तो उसका समय बहुत ही आसानी से व्यतीत हो जाएगा। इस तरह यक्ष ने जंगल से थोड़ी-थोड़ी मिट्टी लाना शुरू कर दिया और प्रतिदिन वो मिट्टी को गीला करके उसके कंकड़ इत्यादि निकालने लगा। Learn more about your ad choices. Visit meg...
Meghdoot Part-1 (यक्ष को देश-निकाला) 24.08.2023 9:29
Kuber's capital Alkapuri was considered to be the most beautiful of all the regions on earth. Beautiful and large gardens, happy subjects, huge palaces with pavilions decorated with many gems used to enhance the beauty of Alkapuri. A Yaksha lived in Alkapuri. Kubera hired him to fetch golden lotuses from Mansarovar everyday for worship. That Yaksha loved his wife very much. He was so engrossed in...
Drinking of the Ocean 15.08.2023 4:51
In Satyuga, when the tyranny of a rakshasa named Vritrasura (वृत्रासुर) increased too much, Devtas went to the refuge of Brahmaji and tried to find a solution. To this, Brahmaji said, “Devas! Go to a maharishi named Dadhich (दधीच) and ask for his bones. He’s a very pious man, he won’t say no to you.” Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
The Rising of Mount Vindhya 10.08.2023 3:09
Suryadev used to revolve around Mount Meru at the time of rising and setting. Seeing him do this, Mount Vindhya said to Suryadev, “Suryadev! You revolve around Mount Meru daily. Please revolve around me too.” Suryadev answered, “Vindhya! I don’t do it willfully, but because this path is decided by my destiny.” Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
Agastya Katha ( Ilval and Vatapi) 03.08.2023 8:39
In the last episode of Agastya Katha, we got to know about the condition of Agastya Muni’s ancestors, the birth of Lopamudra and the wish of Agastya Muni. The next part of this tale is quite interesting. To fulfil the wish of his wife, Agastya Muni was out seeking wealth. First he went to King Shrutarva because he thought that the king was quite wealthy. The king welcomed him with due respect a...
Agastya Katha Part-1 27.07.2023 6:55
There are many stories in our Puranas and Granthas which describe the power of penance performed by Rishi-Munis. Many Rishis were able to perform outstanding deeds due to this power. Once, there was such a rishi named Agastya. Worried about his marriage, he created a wife for himself in a weird way. He freed the world from the atrocities of Ilvala (इल्वल) and Vatapi and did many more astonishing t...
Nahush Part 3 20.07.2023 14:55
On the banks of the Saraswati river at the foothills of the Himalayas, Nahusha lived in the form of a huge snake in the forest and ate the animals and humans that came near him. Due to the curse that is supposed to last for a thousand years, Nahusha had entered the Dwapar Yuga in his snake form. Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
Nahush katha- Part 2 13.07.2023 13:53
Dev Indra had been ruling Swargalok for ages and made him proud as he was blinded by the wealth and prosperity that he owned. Indralok, it was always a festive environment and on one such occasion, Indra Dev was sitting on his seat with Devi Shachi. They were enjoying the dances and songs performed by Gandharvas. Everyone present there, the Gandharva, maraud gan, rishi munis, and apsaras worshiped...
Nahush janm katha ( नहुष जन्म कथा) Part-1 06.07.2023 8:21
The dynasty of Chandravansh was established by Ila, the first child ofVaivasvata Manu and Pururava, son of Chandraputra Buddh. Ayu, son ofMaharaja Pururava and Apsara Urvashi, took over the kingdom. Ayu was ajudicial and dedicated king who followed Rajdharma the same way as hisfather. Even after attaining so much opulence and splendor, the heart of theking was always saddened as he was childless....
Janamejay ka naag yagya Part-5 29.06.2023 8:31
जनमेजय का नागयज्ञ शृंखला में अब तक आपने जाना कि किस तरह जनमेजय को सरमा कुतिया ने शाप दिया, कैसे जनमेजय ने अपने पुरोहित सोमश्रवा को ढूँढ़ा। उत्तंक और जनमेजय की भेंट होना, उत्तंक की तक्षक से द्वेष भावना और परिक्षित की मृत्यु। इन सभी अंकों की अन्तिम कड़ी जनमेजय के नागयज्ञ से आकर जुड़ती है। ये सभी घटनाएँ एक बड़ी घटना को जन्म दे रहीं थीं। आइए इस शृंखला की अन्तिम कड़ी की शुरुआत करें। Learn more about your ad...
Janamejay ka naag yagya Part-4 (आस्तिक मुनि का जन्म) 22.06.2023 6:53
हमने अभी तक जनमेजय और उससे जुड़े सभी पहलुओं को जाना परन्तु नागों के द्वारा नागयज्ञ को रोकने के क्या प्रयास किए गए और उन्होंने इस यज्ञ में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए कैसे प्रयोजन बनाए इस विषय पर जिज्ञासा होना बहुत ही आम है। अपनी माता से शाप पाकर नागों को अपनी नियति का भान बहुत पहले ही हो चुका था परन्तु नियति को अपने कर्मों के प्रभाव से मार्ग बदलने पर कैसे विवश किया जा सकता है इसकी चर्चा हम आज के अं...
Janmeyjay ka naag yagya Part-3 (राजा परिक्षित) 15.06.2023 8:41
जनमेजय का नागयज्ञ के पिछले अंक में आपने जाना कि कैसे जनमेजय की भेंट उत्तंक से हुई और उत्तंक का तक्षक से क्या द्वेष था। परन्तु सर्वप्रथम प्रश्न यह आता है कि राजा परिक्षित को ऐसा शाप किसने दिया जिस कारण वो तक्षक के दंश का शिकार हुए और उनकी मृत्यु हो गई। इस अंक में हम राजा परिक्षित की कथा के विषय में चर्चा करेंगे और जानेंगे परिक्षित की मृत्यु का कारण। Learn more about your ad choices. Visit megaphone...
Janamejay Naag yagya Part-2 (उत्तंक ऋषि और तक्षक) 08.06.2023 10:13
तय नियति है तो होनी होगी वही बँध गए इसमें तो शेष परिणाम है जनमेजय का नागयज्ञ के पिछले अंक में आपने जाना कि किस तरह जनमेजय को सरमा ने शाप दिया और जनमेजय ने अपने पुरोहित की खोज कैसे की। इस अंक में हम चर्चा करेंगे कि किस तरह जनमेजय को नागयज्ञ करने की प्रेरणा मिली और उत्तंक का तक्षक से द्वेष कैसे हुआ। महर्षि आयोदधौम्य के तीन शिष्य थे — उपमन्यु, आरुणि पांचाल तथा वेद। ऋषि वेद ने अपने गुरु आयोदधौम्य की...
Janmeyjay nag yagya (जनमेजय नागयज्ञ)Part-1 01.06.2023 6:47
महाभारत, कौरवों और पाण्डवों के बीच लड़ी गई अनोखी गाथा। लेकिन पाण्डवों के बाद कुरु वंश का क्या हुआ? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसके प्रति बहुत लोगों की रुचि होगी। अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था और अभिमन्यु का पुत्र परिक्षित हुआ। परिक्षित के चार पुत्र हुए - जनमेजय, श्रुतसेन, उग्रसेन और भीमसेन। शमीक ऋषि के साथ हुए वृत्तान्त के कारण उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने परिक्षित को शाप दे दिया जिसके पश्चात तक्षक के...
चित्रांगद और विचित्रवीर्य (Chitrangad aur Vichitrvirya) 25.05.2023 11:10
In this episode you will listen to the story of Shantanu's sons Chitrangad and Vichitravirya. Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
Shivratri special 18.02.2023 6:03
Hello listeners, This is our Shivratri special episode. Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
गणेश जी के गजानन होने का कारण|The reason behind Ganesh ji’s elephant head. 08.02.2023 5:24
गणेश पुराण में, शौनक जी, सूत जी से गणेश जी के गजानन होने की कथा पूछते हैं। सूत जी उन्हें वही कथा सुनाते हैं जो नारायण ने नारद मुनि को सुनाई थी। एक बार देवराज इन्द्र पुष्पभद्रा नदी के शान्त और सुन्दर तट पर थे। उस निर्जन क्षेत्र में कई सुन्दर पुष्प और वृक्ष लगे हुए थे। अभी इन्द्र देव इस मनोहर क्षेत्र को देख ही रहे थे तभी उन्हें घास पर लेटी हुई रम्भा दिखाई दी। रम्भा को देखते ही इन्द्र देव वासना स...
स्यमन्तक मणि की कथा 01.02.2023 10:21
जब भगवान् श्रीकृष्ण पर लगा चोरी का आरोप सूत्रधार की इस कहानी में हम सुनेंगे स्यमन्तक मणि के बारे में। स्यमन्तक मणि एक ऐसी मणि थी जिसमें स्वयं भगवान् सूर्यदेव का तेज समाहित था। वो मणि जिस भी राज्य में रहती उस राज्य में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती। अब ऐसी मणि को कौन नहीं पाना चाहेगा। स्वयं भगवान् श्रीकृष्ण के मन में उस मणि को पाने की इच्छा जागी। बचपन में गोपियों से माखन चुराकर खाने के कारण भगव...
सत्यवती का विवाह | Satyavati Ka Vivah 25.01.2023 9:17
एक दिन महाराज शान्तनु गंगा नदी के समीप विचरण कर रहे थे और उन्होंने देखा कि एक किशोर आयु के बालक ने अपनी धनुर्विद्या से गंगा नदी के प्रवाह को रोक दिया था। महाराज शान्तनु उसकी ऐसी निपुणता को देखकर आश्चर्यचकित हुए और उससे उसका परिचय पूछा। उस समय देवी गंगा ने वहाँ प्रकट होकर महाराज शान्तनु को उस बालक का परिचय देते हुए कहा, “महाराज! आज मैं आपका पुत्र देवव्रत आपको सौंपती हूँ। इसने ब्रह्मर्षि वसिष्ठ के म...
पारिजात हरण | Parijaat Haran - Part 2 18.01.2023 14:52
द्वारका में पारिजात वृक्ष इस कहानी के पहले भाग में हमने जाना कि किस तरह नारद मुनि के द्वारका आने पर एक के बाद एक कई घटनाओं का क्रम बँधा, जिस कारण श्रीकृष्ण ने सत्यभामा को अमरावती से पारिजात वृक्ष लाने और उसे सत्यभामा के बाग में लगाने का वचन दिया। श्रीकृष्ण की पारिजात हरण लीला के इस भाग में हम जानेंगे कि श्रीकृष्ण किस तरह अपने वचन का पालन करते हैं। श्रीकृष्ण से विदा लेकर नारद मुनि महादेव की प्रति...
पारिजात हरण | Parijaat Haran - Part 1 11.01.2023 13:15
द्वारका में नारद मुनि एक बार श्रीकृष्ण अपनी पत्नी रुक्मणि के साथ रैवतक पर्वत पर गए। वहाँ देवी रुक्मणि ने एक समारोह का आयोजन किया और श्रीकृष्ण स्वयं अतिथि सत्कार में लग गए। वो अतिथि सत्कार में कोई भी कमी नहीं रखना चाहते थे। इस समारोह में श्रीकृष्ण की पटरानियाँ और उनकी दासियाँ भी शामिल हुईं। जब श्रीकृष्ण, देवी रुक्मणि के साथ बैठे थे, तभी वहाँ नारद मुनि आए। श्रीकृष्ण और रुक्मणि ने नारद मुनि का...
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