Dr. Rakshit Madan Bagde

Economics and Social Studies

Science HI ↓ 237 episodes

“I am an Assistant Professor of Economics and a dedicated researcher. Through this podcast, my goal is to explain modern economic issues in simple and relatable language. Along with economics, we’ll also explore important social topics in an easy-to-understand way. Join me as we learn, grow, and stay informed—where knowledge meets entertainment.”

Author

Dr. Rakshit Madan Bagde

Category

Science

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Jan 17, 2026

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Episodes

भारत का आर्थिक इतिहास 29.12.2020

भारत का आर्थिक विकास सिंधु घाटी सभ्यता से आरम्भ माना जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्यतः व्यापार पर आधारित प्रतीत होती है जो यातायात में प्रगति के आधार पर समझी जा सकती है। लगभग 600 ई.पू. महाजनपदों में विशेष रूप से चिह्नित सिक्कों को ढ़ालना आरम्भ कर दिया था। इस समय को गहन व्यापारिक गतिविधि एवं नगरीय विकास के रूप में चिह्नित किया जाता है। 300 ई.पू. से मौर्य काल ने भारतीय उपमहाद्वीप का...

क्या है लोकतंत्र 28.12.2020

लोकतंत्र की परिभाषा के अनुसार यह "जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन है"। लेकिन अलग-अलग देशकाल और परिस्थितियों में अलग-अलग धारणाओं के प्रयोग से इसकी अवधारणा कुछ जटिल हो गयी है।

अर्थशास्त्र 28.12.2020

अर्थशास्त्र में अर्थसंबंधी बातों की प्रधानता होना स्वाभाविक है। परंतु हमको यह न भूल जाना चाहिए कि ज्ञान का उद्देश्य अर्थ प्राप्त करना ही नहीं है, सत्य की खोज द्वारा विश्व के लिए कल्याण, सुख और शांति प्राप्त करना भी है। अर्थशास्त्र यह भी बतलाता है कि मनुष्यों के आर्थिक प्रयत्नों द्वारा विश्व में सुख और शांति कैसे प्राप्त हो सकती है। सब शास्त्रों के समान अर्थशास्त्र का उद्देश्य भी विश्वकल्याण है।

शहीद भगतसिंग 27.12.2020

भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशील विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार और महान मनुष्य थे।

क्रांतिकारी उधम सिंह 27.12.2020

उधमसिंह (26 दिसम्बर 1899 – 31 जुलाई 1940) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के महान सेनानी एवं क्रान्तिकारी थे। उन्होंने जलियांवाला बाग कांड के समय पंजाब के गर्वनर जनरल रहे माइकल ओ' ड्वायर को लन्दन में जाकर गोली मारी।

तुकडोजी महाराज 26.12.2020

तुकडोजी महाराज, महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण सहित सामाजिक सुधारों में शामिल थे। उन्होंने “ग्रामगीता” लिखी है जो गांव के विकास के लिए साधनों का वर्णन करती है। उनके द्वारा शुरू किए गए कई विकास कार्यक्रम आज भी कुशलता से काम करना जारी हैं।

संत रविदास 26.12.2020

संत रविदास का जन्म भारत के यूपी के वाराणसी शहर में माता कालसा देवी और बाबा संतोख दास जी के घर 15 वीं शताब्दी में हुआ था। हालाँकि, उनके जन्म की तारीख को लेकर विवाद भी है क्योंकि कुछ का मानना है कि ये 1376, 1377 और कुछ का कहना है कि ये 1399 में हुआ था। कुछ अध्येता के आँकड़ों के अनुसार ऐसा अनुमान लगाया गया था कि रविदास का पूरा जीवन काल 15वीं से 16वीं शताब्दी में 1450 से 1520 के बीच तक रहा।

संत गाडगेबाबा 25.12.2020

कर्मयोगी राष्ट्रसंत गाडगे बाबा एक सच्चे निष्काम कर्मयोगी थे। ऐसे महान संत को कोटि-कोटि प्रणाम।

भारतीय संविधान 25.12.2020

विश्व में भारत का संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान लागू होने के समय इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, जो वर्तमान में बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हो गए हैं। साथ ही इसमें पांच परिशिष्ठ भी जोड़ दिए गए हैं.

जी. एस. टी. 25.12.2020

जीएसटी का उद्देश्य उत्पाद या सेवा पर लगने वाले कई टैक्सों को खत्म करने का है। सेल टैक्स, वैट, सर्विस टैक्स जैसे कई टैक्स चुकाने पड़ते हैं।

नोटबंदी के 3 साल 25.12.2020

नवंबर 8 तारीख 2016 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। यह एक बड़ा फैसला था और उसके कई पहलू सामने आए। कुछ लोगों ने इसके फायदे गिनाए और अधिकतर अर्थशास्त्रियों ने भविष्यवाणी की कि यह देश के आर्थिक हितों को चोट पहुंचाने वाला कदम है। 

मनुस्मृति दहन 25.12.2020

मनुस्‍मृति का सबसे आपत्तिजनक पहलू यह है कि इसके अधयाय 10 के श्‍लोक संख्‍या 11 से 50 के बीच समस्‍त द्विज को छोड़कर समस्‍त हिन्‍दू जाति को नाजायज संतान बताया गया है।

डॉ. आंबेडकर के विचार 24.12.2020

ज्ञान व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार हैं।- डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर

बुद्ध के उपदेश 24.12.2020

गौतम बुद्ध ने अपने उपदेशों में कहा है कि मनुष्य को अपने भूलकाल अर्थात अपने बीते कल के बारे में नहीं सोचना चाहिए और न ही भविष्य की चिंता करनी चाहिए, बल्कि मनुष्य को अपने आज यानि की वर्तमान को सुनहरा बनाने के लिए सोचना चाहिए, तभी वे अपने जीवन में सुखी रह सकते हैं

भारत में जातिवाद 24.12.2020

जाति-प्रथा वर्तमान हिन्दू समाज की एक प्रमुख विशेषता है। किन्तु यह कब और कैसे शुरू हुई, इस पर अत्यन्त मतभेद है।

भीमा कोरेगाव 23.12.2020

1 जनवरी 1818 को समाज परिवर्तन की एक लड़ाई भीमा कोरेगांव है.

पेरियार ई.वी.रामास्वामी नायकर 23.12.2020

पेरियार ई.वी.रामास्वामी नायकर का जन्म दक्षिण भारत के ईरोड (तमिलनाडु) नामक स्थान पर 17 सितम्बर 1879 ई. को हुआ था। इनके पिताजी का नाम वेंकटप्पा नायकर तथा माताजी का नाम चिन्नाबाई था।

शिवाजी महाराज 23.12.2020

शिवाजी भोंसले उर्फ़ छत्रपति शिवाजी महाराज एक भारतीय शासक और मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे।

छत्रपती शाहू महाराज 23.12.2020

छत्रपति साहू महाराज  को एक भारत में सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक के रूप में जाना जाता था। वे कोल्हापुर के इतिहास में एक अमूल्य मणि के रूप में आज भी प्रसिद्ध हैं। छत्रपति साहू महाराज ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने राजा होते हुए भी दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा और सदा उनसे निकटता बनाए रखी। उन्होंने दलित वर्ग के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की थी। 

आरक्षण का इतिहास 23.12.2020

अनुच्छेद 330 के तहत संसद और 332 में राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं।

नीति आयोग 23.12.2020

केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने के बाद 1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग के स्थान पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक संकल्प पर नीति आयोग का गठन किया गया।

मानव विकास सूचकांक 22.12.2020

मानव विकास को मानव विकास सूचकांक (Human Development Index, HDI) के रूप में मापा जाता है. इसे मानव विकास की आधारभूत उपलब्धियों पर निर्धारित एक साधारण समिश्र सूचक (composite indicator) के रूप में मापा जाता है.

स्वामीनाथन आयोग 22.12.2020

जब भी खेती, किसान का जिक्र आता है, किसान की आमदनी की बात होती है, देश में अनाज के बंपर उत्पादन की बात होती है, हरित क्रांति की बात चलती है एक शख्स का नाम जरुर आता है.. वो हैं प्रो. एमएस स्वामीनाथन।

क्या है एमएसपी 22.12.2020

सरकार किसान की फसल के लिए एक न्यूनतम मूल्य निर्धारित करती है, जिसे MSP कहा जाता है।

एनपीए क्या है 22.12.2020

एनपीए बैंक का वह कर्ज है जो डूब गया है और जिसे फिर से वापस आने की उम्मीद ना के बराबर हो उसे एनपीए कहा जाता है। अगर बैंक की कर्ज की ईएमआई 3 महीने पर नहीं आती है तो उसे अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया जाता है।

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