Dr. Rakshit Madan Bagde
Economics and Social Studies
“I am an Assistant Professor of Economics and a dedicated researcher. Through this podcast, my goal is to explain modern economic issues in simple and relatable language. Along with economics, we’ll also explore important social topics in an easy-to-understand way. Join me as we learn, grow, and stay informed—where knowledge meets entertainment.”
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Dr. Rakshit Madan Bagde
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Jan 17, 2026
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Episodes
भारत का आर्थिक इतिहास 29.12.2020 4:22
भारत का आर्थिक विकास सिंधु घाटी सभ्यता से आरम्भ माना जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्यतः व्यापार पर आधारित प्रतीत होती है जो यातायात में प्रगति के आधार पर समझी जा सकती है। लगभग 600 ई.पू. महाजनपदों में विशेष रूप से चिह्नित सिक्कों को ढ़ालना आरम्भ कर दिया था। इस समय को गहन व्यापारिक गतिविधि एवं नगरीय विकास के रूप में चिह्नित किया जाता है। 300 ई.पू. से मौर्य काल ने भारतीय उपमहाद्वीप का...
क्या है लोकतंत्र 28.12.2020 3:44
लोकतंत्र की परिभाषा के अनुसार यह "जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन है"। लेकिन अलग-अलग देशकाल और परिस्थितियों में अलग-अलग धारणाओं के प्रयोग से इसकी अवधारणा कुछ जटिल हो गयी है।
अर्थशास्त्र 28.12.2020 4:58
अर्थशास्त्र में अर्थसंबंधी बातों की प्रधानता होना स्वाभाविक है। परंतु हमको यह न भूल जाना चाहिए कि ज्ञान का उद्देश्य अर्थ प्राप्त करना ही नहीं है, सत्य की खोज द्वारा विश्व के लिए कल्याण, सुख और शांति प्राप्त करना भी है। अर्थशास्त्र यह भी बतलाता है कि मनुष्यों के आर्थिक प्रयत्नों द्वारा विश्व में सुख और शांति कैसे प्राप्त हो सकती है। सब शास्त्रों के समान अर्थशास्त्र का उद्देश्य भी विश्वकल्याण है।
शहीद भगतसिंग 27.12.2020 5:19
भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशील विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार और महान मनुष्य थे।
क्रांतिकारी उधम सिंह 27.12.2020 2:57
उधमसिंह (26 दिसम्बर 1899 – 31 जुलाई 1940) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के महान सेनानी एवं क्रान्तिकारी थे। उन्होंने जलियांवाला बाग कांड के समय पंजाब के गर्वनर जनरल रहे माइकल ओ' ड्वायर को लन्दन में जाकर गोली मारी।
तुकडोजी महाराज 26.12.2020 3:24
तुकडोजी महाराज, महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण सहित सामाजिक सुधारों में शामिल थे। उन्होंने “ग्रामगीता” लिखी है जो गांव के विकास के लिए साधनों का वर्णन करती है। उनके द्वारा शुरू किए गए कई विकास कार्यक्रम आज भी कुशलता से काम करना जारी हैं।
संत रविदास 26.12.2020 4:12
संत रविदास का जन्म भारत के यूपी के वाराणसी शहर में माता कालसा देवी और बाबा संतोख दास जी के घर 15 वीं शताब्दी में हुआ था। हालाँकि, उनके जन्म की तारीख को लेकर विवाद भी है क्योंकि कुछ का मानना है कि ये 1376, 1377 और कुछ का कहना है कि ये 1399 में हुआ था। कुछ अध्येता के आँकड़ों के अनुसार ऐसा अनुमान लगाया गया था कि रविदास का पूरा जीवन काल 15वीं से 16वीं शताब्दी में 1450 से 1520 के बीच तक रहा।
संत गाडगेबाबा 25.12.2020 3:50
कर्मयोगी राष्ट्रसंत गाडगे बाबा एक सच्चे निष्काम कर्मयोगी थे। ऐसे महान संत को कोटि-कोटि प्रणाम।
भारतीय संविधान 25.12.2020 5:25
विश्व में भारत का संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान लागू होने के समय इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, जो वर्तमान में बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हो गए हैं। साथ ही इसमें पांच परिशिष्ठ भी जोड़ दिए गए हैं.
जी. एस. टी. 25.12.2020 4:11
जीएसटी का उद्देश्य उत्पाद या सेवा पर लगने वाले कई टैक्सों को खत्म करने का है। सेल टैक्स, वैट, सर्विस टैक्स जैसे कई टैक्स चुकाने पड़ते हैं।
नोटबंदी के 3 साल 25.12.2020 3:53
नवंबर 8 तारीख 2016 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। यह एक बड़ा फैसला था और उसके कई पहलू सामने आए। कुछ लोगों ने इसके फायदे गिनाए और अधिकतर अर्थशास्त्रियों ने भविष्यवाणी की कि यह देश के आर्थिक हितों को चोट पहुंचाने वाला कदम है।
मनुस्मृति दहन 25.12.2020 3:45
मनुस्मृति का सबसे आपत्तिजनक पहलू यह है कि इसके अधयाय 10 के श्लोक संख्या 11 से 50 के बीच समस्त द्विज को छोड़कर समस्त हिन्दू जाति को नाजायज संतान बताया गया है।
डॉ. आंबेडकर के विचार 24.12.2020 2:57
ज्ञान व्यक्ति के जीवन का आधार हैं।- डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
बुद्ध के उपदेश 24.12.2020 2:14
गौतम बुद्ध ने अपने उपदेशों में कहा है कि मनुष्य को अपने भूलकाल अर्थात अपने बीते कल के बारे में नहीं सोचना चाहिए और न ही भविष्य की चिंता करनी चाहिए, बल्कि मनुष्य को अपने आज यानि की वर्तमान को सुनहरा बनाने के लिए सोचना चाहिए, तभी वे अपने जीवन में सुखी रह सकते हैं
भारत में जातिवाद 24.12.2020 4:08
जाति-प्रथा वर्तमान हिन्दू समाज की एक प्रमुख विशेषता है। किन्तु यह कब और कैसे शुरू हुई, इस पर अत्यन्त मतभेद है।
भीमा कोरेगाव 23.12.2020 4:46
1 जनवरी 1818 को समाज परिवर्तन की एक लड़ाई भीमा कोरेगांव है.
पेरियार ई.वी.रामास्वामी नायकर 23.12.2020 5:04
पेरियार ई.वी.रामास्वामी नायकर का जन्म दक्षिण भारत के ईरोड (तमिलनाडु) नामक स्थान पर 17 सितम्बर 1879 ई. को हुआ था। इनके पिताजी का नाम वेंकटप्पा नायकर तथा माताजी का नाम चिन्नाबाई था।
शिवाजी महाराज 23.12.2020 4:44
शिवाजी भोंसले उर्फ़ छत्रपति शिवाजी महाराज एक भारतीय शासक और मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे।
छत्रपती शाहू महाराज 23.12.2020 5:17
छत्रपति साहू महाराज को एक भारत में सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक के रूप में जाना जाता था। वे कोल्हापुर के इतिहास में एक अमूल्य मणि के रूप में आज भी प्रसिद्ध हैं। छत्रपति साहू महाराज ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने राजा होते हुए भी दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा और सदा उनसे निकटता बनाए रखी। उन्होंने दलित वर्ग के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
आरक्षण का इतिहास 23.12.2020 3:30
अनुच्छेद 330 के तहत संसद और 332 में राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं।
नीति आयोग 23.12.2020 2:59
केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने के बाद 1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग के स्थान पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक संकल्प पर नीति आयोग का गठन किया गया।
मानव विकास सूचकांक 22.12.2020 3:04
मानव विकास को मानव विकास सूचकांक (Human Development Index, HDI) के रूप में मापा जाता है. इसे मानव विकास की आधारभूत उपलब्धियों पर निर्धारित एक साधारण समिश्र सूचक (composite indicator) के रूप में मापा जाता है.
स्वामीनाथन आयोग 22.12.2020 4:37
जब भी खेती, किसान का जिक्र आता है, किसान की आमदनी की बात होती है, देश में अनाज के बंपर उत्पादन की बात होती है, हरित क्रांति की बात चलती है एक शख्स का नाम जरुर आता है.. वो हैं प्रो. एमएस स्वामीनाथन।
क्या है एमएसपी 22.12.2020 3:59
सरकार किसान की फसल के लिए एक न्यूनतम मूल्य निर्धारित करती है, जिसे MSP कहा जाता है।
एनपीए क्या है 22.12.2020 2:54
एनपीए बैंक का वह कर्ज है जो डूब गया है और जिसे फिर से वापस आने की उम्मीद ना के बराबर हो उसे एनपीए कहा जाता है। अगर बैंक की कर्ज की ईएमआई 3 महीने पर नहीं आती है तो उसे अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया जाता है।
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