Chitra Roy

Chitransh: The Shades Of Love

Arts HI ↓ 84 episodes

Hello... I am Chitra Roy. I am working as a motivational speaker and author.'Chitransh' is a collection of my poetries. In this podcast you can enjoy my beautiful poetries in hindi. So Stay tune with us & Let us make a beautiful world together. Subscribe me on YouTube- youtube.com/ChitraRoyMotivationalSpeaker

Author

Chitra Roy

Category

Arts

Latest episode

Apr 1, 2026

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Episodes

Poetry Episode 52: 'पल भर बैठ कर' Hindi Poetry by Chitra Roy 16.09.2021

जो ज़िन्दगी हम जी रहे है वही श्रेष्ठ है जितनी जल्दी हम इस बात को मान जाए वही उत्कृष्ट है क्योंकि कही हम ख़्वाहिशों के चक्कर में ज़रूरत को ही ना भूल जाए। #chitraroy

Poetry Episode 51: 'जुड़ाव है तीनों रूपों का' Hindi Poetry by Chitra Roy 13.09.2021

इस कविता में नारी के स्वरूप का मार्मिक चित्रण मिलता है जो स्वयं में ही बेमिसाल है। #chitraroy

Poetry Episode 50: 'ना वो पहले वाली बात रही' Hindi Poetry by Chitra Roy 01.09.2021

किसी भी रिश्ते में बंधने से पहले अगर कोई उस रिश्ते की अहमियत को समझ ले तो कोई कभी किसी रिश्ते को अपमानित नहीं करेगा चाहे लगाव हो या नहीं हो जीवन के किसी भी मोड़ पर आकर। #chitraroy

Poetry Episode 49: 'बस इतना ही तो चाहती थी' Hindi Poetry by Chitra Roy 28.08.2021

हमारे दिल में उठे चाहे कितनी भी हलचल पर तब तक उस बेचैनी का कोई मोल नहीं होता जब तक समझ न पाये वो दिल जिसके लिए दिल बड़ी ज़ोर धड़कता है। #chitraroy

Poetry Episode 48: 'हट जाना ही बेहतर है' Hindi Poetry by Chitra Roy 25.08.2021

किसी भी रिश्ते में बार-बार अपने आत्मसम्मान को ठोकर पहुँचाने से कही ज़्यादा अच्छा है वहाँ से प्रस्थान कर जाना। #chitraroy

Poetry Episode 47: 'इस बार ये सावन कुछ ज़्यादा ही बरसने आया है' Hindi Poetry by Chitra Roy 21.08.2021

सावन की बूँदों संग हर दिल में एक नया विश्वास जागेगा... हर बिखरा मन एक नये उम्मीद की ओर भागेगा। #chitraroy

Poetry Episode 46: 'मुझे पहले वाले तुम याद आते हो' Hindi Poetry by Chitra Roy 18.08.2021

जब मेरे दिल में यादों का दौर चलता है मुझे पहले वाले तुम याद आते हो.... ये कविता यादों के सफ़र को बया करती है। #chitraroy

Poetry Episode 45: 'अनोखा रिश्ता' Hindi Poetry by Chitra Roy 13.08.2021

अनोखे रिश्ते की हर बात निराली होती है। शब्दों से ना संवारा जा सकता है जिसको “यारी और दोस्ती” की बड़ी शान निराली होती है। #chitraroy

Poetry Episode 44: 'मैं अपना किनारा भुलाये बैठी थी' Hindi Poetry by Chitra Roy 15.07.2021

जीवन में इस बात को समझना बहुत ज़रूरी होता है कि कौन हमारा अपना होता है और कौन पराया .... पल दो पल के रिश्ते में आप अपनी तक़दीर नहीं तलाश सकते... केवल कुछ पलों के लिए उस जगह पर अपनी तस्वीर देख सकते हैं। #chitraroy

Poetry Episode 43: 'मतलब का जुगाड़' Hindi Poetry by Chitra Roy 09.07.2021

कुछ लोग जो अपने मतलब से ही हर रिश्ते को निभाते है.... कभी कुछ तो कभी कुछ कह कर अपने स्वार्थ को पूरा करते जाते है....इस कविता के माध्यम से मैंने कुछ ऐसे लोगों के भावनाओं को ही दर्शाया है जो अपने स्वार्थ के लिए शायद कुछ भी कर सकते हैं और कुछ भी बन सकते हैं। #chitraroy

Poetry Episode 42: 'हर रंग से राग जुड़ा है' Hindi Poetry by Chitra Roy 30.06.2021

हर रंग से राग जुड़ा है.......इस कविता मे मैंने हर भाव रूपी राग को तो दर्शाया है पर सभी भाव हमारे जीवन का हिस्सा नहीं बन सकते इस बात को बताया है।

Poetry Episode 41: 'इसका मन ढूंढ रहा' Hindi Poetry by Chitra Roy 26.06.2021

मन ढूँढ रहा है.......नज़र हर वो बात समझ लेती है जो दिल मे छिपा रखा है वो राज समझ लेती है..... इस कविता के माध्यम से मैंने नज़रों के भाव को साझा किया है।

Poetry Episode 40: 'ज़िन्दगी...तू क्या मुझसे शर्त लगायेगी' Hindi Poetry by Chitra Roy 14.06.2021

अपनी ज़िन्दगी को क्यों हम रो कर बिताते है क्यों नहीं अपनी सोच से ज़िन्दगी को हसीन बनाते हैं। #chitraroy

Poetry Episode 39: 'बावरा मन' Hindi Poetry by Chitra Roy 31.05.2021

इस कविता में...प्यार में बावरे मन की दास्ताँ है जिसे दुनिया की फ़िक्र नहीं होती है केवल अपनी ही धुन में वो मतवाला होता है #chitraroy

Poetry Episode 38: 'प्यार में प्रश्न-चिन्ह भी लगाऊँगी' Hindi Poetry by Chitra Roy 21.05.2021

प्यार समर्पण है मगर समझ की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही, लेकिन यदि आप सही ग़लत का फ़र्क़ भूलाकर, बिना प्रश्न किये ही समर्पण करते है तो वहाँ प्यार कम होता है दिखावा ज़्यादा होता है। #chitraroy

Poetry Episode 37: 'तेरा चेहरा' Hindi Poetry by Chitra Roy | 01.05.2021

अपने प्यार को देखकर ही इतना सुकून मिल जाता है कि मिलन का भाव भी मानो झूठा पड़ जाता है। #chitraroy

Poetry Episode 36: 'मेरी पहचान हो' Hindi Poetry by Chitra Roy | 28.04.2021

जब कोई किसी को दिल से अपना मान लेता है......तो प्यार ही उसकी पहचान बन जाता है, अपना आशियाना भूला कर वो किसी और के दिल को ही अपना लेता है। #chitraroy

Poetry Episode 35: 'दिल दिवाना' Hindi Poetry by Chitra Roy | 25.04.2021

दिल कहता है कि दिल तो बच्चा है पर हम सबका दिल ये भी कहता है कि ये दिल सब कुछ समझता है, इस कविता के शब्द यही बया करते है❤️❤️ #chitraroy

श्रीमद्भगवद्गीता सार अध्याय 1- श्लोक 19 से 23 | Bhagavad Gita Saar| Chapter 1 | Verse- 19 to 23 | 01.04.2021

इन सभी श्लोकों के माध्यम से हमें यह बहुत बड़ी सीख मिलती है कि हमें अपने जीवन की किसी भी समस्या में ना घबड़ा कर, उस समस्या का अच्छी तरह अवलोकन करना चाहिए क्योंकि ऐसा वक्त हमें बहुत कुछ समझा और सीखा जाता है। #chitraroy

Poetry Episode 34: 'प्यार का रंग' Hindi Poetry by Chitra Roy | #HoliSpecial 28.03.2021

इस कविता में मैंने प्यार का रंग ही सच्चा रंग है और अगर हम अपने जीवन में इस रंग से रंगे है तो इसके आगे सारे रंग फीके है ..... ये बताया है❤️❤️❤️❤️❤️ #HoliSpecial

Poetry Episode 33: 'यूं चलते फिरते ही' Hindi Poetry by Chitra Roy | 23.03.2021

इस कविता में मैंने कब और कैसे कोई अपना बन जाता है ये बताया है, क्योंकि प्यार के लिए बस दिल में एक एहसास चाहिए। #chitraroy

Poetry Episode 32: 'प्यार हुआ हैं' Hindi Poetry by Chitra Roy | 20.03.2021

इस कविता में मैंने प्यार और इश्क़ के फ़र्क़ को बताया है, क्यों प्यार का स्वरूप बड़ा होता है ये दिखाया है। #chitraroy

Poetry Episode 31: 'तेरी आहट' Hindi Poetry by Chitra Roy | 20.02.2021

जब सच्चा प्यार होता है तो दीदार की नहीं यादों की गरमाहट ही काफ़ी होती है नयनों में अश्क़ के रूप प्यार की बात होती है। #chitraroy

श्रीमद्भगवद्गीता सार अध्याय 1- श्लोक 12 से 18 | Bhagavad Gita Saar| Chapter 1 | Verse- 12 to 18 | 14.02.2021

#भगवदगीता #BhagavadGita #GitaSaar भगवद्गीता के 12,13,14,15,16,17 एवम् 18 श्लोकों के माध्यम से जीवन में हमें किस तरह से ख़ुद को उत्साहित करना चाहिए कठिनाइयों के समय या किसी काम को करते समय , इसी भाव को विस्तार से समझाया है मैंने ।

'यही प्यार है'... Valentine's Day Special Love Poetry | Chitra Roy 14.02.2021

#ValentineDay

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