Chitra Roy
Chitransh: The Shades Of Love
Hello... I am Chitra Roy. I am working as a motivational speaker and author.'Chitransh' is a collection of my poetries. In this podcast you can enjoy my beautiful poetries in hindi. So Stay tune with us & Let us make a beautiful world together. Subscribe me on YouTube- youtube.com/ChitraRoyMotivationalSpeaker
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Episodes
Poetry Episode 52: 'पल भर बैठ कर' Hindi Poetry by Chitra Roy 16.09.2021 1:53
जो ज़िन्दगी हम जी रहे है वही श्रेष्ठ है जितनी जल्दी हम इस बात को मान जाए वही उत्कृष्ट है क्योंकि कही हम ख़्वाहिशों के चक्कर में ज़रूरत को ही ना भूल जाए। #chitraroy
Poetry Episode 51: 'जुड़ाव है तीनों रूपों का' Hindi Poetry by Chitra Roy 13.09.2021 1:51
इस कविता में नारी के स्वरूप का मार्मिक चित्रण मिलता है जो स्वयं में ही बेमिसाल है। #chitraroy
Poetry Episode 50: 'ना वो पहले वाली बात रही' Hindi Poetry by Chitra Roy 01.09.2021 2:40
किसी भी रिश्ते में बंधने से पहले अगर कोई उस रिश्ते की अहमियत को समझ ले तो कोई कभी किसी रिश्ते को अपमानित नहीं करेगा चाहे लगाव हो या नहीं हो जीवन के किसी भी मोड़ पर आकर। #chitraroy
Poetry Episode 49: 'बस इतना ही तो चाहती थी' Hindi Poetry by Chitra Roy 28.08.2021 2:38
हमारे दिल में उठे चाहे कितनी भी हलचल पर तब तक उस बेचैनी का कोई मोल नहीं होता जब तक समझ न पाये वो दिल जिसके लिए दिल बड़ी ज़ोर धड़कता है। #chitraroy
Poetry Episode 48: 'हट जाना ही बेहतर है' Hindi Poetry by Chitra Roy 25.08.2021 2:32
किसी भी रिश्ते में बार-बार अपने आत्मसम्मान को ठोकर पहुँचाने से कही ज़्यादा अच्छा है वहाँ से प्रस्थान कर जाना। #chitraroy
Poetry Episode 47: 'इस बार ये सावन कुछ ज़्यादा ही बरसने आया है' Hindi Poetry by Chitra Roy 21.08.2021 2:19
सावन की बूँदों संग हर दिल में एक नया विश्वास जागेगा... हर बिखरा मन एक नये उम्मीद की ओर भागेगा। #chitraroy
Poetry Episode 46: 'मुझे पहले वाले तुम याद आते हो' Hindi Poetry by Chitra Roy 18.08.2021 2:11
जब मेरे दिल में यादों का दौर चलता है मुझे पहले वाले तुम याद आते हो.... ये कविता यादों के सफ़र को बया करती है। #chitraroy
Poetry Episode 45: 'अनोखा रिश्ता' Hindi Poetry by Chitra Roy 13.08.2021 2:18
अनोखे रिश्ते की हर बात निराली होती है। शब्दों से ना संवारा जा सकता है जिसको “यारी और दोस्ती” की बड़ी शान निराली होती है। #chitraroy
Poetry Episode 44: 'मैं अपना किनारा भुलाये बैठी थी' Hindi Poetry by Chitra Roy 15.07.2021 3:09
जीवन में इस बात को समझना बहुत ज़रूरी होता है कि कौन हमारा अपना होता है और कौन पराया .... पल दो पल के रिश्ते में आप अपनी तक़दीर नहीं तलाश सकते... केवल कुछ पलों के लिए उस जगह पर अपनी तस्वीर देख सकते हैं। #chitraroy
Poetry Episode 43: 'मतलब का जुगाड़' Hindi Poetry by Chitra Roy 09.07.2021 1:32
कुछ लोग जो अपने मतलब से ही हर रिश्ते को निभाते है.... कभी कुछ तो कभी कुछ कह कर अपने स्वार्थ को पूरा करते जाते है....इस कविता के माध्यम से मैंने कुछ ऐसे लोगों के भावनाओं को ही दर्शाया है जो अपने स्वार्थ के लिए शायद कुछ भी कर सकते हैं और कुछ भी बन सकते हैं। #chitraroy
Poetry Episode 42: 'हर रंग से राग जुड़ा है' Hindi Poetry by Chitra Roy 30.06.2021 2:25
हर रंग से राग जुड़ा है.......इस कविता मे मैंने हर भाव रूपी राग को तो दर्शाया है पर सभी भाव हमारे जीवन का हिस्सा नहीं बन सकते इस बात को बताया है।
Poetry Episode 41: 'इसका मन ढूंढ रहा' Hindi Poetry by Chitra Roy 26.06.2021 2:58
मन ढूँढ रहा है.......नज़र हर वो बात समझ लेती है जो दिल मे छिपा रखा है वो राज समझ लेती है..... इस कविता के माध्यम से मैंने नज़रों के भाव को साझा किया है।
Poetry Episode 40: 'ज़िन्दगी...तू क्या मुझसे शर्त लगायेगी' Hindi Poetry by Chitra Roy 14.06.2021 2:55
अपनी ज़िन्दगी को क्यों हम रो कर बिताते है क्यों नहीं अपनी सोच से ज़िन्दगी को हसीन बनाते हैं। #chitraroy
Poetry Episode 39: 'बावरा मन' Hindi Poetry by Chitra Roy 31.05.2021 2:24
इस कविता में...प्यार में बावरे मन की दास्ताँ है जिसे दुनिया की फ़िक्र नहीं होती है केवल अपनी ही धुन में वो मतवाला होता है #chitraroy
Poetry Episode 38: 'प्यार में प्रश्न-चिन्ह भी लगाऊँगी' Hindi Poetry by Chitra Roy 21.05.2021 2:43
प्यार समर्पण है मगर समझ की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही, लेकिन यदि आप सही ग़लत का फ़र्क़ भूलाकर, बिना प्रश्न किये ही समर्पण करते है तो वहाँ प्यार कम होता है दिखावा ज़्यादा होता है। #chitraroy
Poetry Episode 37: 'तेरा चेहरा' Hindi Poetry by Chitra Roy | 01.05.2021 2:11
अपने प्यार को देखकर ही इतना सुकून मिल जाता है कि मिलन का भाव भी मानो झूठा पड़ जाता है। #chitraroy
Poetry Episode 36: 'मेरी पहचान हो' Hindi Poetry by Chitra Roy | 28.04.2021 1:57
जब कोई किसी को दिल से अपना मान लेता है......तो प्यार ही उसकी पहचान बन जाता है, अपना आशियाना भूला कर वो किसी और के दिल को ही अपना लेता है। #chitraroy
Poetry Episode 35: 'दिल दिवाना' Hindi Poetry by Chitra Roy | 25.04.2021 2:19
दिल कहता है कि दिल तो बच्चा है पर हम सबका दिल ये भी कहता है कि ये दिल सब कुछ समझता है, इस कविता के शब्द यही बया करते है❤️❤️ #chitraroy
श्रीमद्भगवद्गीता सार अध्याय 1- श्लोक 19 से 23 | Bhagavad Gita Saar| Chapter 1 | Verse- 19 to 23 | 01.04.2021 8:00
इन सभी श्लोकों के माध्यम से हमें यह बहुत बड़ी सीख मिलती है कि हमें अपने जीवन की किसी भी समस्या में ना घबड़ा कर, उस समस्या का अच्छी तरह अवलोकन करना चाहिए क्योंकि ऐसा वक्त हमें बहुत कुछ समझा और सीखा जाता है। #chitraroy
Poetry Episode 34: 'प्यार का रंग' Hindi Poetry by Chitra Roy | #HoliSpecial 28.03.2021 2:29
इस कविता में मैंने प्यार का रंग ही सच्चा रंग है और अगर हम अपने जीवन में इस रंग से रंगे है तो इसके आगे सारे रंग फीके है ..... ये बताया है❤️❤️❤️❤️❤️ #HoliSpecial
Poetry Episode 33: 'यूं चलते फिरते ही' Hindi Poetry by Chitra Roy | 23.03.2021 2:20
इस कविता में मैंने कब और कैसे कोई अपना बन जाता है ये बताया है, क्योंकि प्यार के लिए बस दिल में एक एहसास चाहिए। #chitraroy
Poetry Episode 32: 'प्यार हुआ हैं' Hindi Poetry by Chitra Roy | 20.03.2021 2:07
इस कविता में मैंने प्यार और इश्क़ के फ़र्क़ को बताया है, क्यों प्यार का स्वरूप बड़ा होता है ये दिखाया है। #chitraroy
Poetry Episode 31: 'तेरी आहट' Hindi Poetry by Chitra Roy | 20.02.2021 2:37
जब सच्चा प्यार होता है तो दीदार की नहीं यादों की गरमाहट ही काफ़ी होती है नयनों में अश्क़ के रूप प्यार की बात होती है। #chitraroy
श्रीमद्भगवद्गीता सार अध्याय 1- श्लोक 12 से 18 | Bhagavad Gita Saar| Chapter 1 | Verse- 12 to 18 | 14.02.2021 5:20
#भगवदगीता #BhagavadGita #GitaSaar भगवद्गीता के 12,13,14,15,16,17 एवम् 18 श्लोकों के माध्यम से जीवन में हमें किस तरह से ख़ुद को उत्साहित करना चाहिए कठिनाइयों के समय या किसी काम को करते समय , इसी भाव को विस्तार से समझाया है मैंने ।
'यही प्यार है'... Valentine's Day Special Love Poetry | Chitra Roy 14.02.2021 1:40
#ValentineDay
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