Sukhnandan Bindra

What's up zindagi

Society HI ↓ Επεισόδια: 56

What's up zindagi........ छोटी - छोटी कहानियां जो हम पढ़ते है सोशल मीडिया के बड़े बड़े प्लेटफ़ॉर्मस पर, वो कहानियां जो शेयर की जाती है व्हाट्सएप पर...ये कहानियां हमारे जीवन का आईना होती हैं... इनमें हमारा अक्स दिखता है। बड़ी बड़ी सीख देती हैं ..छोटी -छोटी कहानियां। ( सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर शेयर की जाने वाली ये कहानियां कहाँ से आती हैं , इन्हें किसने लिखा है, लेखक का क्या नाम है ? यदि ज्ञात हो तो प्रमाण सहित अवश्य बताएं। डिस्क्रिप्शन में लेखक को क्रेडिट दिया जाएगा)

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Δημιουργός

Sukhnandan Bindra

Κατηγορία

Society

Ιστοσελίδα του podcast

hubhopper.com

Τελευταίο επεισόδιο

14 Ιουλ 2026

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Επεισόδια

मन्त्र - मंत्रणा (Mantr-Mantrna) 29.01.2024

मिरे ख़ुदा मुझे इतना तो मो'तबर कर दे  मैं जिस मकान में रहता हूँ उसको घर कर दे

निरर्थक बातें (Meaningless Things) 15.01.2024

समझते ही नहीं है लोग ना-समझी की मुश्किल को  सहूलत देखते हैं और समझना छोड़ देते हैं 

ज़्यादा न सोचो (Zyada na Socho) 31.10.2023

ज़रुरत से ज़्यादा सोचना  कुछ नहीं होने देता 

सावधानी हटी दुर्घटना घटी (Savdhani Hati durghatna Ghati) 29.10.2023

हर एक कदम पे है जान का ख़तरा  सोच समझ के ज़रा बाज़ार से निकलें  ----शायान क़ुरेशी 

TEEN TARH KE PAATR (तीन तरह के पात्र ) 13.10.2023

तीन तरह के श्रोता होते हैं  1.उलटे घड़े जैसे  2.तली में छेद वाली घड़े जैसे  3.कचरा भरे घड़े जैसे   अपने लिए सोचिए ज़रा !!!!!

MANOBAL (मनोबल ) 30.09.2023

कौन कहता है की आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता  एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों !

भेड़चाल (BHEDCHAAL-Mob Mentality) 02.07.2023

सुनी सुनाई बातों पर मत करना यक़ीन  ये वो अँधा कुआं है जिसमें कुछ दिखता नहीं  आँख-कान बुद्धि -विवेक सब हो जाते हैं बेकार  कहीं कुछ सूझता नहीं !

गहरी जड़ें (Gehri Jaden ) 12.05.2023

जितनी गहरी जड़ उतना ऊंचा क़द  जितने गहरी नीव उतना ऊँचा घर 

सकारात्मक सोच( Positive Thinking) 01.05.2023

Always Think Positive मृत्यु शय्या पर पड़े मरीज़ ,डॉक्टर ,नर्स और मोवैज्ञनिक के व्यवहार को प्रकट करती  कहानी है "सकारात्मक सोच"  जैसा मन वैसी सोच , जै सी सोच वैसे विचार , जैसे विचार वैसा जीवन  सकारात्मक जीवन और नकारात्मक मन एक साथ नहीं जी सकते , जीवंतता के लिए नकारात्मक मन का मरना ज़रूरी है। 

कामना का पथ (kaamna ka path) 24.04.2023

विस्तृत धरती अनंत आकाश तले  लालसाओं का ऐसा अकाशा पले  ओर न छोर  अन्धकार घोर  बाहर चुप्पी भीतर शोर  काश !!!!!!कोइ तो  ज्ञान किरण मिले  ------------Sukhnandan bindra

सच्चा सुख (Sachcha Sukh) 15.03.2023

 इश्वर को पाने की हो चाह  पोछ के किसी के आंसू  कर उसका भला 

A KEY to Happiness--प्रेम और साहस 04.01.2023

प्रेम की शक्ति नफरत की ताक़त से हज़ारों गुना प्रभावशाली होती है , साहस और धैर्य इसके  प्रभाव को और बढ़ा देते हैं। 

ज़िन्दगी की मार्कशीट (Zindagi ki Marksheet) 10.12.2022

मंज़िलों के ग़म में रोने से मंज़िलें नहीं मिलती  हौंसले भी टूट जाते हैं अक्सर उदास रहने से   हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है  जिस तरफ भी चल पड़ेंगे ,रास्ता हो  जायेगा 

खूबसूरती बनाम बदसूरती (Khoobsoorti banaam Badsoorti) 11.11.2022

ख़ूबसूरती और बद्सूरती एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों का अपना -अपना अस्तित्व और खासियत है, बस!देखने का नज़रिया इसमें भेद कर जाता है।   इसी फ़लसफ़े को बयां करती है  श्रीमति नीता कोहली लिखित कहानी "ख़ूबसूरती बनाम बद्सूरती"

'एक से 10' ( Ek se Dus) 03.11.2022

ताकत की ज़रुरत तभी पड़ती है..  जब किसी का बुरा करना हो  वार्ना दुनिया में सब कुछ पाने के लिए  प्रेम ही काफी है ..... 

फ़र्ज़ (Farz ) 02.11.2022

 वरुण कुमार निगम  लिखित कहानी 'फ़र्ज़ ' रिश्तों की भीनी खुशबू का एहसास दिलाती है ...  न मोल है न तौल है रिश्ते अनमोल हैं .....   बहुत नम्रता चाहिए रिश्ते निभाने के लिया छल कपट में तो सिर्फ महाभारत रची जाती है 

लक्ष्मी प्राप्ति (Lakshmi prapti) 07.10.2022

कैसे हो लक्ष्मी जी की प्राप्ति ? ......

विश्वास कीजिये !!! ख़ुद पर ( vishvas kijiye! khud par ) 28.09.2022

*अटूट विश्वास ही सफलता की नींव  है , *ईश्वरीय  कृपा को पाने का पहला कदम खुद में विश्वास करना है  *ख़ुद पर विश्वास है तो खुदा तेरे साथ है 

ईश्वर को देखें तो कहाँ देखें 21.09.2022

कहाँ रहते हैं ईश्वर ,कैसे मिला जा सकता है ... कैसे पाया जा सकता है उन्हें, क्या किया जाए कि उनकी दिव्यदृष्टि को अनुभव किया जा सके ... श्रीमती रीना सिंह भारद्वाज लिखित कहानी "ईश्वर को देखें तो कहां देखें" वाचन स्वर-- सुखनंदन बिन्द्रा

छत्रछाया (Chhtrchhya) 16.09.2022

बुज़ुर्गों के दिल में दब कर रह जाते हैं कई किस्से इस ज़माने के अकेलेपन में आख़िर ...  कहें भी तो  किस से  सुनाया  करे अगर कभी कोइ बुज़ुर्ग तो सुन लिया करो  गलतियों का तज़ुर्बा और उम्र ,तुम से कहीं ज़्यादा है उनकी 

दान और एहसान 08.09.2022

जो कोइ करै सो स्वार्थी ,अरस पारस गुण देत  बिन किये करे सो सूरमा ,परमारथ के हेत     ----- संत कबीर  तुलसी पंछिन के पिए ,घटे न सरिता नीर  दान दिए धन ना  घटे ,जो सहाय रघुवीर  -----संत तुलसी दास   इन दोहों  का अर्थ कमेंट में लिखें

लक्ष्मी जी के चरण (Laxmi ji ke charan) 07.09.2022

शॉपकीपर ने उस लड़के से कागज़ लिया, उसे नमस्कार किया और अपने पैसों वाले ड्रॉअर में रख लिया .... 

अच्छी सोच : सही समझ 01.09.2022

अक्सर हम पर वो बातें हावी हो जाती हैं जो वास्तविकता से दूर होती हैं,ये बातें हमारी बेचैनी व  नकारात्मकता का कारण बनते हुए हमारे मनोविज्ञान पर गहन असर छोड़ती हैं।  जाकी  रही भावना जैसी ,प्रभु मूरत देखि तीन तैसी  

पत्थर... टाइल बनाम मूर्ति 31.08.2022

राह में पड़ा  पत्थर और हम एक से हैं.. जितनी चोटें मिलेंगी उतनी अधिक तराशक़ारी निखरेगी ..बशर्ते जज़्बा कायम रहे 

एकचित्त...स्थिरचित्त ( Ekchitt...Sthirchitt) 21.08.2022

Moral of this Story---- एकाग्रता ही सभी सिद्धियों नश्वर सिद्धियों का शाश्वत रहस्य है।  एकाग्र हुआ चित्त ही  पूर्ण स्थिरता को प्राप्त होता है  सुखी का चित्त एकाग्र होता है  ---- महात्मा बुद्ध  एकाग्रता आवेश को पवित्र और शांत कर देती है  विचारधारा की शक्तिशाली और..  कल्पना को स्पष्ट करती है               --- स्वामी विवेकानंद 

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