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Kavita Path
Poems from well known Hindi poets recited for your listening pleasure. Support this podcast: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/support
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Zaroori Hai - Aks 05.01.2026 2:06
Listen in to a recitation of the poem "Zaroori Hai" written by Aks.
Nazare Chute Jaate Hain - Aks 15.11.2025 2:18
Listen in to a recitation of the poem "Nazare Chute Jaate Hain" written by Aks.
Main Aur Mera Main - Aks 08.11.2025 2:09
Listen in to a recitation of the poem "Main Aur Mera Main" written by Aks.
Shaadi-shuda Kavi ki Diary - Aks 01.11.2025 2:19
Listen in to a recitation of the poem "Shaadi-shuda Kavi ki Diary" written by Aks.
Dil Ki Shyahi - Aks 25.10.2025 2:19
Listen in to a recitation of the poem "Dil Ki Shyahi" written by Aks.
Phir Bhi The Hum - Aks 18.10.2025 2:19
Listen in to a recitation of the poem "Phir Bhi The Hum" written by Aks.
Sunai De - Aks 12.10.2025 2:16
Listen in to a recitation of the poem "Sunai De" written by Aks.
Lafson Ki Wapasi - Aks 18.05.2025 3:03
Listen in to a recitation of the poem "Lafson Ki Wapasi" written by Aks. Lyrics in Hindi: सिंगापुर में हूँ आजकल, ये तो है सही, दिल्ली वाला हूँ मगर, ये मत भूलिएगा कभी। ज़िंदगी की दौड़ में सब कुछ पा लिया है सही, पर जो खो गया था बचपन में, वो मिल न सका कभी। कलम को भूल बैठे थे, कुछ साल पहले सही, अब लफ़्ज़ फिर से आने लगे हैं, जैसे लौटे कोई कभी। किसी मिसरे में छुपा हूँ, किसी नज़र में सही, मैं अ...
Jo Sindoor Tha Ab Sitara Bana - Aks 14.05.2025 2:16
Listen in to a recitation of the poem "Jo Sindoor Tha Ab Sitara Bana" written by Aks. Lyrics in Hindi: जो सिंदूर था, अब सितारा बना, जो बिखरा था कल, वो सहारा बना। वो माँ की दुआ थी कि बेटे का फ़र्ज़, जो चुप था कभी, अब इशारा बना। जो कांपते लफ़्ज़ों में छुपती थी आग, वही जख़्म अब इक शरारा बना। जिसे ख़त में बस "मैं ठीक हूँ" लिखा, वो जुमला ही जैसे दोबारा बना। कभी जूते, कभी रेत में मिल...
Zindagi Aur Maut Ka Fasana - Aks 27.03.2025 5:05
Listen in to a recitation of the poem "Zindagi Aur Maut Ka Fasana" written by Aks. Lyrics in Hindi: हयात क्या है, हर सांस में मौत का साया है सपने अधूरे क्यों, ये राज़ समझ न आया है रोज़ जीते हैं मगर ज़िंदगी क्या हासिल है सिर्फ़ मौत ने ही हकीकत का आईना दिखाया है ज़िंदगी रंगों की महफ़िल है, पर फीके रंग सभी बस मौत के रंग ने सच्चा रंग दिखाया है उम्मीद जन्म लेती है तो सांसें लेती हैं पर मौत ने...
Humko Bihari Mat Kehna 25.05.2024 3:35
Listen in to a recitation of the poem “Humko Bihari Mat Kehna” by Sahil Kumar. Follow him on YouTube - https://www.youtube.com/@sahilkumarpoet
Ayodhaya Dharm Aur Sanskriti Ki Gatha - Aks 27.12.2023 3:46
Listen in to a recitation of the poem "Ayodhaya Dharm Aur Sanskriti Ki Gatha" written by Aks. Lyrics in Hindi: सुना नहीं शायद तुमने फैसला न्यायालय का, राम लला हैं विराजमान, देव भूमि है जन्मस्थान। अयोध्या की इस पावन धरा पर, इतिहास के पन्नों में मिलता संस्कृति का सार। जहां राम की पदचाप से, मिटते सभी अंधकार, वहीं उजाला फैला हर घर, हर द्वार। न्याय की इस जीत ने जोड़ा हर दिल, अयोध्या अब बन गयी...
Kab Tak Geet Sunau Radha - Kumar Vishwas 06.11.2023 3:08
Listen in to a recitation of the poem "Kab Tak Geet Sunau Radha" written by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं मथुरा छूटी, छूटी द्वारिका, इंद्रप्रस्थ ठुकराऊं बंसी छूटी, गोकुल छूटा, कब तक चक्र उठाऊं पिछले जन्म जानकी तुझ बिन जैसे तैसे बीता महासमर में रीता रीता, कब तक गाउ गीता और अभी कितने जन्मों तक तुझे दूर बिताऊं.... कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुना...
Kuch Chote Sapno Ke Badle - Kumar Vishwas 04.11.2023 2:25
Listen in to a recitation of a "Kuch Chote Sapno Ke Badle" written by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: कुछ छोटे सपनो के बदले, बड़ी नींद का सौदा करने, निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे ! वही प्यास के अनगढ़ मोती, वही धूप की सुर्ख कहानी, वही आंख में घुटकर मरती, आंसू की खुद्दार जवानी, हर मोहरे की मूक विवशता,चौसर के खाने क्या जाने हार जीत तय करती है वे, आज कौन से घर ठहरेंगे निकल पडे...
Woh Aane Wali Hai Ya Aane Wala Hai 22.11.2022 2:53
Listen in to a recitation of a poem written for the occasion of baby shower “Woh Aane Wali Hai Ya Aane Wala Hai” by an unknown poet. Lyrics in Hindi: वो आने वाली है, या आने वाला है। ये जल्दी ही पता चल जाने वाला है। कोई छोटे छोटे हाथों से, हमारा संसार सजाने वाला है। बचपन जीने का एक मौका फिर से लाने वाला है। उनगली पकड़ कर किसी नए रास्ते ले जाने वाला है। बेटा तेरी हर ज़िद का मतलब पूछूंगा, तू बाप बनेग...
Audience Message - Krishna Upadhyay [Bonus Episode] 10.09.2022 2:31
Listen in to a recitation of a few lines of the famous poem “Teri Yaad Aati Hai” by Kumar Vishwas. This is a voice message contributed by our listener Krishna Upadhyay. For the complete recitation of the poem you can listen to our previous episode - Teri Yaad Aati Hai - Kumar Vishwas
Yeh Kadamb Ka Ped - Subhadra Kumari Chauhan 12.05.2022 3:26
Listen in to a recitation of the famous poem “Yeh Kadamb Ka Ped” by Subhadra Kumari Chauhan. Lyrics in Hindi: यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली। किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली॥ तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता। उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता॥ वहीं बैठ फिर बड़े मजे से मैं बांसुरी बज...
Kuch Dost Bahut Yaad Aate Hain - Harivansh Rai Bachchan 29.01.2022 2:53
Listen in to a recitation of the famous poem “Kuch Dost Bahut Yaad Aate Hain” by Harivansh Rai Bachchan. Lyrics in Hindi: मै यादों का किस्सा खोलूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं मै गुजरे पल को सोचूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं अब जाने कौन सी नगरी में, आबाद हैं जाकर मुद्दत से मै देर रात तक जागूँ तो , कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं कुछ बातें थीं फूलों जैसी, कुछ लहजे खुशबू जैसे थे, मै शहर-ए-चमन...
Ye Nav Varsh Hame Swikar Nahi - Ramdhari Singh Dinkar 02.01.2022 3:27
Listen in to a recitation of the famous poem “Ye Nav Varsh Hame Swikar Nahi” by Ramdhari Singh Dinkar. Lyrics in Hindi: ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं है अपना ये त्यौहार नहीं है अपनी ये तो रीत नहीं है अपना ये व्यवहार नहीं धरा ठिठुरती है सर्दी से आकाश में कोहरा गहरा है बाग़ बाज़ारों की सरहद पर सर्द हवा का पहरा है सूना है प्रकृति का आँगन कुछ रंग नहीं , उमंग नहीं हर कोई है घर में दुबका हुआ नव वर्ष का ये...
Kagazon Mein Hai Salamat Ab Bhi Naksha Gaon Ka - Devmani Pandey 20.12.2021 3:15
Listen in to a recitation of "Kagazon Mein Hai Salamat Ab Bhi Naksha Gaon Ka" written by Devmani Pandey. Lyrics in Hindi: काग़ज़ों में है सलामत अब भी नक़्शा गाँव का। पर नज़र आता नहीं पीपल पुराना गाँव का। बूढ़ीं आँखें मुंतज़िर हैं पर वो आख़िर क्या करें नौजवाँ तो भूल ही बैठे हैं रस्ता गाँव का। पहले कितने ही परिन्दे आते थे परदेस से अब नहीं भाता किसी को आशियाना गाँव का। छोड़ आए थे जो बचपन फिर नज़र आया...
Covid - Harjeet Singh Tuktuk 19.12.2021 4:02
Listen in to a recitation of "Covid" written by Harjeet Singh Tuktuk. Lyrics in Hindi: हमारा तो निकल गया रोना। जब पता चला कि पड़ोसी को हो गया है कोरोना। रात के अंधेरे में, सुबह और सवेरे में। हम भी आ गए, शक के घेरे में। हमने सबको यक़ीन दिलाया। कि हम हैं सोबर और सुशील। फिर भी करम जलों ने। कर दिया हमारा घर सील। हम इस बात से थे दुखी। तभी पत्नी पास आके रुकी। बोली घर में खतम हो गया हैं राशन। हमने कहा दे...
Moko Kahan Dhunde Tu Bande - Kabir Das 28.11.2021 2:11
Listen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das. Lyrics in Hindi: मोको कहां ढूढें तू बंदे मैं तो तेरे पास मे । ना मैं बकरी ना मैं भेडी ना मैं छुरी गंडास मे । नही खाल में नही पूंछ में ना हड्डी ना मांस मे ॥ ना मै देवल ना मै मसजिद ना काबे कैलाश मे । ना तो कोनी क्रिया-कर्म मे नही जोग-बैराग मे ॥ खोजी होय तुरंतै मिलिहौं पल भर की तलास मे मै तो रहौं सहर के बाहर मेरी पुरी मवा...
Muktak - Kumar Vishwas 18.11.2021 5:14
Listen in to a recitation of a "muktak" written by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: बस्ती बस्ती घोर उदासी पर्वत पर्वत खालीपन मन हीरा बेमोल बिक गया घिस घिस रीता तन चंदन इस धरती से उस अम्बर तक दो ही चीज़ गज़ब की है एक तो तेरा भोलापन है एक मेरा दीवानापन||1|| जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल एक ऐसा इकतारा है, जो हमको भी प्यारा है और, जो तुमको भी प्यारा है. झूम रही है सारी दुनिया, जबकि हमारे गीतों पर, तब क...
Waqt - Vikram Singh Rawat 14.11.2021 3:26
Listen in to a recitation of the famous poem “Waqt” by Vikram Singh Rawat. Lyrics in Hindi: ज़िन्दगी में कुछ भी कभी हरपल नहीं रहता जो आज साथ होता है तुम्हारे वो कल नहीं रहता। मैं फ़िज़ूल रोया करता था लम्हों पे दशको पे समझ आया अब की वक़्त खुद भी सदा प्रबल नहीं रहता। मरते हैं इसके भी पल जो बहते हैं इसकी धाराओ में सदा को ठहरा हुआ कोई भी इसका पल नहीं रहता। जीवनचक्र निरंतर है, मत कोस तू अपनी किस्मत को...
Aaj Phir Se - Harivansh Rai Bachchan 06.11.2021 2:26
Listen in to a recitation of the famous poem “Aaj Phir Se” by Harivansh Rai Bachchan. Lyrics in Hindi: आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । है कंहा वह आग जो मुझको जलाए, है कंहा वह ज्वाल पास मेरे आए, रागिनी, तुम आज दीपक राग गाओ; आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । तुम नई आभा नहीं मुझमें भरोगी, नव विभा में स्नान तुम भी तो करोगी, आज तुम मुझको जगाकर जगमगाओ; आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । मैं तपोमय ज्योती की, पर,...
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