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Padhaku Nitin

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी क...

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Episoder

दलेर मेहंदी की किस ज़िद पर अमिताभ बच्चन हैरान रह गए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 109 17.08.2023

नब्बे के दशक में दलेर मेहंदी ने पंजाबी गीत संगीत को वो उठान दी कि उनका नाम देश विदेश में फैल गया. इंडी पॉप के वो सबसे चमकते सितारे थे. दशक भर तक उन्होंने अपनी एलबम्स के ज़रिए राज किया और फिर फिल्मी गीत भी गाए. उनकी कंट्रोवर्सीज़ से मुठभेड़ हम सभी ने देखी है. 'पढ़ाकू नितिन' की बैठकी में दलेर मेहंदी के सफर और संघर्ष पर बड़ा खुलकर बात हुई. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के न...

इस्लाम के दक़ियानूसी हिस्सों की सर्जरी कौन करेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 108 10.08.2023

इस्लाम 1400 साल पुराना मज़हब है. धारणा ये है कि जो इस्लाम में पहले कहा गया वही आज तक चला आ रहा है, जबकि ये पूरा सच नहीं.'इज़्तिहाद' नाम की टर्म को अगर आप डीकोड करने चलें तो एक ऐसी राह से रूबरू होंगे जो मुसलमानों को इंडिपेंडेंट थिंकिंग की तरफ ले जाती है. हमने 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार यही टॉपिक छेड़ा है, और हमारे मेहमान हैं साइंस एंड मॉर्डन पॉलिटिकल हिस्ट्री के इतिहासकार सैयद इरफ़ान हबीब. Disclaime...

चांद पर कैसी दिखेंगी इंसानी बस्तियां?: पढ़ाकू नितिन, Ep 107 03.08.2023

चांद मामा भी है और महबूब भी, दुनिया के लिए मिशन भी. कभी पांव रखना जहां मुश्किल था आज वहां इंसानों की आवाजाही है. उसे दूसरी धरती बनाने की कोशिश है. लोगों में चांद को लेकर सवाल हैं, उत्सुकता है और ढेरों महत्वाकांक्षाएं भी. 'पढ़ाकू नितिन' में आजतक रेडियो के साइंस रिपोर्टर रिचीक मिश्रा ने चांद को लेकर ढेरों सवालों के जवाब दिए हैं. सुनकर बताइए कैसा लगा. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार ए...

मणिपुर में हर घर हथियार के लिए ज़िम्मेदार कौन?: पढ़ाकू नितिन, Ep 106 27.07.2023

मणिपुर लंबे वक्त तक एक डिस्टर्ब स्टेट रहा. कारण भले अलग हों मगर आज भी है. हालिया कॉन्फ्लिक्ट की कई परतें हैं और सभी को एक एक कर उघाड़ने के लिए 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर कौशिक डेका.

JNU की वो दुनिया देखिए जिसे आप नहीं जानते: पढ़ाकू नितिन, Ep 105 20.07.2023

देश में कुछ ही कॉलेज-यूनिवर्सिटी हैं जिनकी चर्चा खूब होती है. JNU इन्हीं में से एक है. इसके कैंपस में ना विवादों की कमी है ना कहानियों की. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में आए हैं जेएनयू से दो दशकों तक जुड़े रहे और अब अमेरिका में पढ़ रहे जे सुशील. उनसे सुनिए इस यूनिवर्सिटी से जुड़े किस्से कहानी और यादें. Opening music credit: Dub Sharma Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड वो सपना है जो कभी पूरा हो नहीं सकता?: पढ़ाकू नितिन, Ep 104 13.07.2023

कॉमन सिविल कोड का शोर पुराना है इसलिए ये विवाद सदाबहार है. संविधान बनाने वालों ने चाहा था कि ये आए, सत्तारूढ़ दल चाह रहा है कि आए, ज़्यादातर लोग चाह रहे हैं कि आ ही जाए मगर ये लागू होती क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब 'पढ़ाकू नितिन' में देने आईं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में लीगल हिस्ट्री पढ़ानेवालीं डॉ सौम्या सक्सेना. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

अंडरवर्ल्ड के वो राज़ जिन पर कोई बात नहीं करता: पढ़ाकू नितिन, Ep 103 06.07.2023

अंडरवर्ल्ड के तौर तरीके अब बदल चुके हैं, चेहरे भी और तेवर भी. नए गैंगस्टर अपने साथ नए रंग ढंग लाए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन में डेढ़ दशकों से क्राइम रिपोर्टिंग करते रहे अरविंद ओझा से सुनेंगे छोटा शकील से लेकर गोल्डी बरार तक से उनके इंटरव्यू के क़िस्से और अपराध की दुनिया से जुड़े वो सच भी जो आपको हर कोई नहीं बताएगा. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

गीता प्रेस के महात्मा गांधी से रिश्ते क्यों बिगड़ गए थे?: पढ़ाकू नितिन, EP 102 29.06.2023

गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार का एलान होते ही हंगामा बरपा है. जितने लोग सम्मान देने के पक्ष में हैं, उतने ही विरोध में. 'पढ़ाकू नितिन' में गीता प्रेस के इतिहास, गांधी से रिश्ते, भारतीय जनमानस के निर्माण में उसके रोल पर बात की गई है. बात करने के लिए इस बार मेहमान थे अक्षय मुकुल जिन्होंने गीता प्रेस पर कई साल पहले एक शानदार शोधपरक किताब लिखी है जिसकी चर्चा अक्सर होती रहती है. Disclaimer: इस पॉड...

नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल अब कहां हैं?: पढ़ाकू नितिन, Ep 101 22.06.2023

हमारे बचपन के दोस्त सिर्फ रिंकू, चिंटू, पिंकू नहीं थे बल्कि नागराज, ध्रुव, डोगा, भोकाल भी थे. गर्मी की छुट्टियों में इनकी संगत खूब होती थी और स्कूल खुलते तो पीछे की बेंच पर छिपकर मुलाकाते चलतीं. ये दोस्त अब दिखते नहीं या कम दिखते हैं. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में राज कॉमिक्स के को प्रोड्यूसर संजय गुप्ता आ रहे हैं और अपने साथ ला रहे हैं इन सुपरहीरोज़ की दुनिया.

गिटार वालों में कितनी ज़रूरी है छटपटाहट?: पढ़ाकू नितिन, Ep 100 Feat. Rabbi Shergill 15.06.2023

पढ़ाकू नितिन सौवें ऐपीसोड के पड़ाव तक आ पहुंचा है. अब मौका ख़ास था तो मेहमान को ख़ास होना ही था. हमने पुकारा सिंगर और म्यूज़िशियन रब्बी शेरगिल को. पढ़ाकू नितिन में रब्बी ने दिल्ली, दिल, गीत, हवा, AI, दोस्तों से लेकर दुनिया जहान की बातें छेड़ीं. आइए इस छोटी सी सैर पर निकलें. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

अमेरिका ने 13 देशों को साथ जोड़कर क्या मिसाल कायम की?: पढ़ाकू नितिन, Ep 99 08.06.2023

अमेरिका का सिक्का दुनिया में चलता है. उससे होड़ लेने वाले भी मानते हैं कि उसे पछाड़ना सबसे मुश्किल है. दुनिया के लगभग हर कूटनीतिक मामले में वो समस्या या समाधान बनकर खड़ा है. यही वजह है कि उसके सियासी तंत्र की बारीकी समझना सबके लिए ज़रूरी है. 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में हमने अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मुक्तदर खान से बात की और अमेरिकी तंत्र के हर पहलू को समझा. Disclaimer: इस पॉड...

सेंगोल वाले चोल डेढ़ हज़ार सालों तक देश-दुनिया पर राज कैसे कर पाए?: पढ़ाकू नितिन, Ep 98 01.06.2023

चोलों को लेकर उपन्यास लिखे गए, फिल्म बनीं और अब उनकी परंपरा सरकारें निभा रही हैं. दक्षिण हिंदुस्तान के सबसे ताकतवर राजवंश की शुरूआत कैसे हुई, गिर कर वो कैसे उभरे, उनका धर्म क्या था, राजकाज कैसे चलाते थे, परंपराएं क्या थीं और कहां तक उनका बोलबाला रहा ये सब अचानक लोगों में दिलचस्पी जगाने लगा है. इस बार पढ़ाकू नितिन में यही सब बताने आई हैं प्रो डॉ एस चांदनीबी.  इतिहासकार चांदनीबी ने तीन दशकों तक चोलो...

जंगल की जादुई दुनिया के किस्से जो आपने नहीं सुने: पढ़ाकू नितिन, Ep 97 25.05.2023

पेड़ बोलते भी हैं, दुश्मन पर हमला करते हैं, चलते फिरते भी हैं. और तो और कीट-पतंगों को खा भी जाते हैं. कितने ही असाध्य रोगों का इलाज करते हैं. ये दुनिया वो है जहां आप अब तक शायद प्रवेश ना कर सके हों. इस बार 'पढ़ाकू नितिन' में सुनिए डॉ दीपक आचार्य से दिलचस्प कहानियां उन जंगलों, आदिवासी, पेड़-पौधों की जहां तक आप कभी गए नहीं.

कोहिनूर की मनहूसियत ने क्या साम्राज्यों को बर्बाद कर दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 96 18.05.2023

हीरों से आकर्षण कोई नई बात नहीं. हीरा अगर कोहिनूर हो तो मामला और ख़ास हो जाता है. शासकों की इस नायाब हीरे से मोहब्बत और इससे जुड़ी मनहूसियत की कहानियां बहुत दिलचस्प हैं. हिंदुस्तान की गोद से निकला ये हीरा आजकल टावर ऑफ लंदन में रखा है, लेकिन उसका ये सफ़र बेहद जटिल, रहस्यमयी, धोखे, कपट और लालच से भरा था. पढ़ाकू नितिन में यही कहानियां इतिहासकार और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मानवेंद्र कुमार पुण्डी...

पाकिस्तानी आर्मी का सबसे बड़ा डर क्या है?: पढ़ाकू नितिन, Ep 95 11.05.2023

पाकिस्तान में हालात फिर से नासाज़ हैं. पहली बार पाकिस्तान के आम लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर्स पर पत्थर फेंकते देखा गया. किसी पूर्व पीएम को हाईकोर्ट से गिरफ्तार होते भी पहली बार देखा गया. ये भी पहली बार देखा गया कि 48 घंटों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रिहाई दे दी. बावजूद इसके पाकिस्तान में सब कुछ ठीक नहीं है. सरकार विपक्ष से टकरा रही है. विपक्ष सेना से टकरा रहा है. सेना न्यायपालिका को तेवर दिखा रही...

दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी जगदीशचंद्र बोस को नोबेल क्यों नहीं मिला?: पढ़ाकू नितिन, Ep 94 04.05.2023

साइंस बहुत लोगों को बोर लगता है मगर हम चारों तरफ साइंस से घिरे हैं. इसके बावजूद साइंटिस्ट हमारे हीरो नहीं हैं!! जगदीशचंद्र बोस भारत में आधुनिक विज्ञान के जनक माने जाते हैं लेकिन खुद से पूछिए कि आप उनके काम को कितना जानते हैं या आप उन्हें कितना जानते हैं??? बेहद दिलचस्प जीवन जीकर और दुनिया बदल देनेवाली खोज करके भी बोस पॉपुलर कल्चर का हिस्सा नहीं हो सके. ये जितना दुखद है उतना ही विचारणीय भी. आज के प...

इंटरनेट के ठगों से ज़्यादा स्मार्ट बनने के टिप्स: पढ़ाकू नितिन, Ep 93 27.04.2023

किसी को इंटरनेट की लॉटरी पाने के चक्कर में जेल जाना पड़ा तो किसी को इंटरनेट की दोस्ती में ज़िंदगी भर का पैसा गंवाना पड़ा. अब इंटरनेट का इस्तेमाल तो छोड़ नहीं सकते, फिर साइबर फ्रॉड्स से बचने का उपाय क्या है? सारे उपाय 'पढ़ाकू नितिन' के इस पॉडकास्ट में सुनिए उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार और लेखक ओपी मनोचा से.

दाऊद क्यों मानता था यूपी के माफियाओं को खुद से खूंखार?: पढ़ाकू नितिन, Ep 92 20.04.2023

अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, ब्रजेश सिंह जैसे नाम यूपी माफियाओं की लिस्ट में अव्वल हैं. इनके नाम से सूबे की सियासत और अपराध दोनों दहल रहे हैं आजतक में क्राइम के हेड अरविंद ओझा ने करीब दो दशकों तक अंडरवर्ल्ड और माफिया को कवर किया है. उन्हीं से इस पॉडकास्ट में सुनेंगे यूपी माफिया की ऐसी करतूतें जिन्हें देखकर दाऊद इब्राहीम ने भी मान लिया था कि यूपी के माफिया उससे भी खूंखार हैं. Disclaimer: इस पॉडकास्ट...

अंग्रेज़ों को एक विदेशी राजकुमारी ने सिक्किम में कैसे उलझाए रखा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 91 13.04.2023

भारत के इतिहास में राजा ही नहीं रानियों का भी बड़ा रोल है. प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी. उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी. इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां.

झांसी की रानी के किस सवाल का जवाब नहीं दे सके थे अंग्रेज़? :पढ़ाकू नितिन, Ep 90 06.04.2023

राजाओं के इतिहास में रानियों का भी बड़ा रोल है। प्रोफेसर क्विनी प्रधान ने अपनी किताब में ऐसी रानियों के बारे में बताया है जिन्होंने अंग्रेजों से जंग लड़ी। उस जंग में रानियों ने कलम भी उठाई और तलवार भी। इस पॉडकास्ट में सुनिए इतिहास के नए नज़रिये से रानियों की कहानियां.  नोट - पॉडकास्ट में व्यक्त किये गए विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं. 

'खालिस्तान' ने पंजाबी पॉलिटिक्स को कैसे बदल दिया?: पढ़ाकू नितिन, Ep 89 30.03.2023

'खालिस्तान' ने पंजाब की पॉलिटिक्स को लंबे समय तक नचाया है. भिंडरावाले से पहले और बाद में खूब रंग बदले गए. आज की सियासत के कई चेहरों का इस मूवमेंट में गहरा रोल रहा. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए हैं. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

अमृतपाल बस मोहरा है, खालिस्तान का खेल ऐसे शुरू हुआ था: पढ़ाकू नितिन, Ep 88 23.03.2023

'खालिस्तान' आजकल खूब ट्रेंड में है, लेकिन ये शब्द आजकल का नहीं है और ना ही ये मूवमेंट. इसके बीज सौ साल से भी पहले पड़े थे और सच ये है कि खालिस्तान के मायने वक्त गुज़रने के साथ बदलते रहे. 'पढ़ाकू नितिन' में इंडिया टुडे मैग्ज़ीन के डिप्टी एडिटर अनिलेश एस महाजन ने खूब सरलता से इस जटिल मुद्दे के सारे पहलू खोलकर रख दिए.

सदियों से भिड़ते मुस्लिम देशों की सुलह कराके चीन को क्या मिलेगा?: पढ़ाकू नितिन, Ep 87 16.03.2023

सऊदी अरब और ईरान की फ्रेंडशिप डील ने दुनिया को चौंका दिया है. इसमें चीन का जो रोल रहा वो तो और भी धमाकेदार है. सदियों से लड़ते इन देशों को दोस्ती की टेबल पर लाना आसान काम नहीं था. इन देशों की रंजिश समझने वाले ये बखूबी जानते हैं. इस बहुत कुछ बदल डालने वाली डील के ढेरों मायने हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रकाश के रे ने समझाया 'पढ़ाकू नितिन' के इस एपिसोड में.

बिना डिग्री का देसी जीनियस जिसे विदेशियों ने “दूसरा न्यूटन” कहा : पढ़ाकू नितिन, Ep 86 09.03.2023

हिंदुस्तान ने दुनिया को बहुत हीरे दिए। फिर हम ही उनको भूल गए। इस बार पढ़ाकू नितिन में बात ऐसे जीनियस की जिसे हमने नहीं पहचाना लेकिन पश्चिम के दिग्गजों ने गले लगाया। छोटी सी उम्र में कारनामे करके वो चला गया। डॉ मेहेर वान ने उनकी जीवनी लिखी है। सुनिए उस रहस्यमयी “दूसरे न्यूटन” की कहानी। Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं.

मौलाना आज़ाद से जिन्ना चिढ़ते क्यों थे?: पढ़ाकू नितिन, Ep 85 02.03.2023

देश के पहले एजुकेशन मिनिस्टर मौलाना आज़ाद की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही आसानी से हमने वो भुला दी. उनका परिवार अफ़ग़ानिस्तान से दिल्ली आया था और फिर मक्का चला गया था, जहां आज़ाद पैदा हुए. वो फिर भारत लौटे. यहां पढ़े, क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े, जेल गए, कांग्रेस को संभाला, जिन्ना से लड़े, अपनों से हारे और आखिरकार उस देश के पहले शिक्षामंत्री बने जिसे अखंड बनाए रखने के लिए वो बहुत जूझे. उन्हीं मौ...

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