Aaj Tak Radio

Iti Itihaas

Listen Podcast 'Iti Itihas' With Nitin Thakur in Hindi who will narrate the plethora of fascinating, shocking and startling historical occurrences in a span of just two to two and a half minutes. In this podcast,Our host  will narrate the chronical and archived facts in the form of short stories. The stories may concern a war, tragic downfall of a leader, a conspiracy hatched in a king's court, or an uncanny obsession of a famous performer. We will weave a show about every intriguing event you should be aware of. 'इति इतिहास' हमारा इतिहास का पॉडकास्ट है जिसमें हमारे होस्ट नितिन ठाकुर आपके लिए...

Yazar

Aaj Tak Radio

Kategori

History

Podcast web sitesi

www.aajtak.in

Son bölüm

8 Haz 2025

Nereden dinlenir?

Uygulamada podcast'ler Replaio Radio Çok yakında

Podcast'ler çok yakında uygulamaya geliyor. Şimdi yükle ve podcast'lere yepyeni bir bakışı ilk gören sen ol

Google Play'den indir Ücretsiz yükle Android 5 Mn+ indirme · 4,8 puan iOS yakında

Bölümler

ये फ़ोटो न होती तो शायद न होता Google Image फ़ीचर?: इति इतिहास, Ep 184 01.03.2025

अगर आप 90s किड है, तो J’Lo को जानते होंगे. उस दौर में न सिर्फ एक सुपरहिट पॉप सिंगर थीं, बल्कि एक स्टाइल आइकन और ग्लैमर क्वीन भी थीं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जेनिफ़र लोपेज़ कि ही एक तस्वीर कि वजह से गूगल इमेज अस्तित्व में आया? ‘इति इतिहास’ में सुनिए यही कहानी.

प्रयागराज कुंभ से कैसे दुनिया भर में पहचाना गया विश्व हिंदू परिषद?: इति इतिहास, Ep 183 23.02.2025

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ को दुनिया का सबसे बड़ा संगठन माना जाता है. इसके बनाए कई संगठन समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं. इन्हीं में से एक है विश्व हिंदू परिषद. जिसकी स्थापना 60 के दशक में हुई थी. लेकिन वीएचपी को असली पहचान मिली कुंभ से. कब, क्यों और कैसे? सुनिए 'इति इतिहास' की 11वीं कड़ी में प्रड्यूसर: अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

हाईकोर्ट अखाड़े के नामकरण का दिलचस्प क़िस्सा: इति इतिहास, Ep 182 22.02.2025

महाकुंभ में अखाड़े और उनकी भव्य रैलियां हमेशा ध्यान खीचतीं हैं. अखाड़ों को आदि शंकराचार्य ने एक संगठन के रूप में विकसित किया था. एक ऐसी जगह जहां साधुओं को शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से एक अखाड़े में एक हाईकोर्ट भी है? सुनिए 'इति इतिहास' की 10वीं कड़ी में.

जब अंग्रेजों ने गंगा में बहा दिए थे हज़ारों शव!: इति इतिहास, Ep 181 16.02.2025

क्या आप जानते हैं कि साल 1906 में कुंभ में एक ऐसी त्रासदी हुई जिसके चलते ब्रिटिश सरकार ने रेलवे स्टेशन ही बंद कर दिए थे और हज़ारों लोगों ने रेलवे स्टेशन पर ही दम तोड़ दिया था? क्या थी ये त्रासदी? कौन था इसके लिए ज़िम्मेदार? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ सीरीज़ के 9वें एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

संगम किनारे खड़ा पेड़ जिससे हार गया था जहांगीर!: इति इतिहास, Ep 180 15.02.2025

फारसी विद्वान अहमद अलबरूनी 1017 ईस्वी में भारत आए और अपनी किताब ‘तारीख़-अल-हिंद’ में लिखा- ‘यहां संगम के पास एक बड़ा सा वृक्ष वट वृक्ष है, जिसकी लंबी-लंबी शाखाएं हैं.” लेकिन इस पेड़ का परिचय इससे कहीं बड़ा है. सुनिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ महाकुंभ सीरीज़ के 8वें एपिसोड में प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

कुंभ के मेले में सबकुछ लुटा देने वाला सम्राट जो चीन तक मशहूर था: इति इतिहास, Ep 179 09.02.2025

महाकुंभ में पुण्य कमाने की दशांश थ्योरी तो सुनी होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक राजा ऐसा भी था जो दशांश नहीं, बल्कि अपनी पूरी संपत्ति दान कर देता था? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ सीरीज़ के सांतवे एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

किन्नर अखाड़े में कौन शामिल हो सकता है?: इति इतिहास, Ep 178 08.02.2025

महाकुंभ में अक्सर किन्नर अखाड़ा चर्चा का केंद्र बनता है, लेकिन किन्नर अखाड़ा क्या है, इसका महत्व क्यों है, कौन इसमें शामिल हो सकता है और ये अखाड़ा बाकी से कैसे अलग है? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ सीरीज़ के छठे एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

अकबर ने संगम किनारे 'इलाहाबास' क्यों बसाया था?: इति इतिहास, Ep 177 01.02.2025

कुंभ की प्रथा कई साल पुरानी है. इसका उल्लेख अलग अलग काल के साहित्य और रिकॉर्ड्स में भी देखने को मिलता है फिर चाहे वो हान सांग हो या बर्नियर. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुगल बादशाह अकबर का भी कुंभ कनेक्शन है? ये हैं इति इतिहास की महाकुंभ सीरीज़ की पांचवी कड़ी. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

800 साल पहले कुंभ में क्यों गिरा था खून?: इति इतिहास, Ep 176 30.01.2025

इस वक्त सोशल मीडिया का हर स्पेस महाकुंभ के किस्सों और कहानियों से भरा हुआ है. इन किस्सों में कोई अखाड़ों की कहानी सुना रहा है तो कुछ लोग शाही स्नान का महत्व बता रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं एक बार इन अखाड़ों के बीच जूतम पैजार भी हो गई थी. ऐसा क्यों और कब हुआ था? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ स्पेशल सीरीज़ में. प्रड्यूसर: अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती

महाकुंभ का अंग्रेज़ों और जापान से 80 साल पुराना कनेक्शन: इति इतिहास, Ep 175 29.01.2025

12 सालों में एक बार होनेवाला महाकुंभ में करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगाते हैं. ऐसे में सब सिस्टम से चले इसकी ज़िम्मदारी सरकार की होती है लेकिन एक बार ऐसा भी हुआ कि सरकार ने इससे अपने हाथ खींच लिए. साल था 1942 और देश में अंग्रेजी हुकूमत चला-चली की बेला में थी. तब क्यों ऐसा हुआ था. सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ स्पेशल सीरीज़ में. प्रड्यूसर: अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत

रानी लक्ष्मीबाई के बेटे को नागा साधुओं ने कैसे बचाया था?: इति इतिहास, Ep 174 25.01.2025

अल्गोरिदम का अथाह सागर कुंभ की रील्स आजकल आपकी तरफ खूब फेंक रहा होगा. हर बार की तरह इस बार भी नागा सबके आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. कारण- उनसे जुड़े रहस्य और रोमांचित करती कहानियां, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही नागा साधु रानी लक्ष्मीबाई के लिए अंग्रेज़ों से भी भिड़ गए थे? सुनिए इति इतिहास की महाकुंभ स्पेशल सीरीज़ प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

ज़िंदगी भर ये आदमी नहीं देख पाया औरत का मुंह: इति इतिहास, Ep 173 19.01.2025

इस दुनिया में औरत के कितने सारे किरदार हैं न? वो मां है, बहन है, प्रेमिका है, बीवी है और आज तो डॉक्टर, इंजीनियर, उद्योगपति. सब कुछ है. उनके बिना ज़िंदगी की कल्पना भी करना मुश्किल है. उनके बिना तो ज़िंदगी ऐसी मालूम होती है जैसे कलरफुल ज़िंदगी से रंग ही गायब हो गए हों. लेकिन ‘इति इतिहास’ के इस एपिसोड में सुनिए कहानी एक ऐसे इंसान की जिसने बिना किसी औरत को देखे पूरी ज़िंदगी ही बिता दी. प्रड्यूसर: मानव...

आज़ादी के बाद पहले कुंभ में मची तबाही के ज़िम्मेदार थे नेहरू?: इति इतिहास, Ep 172 18.01.2025

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन धूम धाम से हो रहा है. एक तरफ भारी भीड़ है, दूसरी तरफ घोड़ों पर जायज़ा लेती पुलिस. लंबा चौड़ा इंतज़ाम. मगर क्यों ज़रूरी है ये इंतज़ाम? इसके पीछे सिर्फ लॉजिक नहीं हिस्ट्री भी है. क्योंकि आज़ादी के बाद जब पहला कुंभ हुआ था तो ऐसी तबाही देखने को मिली थी जिसका इल्ज़ाम देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के सर आया. आज के ‘इति इतिहास’ में कहानी 1954 के कुंभ की....

पुर्तगाल से जान बचाकर आए डॉक्टर के नाम पर भारत में पार्क क्यों है?: इति इतिहास, Ep 171 12.01.2025

कहानी ऐसे पुर्तगाली की जिसकी फोटो पुर्तगीज़ नोटों पर है. उसके नाम पर लिस्बन और गोवा में बाग हैं. इस आदमी की किताबें भारत में छपीं. ये एक डॉक्टर था जो भारत भाग आया था.. लेकिन मरने के बाद इसकी कब्र खोदकर उसके अवशेषों को जलाया भी गया, सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रोड्यूसर- अतुल तिवारी साउंड मिक्स- सूरज सिंह

जब Haley’s comet से बचने के लिए ईजाद हुई Anti Comet Pill!: इति इतिहास, Ep 170 11.01.2025

आसमान को इमेजिन कीजिए. दिमाग में क्या आया? तारे? सूरज? चांद? इन्हीं की तरह मगर इनसे थोड़ी अलग एक और चीज़ होती है. धूम्रकेतू, बोले तो कॉमेट. शायद आपने इनका नाम सुना हो, लेकिन क्या कभी ये सुना है कि इनसे बचने के लिए किसी टेबलेट का ईजाद हुआ था? अगर नहीं सुना है तो भी कोई दिक्कत नहीं है आज सुनिए. 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में कहानी Anti-Comet Pill की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

Guinness Book of World Record की कहानी एक बहस से कैसे शुरू हुई?: इति इतिहास, Ep 169 15.12.2024

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जब गिनीज ब्रेवरी के निदेशक, सर ह्यूग बीवर जब एक बहस में उलझ गए, उन्होंने 1955 में ये किताब पहली बार प्रकाशित हुई और जल्द ही विश्व प्रसिद्ध बन गई, सुनिए इसकी कहानी 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. साउंड मिक्स- नितिन रावत

इतिहास के सबसे शक्तिशाली समुराई योद्धाओं की कहानी!: इति इतिहास, Ep 168 14.12.2024

जापान के समुराई योद्धा. सिर्फ मुकाबले नहीं बल्कि अपने सम्मान के लिए भी लड़ने वाली कौम. आज भी ‘समुराई योद्धाओं’ को इतिहास के सबसे शक्तिशाली योद्धाओं में गिना जाता है. आज के 'इति इतिहास' में कहानी समुराई योद्धाओं को दी जाने वाली सम्मानजनक मौत से जुड़ी एक परंपरा की.

आग बुझाने वाली मशीन का पेटेंट ही आग के हवाले हो गया!: इति इतिहास, Ep 167 08.12.2024

आदिमानव के सामने जब पहली चिंगारी भड़की होगी तो उसे देखकर उनके मन में क्या ख्याल आया होगा? पहले शायद डर, फिर अचरज और फिर ये curiosity की आखिर इससे होगा क्या? लेकिन शायद उसकी गर्माहट से ये तो समझ गए होंगे इसका तो काम ही जलाना है. लेकिन क्या आप मानेंगे कि आग बुझाने के लिए जो पहला हायड्रेंट बनाया गया था. उसके पेटेंट को भी आग ने ही लील लिया था, सुनिए 'इति इतिहास' में. प्रड्यूसर- मानव देव रावत साउंड मिक...

CIA ने जब एक बिल्ली को बनाया जासूस!: इति इतिहास, Ep 166 07.12.2024

अमेरिका और सोवियत संघ के बीच कोल्ड वॉर जारी था. उसी दौरान CIA और KGB जैसी सीक्रेट सोसाइटीज़ भी पनपीं. इनका काम बड़ा सिंपल था. एक दूसरे के खिलाफ प्लान बनाकर एक दूसरे को कमज़ोर करना. जासूसी इन दोनों ही सोसाइटीज़ का प्रिय शगल था. जासूसी के लिए ये दोनों सोसाइटीज़ किसी भी हद तक जा सकती थीं. आज के इति इतिहास में कहानी CIA के ऐसे अतरंगी प्रोजेक्ट की जिसमें बिल्लियां शामिल थीं. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउ...

दो साल तक ज़मीन पर पैर न रखने वाली लड़की कैसे बचा रही थी पर्यावरण?: इति इतिहास, Ep 165 17.11.2024

चिपको आंदोलन के बारे में आपने सुना ही होगा. इस आंदोलन में पेड़ों को काटने से बचाने के लिए लोग पेड़ से चिपक जाते थे. हम कहानी सुनाएंगे उस महिला की जो पेड़ों को बचाने के लिए 738 दिन तक पेड़ पर ही रही और जब वो उतरी तो नेशनल हीरो बन गई, सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूसर- मानव देव रावत साउंड मिक्स- नितिन रावत

जब एक सनकी बादशाह ने अपने नाम पर रखा महीने का नाम!: इति इतिहास, Ep 164 16.11.2024

नाम में क्या रखा है वाली कहावत आपने सुनी ही होगी. नाम बदलने की पॉलिटिक्स से भी परिचित होंगे! आज के 'इति इतिहास' में कहानी एक ऐसे तानाशाह की जिसने इस कहावत को उलट दिया. उसका मानना था कि नाम में ही सबकुछ रखा है. प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउंड मिक्स: नितिन रावत

गोली लगने के बाद भी भाषण देता रहा ये राष्ट्रपति!: इति इतिहास, Ep 163 10.11.2024

“जाको राखे साइयां मार सके न कोय!”. कहावत बहुत पुरानी है जहां तहां चरितार्थ होती है. अमेरिका के मिलवॉकी में साल 1912 में यही बात चरितार्थ हुई USA के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रुज़वेल्ट के बारे में जब एक स्पीच ने उनकी जान बचा ली, सुनिए किस्सा 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूस- मानव देव रावत साउंड मिक्स- नितिन रावत

जब अमेरिका ने बनाया था चांद पर परमाणु बम फोड़ने का अफलातूनी प्लान!: इति इतिहास, Ep 162 09.11.2024

चांद सुनते ही आपके दिमाग में क्या आता है ये आपकी उम्र पर निर्भर करता है अगर आप बच्चे हैं तो मामा याद आएं, अगर जवानी फूट रही है तो शायद महबूब-महबूबा याद आए और अगर बुढ़ापा आ गया हो तो शायद चांदनी रात में बैठे अपनी ज़िंदगी के कई चांद याद कर रहे हों जो सरे आसमान बिखरे रहे. लेकिन क्या कभी ये ख्याल आता है कि उस चांद को बम से उड़ा दो? नहीं न लेकिन क्या आप जानते हैं अमेरिका को तो एक्ज़ेक्टली यही ख्याल आया...

वाटरलू की जंग में मृत सैनिकों के दांत क्यों निकाल लिए गए?: इति इतिहास, Ep 160 26.10.2024

कनाडा में एक शहर है वाटरलू. कहा जाता है कि वाटरलू की खूनी जंग में हजारों लोगों की जान गई थी. इस जंग में नेपोलियन हार गया था. ये जंग एक अजीब घटना के लिए भी जाना जाता है. दरअसल जंग में मारे गए हज़ारों सैनिकों के दांत निकाल लिए गए थे. ऐसा क्यों हुआ था जानेंगे आज के ‘इति इतिहास’ में.

शोले के 'रहीम चाचा' एके हंगल ने कराची में दर्ज़ियों की हड़ताल क्यों करवाई थी?: इति इतिहास 19.10.2024

‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई’ - शोले फ़िल्म के रहीम चाचा तो याद होंगे? उनका ये डायलॉग आज भी मशहूर है और मीम की शक्ल में सोशल मीडिया पर घूमता रहता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 200 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम करने वाले इस एक्टर ने एक बार कराची में दर्ज़ियों की हड़ताल करवा दी थी. सुनिए यही कहानी आज के 'इति इतिहास' में

Iti Itihaas podcast'ini Replaio'da dinle

Radyo ve podcast'ler tek uygulamada - ücretsiz, kayıt gerektirmez. Bugün yükle ve lansmanı kaçırma

Google Play'den indir

Replaio bir podcast yayıncısı değildir; program adları, kapak görselleri ve ses içerikleri yazarlarına aittir ve herkese açık RSS beslemeleri aracılığıyla dağıtılır