AKTANU899

कविताएं (Poetry Hindi -Urdu)

Arts HI ↓ 441 avsnitt

I like poetry. I have made this podcast to recite some of my favourite poets poem and some of my own.

Skapare

AKTANU899

Kategori

Arts

Poddens webbplats

podcasters.spotify.com

Senaste avsnittet

12 jul 2026

Var kan du lyssna?

Poddar i appen Replaio Radio Kommer snart

Poddar kommer snart till appen. Installera nu och bli först med att uppleva ett helt nytt sätt att lyssna på poddar

Ladda ned på Google Play Installera gratis Android 5 mn+ nedladdningar · betyg 4,8 iOS snart

Avsnitt

पहुंच 12.07.2026

तुम्हारे साथ देखते-देखते समुद्र पर पुल बन गया है, ऊंचे गिरि शिखरों तक सड़क जन संकुल नगरों से दूर निकल आया हूं - हाथों में थामे तुम्हारा हाथ! दुष्यंत कुमार

सारे रिश्ते भुलाए जाएंगे अब तो ग़म भी गंवाए जाएंगे जौन एलिया 12.07.2026

सारे रिश्ते भुलाए जाएंगे अब तो ग़म भी गंवाए जाएंगे जानिए किस क़दर बचेगा वो उससे जब हम घटाए जाएंगे उसको होगी बड़ी पशेमानी अब जो हम आज़माए जाएंगे क्या गरज़ दौर-ए- जाम से हमको हम तो शीशे चबाए जाएंगे मेरी उम्मीद को बजा कहकर सब मेरा दुख बढ़ाए जाएंगे कम से कम कुछ गली में जानानां धूम तो हम मचाए जाएंगे जख्म पहले के अब मुफ़ीद नहीं अब नये ज़ख़्म खाए जाएंगे हो ख़ुदा कि आदम-ओ-इब्लीस सब के सब आज़माए जाएंगे शाख...

वर्षा 11.07.2026

दुष्यंत कल दिन भर वर्षा हुई कल न उजाला दिखा अकेला रहा तुम्हे ताकता अपलक। आती रही याद: इंद्रधनुषों कि वे सतरंगी छवियां खिंची रहीं जो मानस पट पर भरसक। कलम हाथ में लेकर बूंदों से बचने की चेष्टा की इधर-उधर को भागा भींग गया पर मस्तक: हाय! भाग्य की रेखा, मुझ पर ही आकाश अकारण बरसा पर तुम ... बूंदें गई न शायद तुम तक। दुष्यंत कुमार

एक शाम की मनःस्थिति 11.07.2026

दुष्यंत कुमार

वर्षों बाद 11.07.2026

दुष्यंत कुमार

सितारों के पयाम आये 30.06.2026

अली सरदार जाफ़री

वही फ़ासला लगे है मुझे 30.06.2026

जां निसार अख़्तर

दर्द वही जो मीठे-मीठे गीतों में ढल जाता है 30.06.2026

ताबां गुलाम रब्बानी

कवि मुक्तिबोध के निधन पर 26.06.2026

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

सुरों के सहारे -2 26.06.2026

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

सुरों के सहारे -1 26.06.2026

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

शमशेर का काव्य संग्रह पढ़ने के बाद 26.06.2026

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

यह हाथ 26.06.2026

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

हो गये नाचार जी से हम 20.06.2026

मोमिन

न होगा किसी का 20.06.2026

मोमिन

मेरे नदीम 19.06.2026

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

जब तेरी समंदर आंखों में 19.06.2026

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

पागलपन 14.06.2026

सलीमुर्रहमान

दरीचा -हा-ए-ख़याल 13.06.2026

जौन एलिया

ज़िन्दगी से डरते हो 13.06.2026

नून मीम राशिद

वापसी 13.06.2026

अहमद फ़राज़

मुझसे पहली सी मोहब्बत 13.06.2026

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

अंधेरे में भाग ३ 12.06.2026

गजानन माधव मुक्तिबोध

अंधेरे में भाग २ 12.06.2026

गजानन माधव मुक्तिबोध

अंधेरे में भाग १ 12.06.2026

गजानन माधव मुक्तिबोध

Lyssna på podden कविताएं (Poetry Hindi -Urdu) i Replaio

Radio och poddar i en och samma app - gratis och utan konto. Installera redan idag och missa inte premiären

Ladda ned på Google Play

Replaio är ingen poddutgivare; programnamn, omslag och ljud tillhör sina upphovspersoner och distribueras via offentliga RSS-flöden