Kiran Chavda
Chanakya Niti
Chanakya's wise words on how to live life to its full potential.
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11 feb 2026
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जिस दिन मनुष्य के अंदर ये बात आ गई कि वो सब कुछ जानता है उस दिन वो ये समझ ले कि उसका पतन होना शुरू हो गया। 25.11.2021 4:39
मनुष्य को अपने अंदर सीखने की चाहत कभी भी खत्म नहीं करनी चाहिए। ऐसा करके वो अपने अंदर से जिज्ञासा को खत्म कर देता है।
'किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जाएगा।' आचार्य चाणक्य 21.11.2021 4:12
असल जिंदगी में किसी भी व्यक्ति को अपने अंदर कोई भी कमी नहीं दिखती है। उसे लगता है कि वो जैसा है वैसा ही परफेक्ट है। अगर सामने वाला आपका करीबी है और आप में कोई कमियां निकालता है तो आपको बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा।
'लोभ दुखों का कारण होता है क्योंकि लालच में व्यक्ति स्वार्थी होता जाता है' आचार्य चाणक्य I 18.11.2021 4:19
मित्र और मित्रता दोनों में ही आदर भाव होना चाहिए। जब इसमें कमी आने लगती है तो मित्रता कमजोर पड़ती जाती है।
अगर आप किसी को ज्यादा अहमियत देते हैं इसका मतलब ये नहीं कि वो व्यक्ति भी आपको उतनी ही अहमियत दे I 14.11.2021 4:50
किसी व्यक्ति को उतनी ही अहमियत दें, जितनी वो आपको देता है तभी आपका जीवन सुकून से बीत सकता है i
आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ चाणक्य नीति में सच्चे जीवनसाथी के गुणों का जिक्र किया है I 10.11.2021 4:40
एक सच्ची जीवनसाथी विपरीत परिस्थितियों में कभी भी अपने पति का साथ नहीं छोड़ती, बल्कि उसको सकारात्मक बनाकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है I
जीव जब गर्भ में होता है तभी आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु- ये पांच बातें निश्चित हो जाती हैं। 07.11.2021 3:43
यह माना जा सकता है कि बच्चे की माता के कर्म तथा विचार भी होने वाले बच्चे के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
जिस प्रकार सीधे खड़े पेड़ को सबसे पहले काटा जाता है, ठीक उसी प्रकार सीधे इंसान को सबसे पहले ठगा जाता है I 03.11.2021 6:07
आचार्य कहते है कि व्यक्ति को व्यवहार से इतना सीधा और सरल नहीं होना चाहिए जिससे लोग आपका फायदा उठा ले l ऐसे लोग खुद बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन ये दुनिया उनके जैसी नहीं होती I
बेहतर भविष्य के लिए छात्र जीवन में किन आदतों को छोड़ने की बात आचार्य चाणक्य ने बताई है I PART-II 31.10.2021 4:50
जो व्यक्ति जीवन में गुरु का अपमान करता है वह कभी सफल नहीं हो सकता I याद रखें किताबों के साथ-साथ आपकी सही शिक्षा सिर्फ गुरू के सही मार्गदर्शन से ही पूर्ण होती है इसलिए अपने गुरू का हमेशा आदर करें I
बेहतर भविष्य के लिए छात्र को किन आदतों का त्याग करना चाहिए I PART-I 27.10.2021 4:28
आचार्य के मुताबिक छात्र जीवन में आलस को खुद पर कभी हावी नहीं होने देना चाहिए l ये जीवन तपस्या का समय होता है और इसमें आलस की वजह से छात्र सही तरह से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाता I
आचार्य चाणक्य बताया है कि किन आदतों को अपनाने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता हैI 24.10.2021 4:24
आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस घर में प्रेम और खुशी का वास होता है, जहां रिश्तों में एक- दूसरे के प्रति सम्मान होता है वहां सुख और समृद्धि बनी रहती है और वहां मां लक्ष्मी ठहरती हैंI
दोस्त को सच्ची दौलत कहा जाता है I कहते हैं कि अगर आपको जीवन में सच्चा दोस्त मिल जाता है तो आपका जीवन बहुत आसान हो जाता है I 20.10.2021 5:08
जो व्यक्ति आपको हमेशा सही मार्ग दिखाए,आपको झूठी बातों से बचाए और वास्तविकता से जोड़े, वो वास्तव में आपका सच्चा दोस्त होता है I
सफलता के लिए जितना जरूरी सही दिशा में मेहनत करना है उतना ही जरूरी वह स्थान भी है जहां आप रहते हैं l 17.10.2021 5:16
घर बनवाना जीवन का एक बहुत बड़ा फैसला होता है I ये फैसला इंसान को बहुत सोच समझकर लेना चाहिए l अगर आपने अपने घर के लिए किसी गलत जगह का चुनाव कर लिया तो आपको जिंदगीभर के लिए समस्या झेलनी पड़ सकती है I
मूर्खता कष्ट है, यौवन भी कष्ट है, किन्तु दूसरों के घर में रहना कष्टों का भी कष्ट है। 13.10.2021 5:25
यदि कोई व्यक्ति किसी पराए घर में रहता है तो उसके जीवन में कई प्रकार की मुश्किलें हमेशा बनी रहती हैं। अगर आप दूसरों के घर में रहते हैं तो आपकी स्वतंत्रता पूरी तरह खत्म हो जाती है। ऐसा व्यक्ति अपना जीवन एक दास की तरह बिताना है l
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्रमें कुछ ऐसे अवगुणों के बारे में बताया है जिसे व्यक्ति को जल्द से जल्द त्याग कर देना चाहिए अन्यथा वह जीवन में सम्मान खो सकते हैं। 10.10.2021 4:44
आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी को भी दूसरों पर दोषारोपण नहीं करना चाहिए। जो लोग दूसरों की निंदा करते हैं और जो पीठ पीछे बुरी बातें बोलते है उनसे सदैव दूर रहे।
वश में करना यानी किसी व्यक्ति को अपने नियंत्रण में करना Iअगर कोई व्यक्ति हमारे वश में हो जाता है तो उससे हम कोई भी काम करवा सकते हैं l 06.10.2021 4:54
जो व्यक्ति धन का लालची है उसे पैसा देकर, घमंडी या अभिमानी व्यक्ति को हाथ जोड़कर, मूर्ख को उसकी बात मानकर और विद्वान व्यक्ति को सच से वश में किया जा सकता है।
जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मन में जज्बा और दिल में प्रेरणा होना बहुत जरूरी होता है। 03.10.2021 4:48
जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए चाहे आप किसी की सलाह लें या फिर किसी के जीवन से प्रेरणा लेकिन सही और गलत का निर्णय अंत में आपको स्वयं की समझदारी से ही लेना होता है।
आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसे 5 गुणों का जिक्र किया है, जो व्यक्ति को शादी से पहले अपने पार्टनर में परख लेने चाहिए। 29.09.2021 4:41
अगर आपका जीवनसाथी संतुष्ट है,धार्मिक विचारों वाला है,धैर्यवान है, क्रोध ना करने वाला है और मीठा बोलने वाला है तो वह अच्छा जीवनसाथी साबित होता है और विपरित परिस्थितियों में कभी भी आपका साथ नहीं छोड़ता है।
एक अच्छा लीडर वही माना जाता है जो सभी को साथ लेकर चलता है । नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य ने एक अच्छे व सफल नेता के गुणों का भी वर्णन किया है। 29.09.2021 4:47
इस नीतिसूत्र के जरिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति में दानकी वृत्ति , मधुर वाणी, धैर्य और उचित ज्ञान ये चार गुण जन्म से ही होते हैं।
पुत्र का पांच वर्ष तक लालन करे। दस वर्ष तक ताड़न करे । सोलहवां वर्ष लग जाने पर उसके साथ मित्र के समान व्यवहार करना चाहिए। 22.09.2021 4:47
आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चे को संस्कार देने में महत्वपूर्ण भूमिका माता पिता की भी होती है । बच्चे को हमेशा सही और गलत में अंतर करना आना चाहिए अन्यथा उसका भविष्य खराब हो सकता है ।
प्रेम बराबरी वाले व्यक्तियों में ही ठीक रहता है,अगर नौकरी करनी हो तो राजा की करनी चाहिए,कार्य में सबसे अच्छा व्यापार करना है और उत्तम गुणों वाली स्त्री ही घर में शोभा देती है I 19.09.2021 4:34
शास्त्रों में स्त्री का स्थान वंदनीय है. स्त्री को शक्ति और देवी का प्रतीक माना गया है. चाणक्य के मुताबिक जिन स्त्रियों में अंहकार, अज्ञानता, और लालच जैसे अवगुण न हों वैसी गुणयुक्त स्त्री ही घर की शोभा बढ़ाती है।
दुनिया में जैसे हर किसी के सच्चे मित्र होते हैं, वैसे ही सबके शत्रु भी होते हैंI 15.09.2021 4:34
अगर शत्रु आपसे अधिक बलशाली है तो उसके अनुकूल व्यवहार कर उसे परास्त किया जा सकता है। शत्रु दुष्ट स्वभाव का है तो उसका विरोध करके और अगर शत्रु आपके समान बल वाला है तो उसे विनय से वश में किया जा सकता है।
किसी भी व्यक्ति की सफलता और असफलता इस बात पर काफी हद तक निर्भर करती है कि वह सही व्यक्ति की पहचान कर पाने में सक्षम है या नहीं। 12.09.2021 4:34
किसी व्यक्ति की परख या पहचान इस बात से होती है कि वह कितना त्याग करता है, उसका चरित्र कैसा है, उसमें गुण कौन से है और उसका कर्म कैसा है।
इंसान को कार्य के अनुरूप ही प्रयास करना चाहिए। 08.09.2021 3:54
जिस तरह कम परश्रिम या मेहनत व्यक्ति को असफल करती है, ठीक उसी तरह अधिक मेहनत भी व्यक्ति को उसकी मंजिल तक पहुंचने नहीं देती।
सुख का मूल धर्म है और धर्म से ही सुख की प्राप्ति होती है 05.09.2021 4:10
धर्म का अर्थ होता है सत्य के साथ रहना, झूठ के साथ नहीं, सदा सत्य बोलने से व्यक्ति की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता कायम रहती है।
समय का जितना महत्व है उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है समय का प्रबंधन करना। 01.09.2021 4:07
जीवन में समय की क्या उपयोगिता है इसका ज्ञान इंसान को तब होता है जब वह समय को गंवा चुका होता है।
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