Vedanta Ashram

Vedanta Ashram Podcasts

Pravachans / Moral-Stories / Chantings / Bhajans - by Mahatmas of Vedanta Ashram, Indore

Não deixe de visitar o site do podcast e apoiar quem o produz: www.vmission.org.in

Autor

Vedanta Ashram

Categoria

Religion

Site do podcast

www.vmission.org.in

Último episódio

17 de mar de 2024

Onde ouvir?

Podcasts no app Replaio Radio Em breve

Os podcasts estão chegando ao app. Instale agora e seja o primeiro a descobrir um jeito totalmente novo de curtir podcasts

Baixe no Google Play Instale grátis Android 5 mi+ downloads · nota 4,8 iOS em breve

Episódios

प्रेरक कहानियाँ (19/7-SA): जैसी श्रद्धा वैसे हम 19.07.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी यहाँ एक ज्ञान वर्धक कहानी सुना रही हैं। व्यक्ति के पुराने संस्कारों की जड़ें बहुत गहरी होती हैं। एक भिकारी की लॉटरी खुलने के कारण यद्यपि वो बहुत आमिर हो गया था लेकिन इस मजेदार कहानी में आप देखेंगे की तब भी परिस्थिति आने पर उसके अंदर का भिकारी कैसे जग जाता है। 

प्रेरक कहानियाँ (17/7-SS): क्रिया और प्रतिक्रिया 17.07.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से एक सुन्दर एवं ज्ञानवर्धक कहानी सुने - जिसमे वे एक होटल की घटना के माध्यम से बता रही हैं की पीड़ा एवं पीड़ा का अभाव वस्तुतः हमारी मानसिक संतुलन पर निर्भर करता है जिसके कारण हम लोग विवेकपूर्ण क्रिया करते हैं अथवा अविचार युक्त प्रतिक्रिया। 

प्रेरक कहानियाँ (16/7-SP): अमूल्य ब्रह्मविद्या 16.07.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी इस प्रेरक कहानी के अंक में छान्दोग्य उपनिषद् के अंतर्गत प्राप्त एक महान ब्रह्म-ज्ञानी की कथा सुना रही हैं। उन महान ब्रह्म-ज्ञानी का नाम रैक्व था। 

प्रेरक कहानियाँ (15/7-SA): महर्षि दधीचि 15.07.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से एक पौराणिक एवं इतिहासिक ख्याति के एक प्रसिद्ध महापुरुष - महर्षि दधीचि की कहानी सुनिए। 

प्रेरक कहानियाँ (14/7-SS): नीलकंठ महादेव 14.07.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी से एक पौराणिक प्रेरक कहानी सुनिए - जिसमे समुद्र मंथन की वे कथा सुना रही हैं। उसमे भी विशेष रूप से जब मंथन से सबसे पहले हलाहल विष निकलता है तो सब डर ही नहीं जाते हैं बल्कि भागने भी लगते हैं। यह विष इतना भयंकर था की वह पूरी दुनियाँ को समाप्त करके का सामर्थ्य रखता था। ऐसे में जगत-उद्धार हेतु शिवजी ही सबके लिए एक मात्र विकल्प की तरह से ज्ञात होते हैं। यहाँ शिवजी का चरित्र विशेष...

प्रेरक कहानियाँ (13/7-SP): जो चाहोगे सो पाओगे 13.07.2021

आज की प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी एक ऐसे बेशकीमती खजाने के बारे में बता रही हैं - जो है तो सबके पास लेकिन अज्ञानवशात लोग इसके लाभ से वंचित है। वो क्या है? यह आप इस कहानी में स्वयं पू स्वामिनीजी से सुनिए। 

प्रेरक कहानियाँ (12/7-Sw): जीने का अंदाज़ 12.07.2021

आज की प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी अमितानन्द जी यह बता रही हैं की जब व्यक्ति मृत्यु का डर समाप्त कर देता है तब उसके अंदर एक विशिष्ट जूनून उत्पन्न हो जाता है, और वो जीने का अंदाज़ सफलता का द्वार बन जाता है।  

प्रेरक कहानियाँ (10/7-SS): खुले मन की दृष्टी 10.07.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी एक सत्य और प्रेरक घटना का प्रसंग सुना रही हैं, जहाँ एक युवक समुद्र तट पर बैठे एक व्यक्ति, जो की गीता पढ़ रहा था, कहता है की आज के आधुनिक युग में वो गीता आदि ग्रन्थ क्यों पढ़ रहा है। पूछने पर उसने बड़े स्वाभिमान से बताया की वो विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र को ज्वाइन कर रहा है। बाद में पता चला की वो व्यक्ति खुद विक्रम साराभाई खुद थे। उस युवक को आश्चर्य ही नहीं लेकिन अपार संकोच...

प्रेरक कहानियाँ (9/7-SP): श्रीराम की खोज 09.07.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी हनुमान जी की एक कथा सुना रही हैं जहाँ सीताजी के द्वारा दी गई एक मोती की माला के एक-एक मोती हनुमानजी तोड़-तोड़ के देख रहे थे। भगवती सीताजी ने जब उनसे पुछा की वे यह क्या कर रहे हैं - तो वे बड़ी मासूमियत से कहते हैं की हम अपने रामजी को ढूंढ रहे हैं। हनुमानजी मानो समस्त जीवों की चेष्टाओं का संकेत करते हैं की सभी जीव भी अनजाने में अपनी सभी अनुभूतियों में आनंद-स्वरुप रामजी को ही ढ...

प्रेरक कहानियाँ (8/7-SS): गधे का रास्ता 08.07.2021

पू स्वामिनी अमितानन्द जी से एक सुन्दर और प्रेरक कहानी सुनिए जहाँ पर एक गधा अपने पीड़ाओं से मुक्ति के चक्कर में पास के एक घने जंगल के अंदर प्रवेश कर जाता है गया,और फिर लौटने की प्रेरणा न होने के कारण आगे बढ़ता चला गया, और ईश्वर इच्छा से वो जंगल के पार एक दूसरे गांव में पहुँच जाता है जहाँ पर अच्छे लोग रहते थे और फिर वो वहीँ रह गया। यद्यपि उसके अपने गांव में पहले तो चर्चा हुई फिर लोगों ने बोलै अच्छा ही...

प्रेरक कहानियाँ (7/7-SS): परिस्थिति का दूसरा पहलू 07.07.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी आज एक सुन्दर और प्रेरक कहानी सुना रही हैं जहाँ पर एक पिताजी ने अपने बालक को व्यस्त रखने के लिए एक कठिन सा कार्य दिया लेकिन उनके आश्चर्य की सीमा नहीं रही जब उनके बालक ने उस कार्य को कुछ मिनटों में ही पूरा कर दिया - क्या चुनौती थी और उस बालक ने उसे कैसे पूरा किया यह सब आप इस कहानी में सुनिए। 

प्रेरक कहानियाँ (6/7-SP): शरणागति 06.07.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्दजी से एक छोटी लेकिन सुन्दर और शिक्षाप्रद कहानी सुने, इसका विषय है - शरणागति। कहानी एक तालाब में दो मछलियों की है। कैसे एक बलवान मछली, मछवारे के जाल में फस गई और दूसरी मछली बच गयी?  

प्रेरक कहानियाँ (5/7-SA): योग्य पात्र 05.07.2021

अपनी पसंद की पत्नी को खोजने के लिए एक व्यक्ति ने एक दुकान खोली और अत्यंत व्यवस्थित तरीके से अपनी पसंद की पत्नी में आवश्यक गुणों की जानकारी मांगी। सुन्दर चाहिए अथवा सामान्य चलेगी - सामने दो दरवाज़े  मिलते थे, जिसे खोल के आगे जाना होता था। अंदर पुनः दो दरवाजे - पड़ी लिखी चाहिए अथवा बगैर पड़ी-लिखी चलेगी - फिर दो दरवाज़े। ऐसे अनेकानेक दरवाजे आते गए और लड़के की उत्सुकता बढ़ती गयी। फिर आगे क्या हुआ - यह...

प्रेरक कहानियाँ (3/7-SS): मृत्यु की स्वीकृति 03.07.2021

पू स्वामिनी समतानन्द जी एक प्रेरक कहानी सुना रही हैं जिसमे वे बता रही हैं की जन्म और मरण दोनों जीवन की अभिन्न अंग हैं अतः हमें जीना भी आये और मृत्यु को भी स्वीकारना सीखें। इस सन्दर्भ में वे हनुमनजी की एक सुन्दर, शिक्षाप्रद और रोचक कथा सुना रही हैं। ध्यान पूर्वक सुने। 

प्रेरक कहानियाँ (2/7-SP): क्रोध का परिणाम 02.07.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्दजी एक सुन्दर सी प्रेरक कहानी सुना रही हैं जिसमे क्रोध के प्रवाह में नहीं बहने की प्रेरणा मिलती है। कहानी एक किसान की है जो अपने परिवार की बहुत प्रेम से सेवा करता था, लेकिन कुछ ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसके वज़ह से उसे अपने छोटे भाई के उपर बहुत क्रोध आया और उसपर केस करने की ठान ली। लेकिन ईश्वर कृपा से उसे एक ऐसा वकील मिला जिसने उसे सही राह दिखाई और उसका और उसके परिवार का पुनः कल्याण ह...

प्रेरक कहानियाँ (1/7-SA): निष्ठुरता में कृपा 01.07.2021

कई बार किसी विषम और पीड़ा-दायक परिस्थिति भी अत्यंत कृपा वाली बन जाती है - इस तथ्य के बारे में पू स्वामिनी अमितानन्द जी एक सुन्दर सा प्रसंग सुना रही हैं। ध्यान पूर्वक सुने और मुसीबतों में जल्दी विक्षिप्त होना बंद करें और वहां पर भी कुछ कृपा ढूडने की चेष्टा करें। 

प्रेरक कहानियाँ (30/6-SS): सत्य से शान्ति 30.06.2021

एक बार एक आदमी ने बैंक से कुछ पैसे निकलवाए, लेकिन गलती से केशियर ने कुछ पैसे ज्यादा दे दिए। इसके बाद उस आदमी के मन में कुछ उथल-पुथल होने लगी। एक मन बोल रहा था की रख लो, और दूसरा मन कह रहा था की नहीं हमें वे ज्यादा वाले पैसे वापस दे देने चाहिए। फिर आगे क्या हुआ - इस सुन्दर प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी समतानंदजी से सुनिए। 

प्रेरक कहानियाँ (29/6-SP): सच बोलने का पुरुस्कार 29.06.2021

पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी, स्वतंत्र सेनानी श्री गोपाल कृष्ण गोखले जी के जीवन का एक सुन्दर और प्रेरक प्रसंग सुना रही हैं। एक बार जब वे स्कूल में पढ़ते थे और उन सब को उनके शिक्षक ने कुछ होम-वर्क दिया। उनको जितना आता था उन्होंने लिखा, शेष अपने एक मित्र से पूछा और होम-वर्क पूरा कर दिया। शिक्षक उनके उत्तर से प्रसन्न हुए और उन्हें पुरुस्कृत करने का निर्णय लिया। जब पुरूस्कार-समारोह में उनकी वे प्रशंसा कर...

प्रेरक कहानियाँ (28/6-SA): श्रद्धा से ज्ञान 28.06.2021

पू. स्वामिनी अमितानन्द जी से 'श्रद्धा की महिमा' के विषय के बारे में एक उपनिषद् के अंतर्गत की प्रेरक कहानी सुने - ये प्रसंग है प्रश्नोपनिषद का जहाँ पिप्पलाद ऋषि जी के प्रति अपार श्रद्धा के कारण अनेको विद्वानों ने वर्ष भर धीरज से रुकना उचित समझा, तभी उनको मंगलकारी ज्ञान मिला। 

प्रेरक कहानियाँ (25/6-SS): रक्षा बंधन की कथा 25.06.2021

रक्षा बंधन की पौराणिक कथा - सुनिए पू स्वामिनी समतानंदजीके द्वारा। 

प्रेरक कहानियाँ (24/6-SA): अच्छाई देखें 24.06.2021

पू स्वामिनि अमितानन्दजी एक सुन्दर प्रेरक कहानी सुना रही हैं जहाँ एक राजा जो की अपने कार्य में बहुत अच्छा था लेकिन साथ साथ वो काना भी था। उसे अपनी एक ऐसी तस्वीर बनवाने की इच्छा हुई जो वो अपने महान पूर्वजों के चित्रों की गैलरी में टांग सके। अनेकों चित्रकार आये लेकिन ज़्यदातर सब सोचने लगे की काने राजा के चित्र में तो कानापना तो दिखाना ही पड़ेगा तो अच्छा चित्र कैसे बनायें ? लेकिन फिर भी एक ऐसा चित्रकार...

प्रेरक कहानियाँ (23/6-SP): संत की महानता 23.06.2021

एक गांव के पास एक महात्माजी रहा करते थे। उनका स्वभाव बहुत ही शांत और सरल था। उनको क्रोध भी कभी नहीं आता था। एक बार कुछ दुष्ट स्वभाव के व्यक्तियों ने सोचा की चलो कुछ ऐसा किया जाए जिससे इन महात्माजी को क्रोध आ जाये और उनके सम्मान में कमी आ जाये। वे सब एक बार उनकी कुटिआ में गए और उन पर अनेकों निराधार आरोप लगाने लगे, लेकिन महात्माजी शांत रहे और उनकी बातों की उपेक्षा करते हुए उनका आतिथ्य भी करते नज़र आय...

प्रेरक कहानियाँ (22/6-SS): सोक्रेटस और आईना 22.06.2021

सोक्रेटस नाम के ग्रीस के एक बहुत महान दार्शनिक थे, वे बहुत कुरूप थे। एक बार वे अपने कमरे में बैठ कर आईने में अपना चेहरा देख रहे थे, तभी एक शिष्य कमरे में आया और अपने गुरु को आईने में अपना चेहरा देखते हुए देखा। वो कुछ बोलो तो नहीं लेकिन कुछ मुस्कराने अवश्य लगा, किसे सोक्रेटस ने देख लिया। उन्होंने समझाते हुए उससे कहा की तुम सोच रहे होंगे की हम अपना चेहरा शीशे में क्यों देख रहे हैं। हमें पता ही की हम...

प्रेरक कहानियाँ (21/6-SA): मन जीते जग जीत 21.06.2021

एक बार एक ट्रेन में एक महात्माजी यात्रा कर रहे थे। उनके पास में ही एक और सज्जन बैठे थे। स्वामीजी को देख कर उन सज्जन में आदर के साथ उनसे कुछ चर्चा प्रारम्भ करी और अन्योन्य परिचय के बाद उन्होंने आजकल के युवाओं के बारे में उनके विचार जानने चाहे। महाराज जी ने कहा की हमें कोई समस्या नहीं दिखती है - सब अच्छा है। तब उस व्यक्ति ने कहा की हमें तो लगता है की आजकल के युवा बहुत स्वछन्द हो गए हैं, बहुत मनमर्जी...

प्रेरक कहानियाँ (19/6-SP): प्रेम और परमात्मा 19.06.2021

एक बार एक व्यक्ति श्री रामानुजाचार्य जी के पास गया और उनसे निवेदन किया की प्रभु हमें अपना शिष्य बना लीजिये। आचार्यश्री ने पूछा की पहले यह बताओ की तुमने जीवन में किसी से प्रेम किया है? उसने बोला - नहीं महाराज, हमने किसी भी सांसारिक सम्बन्ध से प्रेम नहीं किया है, हम तो परमात्मा से ही प्रेम करना चाहते हैं। महाराज जी ने उसको अपना शिष्य बनाने से मन कर दिया। क्यों? यह इस सुन्दर सी प्रेरक कहानी में आप पू...

Ouça o podcast Vedanta Ashram Podcasts no Replaio

Rádio e podcasts em um só app - grátis e sem cadastro. Instale hoje e não perca o lançamento

Baixe no Google Play

O Replaio não é o publicador dos podcasts; os nomes dos programas, as capas e o áudio pertencem aos seus autores e são distribuídos por feeds RSS públicos