Finney Samuel
दैनिक मन्ना | Bible Devotions in Hindi
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Autor
Finney Samuel
Categoria
Site do podcast
Último episódio
31 de ago de 2024
Onde ouvir?
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Episódios
जिस पर ईश्वर का अनुग्रह हुआ है, प्रभु तेरे साथ है | लूका 1:28 19.12.2021 9:36
आज का वचन ➤ लूका 1:28 28 और स्वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा; आनन्द और जय तेरी हो, जिस पर ईश्वर का अनुग्रह हुआ है, प्रभु तेरे साथ है।
जो अपने घराने को दु:ख देता, उसका भाग वायु ही होगा | नीतिवचन 11:29 17.12.2021 11:51
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:29 29 जो अपने घराने को दु:ख देता, उसका भाग वायु ही होगा, और मूढ़ बुद्धिमान का दास हो जाता है।
जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है | नीतिवचन 11:28 17.12.2021 9:48
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:28 28 जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते की नाईं लहलहाते हैं।
जो दूसरे की बुराई का खोजी होता है, उसी पर बुराई आ पड़ती है | नीतिवचन 11:27 15.12.2021 9:18
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:27 27 जो यत्न से भलाई करता है वह औरों की प्रसन्नता खोजता है, परन्तु जो दूसरे की बुराई का खोजी होता है, उसी पर बुराई आ पड़ती है।
जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी | नीतिवचन 11:24-25 14.12.2021 11:24
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:24-25 24 ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, तौभी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इस से उनकी घटती ही होती है। 25 उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।
धर्मियों की लालसा तो केवल भलाई की होती है | नीतिवचन 11:23 13.12.2021 7:50
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:23 23 धर्मियों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।
जो स्त्री विवेक नहीं रखती, वह नथ पहिने हुए सूअर के समान है | नीतिवचन 11:22 12.12.2021 8:05
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:22 22 जो सुन्दर स्त्री विवेक नहीं रखती, वह थूथन में सोने की नथ पहिने हुए सूअर के समान है।
मैं दृढ़ता के साथ कहता हूं, धर्मी का वंश बचाया जाएगा | नीतिवचन 11:21 10.12.2021 7:22
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:21 21 मैं दृढ़ता के साथ कहता हूं, बुरा मनुष्य निर्दोष न ठहरेगा, परन्तु धर्मी का वंश बचाया जाएगा।
कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है | नीतिवचन 11:17 09.12.2021 7:38
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:17 17 कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है, परन्तु जो क्रूर है, वह अपनी ही देह को दु:ख देता है।
अनुग्रह करने वाली स्त्री प्रतिष्ठा नहीं खोती है | नीतिवचन 11:16 06.12.2021 7:04
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:16 16 अनुग्रह करने वाली स्त्री प्रतिष्ठा नहीं खोती है, और बलात्कारी लोग धन को नहीं खोते।
सम्मति देने वालों की बहुतायत के कारण बचाव होता है | नीतिवचन 11:14 05.12.2021 8:29
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:14 14 जहां बुद्धि की युक्ति नहीं, वहां प्रजा विपत्ति में पड़ती है; परन्तु सम्मति देने वालों की बहुतायत के कारण बचाव होता है।
जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता है, वह निर्बुद्धि है | नीतिवचन 11:12-13 04.12.2021 7:29
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:12-13 12 जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता है, वह निर्बुद्धि है, परन्तु समझदार पुरूष चुपचाप रहता है। 13 जो लुतराई करता फिरता वह भेद प्रगट करता है, परन्तु विश्वासयोग्य मनुष्य बात को छिपा रखता है।
सीधे लोगों के आशीर्वाद से नगर की बढ़ती होती है | नीतिवचन 11:10-11 02.12.2021 7:39
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:10-11 10 जब धर्मियों का कल्याण होता है, तब नगर के लोग प्रसन्न होते हैं, परन्तु जब दुष्ट नाश होते, तब जय-जयकार होता है। 11 सीधे लोगों के आशीर्वाद से नगर की बढ़ती होती है, परन्तु दुष्टों के मुंह की बात से वह ढाया जाता है।
भक्तिहीन जन अपने पड़ोसी को अपने मुंह की बात से बिगाड़ता है | नीतिवचन 11:9 02.12.2021 8:39
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:9 9 भक्तिहीन जन अपने पड़ोसी को अपने मुंह की बात से बिगाड़ता है, परन्तु धर्मी लोग ज्ञान के द्वारा बचते हैं।
जब दुष्ट मरता है, तब उसकी आशा टूट जाती है ! | नीतिवचन 11:7 30.11.2021 8:05
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:7 7 जब दुष्ट मरता, तब उसकी आशा टूट जाती है, और अधर्मी की आशा व्यर्थ होती है।
धन से कुछ लाभ नहीं होता, धर्म मृत्यु से भी बचाता है | नीतिवचन 11:4 | दैनिक मन्ना 29.11.2021 9:06
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:4 4 कोप के दिन धन से तो कुछ लाभ नहीं होता, परन्तु धर्म मृत्यु से भी बचाता है।
जब अभिमान होता है, तब अपमान भी होता है | नीतिवचन 11:2 28.11.2021 9:37
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:2 2 जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है, परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
छल के तराजू से यहोवा को घृणा आती है | नीतिवचन 11:1 26.11.2021 8:31
आज का वचन ➤ नीतिवचन 11:1 1 छल के तराजू से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह पूरे बटखरे से प्रसन्न होता है।
धर्मी सदा अटल रहेगा, परन्तु दुष्ट पृथ्वी पर बसने न पाएंगे | नीतिवचन 10:29-30 25.11.2021 8:21
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:29-30 29 यहोवा खरे मनुष्य का गढ़ ठहरता है, परन्तु अनर्थकारियों का विनाश होता है। 30 धर्मी सदा अटल रहेगा, परन्तु दुष्ट पृथ्वी पर बसने न पाएंगे।
यहोवा के भय मानने से आयु बढ़ती है | नीतिवचन 10:27-28 24.11.2021 9:58
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:27-28 27 यहोवा के भय मानने से आयु बढ़ती है, परन्तु दुष्टों का जीवन थोड़े ही दिनों का होता है। 28 धर्मियों को आशा रखने में आनन्द मिलता है, परन्तु दुष्टों की आशा टूट जाती है।
जैसे आंख को धूंआ, वैसे आलसी उन को लगता है जो उस को कहीं भेजते हैं | नीतिवचन 10:26 23.11.2021 9:20
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:26 26 जैसे दांत को सिरका, और आंख को धूंआ, वैसे आलसी उन को लगाता है जो उस को कहीं भेजते हैं।
बवण्डर निकल जाते ही दुष्ट जन लोप हो जाता है | नीतिवचन 10:25 22.11.2021 8:24
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:25 25 बवण्डर निकल जाते ही दुष्ट जन लोप हो जाता है, परन्तु धर्मी सदा लों स्थिर है।
दुष्ट जन जिस विपत्ति से डरता है, वह उस पर आ पड़ती है | नीतिवचन 10:24 21.11.2021 8:35
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:24 24 दुष्ट जन जिस विपत्ति से डरता है, वह उस पर आ पड़ती है, परन्तु धर्मियों की लालसा पूरी होती है।
धन यहोवा की आशीष ही से मिलता है | नीतिवचन 10:22 19.11.2021 9:41
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:22 22 धन यहोवा की आशीष ही से मिलता है, और वह उसके साथ दु:ख नहीं मिलाता।
धर्मी के वचनों से बहुतों का पालन पोषण होता है | नीतिवचन 10:20-21 18.11.2021 8:26
आज का वचन ➤ नीतिवचन 10:20-21 20 धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है। 21 धर्मी के वचनों से बहुतों का पालन पोषण होता है, परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने के कारण मर जाते हैं।
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