Anupama Dhunsoiya

Sampurn Shiv Puran

Welcome to "Sampurn Shiv Puran," a captivating podcast that takes you on a mystical journey into the world of Hindu mythology and spirituality. Join us as we dive deep into the rich tapestry of the Shiv Puran, bringing ancient tales of Lord Shiv to life through engaging storytelling, revealing profound wisdom, epic battles, and timeless teachings that have shaped Hindu culture for millennia. With nearly 500 chapters to explore, prepare to be captivated by the vast depth and breadth of the Shiv Puran in each episode.

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Autor

Anupama Dhunsoiya

Categoria

Religion

Site do podcast

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Último episódio

25 de ago de 2023

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Episódios

111. Rudra Samhita; Kumar Khand - Adhyay 1-8 / रुद्र संहिता; कुमार खण्ड 06.07.2023

"देवताओं द्वारा स्कन्द का शिव-पार्वती के पास लाया जाना, उनका लाड़-प्यार, देवों के माँगने पर शिवजी का उन्हें तारक- वध के लिये स्वामी कार्तिक को देना, कुमार की अध्यक्षता में देव – सेना का प्रस्थान, महीसागर-संगम पर तारकासुर का आना और दोनों सेनाओं में मुठभेड़, वीरभद्र का तारक के साथ घोर संग्राम, पुनः श्रीहरि और तारक में भयानक युद्ध"

110. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 55 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - पचपनवाँ अध्याय) 06.07.2023

शिव-पार्वती तथा उनकी बारात की विदाई, भगवान् शिव का समस्त देवताओं को विदा करके कैलास पर रहना और पार्वती-खण्ड के श्रवण की महिमा"

109. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 54 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चौवनवाँ अध्याय ) 06.07.2023

"मेना की इच्छा के अनुसार एक ब्राह्मण-पत्नी का पार्वती को पति-व्रत धर्म का उपदेश देना"

108. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 53 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - तिरेपनवाँ अध्याय) 06.07.2023

चतुर्थीकर्म, बारात का कई दिनों तक ठहरना, सप्तर्षियों के समझाने से हिमालय का बारात को विदा करने के लिये राजी होना, मेना का शिव को अपनी कन्या सौंपना तथा बारात का पुरी के बाहर जाकर ठहरना"

107. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 52 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - बावनवाँ अध्याय) 06.07.2023

"रात को परम सुन्दर सजे हुए वास-गृह में शयन कर के प्रात:काल भगवान् शिव का जन-वासे में आगमन"

106. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 49, 50 & 51 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - "उनचासवाँ, पचासवाँ एवं इक्यावनवाँ अध्याय) 06.07.2023

"शिव के विवाह का उपसंहार, उनके द्वारा दक्षिणा-वितरण, वर-वधू का कोहबर और वास-भवन में जाना, वहाँ स्त्रियों का उनसे लोकाचार का पालन कराना, रति की प्रार्थना से शिव द्वारा काम को जीवन-दान एवं वर-प्रदान, वर-वधू का एक-दूसरे को मिष्टान्न भोजन"

105. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 48 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - अड़तालीसवाँ अध्याय) 06.07.2023

"शिव-पार्वती के विवाह का आरम्भ, हिमालय के द्वारा शिव के गोत्र के विषय में प्रश्न होने पर नारद जी के द्वारा उत्तर हिमालय का कन्यादान कर के शिव को दहेज देना तथा शिवा का अभिषेक"

104. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 47 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - सैंतालीसवाँ अध्याय) 06.07.2023

"वर पक्षके आभूषणों से विभूषित शिवा की नीराजना, कन्या-दानके समय वर के साथ सब देवताओं का हिमाचल के घर के आँगन में विराजना तथा वर-वधू के द्वारा एक-दूसरे का पूजन"

103. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 46 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - छियालीसवाँ अध्याय) 06.07.2023

"मेना द्वारा द्वार पर भगवान् शिव का परिच्छन, उनके रूप को देख कर संतोष का अनुभव, अन्यान्य युवतियों द्वारा वर की प्रशंसा, पार्वती का अम्बिका- पूजन के लिये बाहर निकलना तथा देवताओं और भगवान् शिव का उनके सुन्दर रूप को देख कर प्रसन्न होना"

102. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 45 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - पैंतालीसवाँ अध्याय ) 06.07.2023

"भगवान् शिव का अपने परम सुन्दर दिव्य रूप को प्रकट करना, मेना की प्रसन्नता और क्षमा-प्रार्थना तथा पुरवासिनी स्त्रियों का शिव के रूप का दर्शन कर के जन्म और जीवन को सफल मानना"

101. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 44 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चवालीसवाँ अध्याय ) 06.07.2023

"मेना का विलाप, शिव के साथ कन्या का विवाह न करने का हठ, देवताओं तथा श्रीविष्णु का उन्हें समझाना तथा उनका सुन्दर रूप धारण करने पर ही शिव को कन्या देने का विचार प्रकट करना"

100. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 41, 42 & 43 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - इकतालीसवां, बयालीसवां एवं तेंतालीसवाँ अध्याय) 06.07.2023

"हिमवान द्वारा शिव की बारात की अगवानी तथा सबका अभिनन्दन एवं वन्दन, मेना का नारद जी को बुलाकर उनसे बारातियों का परिचय पाना तथा शिव और उनके गणों को देखकर भय से मूर्च्छित होना"

99. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 40 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चालीसवां अध्याय ) 06.07.2023

"भगवान शिव का बारात लेकर हिमालय पूरी की ओर प्रस्थान"

98. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 39 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - उन्तालीसवां अध्याय) 06.07.2023

'भगवान शिव का नारद जी के द्वारा सब देवताओं को निमंत्रण दिलवाना , सबका आगमन तथा शिव का मंगलाचार एवं ग्रह-पूजन आदि कर के कैलाश से बहार निकलना'

97. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 37 & 38 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - सैंतीसवां एवं अड़तीसवां अध्याय) 06.07.2023

हिमवान का भगवान् शिव के पास लग्न-पत्रिका भेजना, विवाह के लिये आवश्यक सामान जुटाना, मंगलाचार का आरम्भ करना, उनका निमन्त्रण पाकर पर्वतों और नदियोंका दिव्यरूपमें आना, पुरी की सजावट तथा विश्वकर्मा द्वारा दिव्य-मण्डप एवं देवताओं के निवास के लिये दिव्य-लोकोंका निर्माण करवाना

96. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 34, 35 & 36 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चौंतीसवां, पैंतीसवां एवं छत्तीसवां अध्याय) 06.07.2023

"सप्तर्षियों के समझाने तथा मेरु आदि के कहने से पत्नी सहित हिमवान का शिव के साथ अपनी पुत्री के विवाह का निश्चय करना तथा सप्तर्षियों का शिव के पास जा उन्हें सब बात बताकर अपने धाम को जाना"

95. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 32 & 33 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - बत्तीसवां एवं तेंतीसवां अध्याय) 06.07.2023

"मेना का कोप-भवन में प्रवेश, भगवान् शिव का हिमवान का पास सप्तर्षियों को भेजना तथा हिमवान द्वारा उनका सत्कार, सप्तर्षियों तथा अरुन्धती का और महर्षि वसिष्ठ का मेना और हिमवान को समझाकर पार्वती का विवाह भगवान् शिव के साथ करने के लिये कहना"

94. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 31 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - इकत्तीसवां अध्याय) 06.07.2023

"देवताओं के अनुरोध से वैष्णव ब्राह्मण के वेष में शिवजी का हिमवान के घर जाना और शिव की निन्दा करके पार्वती का विवाह उनके साथ न करने को कहना"

93. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 30 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - तीसवां अध्याय ) 06.07.2023

"पार्वती का पिता के घर में सत्कार, महादेव जी की नट-लीला का चमत्कार, उनका मेना आदि से पार्वती को माँगना और माता-पिता के इनकार करने पर अन्तर्धान हो जाना"

92. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 29 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - उन्तीसवां अध्याय ) 06.07.2023

"शिव और पार्वतीकी बातचीत, शिवका पार्वतीके अनुरोधको स्वीकार करना"

91. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 28 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - अठ्ठाईसवां अध्याय) 06.07.2023

"पार्वती जी का परमेश्वर शिव की महत्ता का प्रतिपादन करना, रोष पूर्वक जटिल ब्राह्मण को फटकारना, सखी द्वारा उन्हें फिर बोलने से रोकना तथा भगवान् शिव का उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन दे अपने साथ चलने के लिये कहना"

90. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 27 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - सत्ताईसवां अध्याय ) 06.07.2023

"पार्वती की बात सुन कर जटाधारी ब्राह्मण का शिव की निन्दा करते हुए पार्वती को उनकी ओर से मन को हटा लेने का आदेश देना"

89. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 26 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - छब्बीसवां अध्याय ) 06.07.2023

"भगवान् शंकर का जटिल तपस्वी ब्राह्मण के रूप में पार्वती के आश्रम पर जाना, उनसे सत्कृत हो उनकी तपस्या का कारण पूछना तथा पार्वतीजी का अपनी सखी विजया से सब कुछ कहलाना"

88. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 25 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - पच्चीसवाँ अध्याय) 06.07.2023

"भगवान् शिव की आज्ञा से सप्तर्षियों का पार्वती के आश्रम पर जा उनके शिव विषयक अनुराग की परीक्षा करना और भगवान् को सब वृत्तान्त बताकर स्वर्ग को जाना"

87. Rudra Samhita; Parvati Khand - Adhyay 24 (रुद्र संहिता (तृतीय भाग) पार्वती खण्ड - चौबीसवाँ अध्याय ) 06.07.2023

"देवताओं का भगवान् शिव से पार्वती के साथ विवाह करने का अनुरोध, भगवान् का विवाह के दोष बताकर अस्वीकार करना तथा उनके पुनः प्रार्थना करने पर स्वीकार कर लेना"

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