Shrikant Borkar

रामकुटी (Ramkuti)

राम कुटी पॉडकॉस्ट विविध प्रकारचे स्तोत्र साठी आहे ही स्तोत्रे राम रक्षा व्हाट्सअप ग्रुप मधील साधकांच्या आवाजात आहे. फॉलो करा रामकुटी https://whatsapp.com/channel/0029Va4zngu6WaKiIdZ8kH0b

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Autor

Shrikant Borkar

Categoria

Society

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Último episódio

17 de mai de 2026

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Episódios

प्रभु राम ने दर्शन द्यावे स्वर ज्योत्स्ना जोशी . 26.08.2023

प्रभु राम ने दर्शन द्यावे स्वर ज्योत्स्ना जोशी

श्री राम पंचरत्नं स्वर:सौ अर्चना ताई मालवणकर 21.08.2023

श्री राम पंचरत्नं स्वर:सौ अर्चना ताई मालवणकर

आई जगदंबा कुमारी आर्या वडाळकर 19.08.2023

आई जगदंबा कुमारी आर्या वडाळकर

श्रीराम जय राम बोला सौ कल्पना ताई देशपांडे 17.08.2023

श्रीराम जय राम बोला सौ कल्पना ताई देशपांडे

जिवती 17.08.2023

कोणी म्हटलेलं आहे माहीत नाही. आपणास विनंती करतो की कृपया ssbtechnocrat@gmail.com ला कळवावे

चल ग सखे लेवू या ग रामनाम रंगे ही साडी / स्वर: कल्पना ताई देशपांडे 16.08.2023

चल ग सखे रामनाम रंगे ही साडी स्वर: कल्पना ताई देशपांडे

महागणेशपंचरत्न स्तोत्रं स्वर:सौ.शोभा प्रभाकर मानकर. 15.08.2023

गणेशपंचरत्न  स्तोत्रं स्वर:सौ.शोभा प्रभाकर मानकर.

.जातो माघारी पंढरीनाथा सौ ज्योत्स्नाताई जोशी 08.08.2023

.जातो माघारी पंढरीनाथा सौ ज्योत्स्नाताई जोशी

आम्ही विठ्ठलाचे वारकरी सौ कल्पनाताई देशपांडे 07.08.2023

आम्ही विठ्ठलाचे वारकरी सौ कल्पनाताई देशपांडे

श्रीरंग मागतो लोणी सौ.कल्पना देशपांडे 07.08.2023

श्रीरंग मागतो लोणी सौ.कल्पना देशपांडे

सूर्यकवचम स्तोत्र | स्वर : कु आर्या वडाळकर 31.07.2023

सूर्यकवचम: याज्ञवल्क्य उवाच- श्रणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम्। शरीरारोग्दं दिव्यं सव सौभाग्य दायकम्।1। याज्ञवल्क्यजी बोले- हे मुनि श्रेष्ठ! सूर्य के शुभ कवच को सुनो, जो शरीर को आरोग्य देने वाला है तथा संपूर्ण दिव्य सौभाग्य को देने वाला है। देदीप्यमान मुकुटं स्फुरन्मकर कुण्डलम। ध्यात्वा सहस्त्रं किरणं स्तोत्र मेततु दीरयेत् ।2। चमकते हुए मुकुट वाले डोलते हुए मकराकृत कुंडल वाले हजार किरण (सूर...

नर्मदा अष्टकम् स्वर: सौअर्चना मालवणकर 30.07.2023

नर्मदा अष्टकम् स्वर: सौअर्चना मालवणकर

रामाष्टक /स्वर :सौ रत्नमाला ताई 29.07.2023

श्री राम अष्टकम  भजे विशेषसुन्दरं समस्तपापखण्डनम् । स्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव राममद्वयम् ॥ १ ॥ जटाकलापशोभितं समस्तपापनाशकं ।  स्वभक्तभीतिभञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ २ ॥  निजस्वरूपबोधकं कृपाकरं भवापहम् ।  समं शिवं निरञ्जनं भजे ह राममद्वयम् ॥ ३ ॥ सहप्रपञ्चकल्पितं ह्यनामरूपवास्तवम् ।  निराकृतिं निरामयं भजे ह राममद्वयम् ॥ ४ ॥ निष्प्रपञ्चनिर्विकल्पनिर्मलं निरामयम् ।  चिदेकरूपसन्ततं भजे ह राममद्वयम् ॥ ५ ॥  ...

कल्याण करी रामराया /स्वर:सौ प्राजक्ता वडाळकर 28.07.2023

कल्याण करी रामराया सौ प्राजक्ता वडाळकर

पुरुषोत्तम अष्टक स्वर: सुनिता ताई चव्हाण 25.07.2023

पुरुषोत्तम अष्टक स्वर: सुनिता ताई चव्हाण

लाल मेरी सुरंग चूनरी भींजे। स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी) 24.07.2023

*जय गौर हरि* *लाल मेरी सुरंग चूनरी भींजे।* लेहु बचाय आप पिय मोकों बूंद परे रंग छीजे। बरखत मेह रहे नहीं नेंक हु कहा उपाय अब कीजे। हम तुम कुंजभवन में चलिये मान सबे सुख लीजे।।2।। ऐसो समयो बोहोर न व्हे हे मेरो कह्यो पतीजे। श्रीविट्ठल गिरिधरन छबीले निरख-निरख मुख जीजे।।3।। स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)*

योगी पावन मनाचा .. सौ.कोमल ताई. 21.07.2023

हा अभंग अर्धवटच आहे कारण ताईंना खूप गहिवरून आले. पण भाव महत्वाचा ... आपल्या साठी सादर...,.

अच्युताष्टकम् सौ सुनिता ताई चव्हाण 19.07.2023

अच्युताष्टकम्

विष्णुष्टपदी स्तोत्र सौ सुनीताताई चव्हाण 19.07.2023

विष्णुषट्पदी स्तोत्र  सौ सुनीताताई चव्हाण

मैं कैसे आऊ बुंधन मे भिगे मोरी सारी स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)* 17.07.2023

*सावन का पद* मैं कैसे आऊँ बूंदन भीगे मोरी सारी कैसे आऊँ कैसे आऊँ कैसे आऊँ कैसे आऊँ इक घन गरजे,दूजे पवन झकोरे           तीजे यमुना जल भारी... इक गोरी दूजे,दधि की मटुकिया            तीजे रैन अंधियारी.. सूरदास प्रभु,बेसर उरझी             ललन आये सम्वारी मैं कैसे आऊँ बूंदन भीगे मोरी सारी स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)*

आधिक मासचे महत्व -सौ मेघा ताई 16.07.2023

आधिक मासचे महत्व -सौ मेघा ताई 

तेरी बाट निहारे राधा 15.07.2023

जय गौर हरि तेरी बाट निहारे राधा साँवरिया आजा रे आजा साँवरिया आजा! सिर पर है गोरस की मटकी तेरे दरस हित पथ में अटकी आजा ओ चित चोर कन्हाई ठाड़ी तेरी गुजरिया। बार बार यमुना तट जावे आ वे मोहन दरस दिखा वे घर से यमुना यमुना से घर डोले बीच डगरिया। चढ़ी अटरिया काग उड़ावे प्रेम पुजारिन बलि बलि जावे खान पान पहरान भूल गई लागी तोसे नजरिया। दरस दीवानी सुधि बुधि खोके नयन गँवाये रही रो-रो के

राधा रानी मत जयिओ दूर 14.07.2023

जय गौर हरि श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर तुम हो परम उदार लाडली कर दो क्ष्यमा कसूर श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर एक दर्श की आस स्वामिनी बरसाने में आई तेरी किरपा कोर से दिल में स्वामिनी बजने लगी शहनाई उसी किरपा की एक नज़र से करती रहो महसूस श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर मेरी महारानी मत जइयो तुम दूर तुम तो मेरी भोरी स्वामिनी में विषयन की मारी...

पीठ से पीठ मिलाये बैठे हैं. स्वर सेवा: किशोरी दासी (अंजुना जी) 01.07.2023

*जय गौर हरि* पीठ से पीठ लगाइ खड़े, वह बाँसुरी मन्द बजाय रहे हैं। सौभाग्य कहूँ उस धेनु के क्या, खुद श्याम जिसे सहलाय रहे हैँ। बछड़ा यदि कूद के दूर गयौ, पुचकार उसे बहलाय रहे हैं। गोविंद वही,बृजचंद्र वही, गोपाल वही कहलाय रहे हैं॥ स्वर सेवा: *किशोरी दासी (अंजुना जी)*

मैं बॅॉके की बॉंकी बन गयी स्वर सेवा: दासी अंजुना जी 24.06.2023

मैं बॅॉके की बॉंकी बन गयी स्वर सेवा: दासी अंजुना जी बाँके पी से..... मैं बाँके की बाँकी बन गई  बाँका बन गया मेरा बड़े भाग्य से मिले रंगीले- बाँके रसिक बिहारी परम् सुहाग ..सौन्दर्य सींव वे- अद्भुत प्रेम पुजारी! श्यामल घन की नित्य चातकी..  उनसे सर्वस्व मेरा मैं बाँके की बाँकी बन गई  बाँका बन गया मेरा  मेरी उनकी प्रीत पुरानी जन्म-जन्म की दासी उन्हीं में नित जीती बसती, फिर भी रहती प्यासी? प्यास उसी चि...

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